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चार जिले के सहायक आयुक्त को शो-कॉज नोटिस

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चार जिले के सहायक आयुक्त को शो-कॉज नोटिस
आदिम जाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आज मंत्रालय में प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में विभागीय योजनाओं, आय-व्यय तथा आगामी कार्ययोजनाओं सहित विभिन्न विकास कार्यों की गहन समीक्षा की गई।

प्रमुख सचिव ने विभागीय योजनाओं में बेहतर कार्य करने वाले जिलों की सराहना की, वहीं विभिन्न मदों के बजट आबंटन को सदुपयोग न करने वाले चार जिले बलौदाबाजार, बेमेतरा, जशपुर और बिलासपुर के सहायक आयुक्तों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

उन्होंने आगामी शैक्षणिक सत्र को ध्यान में रखते हुए आश्रम छात्रावासों की व्यवस्थाओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। बोरा ने निर्देशित किया कि अगले दो महीनों में छात्रावासों के मरम्मत, रंग-रोगन, शौचालय, पेयजल एवं विद्युत व्यवस्था सहित सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित कर लिया जाए। साथ ही छात्रावासों में अग्निशमन यंत्र और सीसीटीवी कैमरे लगाने के भी निर्देश दिए गए।

उन्होंने “प्रोजेक्ट संकल्प” के तहत विद्यार्थियों के सांस्कृतिक, मानसिक एवं नैतिक विकास को और मजबूत करने के लिए ध्यान और योग को भी शामिल करने की बात कही। इसके अलावा, सेप्टिक टैंकों की सफाई मैनुअल तरीके से न कराकर, नगरीय निकायों के माध्यम से सक्शन मशीनों से कराने के निर्देश दिए।

बैठक में छात्रवृत्ति योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर संतोष जताया गया। बताया गया कि नई व्यवस्था के तहत पिछले सत्र में 3.3 लाख विद्यार्थियों को माह दिसम्बर तक छात्रावृत्ति की 72 प्रतिशत राशि और 99 प्रतिशत राशि 31 मार्च तक, सुगमतापूर्वक समय पर सीधे विद्यार्थियों के खातों में हस्तांतरित की गई। इस व्यवस्था को और पारदर्शी बनाने के लिए जल्द ही पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन किया जाएगा। इस व्यवस्था के तहत विद्यार्थियों को हार्ड कॉपी जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी और फर्जीवाड़े पर भी रोक लगेगी।

वन अधिकार अधिनियम की समीक्षा करते हुए प्रमुख सचिव ने निर्देश दिए कि सभी लंबित प्रकरणों का 15 दिनों के भीतर ग्राम सभाओं के माध्यम से निराकरण सुनिश्चित किया जाए। निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान उन्होंने स्वीकृत परियोजनाओं को समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि नए आश्रम, छात्रावास भवन बनाने का प्रस्ताव भेजने से पहले स्थल निरीक्षण अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि भविष्य में विवाद की स्थिति न बने। उन्होंने यह भी कहा कि बस्तर क्षेत्र में पूर्व प्रस्तावित छात्रावासों का निर्माण अब प्राथमिकता से किया जाए।

बैठक में एकलव्य एवं प्रयास आवासीय विद्यालयों में एक भी सीट खाली न रहने के निर्देश दिए गए। साथ ही जवाहर उत्कर्ष योजना के तहत उत्कृष्ट विद्यालयों के चयन पर भी जोर दिया गया। प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना, पीएम जनमन, धरती आबा ग्राम उत्कर्ष, देवगुड़ी एवं अखरा विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए गुणवत्ता के साथ शीघ्र कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में संयुक्त सचिव बी.के. राजपूत, अनुपम त्रिवेदी, वित्तीय सलाहकार नीरज मिश्रा, अपर संचालक संजय गौड़, जितेंद्र गुप्ता, आर.एस. भोई सहित विभागीय अधिकारी एवं सभी जिलों के सहायक आयुक्त उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान और स्वयंसेवी संस्थाओं से किया वर्चुअल संवाद

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान और स्वयंसेवी संस्थाओं से किया वर्चुअल संवाद
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में 9 अप्रैल से गेहूँ खरीदी आरंभ हो रही है। उन्होंने सभी उपार्जन केंद्रों पर किसानों के लिए सहज-सुगम व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश सभी कलेक्टर्स और एसडीएम को दिए गए हैं। उपार्जन केन्द्रों पर किसानों के लिए पेयजल और छायादार स्थान की व्यवस्था की जा रही है। गेहूँ उपार्जन जैसी महत्वपूर्ण और व्यापक गतिविधि में सामाजिक और सेवाभावी संस्थाएं भी सहयोग करें। प्रदेश में वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। राज्य सरकार किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है, किसानों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर फैसले लिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह विचार किसान और स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों से मुख्यमंत्री निवास से वर्चुअल संवाद के दौरान व्यक्त किए।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था है। गेहूँ की प्रति क्विंटल कीमत को वर्तमान स्तर तक लाना बड़ी चुनौती थी, हम इसे 2700 रूपये प्रति क्विंटल तक ले जाएंगे। किसानों को उनकी फसल का सही दाम दिलवाना हमारी प्रतिबद्धता है। हम जनता की सेवा करना चाहते हैं, इसी उद्देश्य से उपार्जन केंद्रों पर गेहूँ खरीदी की बेहतर व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उपार्जन केंद्रों पर हेल्प डेस्क स्थापित किये जा रहे हैं, जिला स्तर पर कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम से संपूर्ण व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जाएगी। उपार्जन केंद्रों पर पंपलेट और होर्डिंग के द्वारा भी किसानों को व्यवस्था के संबंध में जानकारियां देने के निर्देश दिए गए हैं। वर्ष 2026 से किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। उपार्जन केन्द्रों पर आने वाले किसानों को उनके कल्याण तथा हित से जुड़ी शासन की योजनाओं से भी अवगत कराया जाए।

कांग्रेस की वरिष्ठ नेता मोहसिना किदवई का निधन

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कांग्रेस की वरिष्ठ नेता मोहसिना किदवई का निधन
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहसिना किदवई का बुधवार को निधन हो गया। उनके परिवार ने जानकारी देते हुए बताया कि 94 वर्ष की उम्र में उन्होंने आखिरी सांस ली। मोहसिना किदवई का निधन नोएडा के मेट्रो अस्पताल में बुधवार की सुबह हुआ। उनके दामाद रजीउर रहमान किदवई ने बताया कि वह उम्र संबंधी बीमारियों से पीड़ित थीं।

उन्होंने बताया कि निजामुद्दीन के कब्रिस्तान में शाम करीब पांच बजे उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। किदवई पूर्व केंद्रीय मंत्री हैं, जिन्होंने राजीव गांधी की सरकार में महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार संभाला था। वे समय-समय पर लोकसभा और राज्यसभा दोनों की सदस्य रह चुकी हैं।

भारतीय राजनीति की बड़ी क्षति
किदवई अतीत में कांग्रेस की कार्यकारी समिति और पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति के सदस्य के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। उनके निधन से भारतीय राजनीति के एक लंबे और प्रभावशाली अध्याय का अंत हो गया। वे उन गिने-चुने नेताओं में थीं, जिन्होंने दशकों तक सक्रिय राजनीति में रहकर अपनी अलग पहचान बनाई।

मोहसिना किदवई का जन्म 1932 में उत्तर प्रदेश के एक शिक्षित और प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने सार्वजनिक जीवन की ओर रुख किया और जल्द ही राजनीति में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। वे शुरू से ही भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से जुड़ी रहीं और पार्टी की नीतियों तथा विचारधारा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

राजनीतिक जगत में शोक की लहर
उनका राजनीतिक सफर काफी लंबा और विविधतापूर्ण रहा। वे कई बार लोकसभा और राज्यसभा की सदस्य रहीं और केंद्र सरकार में विभिन्न महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली। उन्होंने शहरी विकास, पर्यटन और आवास जैसे मंत्रालयों में मंत्री के रूप में काम किया और अपने कार्यकाल के दौरान कई अहम नीतिगत फैसलों में योगदान दिया।

उनके निधन पर राजनीतिक जगत में शोक की लहर है। विभिन्न दलों के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए उनके योगदान को याद किया। मोहसिना किदवई का जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहेगा, जिन्होंने समर्पण और सेवा के माध्यम से राजनीति को एक नई दिशा देने का प्रयास किया।

20वें दिन धुरंधर 2 के सैलाब में डूबा बॉक्स ऑफिस

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20वें दिन धुरंधर 2 के सैलाब में डूबा बॉक्स ऑफिस
आदित्य धर निर्देशित धुरंधर 2 (Dhurandhar 2) ने बॉक्स ऑफिस पर तीन सप्ताह पूरे कर लिए हैं। लगातार अपनी धुंआधार कमाई के साथ फिल्म ने एक यूनीक क्लब में एंट्री ले ली है। इसी के साथ धुरंधर द रिवेंज वर्ल्डवाइड कमाई के मामले में साल 2026 की टॉप 10 फिल्मों में शामिल हो गई है।

रणवीर सिंह (Ranveer Singh) की फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बुलेट ट्रेन की रफ्तार से दौड़ रही है। रिलीज के 20वें दिन भी इस फिल्म के लिए दर्शकों का जोश बना हुआ है। 19 मार्च को रिलीज हुई इस मेगा ब्लॉकबस्टर ने न सिर्फ बॉलीवुड का सूखा खत्म किया बल्कि ‘बाहुबली 2’जैसी शानदार फिल्मों को ध्वस्त किया।

कितना रहा 20वें दिन का कलेक्शन?
फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 102.55 करोड़ रुपये की ओपनिंग ली थी। इसी के साथ इसके पहले हफ्ते का कलेक्श 674.17 करोड़ रुपये रहा। दूसरे हफ्ते धुरंधर 2 ने 15 दिन में 263.65 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। वहीं 20वें दिन धुरंधर 2 ने 10.10 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। सैकनिल्क के मुताबिक फिल्म का कुल कलेक्शन 1033.37 करोड़ रुपये पहुंच गया है।

दुनियाभर में छाई धुरंधर 2
वहीं वर्ल्डवाइड कलेक्शन के मामले में भी फिल्म की शानदार कमाई जारी है। दुनियाभर में धुरंधर 2 ने 1641.21 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर लिया है। दुनिया भर में कलेक्शन के मामले में धुरंधर 2 ने बाहुबली 2 का रिकॉर्ड पहले ही तोड़ दिया है। अब इसका अगला निशाना दंगल 2 है।

अभी ये आंकड़ा और बढ़ने की उम्मीद है क्योंकि आने वाले दो हफ्तों में कोई बड़ी रिलीज नहीं है। अक्षय कुमार की भूत बंगला 17 अप्रैल को रिलीज होगी इस हिसाब से धुरंधर 2 के पास किला फतह करने के लिए भरपूर समय है।

सीजफायर का असर और भारत की रफ्तार: वर्ल्ड बैंक ने जताया भरोसा, बढ़ाई ग्रोथ रेट

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सीजफायर का असर और भारत की रफ्तार: वर्ल्ड बैंक ने जताया भरोसा, बढ़ाई ग्रोथ रेट
अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर होते ही भारत के लिए गुड न्‍यूज आई है। विश्‍व बैंक ने बुधवार को भारत के ग्रोथ के अनुमानों को बढ़ा दिया है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ऐसा किया गया है। उसने पिछले अक्‍टूबर को भारत के विकास अनुमान को 6.3% रखा था। अब इसे बढ़ाकर 6.6% कर दिया है। इसका कारण मजबूत घरेलू मांग और निर्यात में शानदार प्रदर्शन बताया गया है।

हालांकि, विश्‍व बैंक ने यह भी कहा कि मिडिल ईस्‍ट में जारी संघर्ष से पैदा हुई मुश्किलों के कारण पिछले वर्षों की तुलना में विकास की रफ्तार थोड़ी धीमी रहने की उम्मीद है।

व‍िश्‍व बैंक का ताजा अपडेट और क्‍या कहता है?
विश्व बैंक के ताजा ‘दक्षिण एशिया आर्थिक अपडेट’ के अनुसार,
वित्त वर्ष 2025-26 में अर्थव्यवस्था के 7.6% की दर से बढ़ने का अनुमान है।
वित्त वर्ष 2024-25 में भारत की आर्थिक विकास दर 7.1% थी।
भारत की ग्रोथ मजबूत घरेलू मांग और निर्यात से सहारा मिलेगा।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए विकास दर का अनुमान थोड़ा ज्‍यादा यानी 6.9% लगाया है।

GST कटौती का फायदा द‍िखना शुरू होगा
रिपोर्ट में बताया गया है कि गुड्स एंड सर्विस टैक्‍स (जीएसटी) में कटौती से वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में उपभोक्ता मांग को बढ़ावा मिलने की संभावना है। हालांकि, वैश्विक स्तर पर ऊर्जा की ऊंची कीमतें महंगाई बढ़ा सकती हैं। साथ ही इसके चलते परिवारों की खर्च करने की क्षमता भी सीमित होने का डर है।

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘भारत में मजबूत मांग, खाने-पीने की चीजों की कीमतों का सामान्य होना और ऊर्जा की बढ़ती कीमतें वित्त वर्ष 2026-27 में महंगाई को ऊपर ले जा सकती हैं।’

ये द‍िख रही हैं मुश्‍क‍िलें
बढ़ती अनिश्चितता और उत्पादन लागत में बढ़ोतरी के कारण निवेश में भी धीमी रफ्तार से बढ़ोतरी की संभावना है। भले ही भारत के निर्यात को अमेरिका और यूरोपीय संघ (ईयू) जैसे बाजारों तक बेहतर पहुंच से फायदा मिल सकता है। लेकिन, प्रमुख व्यापारिक साझेदारों में विकास की धीमी रफ्तार इन फायदों को कम कर सकती है।

ईरान की सीधी चेतावनी: दक्षिणी लेबनान में गोलीबारी बंद न हुई तो तेल अवीव पर गिराएंगे बम

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ईरान की सीधी चेतावनी: दक्षिणी लेबनान में गोलीबारी बंद न हुई तो तेल अवीव पर गिराएंगे बम
अमेरिका के साथ संघर्ष विराम के बीच ईरान ने इजरायल को कड़ी चेतावनी दी है। ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने कहा है कि अगर दक्षिण लेबनान पर इजरायली हमले जारी रहते हैं, तो वह तेल अवीव पर हमला कर सकता है। यह चेतावनी ऐसे समय आई है, जब यह चर्चा की जा रही है कि क्या अमेरिका-ईरान संघर्ष विराम में लेबनान शामिल है या नहीं। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरानी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने कहा, “कुछ ही घंटों के भीतर, अगर दक्षिणी लेबनान में गोलीबारी नहीं रुकी, तो हमारी हवाई और मिसाइल यूनिट तेल अवीव पर बमबारी करेगी।”

हिजबुल्लाह ने संघर्ष विराम का ऐलान किया
ईरान-अमेरिका में संघर्ष विराम के ऐलान के तुरंत बात हिजबुल्लाह ने बुधवार तड़के इजरायल और लेबनान में मौजूद इजरायली सैनिकों पर गोलीबारी रोक दी है। हिजबुल्लाह का कहना है कि उसने यह कदम अमेरिका-ईरान संघर्ष विराम के हिस्से के तौर पर उठाया है। हालांकि, इजरायल ने इस संघर्ष विराम में लेबनान के शामिल होने से इनकार किया है। इजरायल ने कहा है कि हिजबुल्लाह के खिलाफ उसकी कार्रवाइयां जारी रहेंगी, जिसमें इस समूह के सैन्य अड्डों पर हमला शामिल है। इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच 2 मार्च को फिर से लड़ाई शुरू हुई थी।

हिजबुल्लाह को बचा रहा ईरान
ईरान-अमेरिका संघर्षविराम में मध्यस्थ की भूमिका निभाने का दावा करने वाले पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा है कि दो हफ्ते के इस संघर्ष विराम में लेबनान भी शामिल होगा। पहले भी ऐसी रिपोर्ट्स आई थी कि ईरान ने अमेरिका के साथ किसी भी संभावित संघर्ष विराम में लेबनान को शामिल करने की इच्छा जताई थी। हिजबुल्लाह को ईरान का प्रॉक्सी मिलिशिया कहा जाता है, तो दूसरे छोर से इजरायल के खिलाफ सैन्य अभियान का नेतृत्व करता है।

हिजबुल्लाह कौन है?
हिजबुल्लाह लेबनान का एक शक्तिशाली शिया मुस्लिम राजनीतिक और सैन्य संगठन है, जिसे कई देशों ने आतंकवादी समूह घोषित किया हुआ है।
हिजबुल्लाह का गठन 1980 के दशक में इजरायल के खिलाफ किया गया था। इसे ईरान का समर्थन प्राप्त है, जो इसकी नीतियों को तय करता है।
हिजबुल्लाह का शाब्दिक अर्थ “ईश्वर की पार्टी” है, जो विचारधारा के रूप में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रति निष्ठा रखता है।
हिजबुल्लाह के पास रॉकेट, मिसाइल और दूसरे छोटे हथियारों का विशाल जखीरा है। हिजबुल्लाह को लेबनानी सेना से भी अधिक मजबूत माना जाता है।

संघर्ष विराम को लेकर असमंजस क्यों?
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने कहा कि उसने संघर्षविराम को स्वीकार कर लिया है और वह शुक्रवार से पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका से बातचीत करेगा। हालांकि, न तो ईरान और न ही अमेरिका ने यह बताया कि संघर्षविराम कब से लागू होगा। इस बीच बुधवार सुबह इजराइल, ईरान और खाड़ी क्षेत्र में हमले जारी रहे। अमेरिकी राष्ट्रपति के कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ के एक अधिकारी के अनुसार, इजरायल भी संघर्षविराम के लिए सहमत हो गया है।

सौभाग्य और अटूट पुण्य पाने का महामुहूर्त है अक्षय तृतीया

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सौभाग्य और अटूट पुण्य पाने का महामुहूर्त है अक्षय तृतीया
वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाता है, जिसे आखा तीज भी कहा जाता है। इस बार अक्षय तृतीया 19 अप्रैल को मनाई जा रही है। ‘अक्षय’ का अर्थ है जिसका कभी क्षय यानी नाश न हो। माना जाता है कि इस दिन किए गए जप-तप, दान और शुभ कार्यों का फल जीवनभर बना रहता है।

कर सकते हैं ये शुभ कार्य
अक्षय तृतीया को ‘अबूझ मुहूर्त’ माना जाता है। इसका अर्थ है कि इस दिन किसी भी शुभ कार्य के लिए पंचांग देखने या मुहूर्त निकालने की आवश्यकता नहीं होती। ऐसे में इस दिन पर बिना किसी मुहूर्त के शादी, सगाई, मुंडन और नामकरण जैसे शुभ व मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं। इसी के साथ यह तिथि किसी नए काम की शुरुआत करने के लिए भी बहुत ही शुभ मानी जाती है।

अक्षय पुण्य के लिए क्या करें दान?
हिंद धर्म में माना गया है कि अक्षय तृतीया पर दान का फल अनंत गुना बढ़ जाता है। ऐसे में आप इस दिन पर अपनी क्षमतानुसार जरूरतमंदों को अनाज जैसे गेहूं, जौ, चावल, जल से भरे पात्र, वस्त्र और धन का दान कर सकते हैं।
अक्षय तृतीया के दिन सफेद रंग की चीजों दूध, दही, शक्कर, शंख, सफेद कपड़े और खीर आदि का दान करना भी अत्यंत शुभ माना जाता है। इससे जातक की कुंडली में चंद्रमा की स्थिति भी मजबूत होती है।
अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर आप घी, गुड़, चना और सत्तू का दान भी कर सकते हैं, जो अत्यंत फलदायी माना गया है।

खरीदें ये चीजें
अक्षय तृतीया को समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। इस दिन दान के साथ-साथ कुछ चीजों की खरीदारी को भी शुभ माना गया है –
अक्षय तृतीया के दिन सोना या फिर चांदी खरीदने से धन-समृद्धि आती है। मान्यता है कि इस दिन घर लाया गया सोना कभी कम नहीं होता।
अक्षय तृतीया का दिन नया वाहन या घर खरीदने के लिए भी श्रेष्ठ माना गया है।
यदि आप कीमती धातु नहीं खरीद सकते, तो इस दिन पर नमक खरीदकर घर लाना भी बहुत शुभ माना गया है।
मिलेगी पितरों की कृपा
अक्षय तृतीया पर पितरों के निमित्त किया गया कार्य परिवार में शांति लाता है। ऐसे में इस दिन पर पितरों की पसंद का भोजन और जल का दान करना चाहिए। इसके साथ ही ब्राह्मणों को भोजन कराएं और दान-दक्षिणा देकर उन्हें सम्मानपूर्वक विदा करें। इससे पितृ प्रसन्न होते हैं और परिवार पर दया दृष्टि बनाए रखते हैं, जससे जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।

सशक्त और परिपक्व हो रहा है भारतीय लोकतंत्र : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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सशक्त और परिपक्व हो रहा है भारतीय लोकतंत्र : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कुशल नेतृत्व में देश का लोकतंत्र सशक्त हो रहा हैं। हमारा लोकतंत्र निरंतर परिपक्व हो रहा है। लोकसभा, राज्यसभा और विधानसभा अभिव्यक्ति के प्रमुख मंच हैं। विपक्ष की सकारात्मक आलोचना का भी इन सदनों के सत्रों में स्वागत किया जाता है। कई बार सदस्यों की अभिव्यक्ति और दिए गए सुझावों से सही दिशा में कार्य करना संभव हो जाता है। मध्यप्रदेश सरकार, मध्यप्रदेश विधानसभा की विभिन्न समितियों के सुझावों पर कदम उठाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मध्यप्रदेश विधानसभा द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए नवगठित सभा समितियों की संयुक्त बैठक को विधानसभा में संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर को विधानसभा समितियों की संयुक्त बैठक आहूत करने के लिए बधाई दी। उन्होंने सभी नवगठित समितियों के सभापतियों और सदस्यों को मंगलकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य के साथ ही अन्य राज्यों में भी इन समितियों के भ्रमण होते हैं। विधानसभा का गत दिसम्बर माह में विशेष सत्र हुआ था, जो एक श्रेष्ठ परम्परा के रूप में हमारे सामने उदाहरण है। विभिन्न समितियां अपनी सक्रिय भूमिका से योजनाओं के आंकलन और विश्लेषण का दायित्व निभाएंगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आशा व्यक्त की कि मध्यप्रदेश विधानसभा के वर्तमान सदस्यों का कार्यकाल स्वर्णिम होगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने लोकतंत्र में बहनों की भागीदारी को महत्वपूर्ण बनाने की पहल की है। पूरे देश में विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के नेतृत्व में महत्वपूर्ण कार्य हो रहे हैं। आने वाले समय में संसद में एक तिहाई स्थानों पर महिलाओं की भूमिका होगी। इसके लिए अप्रैल माह में ही संसद का विशेष सत्र हो रहा है। महिलाओं के लिए प्रस्तावित 33 प्रतिशत आरक्षण को लागू करने की दिशा में जो पहल हुई है वह हमारे लोकतंत्र के परिपक्व और सशक्त होने का ही प्रमाण है।

विधानसभा अध्यक्ष तोमर ने कहा कि हमें पूर्वजों के बलिदान के कारण स्वतंत्रता मिली है। लोकतांत्रिक व्यवस्था हमारे लिए गर्व का विषय है। लोकतंत्र को सशक्त बनाने के लिए हम सभी को मिलकर कार्य करना है। विधानसभा की भूमिका माँ की तरह होती है। सभी सदस्य ऐसा ही भाव रखकर कार्य कर रहे हैं। विधानसभा की समितियां विधानसभा का ही लघु स्वरूप हैं।

संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि विधानसभा सदस्यों पर यह दारोमदार है कि वे गठित समितियों का महत्व स्थापित करें। आचरण समिति की रिपोर्ट का भी अध्ययन करना चाहिए। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि विधानसभा की समितियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। समितियों के माध्यम से जनहित के अनेक कार्य पूर्ण होते हैं। प्रारंभ में विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा ने संयुक्त बैठक में उपस्थित अतिथियों और सदस्यगण का स्वागत किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और सभा समितियों के सभापति और सदस्यगण उपस्थित थे। संयुक्त बैठक के समापन पर प्राक्कलन समिति के अध्यक्ष अजय विश्नोई ने आभार व्यक्त किया।

डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती संपूर्ण प्रदेश में 8 से 14 अप्रैल तक मनाई जाएगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती संपूर्ण प्रदेश में 8 से 14 अप्रैल तक मनाई जाएगी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती 14 अप्रैल के अवसर पर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। डॉ. अंबेडकर की जयंती के कार्यक्रम 8 अप्रैल से आरंभ होकर 14 अप्रैल तक चलेंगे। राज्य स्तरीय कार्यक्रम भिंड जिला मुख्यालय पर होगा। जिला मुख्यालयों सहित सभी विकासखंडों में भी अंबेडकर जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रभारी मंत्रियों को अपने प्रभार के जिले के कार्यक्रमों की रूपरेखा तय कर, आवश्यक समन्वय करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संत रविदास जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में 31 मार्च 2027 तक सामाजिक समरसता कार्यक्रमों का आयोजन संपूर्ण प्रदेश में किया जाएगा। कार्यक्रमों की रूपरेखा जिला स्तर पर तैयार होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रभारी मंत्रीगण को सामाजिक समरसता कार्यक्रमों का जिला स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रीगण को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीता सप्ताह मध्यप्रदेश के लिए शुभ रहा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रदेश को नए फोरलेन मार्गों की कई स्वीकृतियां प्रदान कर सौगातें दी। एन.एच. 46 के इटारसी-बैतूल सेक्शन में 758 करोड़ रुपए लागत के 22 किलोमीटर लंबे टाइगर कॉरिडोर को स्वीकृत किया गया। इसी तरह प्रदेश के निवाड़ी और उत्तर प्रदेश के झांसी को जोड़ने वाले 15.6 किलोमीटर लंबे फोरलेन दक्षिणी बाइपास के निर्माण और बंगाय खास से ओरछा तिगेला के निर्माण तथा एन.एच. 44 और एन.एच. 39 को जोड़ने वाली लिंक रोड के लिए 631.73 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है। इन स्वीकृतियों से प्रदेश के व्यापारिक, आर्थिक, पर्यटन इत्यादि सभी तरह की गतिविधियों को लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इन सौगातों के लिए प्रधानमंत्री मोदी तथा केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी का आभार माना।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में हुए अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन “महाकाल द मास्टर ऑफ टाइम” के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि सम्मेलन में प्रख्यात खगोल, वैज्ञानिकों द्वारा भारतीय काल गणना की वैज्ञानिकता और प्राचीन श्रेष्ठता पर गहन मंथन किया गया। उज्जैन नगरी लंबे समय तक काल गणना का केंद्र रही है, भूमध्य रेखा और कर्क रेखा का कटाव केंद्र बिंदु जो पहले उज्जैन में था अब उज्जैन से 32 किलोमीटर दूर डोंगला में शिफ्ट हो गया है। उज्जैन की गौरवशाली पहचान को विश्व पटल पर पुनः स्थापित करना भी कार्यक्रम का उद्देश्य था।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 31 मार्च को वाराणसी में एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन हुआ। यह सम्मेलन मुख्यत: एक जिला-एक उत्पाद, जीआई टैग उत्पादों, निर्यात योग्य उत्पादों, पारम्परिक शिल्प और क्षेत्रीय विशेषताओं को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने पर केंद्रित रहा। दोनों राज्यों के विशिष्ट उत्पादों को प्रोत्साहन देते हुए उनके ब्रांडिंग, विपणन एवं निर्यात को बढ़ावा देने पर विशेष बल दिया गया। औद्योगिक सहयोग, निवेश संवर्धन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान एवं पर्यटन विकास को नई गति प्रदान करने के उद्देश्य से विचार-विमर्श हुआ।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसी क्रम में बताया कि वाराणसी में सुशासन की उत्कृष्ट परंपरा के नायक सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का तीन दिवसीय समारोह 3 अप्रैल से प्रारंभ होकर 5 अप्रैल तक चला। उद्घाटन दिवस में उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल हुये। बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिकों ने इस महानाट्य को देखा। इस महानाट्य के भव्य मंचन एवं औजस्वी प्रस्तुतियों से तीनों दिन दर्शकों ने हजारों वर्ष पुराने स्वर्णिम युगों की यात्रा की। महानाट्य की सबसे बड़ी विशेषता इनकी यथार्थवादी प्रस्तुतिकरण रहीं। इस महानाट्य से महाकाल की नगरी उज्जैन एवं बाबा विश्वनाथ की नगरी वाराणसी के बीच जीवंत तादात्म्य स्थापित हुआ।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी घोषित तिथि से एक दिन पहले अर्थात् 9 अप्रैल से आरंभ हो रही है। प्रथमत: लघु और सीमांत पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं लिया जाएगा, उनकी स्लॉट बुकिंग प्रारंभ हो गई है। गेहूं की खरीदी प्रारंभ करने के लिये आवश्यक बारदाने उपलब्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को अपने प्रभार के जिलों में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की व्यवस्थाओं की सतत् निगरानी करने और आवश्यक समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।

राज्यपाल ने नवनियुक्त राज्य सूचना आयुक्तों को दिलाई शपथ

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राज्यपाल ने नवनियुक्त राज्य सूचना आयुक्तों को दिलाई शपथ
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने मध्यप्रदेश राज्य सूचना आयोग के नवनियुक्त राज्य सूचना आयुक्तों को मंगलवार को शपथ दिलाई। समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, मुख्य सचिव अनुराग जैन मंचासीन थे। शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन लोकभवन के सांदीपनि सभागार में किया गया था। इस अवसर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल भी मौजूद थे।

राज्यपाल पटेल ने आलोक नागर और राजेश भट्ट को राज्य सूचना आयुक्त के पद की शपथ दिलाई। उन्होंने शपथ ग्रहण के बाद राज्य सूचना आयुक्तों को पुष्प-गुच्छ भेंट कर बधाई एवं शुभकामनाएं दी। शपथ विधि का संचालन अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ल ने किया।

शपथ ग्रहण समारोह में मानव अधिकार आयोग के अध्यक्ष अवधेश प्रताप सिंह, मुख्य सूचना आयुक्त विजय यादव, सूचना आयुक्त ओंकार नाथ, डॉ. वंदना गांधी, डॉ. उमाशंकर पचौरी, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय आलोक सिंह, पुलिस आयुक्त भोपाल संजय कुमार, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, सूचना आयुक्तों के परिजन, लोकभवन और सूचना आयोग के अधिकारी मौजूद रहे।