Home Blog Page 88

दृश्यम 3 के बाद नहीं आएगा चौथा पार्ट – मोहनलाल

0

दृश्यम 3 के बाद नहीं आएगा चौथा पार्ट – मोहनलाल
मोहनलाल की पॉपुलर फिल्म दृश्यम का तीसरा पार्ट जल्दी ही सिनेमाघरों में आने वाला है. इस साल अप्रैल 2026 में रिलीज होने वाली इस फिल्म ने पहले दो पार्ट्स की तरह ही लोगों की दिलों में जगह बनाने की तैयारी कर ली है. बॉक्स ऑफिस पर पहले दोनों पार्ट्स ने कमाल की कमाई की है और अब तीसरे पार्ट को लेकर फैंस में काफी उत्सुकता है. डायरेक्टर जीतू जोसेफ ने साफ कर दिया कि इसी पार्ट के साथ इस फ्रेंचाइजी का सफर खत्म होगा.

अब और पार्ट नहीं आएगा
सिली मौंक मलयालम से बातचीत में जीतू जोसेफ ने कहा है, ‘इस फ्रेंचाइजी का अब कोई और पार्ट नहीं आएगा. मैंने कभी सपने में भी इसकी योजना नहीं बनाई थी. लोग मुझसे इसे खत्म करने के लिए कह रहे हैं इसलिए मैं इसे अब खत्म कर रहा हूं.’

तीसरा पार्ट अप्रैल के पहले हफ्ते में सिनेमाघरों में
जीतू ने बताया, ‘मचअवेटेड तीसरा पार्ट अप्रैल के पहले हफ्ते में रिलीज होगा.’ उन्होंने फैंस से रिक्वेस्ट की कि वे अपनी उम्मीदों का बोझ लेकर फिल्म देखने न जाएं. उन्होंने कहा, ‘फिल्म का मजा बिना किसी प्रेशर के ही लें तभी असली अनुभव मिलेगा.’

फिल्म ने हमेशा दी है बड़ी उम्मीदें
जीतू ने आगे कहा, ‘दृश्यम फ्रेंचाइजी ने सालों से लोगों के दिलों में जगह बनाई है. लोग हर बार नई उम्मीद लेकर आते हैं. इसलिए इस फिल्म को देखें जरूर लेकिन बिना किसी भारी उम्मीद के. जल्द ही इसकी आधिकारिक रिलीज डेट भी घोषित होगी.’

मलयालम और हिंदी रिलीज
खास बात ये है कि मलयालम दृश्यम 3 और इसका हिंदी रीमेक दोनों इस साल रिलीज होंगे. दोनों के बीच लगभग 6 महीने का गैप रहेगा. मोहनलाल की फिल्म अप्रैल में आएगी जबकि अजय देवगन की हिंदी फिल्म अक्टूबर में रिलीज होगी. कहानी वहीं से शुरू होगी जहां दूसरे पार्ट में खत्म हुई थी. फैंस हिंदी और मलयालम दोनों फिल्मों के लिए पहले से ही एक्साइटेड हैं और उम्मीद है कि ये दोनों पार्ट्स बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचाएंगे.

ट्रेन छूटने से एक घंटे पहले कैंसिल की टिकट, कितना मिलेगा रिफंड

0

ट्रेन छूटने से एक घंटे पहले कैंसिल की टिकट, कितना मिलेगा रिफंड
भारत में बड़ी संख्या में लोग रोज ट्रेन से सफर करते हैं. लंबी दूरी हो या छोटी, ट्रेन किफायती और आरामदायक ऑप्शन मानी जाती है. टिकट बुक करना आसान है. लेकिन परेशानी तब बढ़ती है जब ट्रेन बहुत लेट हो जाए या यात्रा योजना अचानक बदलनी पड़े. ऐसे समय सबसे बड़ा सवाल रिफंड को लेकर उठता है.

खासकर जब टिकट ट्रेन छूटने से करीब एक घंटे पहले कैंसिल की जाती है. तब यात्रियों को समझ नहीं आता कि कितनी रकम वापस मिलेगी. भारतीय रेलवे ने रिफंड को लेकर साफ नियम तय किए हैं. इन नियमों को समझ लेने से नुकसान से बचा जा सकता है. जान लीजिए क्या हैं रिफंड के लिए नियम? कितना कटता टिकट कैंसिल करने पर चार्ज.

एक घंटे पहले टिकट कैंसिल करने पर कितना रिफंड?
रेलवे नियमों के अनुसार अगर आपकी ट्रेन निर्धारित समय से 3 घंटे या उससे ज्यादा लेट है. तो आप पूरा रिफंड पाने के हकदार होते हैं. बशर्ते आप सफर न करें. ऐसी सिचुएसन में टिकट कैंसिल करने के बजाय TDR फाइल करना जरूरी होता है. वहीं अगर आप ट्रेन चलने के टाइम से करीब एक घंटे पहले अपनी टिकट खुद कैंसिल करते हैं.

तो रिफंड नियम अलग होते हैं. इस सिचुएशन में पूरा पैसा वापस नहीं मिलता. बल्कि कुछ कैंसिलेशन चार्ज काटकर बाकी राशि लौटाई जाती है. यह कटौती आपकी टिकट की कैटेगरी और कैंसिलेशन टाइम पर डिपेंड करती है. इसलिए अगर ट्रेन लेट और लेकिन ट्रेन लेट नहीं है और आप खुद कैंसिले कर रहे हैं. तो दोनों मामलों में रिफंड प्रोसेस अलग होती है.

कितना लगता है कैंसिलेशन चार्ज?
कन्फर्म टिकट कैंसिल करने पर रेलवे समय और क्लास के हिसाब से कैंसिलेशन चार्ज काटता है. अगर आप ट्रेन चलने से 48 घंटे पहले टिकट कैंसिल करते हैं. तो फिक्स चार्ज के तहत कटौती होती है. एसी फर्स्ट में 240 रुपये, 2AC में 200 रुपये, 3AC में 180 रुपये, स्लीपर में 120 रुपये और सेकंड क्लास में 60 रुपये काटे जाते हैं. 48 से 12 घंटे के बीच टिकट कैंसिल करने पर कुल किराये का 25 प्रतिशत कटता है. वहीं 12 से 4 घंटे के बीच कैंसिलेशन पर 50 प्रतिशत किराया काट लिया जाता है. समय जितना कम बचता है कटौती उतनी ज्यादा होती जाती है.

बदल दिए गए क्रिकेट के 70 से ज्यादा नियम

0

बदल दिए गए क्रिकेट के 70 से ज्यादा नियम
क्रिकेट में समय-समय पर नियम बदलते रहते हैं. कई बार पुराने नियमों को हटाकर नए नियमों को शामिल किया जाता है. एक बार फिर ऐसा हुआ है. इस बार क्रिकेट के 73 नियम बदल दिए गए हैं. टेस्ट क्रिकेट में अब तक लास्ट ओवर में अगर विकेट गिरता था तो दिन का खेल वहीं खत्म कर दिया जाता था. नया बल्लेबाज बैटिंग करने नहीं आता था, लेकिन अब यह नियम भी बदल दिया गया है. इसके अलावा लेमिनेटेड बैट को भी सशर्त मंजूरी दी गई है. ये नए नियम 1 अक्टूबर, 2026 से लागू होंगे.

टेस्ट मैच के आखिरी ओवर का नियम बदला
अभी तक टेस्ट क्रिकेट में जब दिन का लास्ट या सेकेंड लास्ट ओवर चल रहा होता है, और विकेट गिर जाता है तो फिर दिन का खेल वहीं पर खत्म कर दिया जाता है. नए बल्लेबाज को उस समय नहीं भेजा जाता है. पर अब MCC यानी मेरिलबोन क्रिकेट क्लब ने इस नियम को बदल दिया है. एमसीसी ने एक बयान में कहा कि समय बचाने के लिए ऐसा किया जाका रहा है, लेकिन इससे समय नहीं बचता है, क्योंकि अगले दिन बची ही गेंदों को फेंका जाता है. पर इससे खेल का रोमांच कम होता है, क्योंकि नया बल्लेबाज मुश्किल परिस्थिति का सामना करने से बच जाता है. अब नए नियम के तहत अगर कंडीशंस ठीक हैं तो लास्ट ओवर भी पूरा किया जाएगा और विकेट गिरने पर नए बल्लेबाज को उतरना होगा.

ओवरथ्रो और डेडबॉल में भी हुआ बदलाव
एमसीसी ने अब ओवरथ्रो और मिस्फील्ड के बीच अंतर को और भी साफ कर दिया है. अब नए नियम के हिसाब से ओवरथ्रो सिर्फ तभी माना जाएगा, जब कोई खिलाड़ी विकेट की तरफ गेंद फेंकेगा और वो गेंद आगे निकल जाएगी. वहीं अगर कोई खिलाड़ी बाउंड्री को पास गेंद रोकने की कोशिश करता है और गेंद उसके हाथ से निकल जाती है तो इसे मिस्फील्ड माना जाएगा.

अब डेडबॉल के लिए भी यह जरूरी नहीं रहेगा कि गेंद विकेटकीपर या गेंदबाज के हाथ में ही हो. अगर गेंद मैदान पर कहीं भी रुक गई और अंपायर को लगा कि बल्लेबाज रन नहीं ले सकता है तो फिर वो गेंद को डेड बॉल घोषित कर सकता है.

इस तरह के बैट को भी मिली मंजूरी
अब दो से तीन लकड़ी को जोड़कर बने बैट को भी मंजूरी मिल गई है. इस तरह के बैट सस्ते होते हैं, क्योंकि इन्हें दो या तीन लकड़ी के टुकड़ों को जोड़कर बनाया जाता है. ये सिंगल पीस की लकड़ी से बने बैट की तुलना में सस्ते होते हैं. एमसीसी ने ओपन एज क्लब क्रिकेट में इस तरह के बैट के इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है.

हिट विकेट के नियम को किया गया साफ
अगर बल्लेबाज विपक्षी टीम के किसी खिलाड़ी से टकराकर स्टंप्स पर गिर जाता है तो फिर उसे हिट विकेट नहीं दिया जाएगा. वहीं शॉट खेलते हुए अगर बल्लेबाज के हाथ से बैट छूट जाता है और वो स्टंप पर जाकर गिरता है तो फिर उसे आउट माना जाएगा.

MCC बनाता है क्रिकेट के नियम
आपको बता दें कि एमसीसी ही क्रिकेट के नियम बनाता है. यह एक प्राइवेट क्लब है, जिसकी स्थापना 1787 में लंदन में हुई थी. आईसीसी के बनने के बाद भी एमसीसी ही क्रिकेट के नियम बनाता है. इसमें एक समिति होती है. इस समिति के सदस्य ही क्रिकेट के नियमों को तय करते हैं.

मंत्रि-परिषद की बैठक में मैहर एवं कटनी जिले की 620 करोड़ रूपये से अधिक की 2 सिंचाई परियोजनाओं की स्वीकृति

0

मंत्रि-परिषद की बैठक में मैहर एवं कटनी जिले की 620 करोड़ रूपये से अधिक की 2 सिंचाई परियोजनाओं की स्वीकृति
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा नर्मदा घाटी की सरदार सरोवर परियोजना के विस्थापितों को आवंटित किये गए आवासीय भूखंडो का पंजीयन नि:शुल्क कराये जाने का निर्णय लिया गया। मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) अनुसार देय पंजीयन शुल्क एवं स्टॉम्य ड्यूटी की प्रतिपूर्ति नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण द्वारा की जायेगी। इससे 25,600 से अधिक परिवारों को लाभ होगा। इस निर्णय से राज्य शासन पर 600 करोड़ रूपये का वित्तीय भार आयेगा।

मैहर एवं कटनी जिले की 2 सिंचाई परियोजनाओं की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा मैहर एवं कटनी जिलें में 2 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 620 करोड़ 65 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। स्वीकृति अनुसार मैहर एवं कटनी की धनवाही सूक्ष्म दबाव सिंचाई परियोजना लागत 53 करोड़ 73 लाख रूपये की स्वीकृति दी गयी है। इससे 3500 हेक्टयर में सिंचाई की सुविधा प्राप्त होंगी और मैहर एवं कटनी जिले के 9 ग्राम के 2810 कृषक लाभान्वित होंगे।

कटनी जिलें की बरही सूक्ष्म उद्वहन सिंचाई परियोजना लागत 566 करोड 92 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। इससे, कटनी जिले की बरही एवं विजयराघवगढ़ तहसील के 27 ग्राम के 11,500 कृषक लाभान्वित होंगे और 20 हजार हैक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होंगी।

10 योजनाओं की निरंतरता की स्वीकृति
मंत्रि-परिषद द्वारा 6 विभागों की 10 योजनाओं की वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक निरंतरता के लिए 15,009 करोड़ रूपये से अधिक की स्वीकृति प्रदान की गयी है। स्वीकृति अनुसार वित्त विभाग की लोक वित्त पोषित 500 करोड़ से कम की 8 योजनाओं के लिए 115 करोड़ 6 लाख रुपये, श्रम विभाग की मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल 2.0) योजना के लिए 5 हजार करोड़ रुपये, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग की विधानसभा क्षेत्र निर्वाचन योजना और स्थापना एवं कार्यालयीन योजनाओं के लिए 3 हजार 376 करोड़ 66 लाख रूपये, पशु पालन एवं डेयरी विभाग की डॉ. भीमराव अम्बेडकर कामधेनु योजना, पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर ब्लॉकग्रांट योजना एवं पशुपालन, पशु विकास और गौ संवर्धन योजना के लिए 6 हजार 472 करोड़ 18 लाख रुपये, महिला एवं बाल विकास की किशोर कल्याण निधि योजना और घरेलू हिंसा पीड़िता के लिए सहायता योजना के लिए 24 करोड़ 70 लाख रूपये और पिछड़ा वर्ग एवं अन्य कल्याण की अल्पसंख्यक स्वरोजगार/उद्यम योजना के लिए 21 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है।

किसानों के हित में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर अतिरिक्त दो दिवस धान खरीदी की व्यवस्था’

0

किसानों के हित में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर अतिरिक्त दो दिवस धान खरीदी की व्यवस्था’
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेश में किसानों के हितों को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए धान खरीदी की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण राहत प्रदान की गई है। इसके अंतर्गत तीन श्रेणियों के किसानों को धान विक्रय हेतु अतिरिक्त दो दिवस 05 एवं 06 फरवरी 2026 तक खरीदी की अनुमति प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार तीन प्रकार के किसान इस अतिरिक्त अवधि में धान विक्रय कर सकेंगे – ऐसे किसान, जिनके द्वारा 10 जनवरी 2026 के पश्चात टोकन हेतु आवेदन किया गया, किंतु सत्यापन नहीं हो पाया है। ऐसे किसान, जिनके द्वारा 10 जनवरी 2026 के पश्चात आवेदन किया गया तथा सत्यापन उपरांत उनके पास धान पाया गया है। ऐसे किसान, जिन्हें दिनांक 28 जनवरी 2026, 29 जनवरी 2026 एवं 30 जनवरी 2026 को टोकन प्राप्त हुआ था, परंतु किसी कारणवश वे निर्धारित तिथि पर धान विक्रय नहीं कर पाए थे।

किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए बारदाना एवं हमालों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं।

राज्य सरकार का यह निर्णय किसानों के प्रति संवेदनशीलता और उनकी उपज के सुरक्षित एवं सुचारु विक्रय के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

अंतरिक्ष केंद्र बनेगी युवा सपनों को पूरा करने की प्रयोगशाला: मुख्यमंत्री साय

0

अंतरिक्ष केंद्र बनेगी युवा सपनों को पूरा करने की प्रयोगशाला: मुख्यमंत्री साय
अंतरिक्ष केंद्र युवा सपनों को पूरा करने की प्रयोगशाला बनेगी। यह केंद्र प्रदेश के वैज्ञानिक भविष्य की मजबूत नींव है और पूरे प्रदेश में अंतरिक्ष केंद्रों का विस्तार किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर के राखी में जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रोजेक्ट अंतरिक्ष के तहत आयोजित अंतरिक्ष संगवारी कार्यक्रम में ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला के साथ छत्तीसगढ़ के पहले अंतरिक्ष केंद्र का विधिवत शुभारंभ कर कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने पूरे प्रदेश में अंतरिक्ष संगवारी पहल को विस्तार देते हुए सभी जिलों में अंतरिक्ष केंद्र खोले जाने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन एवं अंतरिक्ष यात्री डॉ. शुभांशु शुक्ला का छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि डॉ. शुभांशु शुक्ला जैसे व्यक्तित्व युवाओं के लिए प्रेरणा के प्रतीक हैं, जिनकी अंतरिक्ष यात्रा ने देश को गौरवान्वित किया है।

मुख्यमंत्री ने बच्चों से संवाद करते हुए कहा कि आज से उनके सपनों को पंख मिल रहे हैं और उनका आकाश और भी बड़ा हो गया है। यह अंतरिक्ष केंद्र केवल एक भवन नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों की प्रयोगशाला है, जहां वे विज्ञान को किताबों से बाहर निकालकर प्रयोग और अनुसंधान के माध्यम से समझ सकेंगे। उन्होंने जशपुर जिले के बच्चों द्वारा रॉकेट निर्माण की उपलब्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि यह उदाहरण बताता है कि छत्तीसगढ़ की मिट्टी में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उचित अवसर की होती है, जिसे यह केंद्र उपलब्ध कराएगा।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अंतरिक्ष विज्ञान अब केवल जिज्ञासा का विषय नहीं, बल्कि रोजगार और करियर का बड़ा क्षेत्र बन चुका है। इसरो की वैश्विक विश्वसनीयता के कारण भारत आज अंतरिक्ष की दुनिया में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। आने वाले समय में यह केंद्र बच्चों को सैटेलाइट निर्माण, ट्रैकिंग, मौसम पूर्वानुमान, क्लाउड मैपिंग जैसे आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में प्रत्यक्ष प्रशिक्षण देगा। उन्होंने कहा कि इस अंतरिक्ष केंद्र से किसानों को सटीक मौसम और फसल संबंधी जानकारी मिलेगी, जिससे कृषि को सीधा लाभ होगा। साथ ही, तकनीक आधारित रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और युवाओं का महानगरों की ओर पलायन रुकेगा। मुख्यमंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा क्षेत्र में सैटेलाइट तकनीक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और भविष्य में इस क्षेत्र में स्पेस साइंस का महत्व और बढ़ेगा।

ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अंतरिक्ष यात्रा से जुड़े अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब रॉकेट लॉन्च होता है, तो उसमें अत्यधिक ऊर्जा लगती है और कुछ ही समय में शून्य से लगभग 30 हजार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंतरिक्ष तक पहुंचा जाता है। उन्होंने छत्तीसगढ़ को ऊर्जावान प्रदेश बताते हुए कहा कि यहां के बच्चों में अपार क्षमता और जिज्ञासा है। उन्होंने मुख्यमंत्री का विशेष रूप से धन्यवाद करते हुए कहा कि प्रदेश में अंतरिक्ष केंद्र का शुभारंभ बच्चों को स्पेस साइंस से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा और दूरदर्शी कदम है। उन्होंने कहा कि क्लीन स्टेशन के उद्घाटन के दौरान मैंने देखा कि मुख्यमंत्री स्टेशन में प्रवेश से पहले स्वयं विशेष ड्रेस व कैप को पहन रहे थे। मुझे यह देखकर बड़ी खुशी हुई कि राज्य का मुखिया जब स्वयं ऐसी रुचि दिखाता है, तो यह बच्चों और युवाओं के भविष्य को लेकर उनकी स्पष्ट और भविष्योन्मुखी सोच को दर्शाता है।

अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने 5 सितंबर 2025 को प्रदेश के विद्यार्थियों से हुए ऑनलाइन संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौरान छत्तीसगढ़ के एक बच्चे ने उनसे पूछा था कि आपने सब कुछ बताया, लेकिन यह बताइए कि प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया होमवर्क आपने पूरा किया या नहीं। उन्होंने कहा कि यह प्रश्न बच्चों की तीक्ष्ण बुद्धि और बारीक नजर को दर्शाता है।

गु्रप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने अपने अंतरिक्ष मिशन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि जब आप रॉकेट पर बैठते हैं, तो आपको लगता है कि आप पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन जैसे ही रॉकेट इग्नाइट होता है, वह क्षण इतना शक्तिशाली होता है कि सारी तैयारी एक पल के लिए भूल जाते हैं। उन्होंने इसकी तुलना परीक्षा से करते हुए कहा कि जैसे पढ़ाई पूरी होने के बाद भी परीक्षा कक्ष में प्रश्नपत्र सामने आते ही कुछ क्षणों के लिए सब कुछ खाली लगने लगता है, ठीक वैसी ही अनुभूति अंतरिक्ष यात्रा के समय होती है। ऐसे समय में संयम रखना और अपनी मेहनत पर भरोसा करना सबसे जरूरी होता है, क्योंकि मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती।

ग्रुप कैप्टन शुक्ला ने कहा कि 41 वर्षों के बाद भारत ने दोबारा अंतरिक्ष में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की और यह यात्रा केवल उनकी नहीं, बल्कि पूरे भारत की यात्रा थी। उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष में 20 दिनों के प्रवास के दौरान उन्होंने पृथ्वी की 320 बार परिक्रमा की और लगभग 1.4 करोड़ किलोमीटर की दूरी तय की। अंत में उन्होंने अपने सपनों को पूरा करने के लिए लगातार परिश्रम करने की प्रेरणा दी।

कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री साय ने डॉ. शुभांशु शुक्ला के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बच्चों से आह्वान किया कि वे बड़े सपने देखें, विज्ञान से दोस्ती करें और छत्तीसगढ़ का नाम देश-दुनिया में रोशन करें। कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि अंतरिक्ष यात्री डॉ. शुभांशु शुक्ला को अपने बीच पाकर सभी स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि शुभांशु शुक्ला की अंतरिक्ष यात्रा समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने देश के युवाओं को नई दिशा दी है और अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया है।

वन एवं संसदीय कार्य मंत्री व जिला के प्रभारी मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि यह पहल सरकार की दूरदर्शी सोच का परिचायक है, जो आने वाली पीढ़ी को भविष्य की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा देती है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी के भीतर असीम क्षमता और शक्ति है, जो आपके सपनों को साकार करेगी। अंतरिक्ष विज्ञान जैसे जटिल विषय को सरल और सहज तरीके से समझाने के लिए किए जा रहे प्रयास अत्यंत प्रशंसनीय हैं। मंत्री कश्यप ने बच्चों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को मजबूत करने के साथ-साथ वैज्ञानिक सोच को भी प्रोत्साहित करते हैं। शुक्ला को डीपीएस, सैनिक स्कूल राजनांदगांव के बच्चों ने पोर्टरेट भेंट किया।

कार्यक्रम में विधायक मोतीलाल साहू, विधायक अनुज शर्मा, विधायक इंद्र कुमार साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष संदीप यदु, भवन एवं सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, निगम आयुक्त विश्वदीप सहित गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में स्कूली बच्चें मौजूद रहे।

“संघ के सौ वर्ष” का भव्य विमोचन, राष्ट्रचेतना, तपस्या और संघर्ष की शताब्दी गाथा

0

“संघ के सौ वर्ष” का भव्य विमोचन, राष्ट्रचेतना, तपस्या और संघर्ष की शताब्दी गाथा
इंदौर।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सौ वर्षों की राष्ट्रसेवा, सामाजिक समरसता और संगठनात्मक तपस्या को शब्दों में संजोती पुस्तक “संघ के सौ वर्ष” का भव्य विमोचन 30 जनवरी को नर्मदा साहित्य मंथन के गरिमामय मंच पर संपन्न हुआ। पुस्तक का विमोचन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र संघ चालक पूर्णेन्दु सक्सेना के कर-कमलों से किया गया।
यह आयोजन देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर के खंडवा रोड स्थित तक्षशिला परिसर के सभागार में आयोजित तीन दिवसीय नर्मदा साहित्य मंथन के दूसरे दिन संपन्न हुआ। देशभर से पधारे साहित्यकारों, विचारकों एवं प्रबुद्धजनों की गरिमामय उपस्थिति ने इस अवसर को ऐतिहासिक बना दिया।

लेखिका एवं वरिष्ठ पत्रकार शीतल रॉय द्वारा लिखित पुस्तक “संघ के सौ वर्ष” केवल एक साहित्यिक कृति नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा, संगठन निर्माण और ‘राष्ट्र हित सर्वोपरि’ की विचारधारा को स्थापित करने हेतु राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा विगत सौ वर्षों में किए गए संघर्ष, साधना और सेवा का सशक्त एवं जीवंत दस्तावेज़ है। पुस्तक में संघ की वैचारिक यात्रा, सामाजिक समरसता, सेवा कार्यों और राष्ट्रनिर्माण में उसके योगदान को तथ्यात्मक, शोधपरक एवं ओजस्वी शैली में प्रस्तुत किया गया है।

पुस्तक विमोचन अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने अपने विचार रखते हुए कहा कि “संघ के सौ वर्ष” आने वाली पीढ़ियों के लिए केवल इतिहास नहीं, बल्कि राष्ट्रबोध, वैचारिक प्रेरणा और संगठनात्मक चेतना का महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ सिद्ध होगी।

नर्मदा साहित्य मंथन के मंच से हुआ यह विमोचन राष्ट्रवादी साहित्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है, जो समकालीन समाज को विचार, मूल्य और राष्ट्रधर्म से जोड़ने का कार्य करेगा।

RBI का नया आदेश, 31 मार्च को छुट्टी के दिन भी खुले रहेंगे बैंक

0

RBI का नया आदेश, 31 मार्च को छुट्टी के दिन भी खुले रहेंगे बैंक
वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत 1 अप्रैल 2026 से होने वाली है। वर्तमान वित्तवर्ष का समापन 31 मार्च 2026 को होगा। जिसे देखते हुए भारत सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। 31 मार्च को सभी एजेंसी बैंक खुले रहेंगे। जबकि इस दिन महावीर जयंती के अवसर पर बैंक बंद रहने वाले थे। रिजर्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने सभी एजेंसी बैंकों को इससे संबंधित नोटिफिकेशन आधिकारिक वेबसाइट http://www.rbi.org.in पर जारी किया है।

सरकारी प्राप्तियां और भुगतान से संबंधित सभी बैंकों की शाखाएं 31 मार्च 2026 को लेनदेन के लिए खुला रखा जाएगा। ताकि वित्त वर्ष 2025- 26 की प्राप्तियाँ और भुगतानों से संबंधित सभी सरकारी लेनदेन का हिसाब इस वित्त वर्ष में किया जा सके।

इस सूची में बैंक ऑफ़ इंडिया, बैंक ऑफ़ बड़ौदा, केनरा बैंक, इंडियन बैंक, यूनियन बैंक ऑफ़ इंडिया, पीएनबी, पीएसबी, आईओबी, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक और आईडीबीआई बैंक समेत कई प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर बैंक शामिल हैं। इसके अलावा डसीबी बैंक इंडिया लिमिटेड समेत 30 से अधिक बैंकों पर लागू होगा।
मार्च में कितने दिन बंद रहेंगे बैंक?

आरबीआई ने मार्च 2026 के लिए बैंक हॉलिडे लिस्ट जारी कर दी है। होलिका दहन, रमजान और रामनवमी को लेकर को मिलाकर 10 दिनों तक बैंकों की छुट्टी रहने वाली है। इसके अलावा हर महीने दूसरे और चौथे शनिवार के साथ-साथ रविवार को बैंक बंद रहते हैं।

बैंक हॉलिडे लिस्ट देखें
2 मार्च- होलिका दहन
3 मार्च- होली
4 मार्च- दूल्हेती
13 मार्च- चपचुर कूट
17 मार्च- सब-ए- कदर
19 मार्च- गुड़ी पड़वा/ तेलुगु नया साल/उगादि फेस्टिवल/चैत्र नवरात्रि का पहला दिन
20 मार्च- रमजान
21 मार्च- खुतुब-ए-रमजान/ सरहुल
26 मार्च और 27 मार्च- श्री रामनवमी
18,15, 22 और 29 मार्च- रविवार
14 और 28 मार्च- महीने का दूसरा और चौथा शनिवार

पद्म श्री से सम्मानित हुए रोहित शर्मा

0

पद्म श्री से सम्मानित हुए रोहित शर्मा
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और ‘हिटमैन’ के नाम से मशहूर रोहित शर्मा को देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘पद्म श्री’ से सम्मानित किया गया है। इस सम्मान को पाकर रोहित काफी भावुक नजर आए। उन्होंने इस खास पल के लिए भारत सरकार और अपने करियर में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार जताया है।

रोहित ने यह भी कहा कि देश के लिए मैच और ट्रॉफियां जीतने का उनका प्रयास हमेशा जारी रहेगा। उनका यह बयान उस वक्त आया है, जब वह टेस्ट और T20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं, लेकिन वनडे फॉर्मेट में खेलना जारी रखे हुए हैं।

अगला लक्ष्य 2027 वनडे विश्व कप
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर दूरदर्शन स्पोर्ट्स द्वारा साझा किए गए एक वीडियो में रोहित ने अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। T20 विश्व कप 2024 में भारत को चैंपियन बनाने के बाद रोहित ने T20 और टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया था। अब उनका पूरा ध्यान वनडे क्रिकेट पर है और उनका सपना 2027 में होने वाले वनडे विश्व कप की ट्रॉफी जीतना है।
‘हिटमैन’ का शानदार अंतरराष्ट्रीय सफर

महाराष्ट्र के नागपुर में 30 अप्रैल, 1987 को जन्मे रोहित शर्मा ने 2007 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था। उन्होंने 23 जून, 2007 को आयरलैंड के खिलाफ अपना पहला वनडे मैच खेला था। लगभग 18 साल के लंबे करियर में वह भारत के सबसे सफल बल्लेबाजों में से एक रहे हैं।

T20 करियर: रोहित ने 159 T20 मैचों में 5 शतक और 32 अर्धशतकों की मदद से 4231 रन बनाए। उन्होंने 29 जून, 2024 को विश्व कप जीत के साथ इस फॉर्मेट से संन्यास लिया।

टेस्ट करियर: टेस्ट क्रिकेट में रोहित ने 12 शतकों और 18 अर्धशतकों के साथ 4301 रन बनाए। उन्होंने T20 के साथ ही टेस्ट से भी संन्यास की घोषणा की थी।

वनडे करियर: रोहित शर्मा वनडे फॉर्मेट में अब भी सक्रिय हैं। उन्होंने 279 मैचों में 33 शतक और 61 अर्धशतकों की मदद से 11,516 रन बनाए हैं।
ICC ट्रॉफी में रोहित का योगदान

रोहित शर्मा अपने करियर में तीन ICC ट्रॉफी जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने 2007 में T20 विश्व कप और 2013 में चैंपियंस ट्रॉफी बतौर खिलाड़ी जीती। वहीं, 2024 में उन्होंने अपनी कप्तानी में भारत को T20 विश्व कप का खिताब दिलाया।

विधायक से मणिपुर के सीएम बनेंगे युमनाम खेमचंद

0

विधायक से मणिपुर के सीएम बनेंगे युमनाम खेमचंद
मणिपुर लंबे समय से हिंसा और राजनीतिक अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा था. लेकिन आखिरकार अब उसे नया मुख्यमंत्री मिलने वाला है. भारतीय जनता पार्टी विधायक दल की एक अहम बैठक के बाद युमनाम खेमचंद सिंह को मणिपुर का विधायक दल का नेता चुना गया है. आइए जानते हैं कि मुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी सैलरी कितनी बढ़ेगी.

कौन हैं युमनाम खेमचंद सिंह
युमनाम खेमचंद सिंह एक अनुभवी राजनेता हैं जिनकी मणिपुर की विधायी राजनीति में गहरी जड़े हैं. वह सिंगजामेई निर्वाचन क्षेत्र से विधायक हैं और पहले मणिपुर विधानसभा के स्पीकर के रूप में भी काम कर चुके हैं. भाजपा विधायक दल के नेता के रूप में उनका सर्वसम्मत चुनाव संगठनात्मक विश्वास और राज्य के लिए एक जरूरी समय में स्थिरता की जरूरत दोनों को दर्शा रहा है.

कितनी होती है विधायक की सैलरी
विधायक के तौर पर काफी अच्छी मासिक आय मिलती है. 2020 में मणिपुर ने अपने विधायकों की सैलरी और भत्तों में संशोधन किया था. एक विधायक के तौर पर कुल मासिक सैलरी और भत्ते लगभग ढाई लाख हो जाते हैं. इसमें ₹50,000 की बेसिक सैलरी, और साथ ही निर्वाचन क्षेत्र भत्ता और सचिवालय भत्ता के लिए समान राशि शामिल थी. इसके अलावा टेलीफोन, मनोरंजन और दूसरे भत्ते मिलाकर लगभग ₹1,00,000 प्रति महीने होते थे. इस तरह यह पूरी सैलरी ढाई लाख रुपये की बन जाती है.

मुख्यमंत्री की सैलरी
मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद मासिक सैलरी वास्तव में कम हो जाती है. आधिकारिक नियमों और हालिया रिपोर्ट के मुताबिक मणिपुर के मुख्यमंत्री को भत्तों सहित हर महीने लगभग 1.2 लाख रुपये से 1.5 लाख रुपये मिलते हैं.

भले ही मुख्यमंत्री के नकद सैलरी कम हों लेकिन इस पद से जुड़े भत्ते और सुविधाएं काफी ज्यादा हैं. मुख्यमंत्री को एक सरकारी बंगला मिलेगा जो उनके आधिकारिक निवास और कार्यालय के रूप में काम करेगा. उन्हें जेड प्लस लेवल की सुरक्षा, सरकारी गाड़ियां और डेडिकेटेड स्टाफ मिलेगा. इसके अलावा मुख्यमंत्री को अनलिमिटेड मेडिकल सुविधा, सरकारी यात्रा भत्ता और लॉजिस्टिकल सपोर्ट मिलता है.

असली अपग्रेड सैलरी नहीं पावर है
भूमिका में सबसे बड़ा बदलाव फाइनेंशियल नहीं बल्कि पॉलिटिकल है. मुख्यमंत्री के तौर पर अब राज्य की एग्जीक्यूटिव मशीनरी को कंट्रोल करते हैं, पॉलिसी फैसलों की देखरेख करते हैं और मणिपुर में शांति और शासन को बहाल करने में एक बड़ी भूमिका निभाते हैं.