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शनि अमावस्या में ऐंती पर्वत पर 7 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

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शनि अमावस्या में ऐंती पर्वत पर 7 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
शनि अमावस्या पर शनिवार को मुरैना जिले के ऐंती पर्वत स्थित प्राचीन शनि मंदिर में सात लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। यहां आयोजित मेले में शामिल होने शुक्रवार शाम से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचने लगे थे। रात 12 बजे मंदिर के पट खुलते ही दर्शन-पूजन का सिलसिला शुरू हुआ जो पूरे दिन अनवरत चला।

विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने शनि दरबार में तेलाभिषेक किया। श्रद्धालुओं ने भगवान शनि पर चढ़ाए गए तेल को दवा स्वरूप लिया। मंदिर परिसर में इस दौरान 600 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात रहे।

शनि शिंगनापुर और लंका दहन से जुड़ी पौराणिक मान्यताएं
दरअसल ऐंती स्थित शनि मंदिर का संबंध महाराष्ट्र के शनि शिंगनापुर से है। मान्यता है कि शनि शिंगनापुर में विराजमान शनिदेव की शिला इसी पर्वत से ली गई है। यह भी मान्यता है कि शनिदेव रावण की कैद में थे। हनुमान जी ने लंका दहन कर उन्हें मुक्त कराया और उठाकर दूर फेंका तो वे ऐंती के पर्वत पर गिरे, यहीं तपस्या कर पुनः शक्ति प्राप्त की। इसी वजह से इसे ‘शनि पर्वत’ कहा जाने लगा।

ध्यान मुद्रा में विराजमान शनिदेव और भक्तों की आस्था
ऐंती में शनिदेव ध्यान मुद्रा में विराजमान हैं, जो भक्तों को विशेष आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करते हैं। लोग यहां गंभीर बीमारियों से मुक्ति के लिए भी पहुंचते हैं।

संविदाकर्मी को नियमित कर्मचारी नियुक्ति की शर्त पर ही हटाया जा सकता है – छत्‍तीसगढ़ हाईकोर्ट

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संविदाकर्मी को नियमित कर्मचारी नियुक्ति की शर्त पर ही हटाया जा सकता है – छत्‍तीसगढ़ हाईकोर्ट
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने संविदा व अस्थायी कर्मचारियों का अनुबंध खत्म होने के बाद उनकी जगह अस्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए क्रेडा द्वारा जारी विज्ञापन पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने ऊर्जा सचिव सहित अन्य अफसरों को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं।

छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) द्वारा सेवाकर्ता इकाई संविदा भर्ती के लिए नया विज्ञापन जारी किया था, जिसे लेकर सेवाकर्ता इकाइयों द्वारा अधिवक्ता नरेंद्र मेहेर के माध्यम से हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका की सुनवाई जस्टिस बीडी गुरु की सिंगल बेंच में हुई।

याचिका की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने क्रेडा द्वारा जारी विज्ञापन पर रोक लगाते हुए राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। याचिकाकर्ताओं की नियुक्ति सेवाकर्ता इकाई के पद पर वित्तीय वर्ष 2025-2026 के लिए हुई थी, जिनका अनुबंध 31 मार्च 2026 को समाप्त हुआ।

अनुबंध समाप्त होने के बाद क्रेडा ने याचिकाकर्ताओ की सेवावृद्धि न करते हुए उनके स्थान पर नया विज्ञापन जारी कर दिया है। याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी ने पैरवी करते हुए कहा कि किसी भी संविदा अथवा अस्थायी कर्मचारियों को उनकी जगह अन्य अस्थायी कर्मचारी रखने की शर्त पर कार्यमुक्त नहीं किया जा सकता है।

ऐसे कर्मचारियों को नियमित कर्मचारी नियुक्त किए जाने की स्थिति में ही हटाया जा सकता है। वरिष्ठ अधिवक्ता मतीन सिद्दीकी ने सुप्रीम कोर्ट के न्याय दृष्टांत मनीष गुप्ता विरुद्ध अध्यक्ष जन भागीदारी समिति तथा छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के न्यायदृष्टांत मंजू गुप्ता विरुद्ध छत्तीसगढ़ शासन तथा अंकिता नामदेव विरुद्ध छत्तीसगढ़ शासन का हवाला दिया।

सीनियर एडवोकेट ने बताया कि पूर्व में भी छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) द्वारा टेक्नीशियन संविदा के पद विज्ञापन जारी किया गया था, जिस पर सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने जारी किए गए विज्ञापन पर रोक लगा दी थी।

याचिका की सुनवाई के बाद कोर्ट ने छत्तीसगढ़ राज्य अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (क्रेडा) द्वारा सेवाकर्ता इकाई के पद पर जारी विज्ञापन पर रोक लगा दिया है। कोर्ट ने ऊर्जा विभाग के सचिव, अधीक्षण अभियंता (क्रेडा), कार्यपालन अभियंता जोनल कार्यालय तथा सहायक अभियंता को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने का निर्देश दिया है।

52 कर्मियों ने दायर की है याचिका
क्रेडा द्वारा जारी विज्ञापन को चुनौती देते हुए रायपुर जिले के कमलेश कुमार साहू व अन्य नौ, राजनांदगांव जिले के योगेश कुमार साहू व अन्य छह, बेमेतरा जिले से लीलाधर साहू व अन्य छह, खैरागढ़ -गंडई-छईखदान जिले से नरेंद्र कुमार साहू वह अन्य पांच, जयपुर जिले से गणेश कुमार साहू व अन्य 26 ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में याचिका दायर की है।

भोपाल रेल मंडल से गुजरने वाली कई ट्रेनें डायवर्ट

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भोपाल रेल मंडल से गुजरने वाली कई ट्रेनें डायवर्ट
उत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल अंतर्गत जौनपुर जंक्शन स्टेशन पर चार मई से 27 मई तक यार्ड रिमॉडलिंग कार्य किया जा रहा है। रेलवे के अनुसार यह काम यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और ट्रेनों के बेहतर संचालन के लिए किया जा रहा है।

इस दौरान भोपाल मंडल से होकर गुजरने वाली कई लंबी दूरी की ट्रेनों का मार्ग अस्थायी रूप से बदल दिया गया है। इससे भोपाल सहित मध्य प्रदेश के यात्रियों को यात्रा के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत होगी।

इन ट्रेनों के बदले गए मार्ग
रेलवे ने बताया कि वलसाड-मुजफ्फरपुर, गोदान एक्सप्रेस, ताप्ती गंगा एक्सप्रेस, इंदौर-पटना एक्सप्रेस और एलटीटी-अयोध्या कैंट जैसी कई ट्रेनों को अलग-अलग तारीखों में परिवर्तित मार्ग से चलाया जाएगा। कुछ ट्रेनों को वाराणसी, अयोध्या, सुलतानपुर और प्रयागराज होकर निकाला जाएगा, जबकि कुछ ट्रेनों के नियमित स्टापेज भी प्रभावित हो सकते हैं।

यात्री समय सारणी
भोपाल से उत्तर प्रदेश, बिहार और मुंबई की ओर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह बदलाव महत्वपूर्ण है, क्योंकि मार्ग परिवर्तन के कारण ट्रेनों के समय में भी बदलाव संभव है। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले NTES ऐप, रेलवे पूछताछ सेवा या नजदीकी स्टेशन से ट्रेन की ताजा स्थिति अवश्य जांच लें, ताकि किसी तरह की असुविधा से बचा जा सके।

इजरायल-लेबनान में 45 दिन के युद्धविराम पर सहमति

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इजरायल-लेबनान में 45 दिन के युद्धविराम पर सहमति
मिडिल ईस्ट से बड़ी खबर सामने आई है। इजरायल और लेबनान ने जारी तनाव के बीच अगले 45 दिनों तक युद्धविराम बढ़ाने पर सहमति जताई है। अमेरिका के विदेश विभाग ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच वॉशिंगटन में हुई वार्ता बेहद सकारात्मक और उपयोगी रही है।

अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने बताया कि राजनीतिक स्तर की बातचीत 2 और 3 जून को फिर होगी, जबकि 29 मई को पेंटागन में ‘सिक्योरिटी ट्रैक’ वार्ता शुरू की जाएगी। इसमें इजरायल और लेबनान के अधिकारी शामिल होंगे।

अमेरिका ने जताई स्थायी शांति की उम्मीद
टॉमी पिगॉट ने कहा कि अमेरिका को उम्मीद है कि ये वार्ताएं दोनों देशों के बीच स्थायी शांति, एक-दूसरे की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान तथा साझा सीमा पर वास्तविक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में मदद करेंगी।

युद्धविराम के बावजूद जारी हैं हमले
हालांकि युद्धविराम बढ़ाने पर सहमति के बावजूद सीमा पर तनाव कम होता नजर नहीं आ रहा है। लेबनान के सरकारी मीडिया के अनुसार शुक्रवार को दक्षिण लेबनान में इजरायली हमलों में सात लोगों की मौत हो गई। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक 2 मार्च से अब तक इजरायली हमलों में कुल 2,951 लोगों की जान जा चुकी है।

TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ FIR

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TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ FIR
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दरअसल, उनके खिलाफ कोलकाता में एक मामला दर्ज किया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के प्रचार के दौरान भड़काऊ भाषण दिए। उनके खिलाफ यह एफआईआर कोलकाता के बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई है। शिकायत में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ की गई टिप्पणियों का भी उल्लेख किया गया है।

चुनाव नतीजों के बाद शिकायत
मिली जानकारी के मुताबिक, सामाजिक कार्यकर्ता राजीव सरकार राजीव सरकार ने 5 मई को चुनाव नतीजे आने के एक दिन बाद बागुईहाटी पुलिस स्टेशन में शिकायत दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी ने 27 अप्रैल से 3 मई के बीच हुई कई चुनावी सभाओं में ऐसे बयान दिए, जिनसे लोगों के बीच वैमनस्य फैल सकता था। शिकायत में कहा गया कि इन भाषणों से सार्वजनिक शांति प्रभावित हुई और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को लेकर धमकी भरी बातें भी कही गईं।

शिकायत के साथ राजीव सरकार ने कई चुनावी भाषणों के वीडियो लिंक भी पुलिस को सौंपे। इसके बाद पुलिस ने 15 मई को दोपहर 2:45 बजे बिधाननगर साइबर क्राइम थाने में एफआईआर दर्ज की। मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 192, 196, 351(2) और 353(1)(c) के साथ-साथ लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 123(2) और 125 के तहत दर्ज किया गया है।

FIR में क्या है?
एफआईआर में कहा गया है कि भाषणों में कथित तौर पर भड़काऊ, धमकी भरे और उकसाने वाले बयान शामिल थे, जिनसे कानून-व्यवस्था बिगड़ सकती थी और सांप्रदायिक सौहार्द पर असर पड़ सकता था। पुलिस का यह भी आरोप है कि सार्वजनिक सभाओं में विपक्षी कार्यकर्ताओं के खिलाफ आक्रामक भाषा का इस्तेमाल किया गया। मामले की जांच की जिम्मेदारी सब-इंस्पेक्टर सोमनाथ सिन्हा राय को सौंपी गई है।

TMC ने 15 साल सत्ता में रहने के बाद गंवाई सरकार
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में तृणमूल कांग्रेस (TMC) सिर्फ 80 सीटों पर सिमट गई, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 294 में से 207 सीटें जीतकर पहली बार राज्य में सरकार बनाई। बहुमत के लिए 148 सीटों की जरूरत थी, जिसे भाजपा ने आसानी से पार कर लिया। शुभेन्दु अधिकारी के नेतृत्व में भाजपा ने कई बड़े क्षेत्रों में बढ़त बनाई। वहीं ममता बनर्जी को भी हार का सामना करना पड़ा। इस नतीजे ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया है।

मध्य प्रदेश के 34 गांवों में बाढ़ का अलर्ट, प्रशासन ने बनाई स्थानीय टीमें

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मध्य प्रदेश के 34 गांवों में बाढ़ का अलर्ट, प्रशासन ने बनाई स्थानीय टीमें
आगामी मानसून और संभावित बाढ़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। शुक्रवार को एसडीएम कार्यालय में खंड स्तरीय बैठक में बाढ़ आपदा प्रबंधन को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की गई।

एसडीएम सत्येंद्र बैरवा की अध्यक्षता में हुई बैठक में नदी और तालाब किनारे बसे संवेदनशील गांवों के लिए स्थानीय स्तर पर आपदा प्रबंधन टीम गठित करने के निर्देश दिए गए।

34 गांव नर्मदा, वेदा, कुंदा और बोराड नदी से प्रभावित श्रेणी में
बैठक में बताया गया कि तहसील क्षेत्र के 34 गांव नर्मदा, वेदा, कुंदा और बोराड नदी से प्रभावित श्रेणी में आते हैं। इनमें निचले इलाकों और तालाबों के आसपास बसे गांवों को ज्यादा संवेदनशील माना गया है। प्रशासन ने जनपद पंचायत और नगर परिषद को नदी-नालों के आसपास सतत निगरानी रखने तथा लोगों को सतर्क करने के निर्देश दिए हैं।

यही टीम तत्काल राहत और बचाव कार्य संभालेगी
बाढ़ प्रभावित गांवों में स्थानीय शिक्षक को टीम प्रभारी बनाया जाएगा। इनके साथ पटवारी, पंचायत सचिव, रोजगार सहायक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, आशा कार्यकर्ता और चौकीदार को शामिल किया गया है। प्रशासन का कहना है कि आपदा की स्थिति बनने पर यही टीम तत्काल राहत और बचाव कार्य संभालेगी।

अन्य विभागों को भी अलर्ट रहने के निर्देश
प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए स्कूल भवन चिन्हित किए गए हैं। संबंधित शिक्षकों और अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंप दी गई है। तहसीलदार, जनपद पंचायत, महिला एवं बाल विकास विभाग, स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य विभागों को भी अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। 24 घंटे चलेगा बाढ़ कंट्रोल रूम खुला रहेगा।

1 जून से 15 सितंबर तक 24 घंटे इमरजेंसी व्यवस्था
एसडीएम कार्यालय स्थित बाढ़ कक्ष में 1 जून से 15 सितंबर तक 24 घंटे इमरजेंसी व्यवस्था संचालित की जाएगी। इसके लिए खंड स्तरीय अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। साथ ही गोताखोर, नाविकों, ट्रैक्टर मालिकों और अन्य वाहनों की सूची तैयार करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल मदद पहुंचाई जा सके।

सुप्रीम कोर्ट ने वर्क फ्रॉम होम और कार पुलिंग पर लिया फैसला

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सुप्रीम कोर्ट ने वर्क फ्रॉम होम और कार पुलिंग पर लिया फैसला
भारत के सर्वोच्च अदालत ने पश्चिम एशिया में जारी लंबे भू-राजनीतिक संकट और बढ़ती ऊर्जा चिंताओं के बीच बड़ा फैसला लिया है. कोर्ट ने आदेश दिया है कि सुप्रीम कोर्ट में गर्मी की छुट्टी के दौरान बैठने वाली अवकाशकालीन बेंचों का भी पूरा काम वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगा. इसके अलावा, नए मामलों की सुनवाई के लिए तय दिनों- सोमवार और शुक्रवार या इनके लिए घोषित दूसरे किसी भी दिन पूरी सुनवाई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होगी.

यह फैसला भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता में शुक्रवार (15 मई, 2026) की सुबह हुई फुल कोर्ट मीटिंग में लिया गया. कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोत्तरी और भारत की ऊर्जा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है.

सुप्रीम कोर्ट के महासचिव ने जारी किया सर्कुलर
इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के महासचिव भरत पराशर की तरफ से एक सर्क्युलर जारी किया गया है. जिसमें कहा गया है कि केंद्र सरकार के मंगलवार (12 मई, 2026) के ऑफिस मेमोरेंडम के मद्देनजर तत्काल रूप से यह कदम उठाए जा रहे हैं. जिसके तहत, ईंधन की बचत के लिए सभी जजों ने तय किया है कि वह आपस में कार पुलिंग को प्रोत्साहित करेंगे.

इसके साथ ही, रजिस्ट्री के तमाम विभागों के 50 प्रतिशत तक कर्मचारी सप्ताह में 2 दिन वर्क फ्रॉम होम यानी घर से काम कर सकेंगे. इसके लिए संबंधित रजिस्ट्रारों को वीकली रोस्टर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अदालत का कामकाज प्रभावित न हो. इसमें कोर्ट की रजिस्ट्री विभाग को निर्देश दिया गया है कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा बनाई जाए और समय पर तकनीकी मदद भी मुहैया कराई जाए, जिससे कि कोर्ट के किसी भी काम में किसी तरह की असुविधा न हो.

WFH वाले कर्मचारियों को फोन पर उपलब्ध रहना जरूरीः SC
सर्कुलर में यह भी स्पष्ट किया गया कि घर से काम करने वाले कर्मचारियों को फोन पर उपलब्ध रहना होगा और अगर जरूरत पड़ती है तो उन्हें तुरंत ऑफिस भी आना पड़ सकता है. इसके साथ संबंधित रजिस्ट्रारों को यह अधिकार दिया गया है कि अगर वर्क फ्रॉम होर्म की वजह कोई जरूरी काम प्रभावित होता है तो वे इस व्यवस्था में बदलाव कर सकते हैं.

भोजशाला में कड़ी सुरक्षा में हुई नमाज, बाहर मनाई होली

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भोजशाला में कड़ी सुरक्षा में हुई नमाज, बाहर मनाई होली
धार की ऐतिहासिक भोजशाला को लेकर हाईकोर्ट इंदौर खंडपीठ द्वारा फैसला दिए जाने की जानकारी के बाद गुरुवार को पूरे शहर में उत्साह का वातावरण रहा। दरअसल शुक्रवार को फैसला आने की संभावना के चलते प्रशासन पहले से ही सतर्क हो गया था, क्योंकि शुक्रवार को मुस्लिम समाज भोजशाला परिसर में नमाज अदा करने आने वाला था।

इसे ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। लगभग 1500 से अधिक पुलिस जवानों के साथ वरिष्ठ अधिकारियों को भी तैनात किया गया था। इंदौर सहित अन्य स्थानों से अतिरिक्त पुलिस बल और अधिकारी धार पहुंच चुके थे। इधर जिले भर में हिंदू समाज में लोगों में उत्साह रहा। सुरक्षा को लेकर जिले में अलर्ट पर रहा।

कड़ी सुरक्षा में हुई नमाज
शुक्रवार दोपहर नमाज के समय कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच नमाज अदा करवाई गई। नमाज के बाद सभी लोग शांतिपूर्वक लौट गए। इसी बीच दोपहर करीब ढाई बजे हाईकोर्ट का फैसला सामने आया। फैसले की जानकारी मिलते ही हिंदू समाज में उत्साह का वातावरण बन गया।
दोपहर करीब तीन बजे के बाद हिंदू समाज के लोग भोजशाला के बाहरी परिसर स्थित ज्योति मंदिर पर एकत्रित होने लगे। यहां महिलाओं, पुरुषों, बच्चों तथा आंदोलन से जुड़े लोगों की बड़ी संख्या मौजूद रही। भोज उत्सव समिति के पदाधिकारी भी यहां पहुंचे।

पूरे शहर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम थे
जैसे-जैसे लोगों की संख्या बढ़ती गई, उत्साह का माहौल और अधिक गहराता गया।इस दौरान पूरे शहर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। नमाज से पहले पुलिस द्वारा फ्लैग मार्च निकाला गया तथा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी गई, ताकि कहीं भी किसी प्रकार की स्थिति निर्मित न हो।

दिन में मनाई गई होली
वहीं भोजशाला के बाहरी परिसर में उत्साह का वातावरण बना रहा। यहां ढोल-ढमाकों के साथ लोगों ने खुशी मनाई तथा रंग-गुलाल उड़ाकर फैसले का स्वागत किया। हिंदू समाज ने निर्णय लिया कि मंगलवार को विशेष रूप से भोजशाला में सत्याग्रह एवं उत्सव आयोजित किया जाएगा।

हैदराबाद-जयपुर स्पेशल एक्सप्रेस में लगी आग, स्टेशन परिसर में मच गई अफरातफरी

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हैदराबाद-जयपुर स्पेशल एक्सप्रेस में लगी आग, स्टेशन परिसर में मच गई अफरातफरी
हैदराबाद से बड़ी खबर सामने आई है। हैदराबाद-जयपुर स्पेशल एक्सप्रेस में आग लगने की जानकारी सामने आई है। यह आग तब लगी जब ट्रेन खुलने के लिए तैयार हो रही थी। घटना के बाद स्टेशन परिसर अफरातफरी मच गई। जानकारी के अनुसार किसी भी पैसेंजर के हताहत होने की खबर नहीं है। जिस दो कोच में आग लगी, वहां कोई भी पैसेंजर या और कोई मौजूद नहीं था। यह घटना हैदराबाद के नामपल्ली रेलवे स्टेशन की है। ट्रेन के थ्री-टियर एसी कोच के B1 और B2 डिब्बों में आग लग गई थी। आग लगने के तुरंत बाद रेलवे सुरक्षा बल एक्टिव हो गए थे।

आग लगने के बाद स्टेशन पर मौजूद यात्रियों में डर का माहौल बन गया। लोग जल्दबाजी में प्लेटफॉर्म से दूर हटने लगे। रेलवे कर्मचारियों ने तुरंत स्थिति संभाली और यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया। मौके पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF), स्टेशन प्रशासन और दमकल विभाग की टीमें तेजी से पहुंचीं। आग बुझाने के लिए दमकल विभाग की तीन गाड़ियों को लगाया गया। काफी देर तक फायर कर्मियों ने मशक्कत की, जिसके बाद आग पर काबू पाया जा सका। राहत की बात यह रही कि आग दूसरे डिब्बों तक नहीं फैल पाई, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।

जांच के आदेश जारी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार रेलवे अधिकारियों ने बताया कि, जिस समय आग लगी उस वक्त प्रभावित कोचों में यात्री मौजूद नहीं थे। इसी वजह से किसी के घायल होने की खबर नहीं है। अधिकारियों का कहना है कि कर्मचारियों की सतर्कता और तुरंत कार्रवाई से स्थिति ज्यादा बिगड़ने नहीं दी गई। फिलहाल आग लगने की असली वजह साफ नहीं हो पाई है। शुरुआती जांच में तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट जैसी आशंकाओं पर ध्यान दिया जा रहा है। रेलवे ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रभावित कोचों का निरीक्षण किया जाएगा और यह भी देखा जाएगा कि सुरक्षा व्यवस्था में कहीं कोई लापरवाही तो नहीं हुई।

इस घटना के बाद स्टेशन पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा, हालांकि बाद में हालात सामान्य कर दिए गए। रेलवे अधिकारियों ने कहा है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आग लगने की सही वजह सामने आ पाएगी।

ईरान की दादागिरी हुई खत्म, UAE ने भारत के लिए खोले तेल के नए रास्ते

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ईरान की दादागिरी हुई खत्म, UAE ने भारत के लिए खोले तेल के नए रास्ते
ईरान की दादागिरी को खत्म करने के लिए UAE ने बड़ा दांव चल दिया है। होर्मुज स्ट्रेट की घेराबंदी को धता बताते हुए यूएई (UAE) अब ‘वेस्ट-ईस्ट पाइपलाइन’ के जरिए सीधे अरब सागर से तेल एक्सपोर्ट करेगा। क्राउन प्रिंस ने ADNOC को साल 2027 तक क्षमता दोगुनी करने का सख्त आदेश दिया है। इस मास्टरस्ट्रोक से भारत को सबसे ज्यादा फायदा होगा। शिपिंग खर्च और इंश्योरेंस कम होने से देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भारी गिरावट आने की उम्मीद है।

होर्मुज को घुटने पर लाएगा UAE
ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच छिड़ी जंग ने दुनिया की 20% तेल सप्लाई करने वाले होर्मुज स्ट्रेट पर ताला जड़ दिया है। कुवैत और कतर जैसे देश बूंद-बूंद तेल के लिए तरस रहे हैं, लेकिन इसी बीच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने मास्टरस्ट्रोक खेल दिया है। यूएई ने अपनी ‘वेस्ट-ईस्ट पाइपलाइन’ प्रोजेक्ट की रफ्तार को 10 गुना बढ़ा दिया है। इसका मकसद साफ है 2027 तक होर्मुज को पूरी तरह बायपास करके फुजैराह के रास्ते दोगुना तेल एक्सपोर्ट करना। अबू धाबी के क्राउन प्रिंस ने एक ऐसा आदेश दिया जिसने खाड़ी की जियोपॉलिटिक्स बदल दी है।

प्रिंस का सख्त आदेश: ‘इसे जल्द पूरा करो’
अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद ने साफ कर दिया है कि अब इंतजार का वक्त खत्म हो चुका है। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में निर्देश दिए हैं। अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) को वेस्ट-ईस्ट पाइपलाइन प्रोजेक्ट को तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया है। प्रिंस ने कहा कि पाइपलाइन का निर्माण जारी है और इसके सला 2027 में चालू होने की उम्मीद है।

भारत में सस्ता होगा पेट्रोल
यूएई का यह कदम भारत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। अभी तक भारत को आने वाला तेल होर्मुज के रास्ते आता था, जहां युद्ध के कारण जहाजों का इंश्योरेंस और रिस्क प्रीमियम आसमान छू रहा था। लेकिन अब नजारा बदलने वाला है।

सस्ता तेल: शिपिंग का खर्चा कम होने से भारत के इम्पोर्ट बिल में भारी गिरावट आएगी।
डायरेक्ट सप्लाई: फुजैराह पोर्ट सीधे ओमान की खाड़ी में खुलता है, यानी तेल सीधा भारत पहुंचेगा।
टेंशन फ्री बिजनेस: अब युद्ध हो या ब्लॉककेड, भारत को यूएई से मिलने वाले 6 लाख बैरल प्रतिदिन तेल पर कोई खतरा नहीं मंडराएगा।
हबशन से फुजैराह तक पाइपलाइन
हबशन से फुजैराह तक फैली 406 किलोमीटर लंबी यह पाइपलाइन फिलहाल यूएई की लाइफलाइन बनी हुई है। ईरान ने समुद्री रास्ते बंद किए, वहीं यूएई और सऊदी अरब ही ऐसे दो खिलाड़ी बचे हैं जो बिना किसी डर के तेल निकाल पा रहे हैं। हालांकि, ईरान ने ड्रोन हमलों से डराने की कोशिश जरूर की है।