Home Blog Page 85

PM मोदी से फैमिली के साथ मिले सचिन तेंदुलकर, बेटे अर्जुन की शादी का दिया न्योता

0

PM मोदी से फैमिली के साथ मिले सचिन तेंदुलकर, बेटे अर्जुन की शादी का दिया न्योता
भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर मार्च में सानिया चंडोक के साथ शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं. सचिन ने अपने परिवार से साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और उन्हें शादी का न्योता दिया. पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर पीएम मोदी के साथ मिलने की तस्वीरे शेयर करते हुए ये जानकारी दी.

परिवार के साथ पीएम मोदी से मिले सचिन तेंदुलकर
क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘हमें अर्जुन और सानिया के विवाह समारोह में माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ. इस युवा कपल को आपके आशीर्वाद और विचारशील सलाह के लिए पीएम मोदी को धन्यवाद.’

अर्जुन तेंदुलकर की कब होगी शादी?
सानिया चंडोक जाने-माने कारोबारी रवि घई की पोती हैं. वह एक क्वालिफाइड वेटरनरी टेक्नीशियन भी हैं. न्यूज एजेंसी आईएएनएस ने सूत्रों के हवाले से बताया कि शादी की रस्में 3 मार्च से शुरू होने की उम्मीद है. 5 मार्च को दोनों शादी रचाएंगे, जो मुंबई में होगी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कपल ने पिछले साल अगस्त में सगाई की थी. इस समारोह में सिर्फ परिवार और करीबी लोग ही शामिल हुए थे.

अर्जुन तेंदुलकर का क्रिकेटिंग करियर
अर्जुन एक तेज गेंदबाज और लोअर-ऑर्डर बल्लेबाज हैं, जिन्हें इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में मुंबई इंडियंस से लखनऊ सुपर जायंट्स में ट्रेड किया गया था. अर्जुन तेंदुलकर ने साल 2022 में गोवा के लिए रणजी ट्रॉफी में डेब्यू किया था. साल 2021 में अर्जुन तेंदुलकर को आईपीएल नीलामी में मुंबई इंडियंस (MI) ने 20 लाख के बेस प्राइस में खरीदा था. हालांकि, उस साल अर्जुन को चोट के कारण आईपीएल से बाहर होना पड़ा था.

इसके बाद आईपीएल 2022 की नीलामी में मुंबई इंडियंस ने एक बार फिर अर्जुन तेंदुलकर पर दांव खेला. उन्हें नीलामी में 30 लाख रुपये में खरीदा गया. अर्जुन ने आईपीएल 2023 में डेब्यू किया और इस सीजन 4 मुकाबले खेले थे. इसके बाद अगले साल मुंबई इंडियंस ने उन्हें सिर्फ एक मैच में उतारा. अर्जुन अब तक 5 आईपीएल मुकाबलों में 3 विकेट लेने के अलावा, 13 रन बना चुके हैं.

राहुल गांधी के आरोपों पर पेंगुइन ने दी सफाई तो आया जनरल नरवणे का रिएक्शन

0

राहुल गांधी के आरोपों पर पेंगुइन ने दी सफाई तो आया जनरल नरवणे का रिएक्शन
‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ किताब पर विवाद बढ़ता ही जा रहा है. राहुल गांधी ने जब से संसद में इस किताब का जिक्र किया, तब से कई बड़े बयान सामने आ चुके हैं. किताब की पब्लिशर कंपनी पेंगुइन पब्लिकेशन ने हाल ही में बयान जारी कर सफाई दी थी कि यह किताब अभी छपी नहीं है. इसके बाद किताब के लेखक पूर्व आर्मी चीफ एम एम नरवणे का बयान भी सामने आ गया है.

नरवणे ने पेंगुइन के पोस्ट को रिट्वीट किया
एम एम नरवणे ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट X पर पोस्ट किया है. उन्होंने पेंगुइन पब्लिकेशन के ट्वीट को पोस्ट करते हुए लिखा, ‘पुस्तक की वर्तमान स्थिति यही है.’ हालांकि, नरवणे ने इस मामले और किताब पर इससे ज्यादा कुछ नहीं कहा. यह नरवणे का पहला रिएक्शन है.

नरवणे से पहले पेंगुइन ने दी सफाई
इससे पहले पेंगुइन पब्लिकेशन ने भी ट्वीट कर सफाई दी थी. पेंगुइन ने कहा था कि यह एक घोषित किताब, प्री-ऑर्डर वाली किताब और प्रकाशित किताब तीन अलग-अलग चीजें हैं. अगर कोई कॉपी कहीं घूम रही है, तो यह कॉपीराइट उल्लंघन है. कंपनी ऐसी कॉपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी. पेंगुइन ने पहले भी सोमवार (9 फरवरी 2026) को बयान दिया था कि किताब प्रकाशन की प्रक्रिया में नहीं गई है. आज की सफाई राहुल गांधी के सवालों के जवाब में आई है.

पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने कहा है कि कंपनी किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ के लिए एकमात्र प्रकाशन अधिकार रखती है. किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है. इस किताब का प्री-ऑर्डर लिस्टिंग या ऐलान होना प्रकाशन नहीं माना जाता है. प्री-ऑर्डर एक सामान्य प्रक्रिया है, जिसमें लोग पहले से ऑर्डर दे सकते हैं, लेकिन किताब तब तक प्रकाशित नहीं होती जब तक वह दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिक्री के लिए उपलब्ध न हो.

विवाद की पूरी कहानी क्या है?
यह विवाद लोकसभा में शुरू हुआ जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने संसद परिसर में इस किताब की एक हार्डकॉपी दिखाई और कहा कि पूर्व सेना प्रमुख की किताब में कुछ ऐसी बातें हैं जो सरकार के लिए असुविधाजनक हैं. राहुल गांधी ने दावा किया कि किताब उपलब्ध है और इसमें गलवान घाटी विवाद जैसी संवेदनशील बातें हैं. उन्होंने जनरल नरावणे के 2023 के एक पुराने ट्वीट का हवाला दिया, जिसमें लिखा था कि उनकी किताब ‘अब उपलब्ध है’ और खरीदने के लिए लिंक दिया था.

राहुल गांधी ने प्रकाशक पेंगुइन पर सवाल उठाया था कि अगर किताब प्रकाशित नहीं हुई तो यह कैसे उपलब्ध थी. उन्होंने कहा कि या तो जनरल नरावणे झूठ बोल रहे हैं या पेंगुइन. राहुल ने आगे कहा, ‘मुझे लगता है जनरल नरावणे झूठ नहीं बोलेंगे.’

‘अमेरिका ने हमें टॉयलेट पेपर की तरह इस्तेमाल कर फेंक दिया’ – पाकिस्तान

0

‘अमेरिका ने हमें टॉयलेट पेपर की तरह इस्तेमाल कर फेंक दिया’ – पाकिस्तान
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने नेशनल असेंबली में तालिबान का जिक्र कर अमेरिका पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की धरती पर हुए दोनों युद्धों में इस्लाम की रक्षा के लिए भाग नहीं लिया था. उन्होंने स्वीकार किया कि अफगानिस्तान से जंग में उनके लोगों को जिहाद के नाम पर मरवाया गया और फिर भी पाकिस्तान उससे सबक नहीं सीखा.

US ने हमें टॉयलेट पेपर की तरह इस्तेमाल कर फेंका: ख्वाजा आसिफ
उन्होंने बताया कि पाकिस्तान ने इन युद्धों का समर्थन करने के लिए अपने शैक्षिक पाठ्यक्रम में भी बदलाव किए, जिन्हें आज तक सुधारा नहीं जा सका है. ख्वाजा आसिफ ने कहा कि 1999 के बाद पाकिस्तान ने अमेरिका का समर्थन हासिल करने के लिए दोबारा जंग में शामिल हो गया, जिसकी हमने भारी कीमत चुकाई है. उन्होंने इन फैसलों के लिए पूर्व सेना प्रमुख जनरल जिया-उल-हक और जनरल परवेज मुशर्रफ की आलोचना करते हुए कहा कि पाकिस्तान का इस्तेमाल टॉयलेट पेपर से भी बदतर टिशू पेपर की तरह किया गया और फिर फेंक दिया गया.

पुरानी सरकार को अमेरिकन बैसाखियां चाहिए थीं: ख्वाजा आसिफ
ख्वाजा आसिफ ने तर्क दिया कि इस गलत फैसले ने पाकिस्तान को दूसरों के युद्धों में एक मोहरे के रूप में स्थापित कर दिया. उन्होंने कहा, ‘1980 के दशक में अफगानिस्तान में रूस के खिलाफ विद्रोह हुआ, जिसे अमेरिका ने करवाया. उस समय पाकिस्तान की तत्कालीन सरकार को अमेरिकन बैसाखियां चाहिए थीं और इसलिए हमने इसमें अपने लोगों को शामिल कर लिया, जो बड़ी गलती थी.’

‘यूएस की वजह से हम तालिबान के खिलाफ हो गए’
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कहा, ‘तालिबानियों ने रूस के खिलाफ जिस जंग की शुरुआत की थी उसका नाम जिहाद रखा. हालांकि वह जिहाद नहीं था क्योंकि रूस ने अफगानिस्तान पर कब्जा नहीं किया था. इस जंग में पाकिस्तान को शामिल होने का कोई औचित्य नहीं था, लेकिन फिर भी हम लड़े.’ उन्होंने कहा, ‘अमेरिका के लिए हम साल 2001 में तालिबान के खिलाफ हो गए. वह (अमेरिका) तो चला गया, लेकिन हम आज तक उसका नुकसान उठा रहे हैं. इसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती है.’

रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण ने बढ़ाई अपनी सिक्योरिटी

0

रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण ने बढ़ाई अपनी सिक्योरिटी
एक्टर रणवीर सिंह को धमकी मिली है और करोड़ों रुपयों की मांग की गई है.वहीं रणवीर सिंह–दीपिका पादुकोण ने अपनी सिक्योरिटी बढ़ाई है. एक्टर के फ्लैट पर 6 सशस्त्र गार्ड तैनात किए गए. लेकिन इस सिक्योरिटी को लेकर विवाद भी हो गया है. मुंबई के वर्ली इलाके में स्थित उनकी ब्यू मोंडे सोसायटी में सुरक्षा को लेकर विवाद हुआ.

दादर पुलिस स्टेशन में शिकायत की गई है. सोसायटी का दावा है कि बिना अनुमति के तैनाती की गई है. कॉमन एरिया में हथियारों के साथ गार्ड की आवाजाही से चिंता का माहौल है. एक वर्दीधारी पुलिसकर्मी की मौजूदगी पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं. सोसायटी ने दादर पुलिस से मांगा आधिकारिक स्पष्टीकरण. पुलिस ने मौके पर अधिकारी भेजे और जांच शुरू हुई.

बिना परमिशन के तैनात किए गए सुरक्षा गार्ड
सोसायटी ने एक पत्र भी लिखा है. इसमें लिखा गया- ये पत्र कल आपके कार्यालय में हुई हमारी बैठक के संदर्भ में है. इसमें ब्यू मोंडे (Beau Monde) सोसाइटी, फ्लैट क्रमांक 2602 के निवासी रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण द्वारा तैनात सशस्त्र सुरक्षा कर्मियों के विषय पर चर्चा की गई थी. बैठक के दौरान आपको अवगत कराया गया था कि उपरोक्त निवासियों द्वारा सोसाइटी प्रबंध समिति से पूर्व अनुमति या स्वीकृति लिए बिना छह सशस्त्र निजी सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं. साथ ही ये भी देखा गया है कि उनके साथ एक वर्दीधारी पुलिसकर्मी भी तैनात है, जो पहले नहीं था.

यात्रियों की जान जोखिम में,सूखी सेवनिया स्टेशन पर रेल्वे की बड़ी लापरवाही

0

यात्रियों की जान जोखिम में,सूखी सेवनिया स्टेशन पर रेल्वे की बड़ी लापरवाही
यात्रियों की जान से खिलवाड़ नहीं होने देंगे— निलेश कुमार श्रीवास्तव
भोपाल- भोपाल के समीप स्थित सूखी सेवनिया रेलवे स्टेशन पर सुबह लगभग 8:30 बजे रेलवे की गंभीर लापरवाही सामने आई, जिसने यात्री सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रेलवे सलाहकार समिति के सदस्य निलेश कुमार श्रीवास्तव ने इस घटना पर कड़ा संज्ञान लेते हुए इसे अत्यंत चिंताजनक बताया है।

घटना उस समय हुई जब रेलवे द्वारा भोपाल मेमो ट्रेन के आगमन की घोषणा की गई, लेकिन ट्रेन न तो प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर आई और न ही प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर। स्टेशन की दोनों पटरियों पर मालगाड़ियाँ खड़ी होने के कारण यात्री असमंजस की स्थिति में मुख्य रेलवे ट्रैक पर खड़े होने को मजबूर हो गए।
इस दौरान मौजूद एक सतर्क यात्री ने पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जिसमें रेलवे प्रशासन की यह गंभीर चूक साफ तौर पर देखी जा सकती है। यात्री के अनुसार यदि थोड़ी सी भी चूक हो जाती, तो एक भीषण रेल दुर्घटना घटित हो सकती थी।

रेल्वे सलाहकार समिति के सदस्य निलेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि
“बिना प्लेटफॉर्म सुनिश्चित किए ट्रेन के आगमन की घोषणा करना यात्रियों की जान से खिलवाड़ है। इस तरह की लापरवाही कतई स्वीकार्य नहीं है। इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।”
उन्होंने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश और जवाबदेही तय की जाए, ताकि आम यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

जनहित में इस वीडियो को अधिक से अधिक साझा करने की अपील की जा रही है, ताकि यह मामला रेलवे के शीर्ष अधिकारियों तक पहुंचे और यात्रियों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता न हो।

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपने पिता की पुण्यतिथि पर महाराणा प्रताप अस्पताल को भेट की एम्बुलेंस

0

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपने पिता की पुण्यतिथि पर महाराणा प्रताप अस्पताल को भेट की एम्बुलेंस
इंदौर :- आज 10 फरवरी को मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपने पूज्य पिता स्वर्गीय शंकरदयाल विजयवर्गीय जी (काकाजी) की पुण्यतिथि पर उनके द्वारा दिए गए सेवा और समर्पण के संस्कारों को आगे बढ़ाने का विनम्र प्रयास किया।
इसी भाव से शंकरदयाल विजयवर्गीय पारमार्थिक ट्रस्ट की ओर से इंदौर के बाणगंगा स्थित महाराणा प्रताप अस्पताल को एंबुलेंस भेंट की।

इस मौके पर पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय एवं परम पूज्य संत जन भी उपस्थित थे।

इस मौके पर आकाश विजयवर्गीय ने कहा कि हमारे दादाजी स्व शंकरदयाल जी विजयवर्गीय काफी पुण्य आत्मा थे। मील में मजदूरी करते थे, किंतु फिर भी उस समय अगर हमारे मोहल्ले में किसी घर में मृत्यु होती थी तो वह ₹100 अस्ति संचय का जो खर्च होता था वो देते थे यह उनका नियम था।
महाराणा प्रताप अस्पताल गरीब बस्तियों के बीच स्थित अस्पताल है पहले भी क्षेत्रीय विधायक कैलाश विजयवर्गीय ने वहां दौरा किया था और बहुत सारे सुधार कार्य हम उसमें ला रहे हैं , अस्पताल से एक एंबुलेंस की मांग हमसे की गई थी और हमने एक एम्बुलेंस आज अस्पताल को भेट की।

मध्यप्रदेश पुलिस के प्रभावशाली अभियान से संभव हुआ लाल सलाम को आखरी सलाम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

0

मध्यप्रदेश पुलिस के प्रभावशाली अभियान से संभव हुआ लाल सलाम को आखरी सलाम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बालाघाट के नाम में ही बल है। इस जिले ने अपने आत्मबल से ही हिमालय जैसी कठिन चुनौती ‘नक्सलवाद’ का अंत करके दिखाया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देशभर में नक्सल उन्मूलन का माहौल बना। मध्यप्रदेश पुलिस ने प्रभावशाली अभियान चलाकर नक्सलियों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया और प्रदेश से लाल सलाम को आखरी सलाम किया। नक्सल उन्मूलन में हॉक फोर्स के वीर जवानों की भूमिका अभिनंदनीय है। बालाघाट में नक्सलियों द्वारा कभी खून की होली खेली गई, परंतु जवानों को वीरता, पुलिस की दृढ़ इच्छाशक्ति और जनता के विश्वास ने क्षेत्र को नक्सल आतंक की जंजीरों से मुक्त किया। राज्य सरकार वीर शहीद जवानों को ‘अमर जवान ज्योति’ के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित कर रही है। हम गर्व से कह सकते हैं कि मध्यप्रदेश की धरती अब नक्सलियों से मुक्त है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट में आयोजित कार्यक्रम में नक्सल मुठभेड़ में अदम्य साहस और वीरता का परिचय देने वाले 60 जांबाज जवानों को क्रम से पूर्व पदोन्नति प्रदान की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बालाघाट पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचने पर सलामी दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘अमर जवान ज्योति’ पर पुष्प चक्र अर्पित कर प्रदेश की शांति और सुरक्षा के लिए शहीद होने वाले जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आईएसओ मानकों के अनुसार तैयार बालाघाट जिले के 32 पुलिस स्टेशनों और अन्य शासकीय कार्यालयों का रिमोट से लोकार्पण किया, इससे संबंधित प्रमाण पत्र भी मंच से प्रदान किए गए। इस अवसर पर पुलिस जवानों ने “वो बांके अलबेले- जो वापस न लौटे- इस मिट्टी के बेटे” गीत की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने “नक्सल संस्मरण” पुस्तक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पुष्प-गुच्छ भेंट कर उनका अभिवादन किया गया। कार्यक्रम में परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, सांसद मती भारती पारधी, पूर्व मंत्री गौरी शंकर बिसेन, एडीजी नक्सल विरोधी अभियान वेंकटेश्वर राव, पुलिस अधीक्षक बालाघाट आदित्य मिश्रा सहित विधायक गण तथा जनप्रतिनिधि विशेष रूप से उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह खेद का विषय है कि बालाघाट में पूर्व में तत्कालीन सरकार के मंत्री लिखीराम कावरे की सरेआम हत्या कर दी गई थी। हमारे लिए यह बड़ी चुनौती थी, क्योंकि मध्यप्रदेश की 836 किलोमीटर लंबी सीमा छत्तीसगढ़ से लगती है। मध्यप्रदेश ने 38 पुलिस जवान और 27 आम नागरिक को खोया है। बाबा महाकाल के आशीर्वाद से राज्य सरकार ने नक्सलवादियों को जड़ से खत्म करने में सफलता प्राप्त की है। सघन जंगल के चुनौतीपूर्ण वातावरण में भी हॉक फोर्स ने मेगाकासो रणनीति बनाकर नक्सलियों को खदेड़ा और 4 दुर्दांत नक्सलियों को मार गिराया। पिछले वर्ष की तुलना में 23 प्रतिशत अधिक 4104 नक्सल विरोधी अभियान, मानसून और जंगली जानवरों की चुनौतियों के बावजूद भी जारी रहे। हमारी फोर्स ने वर्ष 2025 में अब तक के 10 सर्वाधिक हार्ड कोर नक्सलियों को ढेर किया है। नक्सलियों से कहा गया था कि सरेंडर करो या मारे जाओगे, पुलिस ने राज्य सरकार की इस चेतावनी को वीर जवानों ने सार्थक कर दिखाया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भविष्य में नक्सलियों को अपने पैर जमाने का कोई मौका फिर से न मिले, इसके लिए राज्य सरकार हर तरह से समुचित प्रबंध कर रही है। बालाघाट जिले में नक्सल प्रभावित 250 स्कूलों का नवीनीकरण किया गया है। स्थानीय नागरिकों के लिए एकल सुविधा केंद्र, जनजातीय समुदायों को वन अधिकार पट्टे, जाति प्रमाण पत्र और रोजगार के लिए शिविरों की शुरुआत की गई है। यह वर्ष कृषि कल्याण के लिए है। अब महाकौशल के बालाघाट में कृषि कैबिनेट आयोजित की जाएगी। नक्सल समस्या के निपटारे के साथ हमने पूर्व मंत्री स्व. लिखीराम कावरे की हत्या का बदला लिया है। बालाघाट में ‘अमर जवान ज्योति’ नक्सल मुक्त अभियान का स्मारक बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस जवानों को नक्सल विरोधी अभियान की सफलता के लिए बधाई दी।

स्कूल शिक्षा, परिवहन एवं जिले के प्रभारी मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि आज बालाघाट जिले के लिए ऐतिहासिक और अविस्मरणीय दिन है, मध्यप्रदेश की धरती नक्सल समस्या से मुक्त हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में सरकार, पुलिस और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने एक साथ मिलकर कार्य किया। इसी का परिणाम है कि नक्सल अभियान को पूर्णाहूति दी जा रही है। बालाघाट जिले के गांवों को पक्की सड़कों से जोड़ा जा रहा है। जिले में विकास के अनेकों कार्य हुए हैं, इसके लिये लगभग 3 दशकों तक संघर्षशील रहने वाले पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों को नमन है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए निरंतर सक्रिय हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नक्सलियों के विरुद्ध हुई कार्रवाई के बेहतर परिणाम सामने आए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नक्सलियों से सरेंडर करने का आह्वान किया था। हॉक फोर्स की दृढ़ इच्छा शक्ति से मध्यप्रदेश समय सीमा से पहले नक्सल मुक्त हो चुका है।

एडीजी, नक्सल विरोधी अभियान वेंकटेश्वर राव ने कहा कि देश भक्ति और जनसेवा हमारा संकल्प है। नक्सल विरोधी अभियान में अब तक 38 पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। उन्होंने कुछ महीने पहले हुए इंस्पेक्टर आशीष शर्मा के बलिदान को नमन किया। राज्य सरकार ने हॉक फोर्स ने 882 पदों को स्वीकृत कराया है। उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक बालाघाट के मार्गदर्शन में सामाजिक सहयोग से जिले में शांति बहाली के लिए कार्य जारी हैं।

पुलिस अधीक्षक बालाघाट आदित्य मिश्रा ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को आवश्वस्त किया कि जहां बंदूक की गोलियां गूंजती थीं वहां अब रोजगार-विश्वास और शिक्षा का शंखनाद होगा। उन्होंने कहा कि आज का दिन गौरव से परिपूर्ण है। नक्सल उन्मूलन की लड़ाई में शामिल युवकों को शासकीय नौकरी प्रदान की जा रही है। शिक्षा के क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा आरंभ विद्यांजलि अभियान के अंतर्गत नक्सल प्रभावित इलाके के 280 से अधिक स्कूलों को सामाजिक सहयोग से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने का काम जारी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पदोन्नति पाने वाले जवानों में उप निरीक्षक से निरीक्षक के पद पर विपिन चंद्र खलको, इंदर सिंह विदूरी, शुभम प्रताप सिंह तोमर, रत्नेश मीणा, नवदेश वास्तव को, सहायक उप निरीक्षक से उप निरीक्षक मुनेन्द्र् सिंह को, प्रधान आरक्षक से सहायक उप निरीक्षक के पद पर रूद्रीचंद जखमोला, अनिल सिंह भदौरिया, मत्ते सिंह मरावी, उज्जवल घोरमारे, मनोज कुमार यादव, देवेन्द्रे धुर्वे, रवेन्द्र कुशवाह, हरेन्द्र सिंह, प्रदीप गोसाई, विनोद कुमार मर्सकोले, उमेश कुमार पटेल, विकाश कुमार राजपूत, मुकेश सगर, विवेक परस्ते, राघवेन्द्र सिंह गुर्जर, आशीष रजक, शिवहरी मरावी, प्रवीण धुर्वे, टीकाराम ढकाल, प्रवीण कुमार, असित यादव, रामआशीष यादव, संदीप शर्मा, लोकपाल धाकड़, कृष्णा श्रेष्ठ, जितेन्द्र सिंह पटेल और वीर सिंह को पदोन्नत किया गया। शकरचंद सरयाम, सुनील परियार, चन्द्रकांत पांडेय, सत्यम द्ववेदी, सुनील यादव, देवराज कलमें, सुरेन्द्र सिंह मार्को, सुशील उईके, रामलाल भील, उमेश चन्द्र दुबे, संतोष कुमार मरावी, प्रदीप कुमार परते, राजा मालवीय, विशाल कुमार सिंह, दीपक पवार, कन्हैया मरकाम, सुनील सिंह कुशवाह, मुलायम सिंह, वरूण देव सिंह चाहर, मुनीष कुमार द्विवेदी, नीलेश, महेन्द्र सिंह, रवि कुमार यादव, छठु यादव, सलेश कुमार द्विवेदी, संजू शर्मा एवं जिला पुलिस बल के नरेन्द्र सोनवे को भी आरक्षक से प्रधान आरक्षक के पद पर पदोन्नत किया गया है। कार्यक्रम में हॉक फोर्स, पुलिस जवान एवं शहीद जवानों के परिजन उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परीक्षा से पहले विद्यार्थियों से रूबरू चर्चा में की अपील

0

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परीक्षा से पहले विद्यार्थियों से रूबरू चर्चा में की अपील
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज के विद्यार्थी ही देश का भविष्य हैं। देश की बागडोर आगे चलकर इन्हें ही संभालनी है। इसलिए सभी विद्यार्थी अपने कौशल, ज्ञान और प्रदर्शन में निरंतर सुधार कर खुद को निखारें। परीक्षा की तैयारी पूरी मेहनत और लगन से करें, तनाव बिलकुल भी न लें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परीक्षा हमारे जीवन का एक पड़ाव मात्र है, अंतिम लक्ष्य नहीं। मेहनत करना आपकी आदत में होना चाहिए, लेकिन तनाव को खुद पर हावी न होने दें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए परीक्षा के वक्त आत्मविश्वास, अनुशासन और संतुलित दिनचर्या ही सफलता की अंतिम कुंजी है। स्वयं पर सदैव विश्वास बनाए रखें, किसी बात से डरकर नहीं, डटकर आगे बढ़िए और अपने सभी सपनों को साकार कीजिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को शासकीय सुभाष उच्चतर माध्यमिक उत्कृष्ट विद्यालय में बोर्ड परीक्षाओं से पहले “परीक्षा पर संवाद – 2026” कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को बेहतर तैयारी के लिये मार्गदर्शन भी दिया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी विद्यार्थियों से परीक्षा के समय खुद को तनाव से दूर रखते हुए निरंतर भरपूर मेहनत करने और जितना भी हो सके, अच्छे अंक लाने की अपील की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को समय प्रबंधन, नियमित अभ्यास और किसी भी हालात में खुद पर विश्वास बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि असफलता से घबराने की बजाए उससे सीख लेकर आगे बढ़ना ही एक सशक्त व्यक्तित्व की पहचान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए हरसंभव कोशिश कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद कर उनकी जिज्ञासाओं को ध्यानपूर्वक सुना और उन्हें सकारात्मक सोच के साथ अपना भविष्य बनाने की दिशा में आगे बढ़ने की समझाइश दी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परीक्षा के समय सभी विद्यार्थी पर्याप्त नींद लें। पढ़ाई का एक शेड्यूल निर्धारित करें। किसी विषय के अध्ययन के बाद उस पर चिंतन-मनन की आदत डालें। केवल अक्षर ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को अपने मित्रों और शिक्षकों के साथ पाठ्यक्रम के विषयों पर चर्चा करनी चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्रा लक्ष्मी तिवारी के प्रश्न पर कहा कि माता-पिता और बच्चों के बीच परस्पर संवाद होते रहना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों से पूछा कि परीक्षा से कौन-कौन डरते हैं या किसको डर नहीं लगता है? इस पर छात्र आदित्य ने कहा कि रेगुलर तैयारी करेंगे तो परीक्षा से बिल्कुल भी डर नहीं लगेगा। सिलेबस को डिवाइड कर रिवीजन करना चाहिए। छात्रा सरस्वती ने कहा कि हमें परीक्षा देते समय खुद पर विश्वास रखना चाहिए, क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी ने कहा है कि परीक्षा एक उत्सव की तरह है। छात्रा तान्या दुबे ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बताया कि वे हमेशा आत्मविश्वास के साथ परीक्षा हॉल में प्रवेश करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्रों से पूछा कि परीक्षा के समय में पेपर में आए प्रश्नों का उत्तर देने में चयन कैसे करते हैं? इस पर छात्र हिमांशु ने कहा कि वह सबसे पहले अच्छी तरह से आने वाले प्रश्नों को हल करते हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अपने बीच पाकर विद्यार्थियों में भारी उमंग और उत्साह देखने को मिला। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सीधे संवाद का अवसर पाकर विद्यार्थियों ने बेहिचक सवाल किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी एक गुरू, एक शिक्षक, एक अभिभावक और एक मनोविज्ञान विशेषज्ञ की भांति पहले विद्यार्थियों के मन का भाव जाना, उनसे खुलकर बात की, फिर पूछे गए सभी सवालों के जवाब दिए। विद्यार्थियों ने अपनी परीक्षा की तैयारियों और इस दौरान आई कठिनाईयां भी शेयर की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ इस आत्मीय संवाद से सभी विद्यार्थियों को परीक्षा से पहले मानसिक संबल और हर परिस्थिति में पॉजीटिव रहने की नई ऊर्जा मिली।

स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि परीक्षा हर वर्ष एक चुनौती की तरह होती है। विद्यार्थियों को समुचित समय नियोजन करते हुए अपनी तैयारियों पर ध्यान देना चाहिए और तनाव को खुद पर हावी नहीं होने देना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सतत रूप से विद्यार्थियों के साथ परस्पर संवाद करते हैं एवं उनकी कठिनाईयों को समझकर निराकरण करने का हरसंभव प्रयास करते हैं। वे लीडर विथ लेटेस्ट नॉलेज हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आरंभ में मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर विद्यार्थियों से संवाद की शुरूआत की। कार्यक्रम में सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण मती शिल्पा गुप्ता सहित सुभाष स्कूल के प्राचार्य, सभी शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।

भारत की संस्कृति का आभूषण है बस्तर – केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह

0

भारत की संस्कृति का आभूषण है बस्तर – केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह
आदिवासी संस्कृति और पारंपरिक विरासतों को पुनर्जीवित करने धरती आबा योजना
हा कि बस्तर जैसी संस्कृति विश्व के किसी देश में नहीं है और इसे प्रभु राम के समय से संजोकर यहां के लोगों ने अक्षुण्ण बनाए रखा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के 700 से अधिक जनजातियों की आदिवासी संस्कृति और पारंपरिक विरासतों को पुनर्जीवित करने धरती आबा योजना और पीएम जनमन योजना जैसी अनेक योजनाएं लागू की। शाह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि हमारी लड़ाई किसी से नहीं बल्कि यहां की भोली-भाली आदिवासी जनता को सुरक्षा देना है। माओवाद उन्मूलन की समय सीमा अभी भी वही है। जवानों के अदम्य साहस और बहादुरी से 31 मार्च 2026 तक हो माओवाद को घुटने टेकने पड़ेंगे।

उन्होंने प्रदेश में संचालित की जा रही नक्सल पुनर्वास नीति की सराहना करते हुए कहा कि पुनर्वास केंद्रों में उन्हें रोजगारमूलक और सृजनात्मक गतिविधियों से भी जोड़ा जा रहा है।

बस्तर पंडुम एक आयोजन बस नहीं है, यह बस्तर की पहचान का उत्सव- मुख्यमंत्री साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बस्तर पंडुम के समापन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि माता दंतेश्वरी से ही बस्तर की पहचान है। बस्तर पंडुम एक आयोजन बस नहीं है, बल्कि यह बस्तर की पहचान का उत्सव है। उन्होंने छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से बस्तर के प्रति गृह मंत्री अमित शाह के स्नेह और लगाव के लिए आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली बार भी शाह की मौजूदगी ने बस्तरवासियों का हौसला बढ़ाया था और आज फिर उनकी उपस्थिति ने कलाकारों और यहां के लोगों में नई ऊर्जा भर रही है।

समृद्ध संस्कृति को देश- दुनिया के सामने लाने बस्तर पंडुम का आयोजन
साय ने कहा कि बस्तर की समृद्ध संस्कृति को देश- दुनिया के सामने लाने बस्तर पंडुम में भाग लेने वाले सभी कलाकारों, प्रतिभागियों को बधाईयां। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष 47 हजार कलाकारों ने बस्तर पंडुम में भाग लिया और इस वर्ष 54 हजार से अधिक कलाकारों ने इसमें हिस्सा लिया है और बस्तर की संस्कृति, खान-पान, वेशभूषा, स्थानीय साहित्य, लोकनृत्य, गीत, शिल्प, बस्तरिया पेय, औषधि चित्रकला, वाद्ययंत्र, नाटक की विद्या सहित 12 विद्याओं का प्रदर्शन कलाकारों के द्वारा किया गया। बस्तर पंडुम के माध्यम से बस्तर की समृद्ध संस्कृति को देश-दुनिया के समक्ष प्रदर्शित करने और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का काम किया गया।

बस्तर के विकास की चर्चा देश भर में
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि बस्तर अब संभावनाओं की भूमि बन चुकी है। यह नए भारत का नया बस्तर है। प्रधानमंत्री जी के प्रयासों से बस्तर के विकास की चर्चा देश भर में हो रही है। उन्होंने कहा कि पहले बस्तर की चर्चा देश भर में माओवादी के नाम से होती थी, किन्तु अब बस्तर की संस्कृति, पर्यटन और समृद्ध विरासत की चर्चा होने लगी है।

बस्तर तरक्की की एक नई सुबह देखने को मिल रही है
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर की सुंदर धरती लंबे समय तक नक्सलवाद की पीड़ा से गुजरी है। गौर, माड़िया, मुरिया, भतरा, धुरवा, गोंड जैसे विभिन्न नृत्य की लय धीमी पड़ गई थी, मांदर की थाप खामोश हो गई थी, लेकिन आज बस्तर बदल रहा है। यहां तरक्की की एक नई सुबह देखने को मिल रही है। साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ रही है और मार्च 2026 तक नक्सलवाद को जड़ से खत्म करेंगे।

आत्म समर्पण नीति के तहत सम्मान के साथ पुनर्वास
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पुलिस और सुरक्षा बलों के जवानों ने घने जंगलों में, विपरीत परिस्थितियों में, अपनी जान की परवाह किए बिना नक्सलवाद पर कड़ा प्रहार कर रहे हैं। नियद नेल्ला नार – (आपका अच्छा गांव) योजना के माध्यम से सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं गांव में पहुंचाई हैं। आत्मसमर्पण नीति को और अधिक मानवीय और संवदेनशील बनाया है, जो लोग हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उनका सम्मान के साथ पुनर्वास कराया जा रहा है।

पर्यटन के क्षेत्र में बस्तर तेजी से आगे बढ़ रहा है
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने हाल ही में संसद में भी बस्तर के विकास की चर्चा की। साय ने कहा कि पर्यटन के क्षेत्र में भी बस्तर तेजी से आगे बढ़ रहा है। धुड़मारास गांव को संयुक्त राष्ट्र द्वारा सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव घोषित किया जाना हम सभी के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि ईको टूरिज्म, होम-स्टे, ट्रेकिंग जैसे पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सरकार सतत पर्यत्नशील है, जिससे बस्तर ही नहीं छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, सभ्यता की जानकारी पर्यटकों को मिल सके और पर्यटन छत्तीसगढ़ की ओर आर्कर्षित हो सके।

उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने बस्तर पांडुम के भव्य आयोजन से बस्तर की समृद्ध और विशिष्ट जनजातीय संस्कृति की सराहना करते हुए क्षेत्र के सर्वांगीण विकास और स्थायी शांति के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। शर्मा ने कहा कि बस्तर की सांस्कृतिक विरासत विश्व में अद्वितीय है। उन्होंने छेरछेरा पंडुम, तिहार और विजा पंडुम जैसे पारंपरिक उत्सवों को जनजातीय जीवन, प्रकृति और कृषि से जुड़ी अमूल्य परंपराएं बताया। नक्सलवाद पर दृढ़ प्रहार की बात दोहराते हुए उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में बस्तर के दूरस्थ और उपेक्षित क्षेत्रों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और राष्ट्रीय ध्वज की उपस्थिति पहुँची है, जो विकास और विश्वास की नई शुरुआत है। शर्मा ने बस्तर पांडुम को समाज-नेतृत्वत आयोजन बताते हुए कहा कि इसके असली सूत्रधार मांझी-चालकी, गयाता और पुजारी जैसे पारंपरिक समाज प्रमुख हैं, जिनके सहयोग से बस्तर पंडुम का आयोजन सफल हुआ। उन्होंने इस आयोजन में हिस्सा लेने वाले सभी के प्रति आभार प्रकट किया।

संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल ने बस्तर पंडुम 2026 के उद्देश्य और 12 विद्याओं पर भाग लेने वाले कलाकारो की विस्तृत जानकारी दी, और कहा कि यह आयोजन बस्तर की समृद्ध संस्कृति को देश-विदेश तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा जिससे हमारी संस्कृति और सभ्यता की जानकारी लोगों तक पहुंचेगी।

इस अवसर पर वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप, पद्म अजय मंडावी, मती बुधरी ताती, हेमचंद मांझी, पंडीराम मांझी, सांसद भोजराज नाग, बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष सु लता उसेंडी सहित जनप्रतिनिधिगण, गायता, पुजारी, मांझी-चालकी, बस्तर पंडुम के कलाकार, महापौर संजय पांडे, कमिश्नर डोमन सिंह, पुलिस महानिरीक्षक सुन्दरराज पी, कलेक्टर आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा सहित गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

बंगाल एसआईआर मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त

0

बंगाल एसआईआर मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त
पश्चिम बंगाल में इस साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। चुनाव से पहले निर्वाचन आयोग मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) करा रहा है। मतदाता सूची से जुड़ा यह विवाद सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। कोर्ट ने आज इस मामले में अहम दिशा-निर्देश दिए। चीफ जस्टिस ने एसआईआर की समयसीमा बढ़ाने का भी निर्देश दिया। सीजेआई सूर्यकांत की पीठ ने कहा कि मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (SIR) की डेडलाइन एक सप्ताह और बढ़ाई जा रही है।

डेडलाइन एक सप्ताह बढ़ाई गई
सुप्रीम कोर्ट ने कहा, निर्वाचन आयोग (ECI) को पश्चिम बंगाल एसआईआर प्रक्रिया के बाद फाइनल वोटर लिस्ट पब्लिश करने के लिए और समय दिया जा रहा है। एसआईआर की डेडलाइन 14 फरवरी से एक हफ्ते आगे बढ़ाई जा रही है।

कोर्ट ने इस आधार पर बढ़ाई समयसीमा
माइक्रो ऑब्जर्वर या राज्य सरकार के अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी केवल ईआरओ की सहायता करना होगी, क्योंकि अंतिम निर्णय ईआरओ का ही होगा। चूंकि सरकारी अधिकारियों का एक नया समूह शामिल किया गया है, इसलिए प्रभावित व्यक्तियों द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों की जांच प्रक्रिया में अधिक समय लगने की संभावना है। इसलिए ईआरओ को जांच पूरी करने और निर्णय लेने के लिए 14 फरवरी के बाद एक सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया जाए।

सीजेआई सूर्यकांत की टिप्पणी
पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया को आसान बनाने और चिंताओं के समाधान के लिए कोर्ट अंतरिम निर्देश जारी कर रही है। राज्य सरकार सुनिश्चित करे कि सभी 8,555 ग्रुप बी अधिकारी, जिनकी सूची आज सौंपी गई है, शाम 5 बजे तक जिला चुनाव अधिकारियों (डीआरओ) को रिपोर्ट करें। चुनाव आयोग (ईसीआई) के पास मौजूदा ईआरओ और एईआरओ को बदलने और योग्य पाए जाने पर अधिकारियों की सेवाओं का उपयोग करने का अधिकार होगा।

तीन जजों की पीठ ने बंगाल सरकार को दिए अहम आदेश
तारीख बढ़ाने का आदेश पारित करने से पहले चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया में लगे सभी अधिकारी जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) को रिपोर्ट करेंगे। कोर्ट ने मुकदमे की सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील को अनुशासन का पाठ भी पढ़ाया। उन्होंने कहा कि सब एक साथ बोल रहे हैं और एक-दूसरे की बात काट रहे हैं, जिससे सुनवाई करना मुश्किल हो रहा है। चीफ जस्टिस (सीजेआई) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली इस पीठ में जस्टिस जॉयमाल्या बागची और एनवी अंजरिया भी शामिल हैं।