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रणजी ट्रॉफी फाइनल में कर्नाटक को हराकर पहली बार जीता खिताब, प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई

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रणजी ट्रॉफी फाइनल में कर्नाटक को हराकर पहली बार जीता खिताब, प्रधानमंत्री मोदी ने दी बधाई
भारतीय घरेलू क्रिकेट में एक नया अध्याय लिखते हुए जम्मू-कश्मीर की टीम ने पहली बार रणजी ट्रॉफी का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया है। फाइनल मुकाबले में टीम ने कर्नाटक जैसी मजबूत टीम को पहली पारी में मिली विशाल बढ़त के आधार पर मात दी। इस ऐतिहासिक जीत के बाद पूरे देश से टीम को बधाइयां मिल रही हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी जम्मू-कश्मीर टीम की इस शानदार उपलब्धि की सराहना की। उन्होंने सोशल मीडिया पर टीम को बधाई देते हुए इसे एक ऐतिहासिक क्षण बताया।

मैच का लेखा-जोखा: कैसे मिली जीत
मैच में जम्मू-कश्मीर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 584 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। इस बड़े स्कोर के दबाव में कर्नाटक की पूरी टीम अपनी पहली पारी में महज 293 रनों पर सिमट गई। इस प्रदर्शन के आधार पर जम्मू-कश्मीर को 291 रनों की निर्णायक बढ़त हासिल हुई।

इसके बाद, अपनी दूसरी पारी में जम्मू-कश्मीर ने 4 विकेट के नुकसान पर 342 रन बनाए और अपनी स्थिति और मजबूत कर ली। मैच के पांचवें और अंतिम दिन जब खेल ड्रॉ पर समाप्त करने का निर्णय लिया गया, तब पहली पारी की बढ़त के आधार पर जम्मू-कश्मीर को विजेता घोषित किया गया।

जीत के बाद जश्न का माहौल
जैसे ही अंपायरों ने मैच समाप्ति की घोषणा की, जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ी और सहयोगी स्टाफ खुशी से झूम उठे। मैदान पर जश्न का माहौल देखने लायक था, जिसमें खिलाड़ी और कोच अजय एक-दूसरे को इस ऐतिहासिक जीत की बधाई दे रहे थे। यह जीत न केवल टीम के लिए बल्कि पूरे जम्मू-कश्मीर के लिए एक अविस्मरणीय पल है।

होलिका दहन में किन महिलाओं को दूर रहना चाहिए

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होलिका दहन में किन महिलाओं को दूर रहना चाहिए
साल 2026 का होलिका दहन सिर्फ रंगों के त्योहार की शुरुआत नहीं है, बल्कि इस बार यह एक खास संयोग के कारण सुर्खियों में है। फाल्गुन पूर्णिमा की रात चंद्र ग्रहण लगने की खबर ने लोगों की उत्सुकता बढ़ा दी है। सोशल मीडिया और गूगल पर यह सवाल खूब सर्च किया जा रहा है कि होलिका दहन 2 मार्च को करें या 3 मार्च को। इसके साथ ही एक और सवाल तेजी से सामने आया है, आखिर किन लोगों को होलिका दहन नहीं देखना चाहिए?

हम सब जानते हैं कि होलिका दहन बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। भक्त प्रह्लाद की कथा से जुड़ा यह पर्व आस्था और विश्वास से भरा हुआ है। लेकिन परंपराओं में कुछ ऐसी मान्यताएं भी हैं, जिनके अनुसार कुछ खास महिलाओं और बच्चों को जलती हुई होली देखने से बचना चाहिए।

होलिका दहन का महत्व और प्रह्लाद की कथा
होलिका दहन की जड़ें पुराणों में मिलती हैं। कथा के अनुसार, दैत्यराज हिरण्यकश्यप का पुत्र प्रह्लाद भगवान विष्णु का भक्त था। पिता ने उसे कई बार मारने की कोशिश की। अंत में हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन होलिका से कहा कि वह प्रह्लाद को गोद में लेकर अग्नि में बैठ जाए। होलिका को वरदान था कि वह आग में नहीं जलेगी, लेकिन भगवान की कृपा से प्रह्लाद बच गए और होलिका जल गई।

इसी घटना की याद में हर साल होलिका दहन किया जाता है। यह संदेश देता है कि सच्चाई और भक्ति की जीत होती है। लेकिन इसी अग्नि से जुड़ी कुछ मान्यताएं भी हैं, जिनके कारण कुछ लोगों को इसे देखने से मना किया जाता है।

प्रेग्नेंट महिलाओं को क्यों नहीं देखना चाहिए होलिका दहन?
परंपरागत मान्यता के अनुसार गर्भवती महिलाओं को होलिका दहन नहीं देखना चाहिए। इसका कारण सिर्फ धार्मिक नहीं, बल्कि स्वास्थ्य से भी जुड़ा माना जाता है। पहला कारण यह बताया जाता है कि होलिका की अग्नि तेज होती है और उससे निकलने वाला धुआं गर्भवती महिला के लिए ठीक नहीं होता। तेज गर्मी और धुआं उनके और गर्भ में पल रहे शिशु के स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है।

दूसरी मान्यता यह है कि फाल्गुन पूर्णिमा की रात कुछ नकारात्मक ऊर्जा सक्रिय रहती है। ऐसे में गर्भवती महिला को घर के अंदर सुरक्षित रहने की सलाह दी जाती है। कई लोग यह भी कहते हैं कि गर्भवती महिला को होलिका की परिक्रमा नहीं करनी चाहिए। हालांकि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान इस बात की पुष्टि नहीं करता, लेकिन परिवारों में आज भी यह परंपरा निभाई जाती है।

नवजात शिशु को होलिका दहन में क्यों नहीं ले जाना चाहिए?
मान्यता है कि नवजात शिशु बहुत कोमल और संवेदनशील होता है। उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है। ऐसे में होलिका दहन के दौरान आग का धुआं, भीड़ और शोर उसके लिए हानिकारक हो सकता है।

कई बुजुर्गों का मानना है कि इस रात नकारात्मक शक्तियां ज्यादा सक्रिय रहती हैं। इसलिए छोटे बच्चों को बाहर नहीं ले जाना चाहिए। वैज्ञानिक नजरिए से देखें तो भीड़ और धुएं से दूर रखना शिशु के लिए सुरक्षित होता है।

सास-बहू को साथ में क्यों नहीं देखनी चाहिए जलती होली?
कुछ इलाकों में यह मान्यता है कि सास और बहू को एक साथ खड़े होकर होलिका दहन नहीं देखना चाहिए। कहा जाता है कि ऐसा करने से उनके रिश्तों में तनाव आ सकता है। यह पूरी तरह लोक परंपरा पर आधारित मान्यता है। इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है, लेकिन कई परिवार इसे आज भी मानते हैं। रिश्तों की मिठास बनाए रखने के लिए कुछ लोग इस परंपरा का पालन करते हैं।

इकलौती संतान की मां के लिए क्या है मान्यता?
यह भी माना जाता है कि जिन महिलाओं की सिर्फ एक संतान है, उन्हें होलिका दहन देखने से बचना चाहिए। इसका संबंध भक्त प्रह्लाद की कथा से जोड़ा जाता है, क्योंकि वे अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे। ऐसा माना जाता है कि अग्नि से जुड़ी इस कथा के कारण इकलौती संतान की मां को सावधानी बरतनी चाहिए। हालांकि यह पूरी तरह आस्था पर आधारित है।

जिसकी शादी तय हो चुकी हो, वह क्यों न देखे होलिका दहन?
कई जगह यह परंपरा है कि जिस लड़की की शादी तय हो चुकी हो और वह नए जीवन की शुरुआत करने वाली हो, उसे होलिका दहन नहीं देखना चाहिए। मान्यता है कि विवाह जीवन का नया अध्याय है और इस समय लड़की को किसी भी प्रकार की नकारात्मक ऊर्जा से दूर रहना चाहिए। इसलिए उसे जलती हुई होली देखने से मना किया जाता है।

होलिका दहन 2026 और चंद्र ग्रहण का संयोग
साल 2026 में होलिका दहन के दिन चंद्र ग्रहण का संयोग चर्चा में है। ग्रहण के समय पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यों को लेकर अलग-अलग मत होते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहण का समय संवेदनशील माना जाता है। यही कारण है कि लोग तिथि और मुहूर्त को लेकर भ्रम में हैं। विशेषज्ञों की मानें तो सही तिथि और शुभ मुहूर्त जानकर ही होलिका दहन करना चाहिए।

‘भय्यु लाला’ हत्याकांड का खुलासा, पत्नी रुखसाना ने ही गोली मारकर की हत्या

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‘भय्यु लाला’ हत्याकांड का खुलासा, पत्नी रुखसाना ने ही गोली मारकर की हत्या
मध्य प्रदेश के मंदसौर में 18 फरवरी को वांटेड आरोपी भय्यु लाला उर्फ वाहिद की संदिग्ध हत्या के मामले में पुलिस ने गुत्थी सुलझाने का दावा किया है. पुलिस के अनुसार मृतक की पत्नी रुखसाना ने ही आपसी विवाद के चलते गोली मारकर उसकी हत्या की थी, जबकि अन्य दो आरोपियों ने साक्ष्यों को छुपाने में रुकसाना की मदद की. पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि रुखसाना फिलहाल फरार है. गौरतलब है कि इस मामले में रुखसाना द्वारा पति की पुलिस द्वारा मारपीट किए जाने का आरोप लगाया था, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गोली से मृत्यु होने की वजह सामने आई जिससे पुलिस पर लगे आरोप झूठे साबित हुए.

पुलिस के डर से पलंग की पेटी में छुपा था मृतक
एडिशनल एसपी गरोठ हेमलता कुरील ने बताया कि, 18 फरवरी को सूचनाकर्ता याकुब पिता बाबर खान निवासी सुरजनी के द्वारा सूचना दी गई की मृतक वाहीद उर्फ भय्यु लाला पिता बाबर खान उम्र 42 साल निवासी सुरजनी पुलिस के डर से पलंग पेटी में छुपा था. जिसके बाद दम घुटने से उसकी मृत्यु हो गई थी.

उक्त सूचना पर धारा 194 बीएनएसएस के तहत मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई. मर्ग जांच के दौरान मृतक भय्यु लाला का पोस्टमार्टम जिला चिकित्सालय मंदसौर में डॉक्टरों के पैनल द्वारा कराया गया और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह तथ्य सामने आया कि मृतक भय्यु की मृत्यु गोली लगने से हुई है.

सहयोगी आरोपियों ने घटना के साक्ष्यों को छुपाने का किया प्रयास
घटना से जुड़े साक्ष्यों के आधार पर अपराध क्रमांक 83/2026 धारा 103(1) और 238(ए) बीएनएस के तहत अज्ञात आरोपी के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गरोठ के पर्यवेक्षण में एसआईटी टीम गठित की गई. गठित टीम ने घटनास्थल से प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर मौके पर उपस्थित संदिग्धों से कड़ी पूछताछ की.

पूछताछ के दौरान संदिग्धों ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि उक्त घटना मृतक भय्यु की पत्नी रुकसाना द्वारा घटित की गई थी और सहयोगी आरोपी सलमान खान और बबलु खान ने घटना के साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ कर उन्हें छुपाने का प्रयास किया. घटना में इस्तेमाल अवैध पिस्टल आरोपियों की निशानदेही पर बरामद कर ली गई है. आरोपी सलमान खान पिता जमाल खान पठान निवासी सुवासरा हाल मुकाम सुरजनी और बबलु खान पिता अब्दुल गनी पठान निवासी सुरजनी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जिन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा.

केन्द्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने तीन चीतों को बाड़े में किया रिलीज

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केन्द्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव ने तीन चीतों को बाड़े में किया रिलीज
विश्व प्रसिद्द कूनो नेशनल पार्क में आज बोत्स्वाना से 9 चीते पहुंचे, एक सादे समारोह में केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव ने इनमें से 3 चीतों को प्रतीकात्मक रूप से क्वारंटीन के लिए बनाये गये बाड़ों में रिलीज किया। उन्होंने चीता प्रोजेक्ट के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार जताया और मध्य प्रदेश सरकार को शुभकामनायें दी, उन्होंने कहा मध्य प्रदेश की धरती को चीतों ने इसे अपना घर बना लिया है ये अच्छे संकेत हैं।

केन्द्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव ने कहा कि बोत्सवाना से कूनो नेशनल पार्क में लाये गये चीतों से बोत्सवाना और भारत के बीच जैव विविधता संरक्षण की एक ऐतिहासिक साझेदारी प्रारंभ हुई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विशेष पहल और प्रयासों से भारत में चीतों के प्रतिस्थापन की योजना पूरी तरह से सफल रही है। बायोडायवर्सिटी कंजर्वेशन की दिशा में कई देश साथ आये हैं। भारत में चीता प्रोजेक्ट को साढ़े तीन साल का समय हो गया है। कूनो नेशनल पार्क में चीतों का कुनबा निरंतर बढ़ रहा है।

45 कूनो नेशनल पार्क और 3 गांधी सागर अभ्यारण में
उन्होंने बताया कि वर्तमान में भारत में चीतों की संख्या 48 हो गई है, जिनमें 45 कूनो नेशनल पार्क और 3 गांधी सागर अभ्यारण में हैं। केन्द्रीय वन मंत्री ने कहा कि भारत के प्रयासों से विश्व में जैव विविधता संरक्षण के लिए कार्य किया जा रहा है और 97 देश इस मंच के सदस्य बन गये हैं।

केन्द्रीय मंत्री ने 3 चीतों को बाड़े में छोड़ा
केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री यादव ने बोत्सवाना से आये 9 चीतों में से तीन चीतों को प्रतीकात्मक रूप से क्वारंटीन के लिए बनाये गये बाड़ों में रिलीज किया। बता दें भारत में चीतों की पुनर्बसाहट के लिए तीन वर्ष पूर्व शुरू हुए चीता प्रोजेक्ट के तहत बोत्सवाना से लाये गये 9 चीते शनिवार को सुबह लगभग 9.30 बजे कूनो नेशनल पार्क पहुंचे। वायुसेना के तीन हैलीकॉप्टर से ग्वालियर एयरपोर्ट से इन चीतों को कूनो नेशनल पार्क में एयरलिफ्ट किया गया। इन चीतों में 6 मादा और 3 नर चीते शामिल है। केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री ने चीता रिलीज कार्यक्रम उपरांत बोत्सवाना से आये चीता विशेषज्ञ दल से भेंट कर चर्चा की, साथ ही उन्हें कूनो नेशनल पार्क की ओर से स्मृति चिन्ह भेंट किये।

बोत्सवाना से आये 9 चीतों में 3 नर 6 मादा
बोत्सवाना से 9 चीतों के आने के बाद अब प्रदेश में चीतों की कुल संख्या 48 हो गई है, इनमें से 45 कूनो नेशनल पार्क में और 3 गांधी सागर अभयारण्य में हैं। मंत्री यादव ने X पर लिखा- 17 सितंबर, 2022 को नामीबिया से आठ चीतों को भारत में लाया गया था और फरवरी 2023 में दक्षिण अफ्रीका से 12 चीतों को लाया गया था। अब मुझे यह घोषणा करते हुए बेहद खुशी हो रही है कि बोत्सवाना से नौ चीते – 6 मादा और 3 नर – मध्य प्रदेश के कुनो राष्ट्रीय उद्यान में आ गए हैं। भारत में 39 चीतों की अच्छी-खासी आबादी है, जिनमें 28 भारत में जन्मे शावक भी शामिल हैं। प्रधानमंत्र नरेंद्र मोद के पर्यावरण के प्रति जागरूक नेतृत्व में शुरू की गई महत्वाकांक्षी परियोजना ‘प्रोजेक्ट चीता’ एक बड़ी सफलता रही है। मैं बोत्सवाना से आए इन नए दोस्तों का स्वागत करता हूं और कामना करता हूं कि वे भारत के वन्य जीवन में खूब फलें-फूलें और अपनी संख्या बढ़ाएं।

होली से पहले किसानों को मिली बड़ी सौगात

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होली से पहले किसानों को मिली बड़ी सौगात
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बिल्हा विकासखण्ड के रहंगी में कृषक उन्नति योजना अंतर्गत आयोजित आदान सहायता राशि वितरण समारोह एवं वृहद किसान सम्मेलन में प्रदेश के 25.28 लाख किसानों के खातों में 10 हजार 324 करोड़ रुपए से अधिक की राशि का अंतरण किया। इनमें बिलासपुर जिले के 1 लाख 25 हजार 352 किसान शामिल हैं, जिनके खातों में 494.38 करोड़ रुपए की राशि अंतरित की गई।

मुख्यमंत्री ने जिले के विकास को नई गति देते हुए 15.99 करोड़ रुपए की लागत से पूर्ण हुए 7 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा 247.18 करोड़ रुपए की लागत के 82 विकास कार्यों का शिलान्यास किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित अन्य अतिथियों का खुमरी और नांगर भेंटकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम में ‘कृषक उन्नति योजना का वरदान, छत्तीसगढ़ का हर किसान धनवान’ थीम पर आधारित वीडियो का विमोचन भी किया गया।

सम्मान निधि की राशि प्रदान की जा रही
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आज का दिन किसान भाइयों के सम्मान का दिन है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 25 लाख 28 हजार से अधिक किसानों ने धान बेचा है और कृषक उन्नति योजना के माध्यम से आज 10 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि किसानों के खातों में अंतरित की गई है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि किसान भाई होली का त्योहार अच्छे से मनाएं, इसलिए होली के पूर्व यह राशि प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार किसान हितैषी सरकार है और किसानों की चिंता करते हुए उनके लिए प्रगतिशील योजनाएं लाई गई हैं।इस बार किसानों को बारदाने की कोई समस्या नहीं हुई और किसानों के खातों में राशि भी समय पर पहुंची है। उन्होंने कहा कि सरकार ने शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर किसानों को ऋण लेने की सुविधा प्रदान की है और आज लाखों किसान किसान क्रेडिट कार्ड का लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किसानों को धान की सर्वाधिक कीमत देने की व्यवस्था की गई है, जो अन्यत्र कहीं नहीं है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भूमिहीन कृषि मजदूरों के खातों में भी राशि अंतरित की जा रही है। खाद में सब्सिडी, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार सहित किसानों की समृद्धि के लिए हर स्तर पर कार्य किया जा रहा है तथा सहकारिता को लाभकारी बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किसानों को 6000 रुपए सम्मान निधि की राशि प्रदान की जा रही है।

गुजरात में PM नरेंद्र मोदी ने किया माइक्रोन सेमीकंडक्टर प्लांट का उद्घाटन

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गुजरात में PM नरेंद्र मोदी ने किया माइक्रोन सेमीकंडक्टर प्लांट का उद्घाटन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने 28 फरवरी को गुजरात का दौरा किया है। साणंद में रोड शो किया। साथ ही सेमीकंडक्टर असेंबली, मार्किंग और पैकेजिंग फैसिलिटी का उद्घाटन भी किया। पीएम मोदी ने कहा कि, ” भारत बहुत तेजी से ग्लोबल सेमीकंडक्टर वैल्यू चैन का हिस्सा बन रहा है। टेक्नोलॉजी लीडरशिप में यह बड़ा कदम साबित हो सकता है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि, “20वीं सदी तक दुनिया ने इंडस्ट्रियल रिवॉल्यूशन का दौर देखा है। लेकिन यह सदी AI रिवॉल्यूशन की शताब्दी है। सेमीकंडक्टर इस बदलाव का एक बड़ा ब्रिज बन सकता है। छोटी सी चिप AI रिवॉल्यूशन और इंडस्ट्रियल रिवॉल्यूशन को जोड़ने का माध्यम है। इसलिए भारत ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र में तेजी से बढ़ने का फैसला लिया है। सॉफ्टवेयर क्षेत्र के लिए प्रसिद्ध भारत अब हार्डवेयर सेक्टर में अपनी पहचान के लिए सशक्त बनेगा”

प्रधानमंत्री ने गुजरात सरकार के नीतियों की प्रशंसा भी। उन्होंने कहा कि, “राज्य सरकार ने सेमीकंडक्टर के लिए जो नीतियां बनाई थी, उसका फायदा जमीन स्तर पर देखा जा रहा है। इन नीतियों के कारण ही निवेशकों का भरोसा मजबूत हो गया है। सरकार के प्रो-एक्टिव एप्रोच के कारण गुजरात टेक्नोलॉजी सेक्टर में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

सीएम भूपेंद्र पटेल ने किया धन्यवाद
माइक्रोन एटीएमपी टेक्नोलॉजी के उद्घाटन को लेकर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि, पीएम मोदी जैसी विजनरी लीडरशिप में लार्ज स्केल और जेट स्पीड इंडस्ट्रियल ट्रांसपोर्टेशन हो सकता है। प्लांट का काम काफी तेज गति से हुआ, ऐसा केवल गुजरात में ही संभव है।” उन्होंने यह भी कहा कि “इस कदम से साणंद में सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए एक भविष्य का उदय हुआ है। सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भारत को आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प को पूरा करने के लिए गुजरात का नेतृत्व करने के लिए हम कदम साबित हो सकता है।”

पश्चिम बंगाल SIR फाइनल वोटर लिस्ट जारी

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पश्चिम बंगाल SIR फाइनल वोटर लिस्ट जारी
चुनाव आयोग ने शनिवार को पश्चिम बंगाल स्पेशल इन्वेस्टिगेशन रिवीजन फाइनल इलेक्टॉरल रोल (West Bengal SIR) जारी कर दिया है। जिसमें मतदाताओं की कुल संख्या 7 करोड़ 4 लाख 59 हजार 284 है। पुरुषों की संख्या 3 करोड़ 60 लाख 22 हजार 642 और महिलाओं की 3 करोड़ 44 लाख 35 हजार 260 है। जबकि थर्ड जेंडर मतदाताओं की संख्या 1383 है। 16 दिसंबर 2025 को जारी ड्राफ्ट रोल में वोटर की संख्या 7 करोड़ 8 लाख 16 हजार 630 थी।

सीईओ पश्चिम बंगाल द्वारा जारी फाइनल वोटर लिस्ट के मुताबिक 5 लाख 46 हजार 53 लोगों के नाम डिलीट किए गए हैं। जिसमें से पुरुषों की संख्या 2,68,147 है। महिलाओं की संख्या 2,77,877 और थर्ड जेंडर की 29 है।

इतने लोगों के नाम जोड़े गए
फॉर्म 6 और 6ए के तहत कुल 1 लाख 82 हजार 36 लोगों के नाम जोड़े गए हैं। जिसमें पुरुषों की संख्या 89,445, महिलाओं की 92,583 और थर्ड जेंडर की 8 है । फार्म 8 के तहत कुल 6671 लोगों के नाम जोड़े गए हैं। जिसमें से पुरुष उम्मीदवारों की संख्या 19,053 और महिलाओं की 4,717 है।

ड्राफ्ट रोल और फाइनल रोल में जेंडर रेशीयो 956 रहा। सभी पोलिंग स्टेशन में एसआईआर फाइनल वोटर लिस्ट जारी की जाएगी। इसके बाद इसे पब्लिक इंस्पेक्शन के लिए कार्य इलेक्टॉरल रजिस्ट्रेशन ऑफिस और असिस्टेंट इलेक्टॉरल रजिस्ट्रेशन कार्यालयों में 28 फरवरी से उपलब्ध करवाया जाएगा। राजनीतिक पार्टियों को भी इसकी कॉपी दी जाएगी।

मतदाताओं को अपना नाम वोटर लिस्ट में सत्यापित करने की सलाह दी गई है। कोई जरूरत पड़ने पर फार्म 6 या 6 ए या फॉर्म 8 के तहत सुधार या नाम जुड़वाने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन मोड में आवेदन किया जा सकता है।

कैसे चेक करें नाम?
सबसे पहले अधिक का चुनाव आयोग के आधिकारिक वेबसाइट https://voters.eci.gov.in/ पर जाकर नाम चेक कर सकते हैं। सीईओ के आधिकारिक वेबसाइट https://ceowestbengal.wb.gov.in/ पर जाकर फाइनल लिस्ट चेक कर सकते हैं। इसके अलावा ECI NET ऐप, AERO, एसडीओ, बीडीओ और डीएम कार्यालय में भी फाइनल वोटर लिस्ट उपलब्ध होगी।

नाम डिलीट होने पर क्या करें?
यदि नाम डिलीट कर दिया गया है, तो आप डीईओ/डीएम के पास 5 दिनों के भीतर आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद आपको सुनवाई के लिए बुलाया जाएगा दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। यदि डीईओ/डीएम 5 दिनों के भीतर आपके आवेदन को का समाधान नहीं निकालते हैं, तो आप सीईओ के पास आवेदन कर सकते हैं।

यश की ‘टॉक्सिक’ के ट्रेलर की रिलीज डेट हुई तय

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यश की ‘टॉक्सिक’ के ट्रेलर की रिलीज डेट हुई तय
साउथ के सुपरस्टार यश की आगामी फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरीटेल फॉर ग्रोन अप्स’ की रिलीज का फैंस को बेसब्री से इंतजार है. कुछ दिन पहले ही रिलीज हुए टीजर के बाद फैंस इस फिल्म के ट्रेलर की रिलीज का इंतजार कर रहे हैं. अब फाइनली इस फिल्म की रिलीज की तारीख भी सामने आ चुकी है. ‘टॉक्सिक’ का ट्रेलर मार्च के महीने में ही रिलीज किया जाने वाला है. इसके लिए मेकर्स खास तैयारियां भी कर रहे हैं.

कब रिलीज होगा ट्रेलर?
यश की इस मोस्ट अवेटेड फिल्म के दो टीजर सामने आए हैं. दोनों को ही लेकर फैंस के बीच काफी क्रेज देखने को मिला था. तो वहीं अब इस फिल्म का ट्रेलर भी जल्दी ही लॉन्च किया जाने वाला है. बॉक्स ऑफिस वर्ल्डवाइड के मुताबिक ‘टॉक्सिक’ का ट्रेलर 8 मार्च को लॉन्च होने वाला है. ये लॉन्चिंग ईवेंट बैंगलुरु में होने वाला है, जिसके इन्विटेशंस भी भेजे जा चुके हैं.

मेकर्स ने नहीं किया अनाउंस
वैसे अब तक मेकर्स ने इसका कोई अनाउंसमेंट नहीं किया है. हो सकता है कि मेकर्स अभी ट्रेलर ईवेंट लॉन्च की तैयारी में जुटे हुए हों. बताया जा रहा है कि फिल्म का ट्रेलर बैंगलुरु में लॉन्च होगा. इसके लिए मेकर्स ने एक ग्रैंड ईवेंट भी प्लान किया है. इसके इन्विटेशंस जब लोगों तक पहुंचाए गए तब जाकर इस बात का पता चला है कि फिल्म का ट्रेलर कब रिलीज होगा.

नया पोस्टर भी हुआ है रिलीज
बता दें कि हाल ही में इस फिल्म का एक नया पोस्टर भी रिलीज हुआ है. जिसमें यश की गोद में कियारा नडर आ रही हैं. हालांकि एक्ट्रेस का चेहरा नहीं दिख रहा है. ये पोस्टर इस फिल्म के एक गाने ‘तबाही’ का है. जो 2 मार्च को रिलीज होने वाला है. इस पोस्ट में यश को फैंस का खूब सारा प्यार मिल रहा है. हालांकि फैंस इस बार से नाराज हैं कि कियारा का चेहरा अब तक क्यों नहीं दिखाया जा रहा है.

ईरान और इजरायल के बीच छिड़ी भीषण जंग

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ईरान और इजरायल के बीच छिड़ी भीषण जंग
मिडिल ईस्ट में भीषण जंग छिड़ गई है. इजरायल ने शनिवार (28 फरवरी 2026) को अमेरिका के साथ मिलकर ईरान पर हमला कर दिया तो तेहरान ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी. ईरान की सेना ने मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी एयरबेसों पर भयंकर मिसाइलें दागीं. वहीं अब इस जंग पर भारत की ओर से आधिकारिक बयान जारी किया गया है.

भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) ने ईरान और इजरायल के बीच जंग पर चिंता जताई है. MEA ने कहा कि ईरान और खाड़ी क्षेत्र में हाल के घटनाक्रम से भारत बहुत चिंतित है. हम सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव बढ़ने से बचने और आम लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह करते हैं.

बातचीत के जरिए मुद्दों को सुलझाएं: भारत
भारत ने सुझाव देते हुए कहा कि इस क्षेत्र में तनाव कम करने और अंदरूनी मुद्दों को सुलझाने के लिए बातचीत और डिप्लोमेसी को आगे बढ़ाया जाना चाहिए. सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए.

MEA ने कहा कि इस क्षेत्र में हमारे मिशन भारतीय नागरिकों के संपर्क में हैं और उन्हें सतर्क रहने, मिशन के संपर्क में रहने और स्थानीय सुरक्षा गाइडलाइंस का पालन करने के लिए सही सलाह जारी की है.

भारतीय दूतावास ने जारी की एडवाइजरी
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान की घोषणा के बाद भारत ने शनिवार को ईरान और इजराइल में रहने वाले अपने नागरिकों को अत्यधिक सावधानी बरतने और सतर्क रहने की सलाह दी. ईरान में भारतीय दूतावास ने शनिवार को अपने नागरिकों के लिए एक परामर्श जारी करते हुए उनसे अत्यधिक सावधानी बरतने और जहां तक संभव हो घर के अंदर रहने की अपील की है. दूतावास ने कहा कि सभी भारतीय नागरिक खबरों पर नजर बनाए रखें, आसपास की स्थिति के प्रति जागरूक रहें और भारतीय दूतावास से मिलने वाले आगे के निर्देशों का इंतजार करें.

नेतन्याहू की ईरान को चेतावनी
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, ’47 सालों से अयातुल्ला अली खामेनेई की सरकार इजरायल मुर्दाबाद और अमेरिका मुर्दाबाद के नारे लगाता रहा है. इसने हमारा खून बहाया है, कई अमेरिकियों की हत्या की है और अपने ही लोगों का नरसंहार किया है.’ उन्होंने जोर देकर कहा, ‘इस हत्यारे आतंकवादी शासन को परमाणु हथियार जमा करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि यह इसे पूरी मानवता के लिए खतरा बनने में सक्षम बना देगा.’

पद्मश्री डॉ. बी. के. जैन के निधन पर उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने व्यक्त किया गहन शोक

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पद्मश्री डॉ. बी. के. जैन के निधन पर उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने व्यक्त किया गहन शोक
भोपाल, दिनांक 27 फ़रवरी 2026
उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने पद्मश्री डॉ. बी. के. जैन के निधन पर गहन शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि डॉ. जैन के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा कि डॉ. जैन ने सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट के माध्यम से नेत्र चिकित्सा सेवा को जनसेवा का व्यापक अभियान बनाकर हजारों जरूरतमंदों के जीवन में प्रकाश पहुँचाया। चित्रकूट में संत समाज, गरीब एवं असहाय जनों के लिए उनका समर्पण, सेवा-भाव और मानवीय दृष्टिकोण सदैव स्मरणीय रहेगा। उनका संपूर्ण जीवन करुणा, सेवा और मानवता के उच्च मूल्यों की प्रेरक मिसाल है।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिजन को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की है।