पारंपरिक गीतों से गूंजा संग्रहालय
भोपाल. जनजातीय संग्रहालय में नृत्य, गायन एवं वादन पर केंद्रित गतिविधि संभावना का आयोजन रविवार को किया गया। कार्यक्रम में बेड़िया व गुदूमबाजा नृत्य के साथ ही लोकगीतों की प्रस्तुति दी दई। अर्चना खरे ने बुंदेली गायन में देवी भजन, बिजना एवं वर्षा गीत, दादरा के साथ अन्य पारंपरिक गीत प्रस्तुत किए। अर्चना सिंह ने भी बघेली गायन में देवी भजन से शुरूआत कर विवाह गीत, सोहर एवं अन्य लोक गीतों की प्रस्तुति दी।
पारंपरिक गीतों से गूंजा संग्रहालय
केंद्रीय बजट में एमपी को बड़ी सौगात, हर जिले में बनेगा गर्ल्स हॉस्टल
केंद्रीय बजट में एमपी को बड़ी सौगात, हर जिले में बनेगा गर्ल्स हॉस्टल
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज 9वां केंद्रीय बजट पेश किया है। जिसमें रेल प्रोजेक्ट, एम्स आयुर्वेदिक और टैक्स फाइल की जैसे कई बड़े ऐलान किए गए हैं। इसी बीच मध्यप्रदेश को लेकर कई भी घोषणाएं की गई हैं। जिसमें गर्ल्स हॉस्टल से लेकर टीयर-2 और टीयर-3 शहरों और तीर्थ स्थल को डेवलप करने जैसी कई घोषणाएं की गई हैं।
एमपी में खुलेंगे गर्ल्स हॉस्टल
यूं तो मध्यप्रदेश के कई जिलों में मेडिकल, इंजीनियरिंग, साइंस कॉलेज और कई बड़े विश्वविद्यालय हैं, लेकिन छात्राओं के रहने के लिए सुरक्षित जगहों की काफी कमी है। खासकर राज्य के आदिवासी इलाके आलीराजपुर, धार, झाबुआ, बैतूल, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी समेत अन्य इलाकों से आने वाली छात्राओं को सुरक्षित वातारण न होने के कारण पढ़ाई छोड़नी पड़ती है। अब नई घोषणा के बाद आदिवासी इलाकों की छात्राओं आगे आकर पढ़ाई कर सकेंगी। नई घोषणा के बाद एमपी के 55 जिलों में अब गर्ल्स हॉस्टल खोले जाएंगे।
5 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहर होंगे विकसित
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतरमण ने कहा कि 5 लाख से ज्यादा आबादी वाले टियर-2 और 3 के शहरों के डेवलपमेंट के लिए 11.2 लाख करोड़ का आवंटन किया गया है। 2026-27 में इसे बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ करेंगे। इनमें टियर-2 और टियर-3 शहरों में एमपी के भोपाल, इंदौर को फायदा मिलेगा। साथ ही ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन और सागर जैसे जिले भी विकसित होंगे।
इसके अलावा वित्त मंत्री निर्मला सीतारण ने भारत के एनीमेशन, विज़ुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक (ABGC) सेक्टर को बढ़ावा देने के लिए देश के 15 हजार सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स स्थापित किए जाने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में संत रविदास जयंती के कार्यक्रम में हुए शामिल
मुख्यमंत्री डॉ. यादव इंदौर में संत रविदास जयंती के कार्यक्रम में हुए शामिल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि संतों की वाणी आज भी समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को इंदौर प्रवास के दौरान संत रविदास जयंती के अवसर पर नगर निगम के झोन कार्यालय क्रमांक-1 में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संत रविदास महाराज के चित्र पर माल्यार्पण कर विधिवत पूजा-अर्चना एवं आरती की। इस अवसर पर उन्होंने संत रविदास जी के सामाजिक समरसता, समानता और मानवता के संदेश को स्मरण किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम के दौरान स्वच्छता अभियान से जुड़ी ‘स्वच्छता दीदियों’ का पुष्पहार से स्वागत किया और उनके योगदान की सराहना करते हुए अभिवादन स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि इंदौर की स्वच्छता पहचान पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है और इसमें स्वच्छता कर्मियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी नागरिकों से संत रविदास के विचारों को आत्मसात करते हुए स्वच्छ, समरस और जागरूक समाज के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया। कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, विधायक गोलू शुक्ला, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह, कलेक्टर शिवम वर्मा, नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल, सुमित मिश्रा आदि भी विशेष रूप से मौजूद थे।
छत्तीसगढ़ के शांति प्रिय धरा में कबीरपंथ का है व्यापक प्रभाव -मुख्यमंत्री विष्णु साय
छत्तीसगढ़ के शांति प्रिय धरा में कबीरपंथ का है व्यापक प्रभाव -मुख्यमंत्री विष्णु साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रविवार को कबीर धर्मनगर दामाखेड़ा में माघ पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित सतगुरु कबीर संत समागम समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने पंथ उदित मुनि नाम साहेब,पंथ प्रकाश मुनि नाम साहब को चादर फल भेंट कर आशीर्वाद लिया और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। उन्होंने इस दौरान संत समागम समारोह की राशि 50 लाख रूपये से बढाकर 75 लाख रूपये करने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय माघ पूर्णिमा की शुभकामनायें देते हुए कहा कि कबीर धर्म नगर दामाखेड़ा का संत समागम समारोह हर साल भव्य होते जा रहा है जो लोगों में बढ़ते आस्था का प्रतीक है।
कबीरपंथ का छत्तीसगढ़ के जनजीवन में व्यापक प्रभाव है इसलिए यहां के लोग शांति प्रिय है।
साय ने कहा कि वे बचपन से ही कबीर पंथ से परिचित है और उनके गांव बगिया में भी 8-10 कबीर पंथी परिवार है। उन्होंने दामाखेड़ा का नाम कबीर धर्मनगर करने के संबंध में बताया कि राजपत्र में प्रकाशन हेतु अंतिम प्रक्रिया जारी है।
साय ने कहा कि डबल इंजन की सरकार से लोगों को सीधा फायदा मिल रहा है। अब छत्तीसगढ़ तेजी से विकसित प्रदेश बनने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छतीसगढ़ के विकास की बाधा की नक्सलवाद अब जल्द ही जड़ से समाप्त होने वाला है।31 मार्च 2026 तक प्रदेश से समूल नष्ट होग़ा। हमने जनता से किया वादा को तेजी से पूरा किया है। डबल इंजन की सरकार का फायदा लोगों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को बहुत आगे ले जाना है और विकसित प्रदेश के रूप में खड़ा करना है।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि पंथ उदित मुनि नाम साहब का चादर तिलक अद्भुत और अलौकिक रहा। पंथ ने वृक्षारोपण, समाज सेवा, नशामुक्ति एवं युवा उत्थान के क्षेत्र में कार्य कर रहे है। आज के कार्यक्रम में पंथ का दर्शन कर प्रदेश की सुख समृद्धि का आशीर्वाद लिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय कबीर आश्रम के विभिन्न विकास कार्यों को लेकर हमेशा चिंतित रहते है और शीघ्र पूरा करने के निर्देश देते है। कार्यक्रम को खाद्य मंत्री दयाल दास बघेल, भाटापारा विधायक इंद्र साव ने भी सम्बोधित किया।
समारोह में पंथ प्रकाश मुनि नाम साहब ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का कबीरपंथी समाज की ओर से आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष माघ मेला के प्रथम दिन बसंत पंचमी के अवसर पर कबीर पंथ के नये संवाहक 16 वें वंशाचार्य पंथी उदित मुनि नाम साहेब का चादर तिलक संपन्न हुआ। उन्होंने बताया की इस वर्ष देश के विभिन्न प्रांतो के साथ ही विदेशो से भी कबीरपंथी संत समागम मेला में आये हैं। समारोह को शासन प्रशासन का भरपूर सहयोग मिला है। उन्होंने मेला संत समागम समारोह की राशि 50 लाख रूपये से 75 लाख रूपये करने पर मुख्यमंत्री साय के प्रति आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर पंथ उदित मुनि नाम साहब, गुरूगोसांई भानुप्रताप साहब, विधायक मती भावना बोहरा, ईश्वर साहु, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा सहित सदगुरू कबीर धर्मदास साहेब वंशावली प्रतिनिधि सभा के प्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में कबीरपंथी उपस्थित थे।
केंद्रीय बजट 2026-27: विकसित भारत की दिशा में ऐतिहासिक कदम- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
केंद्रीय बजट 2026-27: विकसित भारत की दिशा में ऐतिहासिक कदम- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय बजट 2026-27 पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट भारत के सुनहरे और विकसित भविष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक दस्तावेज है। कर्तव्य भवन में बना हुआ यह पहला बजट है, जिसमें देश के समग्र विकास और प्रत्येक नागरिक के कल्याण को ध्यान में रखते हुए तीन प्रमुख कर्तव्यों-आर्थिक विकास एवं रोजगार वृद्धि, जनता की अपेक्षाओं की पूर्ति तथा ‘सबका साथ, सबका विकास’ को केंद्र में रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय वित्त मंत्री मती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत यह बजट गरीब, किसान, युवा, महिला, मध्यम वर्ग और श्रमिक वर्ग के उत्थान के लिए मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों को इस बजट का सीधा लाभ मिलेगा।
कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती
बजट में किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। एआई और आधुनिक तकनीक के माध्यम से कृषि उत्पादकता बढ़ाने, पशुपालन एवं डेयरी उद्योग को प्रोत्साहन देने की योजना बनाई गई है। साथ ही महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल के तहत स्थानीय उद्योग और हस्तशिल्प को बढ़ावा देकर ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बजट में युवाओं के लिए रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया गया है। स्टार्टअप, एमएसएमई, मैन्युफैक्चरिंग और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में नए अवसर पैदा होंगे। पर्यटन को बढ़ावा देने से स्थानीय आर्थिक विकास को गति मिलेगी और युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार मिलेगा। विदेश यात्रा और विदेशों में पढ़ाई भी पहले की तुलना में सस्ती होगी।
स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल
स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर बजट को ऐतिहासिक बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बायोफार्मा सेक्टर के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे कैंसर, डायबिटीज सहित अन्य गंभीर बीमारियों की दवाइयां सस्ती होंगी। जिला अस्पतालों के उन्नयन, हर जिले में इमरजेंसी एवं ट्रॉमा सेंटर की स्थापना, मानसिक स्वास्थ्य और आयुर्वेदिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के साथ-साथ मेडिकल टूरिज्म के लिए राज्यों में पांच रीजनल हब स्थापित किए जाएंगे। इससे छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर बेहतर होगा और रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे।
महिला सशक्तिकरण को नई दिशा
लखपति दीदी योजना के विस्तार के माध्यम से महिलाओं को क्रेडिट-लिंक्ड स्वरोजगार, उद्यमिता और स्थानीय बाजार से जोड़ने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा हर जिले में बालिकाओं के लिए छात्रावास निर्माण की घोषणा से उन्हें उच्च शिक्षा में सहायता मिलेगी।
उद्योग, शिक्षा और खेल को बढ़ावा
देश की आर्थिक मजबूती के लिए 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, 20 नए जलमार्ग, बड़े टेक्सटाइल पार्क और 4 राज्यों में खनिज कॉरिडोर की घोषणा की गई है। सेमीकंडक्टर मिशन के लिए 40 हजार करोड़ रुपये के निवेश से औद्योगिक विकास और रोजगार को नई गति मिलेगी। वहीं खेलो इंडिया मिशन और शिक्षा क्षेत्र में सुधारों से बच्चों और युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे।
कर सुधार और आम जनता को राहत
आयकर प्रक्रिया को सरल बनाया गया है और छोटे करदाताओं के लिए आसान व्यवस्था की गई है। दवाइयां, कपड़े, जूते, मोबाइल, ईवी बैटरी, सोलर उपकरण, बायोगैस-सीएनजी सहित कई रोजमर्रा की वस्तुएं सस्ती होंगी, जिससे आम जनता को सीधी राहत मिलेगी।
अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका प्रयास और सबका विश्वास’ की भावना को और मजबूत करता है। यह बजट छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में समावेशी विकास सुनिश्चित करेगा। उन्होंने छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री मती निर्मला सीतारमण को इस ऐतिहासिक, विकासशील और जनकल्याणकारी बजट के लिए हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया।
बंगाल में अमित शाह ने भरी हुंकार
बंगाल में अमित शाह ने भरी हुंकार
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोरों-शोरों से हो रही है। राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर विवाद भी जारी है। इसी बीच केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बंगाल दौरे पर हैं। शनिवार को बैरकपुर में आयोजित भाजपा कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने ममता बनर्जी की सरकार पर जमकर हमला बोला। टीएमसी सरकार को हिंसा और भ्रष्टाचार का प्रतीक भी बताया। कई गंभीर आरोप भी लगाए।
अमित शाह ने आनंदपुर मोमो फैक्ट्री अग्निकांड में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी। इस घटना को लेकर टीएमसी सरकार पर कई सवाल भी उठाएं। इसके अलावा उन्होंने इस मामले में निष्पक्ष और बिना किसी भेदभाव जांच के साथ-साथ आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग भी की। विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर भी कई घोषणाएं भी की।
घुसपैठ को लेकर अमित शाह ने क्या कहा?
शाह ने कहा, “बंगाल में बीजेपी का सरकार बनाना भारत की सुरक्षा के लिए जरूरी है। बंगाल से घुसपैठ पूरे देश के लिए खतरा है। भाजपा की जीत होते ही जैसे ही मुख्यमंत्री शपथ लेंगे, 45 दिनों के अंदर बॉर्डर पर फेंसिंग पूरी की जाएगी।” आगे उन्होंने कहा, “हमने असम में ऐसा ही किया। बीजेपी के राज में गुजरात और राजस्थान में बॉर्डर सुरक्षित है।” जनता से वोट की अपील की और कहा, “केसरिया को एक मौका देना चाहिए।” ममता सरकार पर घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए अमित शाह ने कहा कि, “ममता सरकार की विदाई तय है।” इसके अलावा उन्होंने ममता बनर्जी पर वंदे मातरम के अपमान का आरोप भी लगाया।
2026 चुनाव को लेकर कही ये बात
सभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने दावा किया कि भाजपा का वोट शेयर इस साल चुनाव में 50% से ज्यादा होगा और प्रचंड बहुमत वाली सरकार बनेगी। गृह मंत्री ने कहा की, “ममता बनर्जी भाजपा को कम आँकती है। 2014 में बीजेपी को बंगाल में सिर्फ दो सीटें मिली थी। 2019 में 41% वोट शेयर और 2021 के विधानसभा चुनाव में 38% वोट और 77 सीटों मिली थी। सुवेंधु सरकार को विपक्ष नेता बना दिया। 2024 में वोट शेयर उन 49% तक पहुंच गया। अब नंबर रहे हैं। अगली छलांग हमें 50% से आगे ले जाएगी।”
जन चेतना यात्रा लेकर आए चौकसे ने भाजपा सरकार को बताया नकाम
जन चेतना यात्रा लेकर आए चौकसे ने भाजपा सरकार को बताया नकाम
चौकसे निकाल रहे 200 किलोमीटर की पैदल जनचेतना यात्रा
पिपरिया। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के मध्य प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे द्वारा निकाली जा रही जनचेतना यात्रा रविवार को पिपरिया पहुंची। यात्रा का स्थानीय कांग्रेसियों ने जम कर स्वागत किया। चौकसे द्वारा नरसिंहपुर से नर्मदापुरम तक करीब 200 किलोमीटर पैदल जनचेतना यात्रा निकाली जा रही है। यात्रा का मुख्य स्वागत मंगलवारा चौराहे पर किया गया। जहां आशुतोष चौकसे ने आम सभा को संबोधित करते हुए भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। चौकसे ने कहा की नर्मदापुरम की चारों विधानसभा सीट पर पिछले 20 सालों से भाजपा का कब्जा है। पंरतु इस दौरान कोई विशेष विकास कार्य जिले में दिखाई नहीं देता है। आशुतोष चौकसे के अनुसार जिले में गन्ना किसानों से लेकर धान किसानों तक को लूटा जा रहा है। निजी मिल मालिक भाजपा नेताओं के साथ गठजोड़ कर किसानों को लूटने का काम कर रहे है। नर्मदा नदी का सीना छलनी कर अवैध रेत का उत्खनन किया जा रहा है। इसके साथ ही साथ नर्मदा में गंदे नाले का पानी मिलाया जा रहा है। नर्मदापुरम हो या फिर नरसिंहपुर हो यहां पर कोई मेडीकल कालेज इंजीनियरिंग कालेज नहीं खुलवाए गए जिससे यहां के विद्यार्थी मंहगी शिक्षा ग्रहण करने पर मजबूर हो रहे है। चौकसे ने कहा की गाय की बात करने वाली भाजपा सरकार गाय के लिए कुछ विशेष नहीं कर पा रही है। गाय सडक़ों पर मारी मारी फिर रहीं है। गऊशालाओं का निर्माण तक नहीं किया जा रहा है। भोपाल में गौ मांस का मामला सबके सामने है। कैसे नगर निगम की देख रेख में गौकशी हो रही थी। पंरतु सत्ताधारी दल कोई जबाव नहीं दे रहा है। जनचेतना पद यात्रा में ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष नरेंद्र दुबे,नगर अध्यक्ष उदय राजपूत,राजा पलिया,धर्मेंद्र नागवंशी,युवक कांग्रेस जिला अध्यक्ष हर्ष कटकवार, फहीम अब्दुला, हरीश बेमन,हरीश मालपानी,दीलीप पालीवाल,हुजैफा बोहरा,मयूर जायसवाल सहित सैंकड़ों कांग्रेसियों का योगदान रहा। एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे द्वारा निकाली जा रही जनचेतना पद यात्रा का स्वागत शहर में कई स्थानो पर हुआ। यात्रा के दौरान संगठन के कार्यकर्ताओं ने आम जनता को पंपलेट भी बांटे। जिसमें भाजपा सरकार की नाकामीयों का विवरण लिखा हुआ था। यात्रा का स्वागत सिलारी चौराहे पर एवं युवक कांग्रेस जिला अध्यक्ष हर्ष कटकवार के कार्यालय में किया गया। इसके साथ ही मुख्य मंगलवारा चौक पर भी नगर एवं ब्लाक एनएसयूआई अध्यक्षों ने पूरी टीम के साथ आशुतोष चौकसे की यात्रा का स्वागत किया है। ब्लाक अध्यक्ष जयदीप बेमन,उपाध्यक्ष बलराम बेलवंशी,नगर अध्यक्ष आरिफ अली,उपाध्यक्ष निखिल चौकसे,खुशीलाल कुशवाहा, मुहाजिद अली दर्जनों छात्र नेताओं ने चौकसे का तुलादान कर फूलमालाओं से स्वागत किया।
-पीजी कालेज में हुई हत्याओं का मामला उठाया-
एनएसयूआई प्रदेशाध्यक्ष आशुतोष चौकसे ने मंगलवारा चौक पर पीजी कालेज में हुई आत्म हत्याओं को हत्या करार देते हुए स्थानीय भाजपा नेताओं को भी आड़े हाथों लिया। चौकसे का कहना था की पिपरिया कालेज में एलएलबी को षडयंत्र पूर्वक बंद किया जा रहा है। जिससे की बच्चे कानून की पढ़ाई न कर सके। चौकसे ने कहा की पिपरिया उनका गृह जिला है। इसके लिए वह अलग से आंदोलन कर एलएलबी कालेज को सुचारू रूप से चालू करवाने के लिए आंदोलन करेगें।
माघ पूर्णिमा की रात आसमान में देखें स्नो मून
माघ पूर्णिमा की रात आसमान में देखें स्नो मून
माघ पूर्णिमा या फरवरी महीने की पूर्णिमा स्नान, दान, व्रत, तप और कल्वास की समाप्ति के लिए विशेष महत्व रखती है. लेकिन इसी के साथ यह पूर्णिमा खगोल शास्त्र और चांद-सितारों को देखने में दिलचस्पी रखने वालों के लिए भी खास होती है. आज 1 फरवरी की शाम इन लोगों के बेहद महत्वपूर्ण रहेगी, क्योंकि आज आसमान में दुर्लभ और अधिक चमकीले चांद को देखा जाएगा, जिसे स्नो मून कहा जाता है.
स्नो मून को कब देख सकते हैं (Snow Moon 2026 Timing)
खगोलप्रेमी आकाश में होने वाली हरेक गतिविधि के लिए काफी उत्सुक रहते हैं. स्नो मून के लिए भी इन्हें कुछ ऐसी ही उत्सुकता रहती है. आज का चमकीला सफेद नजर आता है. माघ पूर्णिमा पर यानी 1 फरवरी 2026 को स्नो मून पूर्वी समयानुसार शाम करीब 5 बजकर 9 मिनट पर अपनी अधिकतम चमक पर पहुंचेगा. आप सूर्यास्त होने के बाद पूर्व दिशा की ओर क्षितिज पर उगते हुए इस चंद्रमा को देख सकते हैं. आज का चांद अन्य दिनों की अपेक्षा वास्तिवक आकार में बड़ा और अधिक चमकीला होता है. स्नो मून को आप बिना किसी उपकरण के नंगी आंखों से भी देख सकते हैं, बशर्ते मौसम हो. शहर से दूर और प्रदूषण मुक्त वातावरण स्नो मून और भी अधिक आकर्षक दिखाई देता है.
स्नो मून नाम का रहस्य
फरवरी के चांद को स्नो मून का नाम सदियों पहले दिया गया, जिसका बेहद रोचक इतिहास भी है. हालांकि इसे हंगर मून या स्टॉर्म मून के नाम से भी जाना जाता है. ‘द ओल्ड फार्मर्स अल्मनैक’ में 1760 के दशक में इसका जिक्र मिलता है. वर्षों पुरानी लोक-परंपराओं के अनुसार, फरवरी में उत्तरी अमेरिका में भारी बर्फबारी होती थी. इसलिए लोगों ने फरवरी के चांद को स्नो मून का नाम दे दिया. प्राचीन समय में लोगों मौसम और प्रकृति से जोड़कर चंद्रमा को नाम देना शुरू किया था, जिसमें फरवरी के चांद को स्नो मून का नाम दिया गया और इसी तरह हर महीने की पूर्णिमा के अलग-अलग नाम रखे गए, जैसे वुल्फ मून, हार्वेस्ट मून, स्ट्रोबेरी मून कोल्ड मून आदि.
Budget 2026-विदेशी संपत्ति और टैक्स छिपाने पर नहीं होगी जेल
Budget 2026-विदेशी संपत्ति और टैक्स छिपाने पर नहीं होगी जेल
केंद्र सरकार की ओर से यूनियन बजट 2026 में टैक्स को लेकर किसी बड़े बदलाव की घोषणा नहीं की गई हैं. हालांकि सरकार ने नियमों में ऐसे बदलाव किए हैं. जिनसे कुछ लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है. खास तौर पर विदेश में रहने वाले एनआरआई और ऐसे लोगों के लिए जिन्होंने अब तक विदेश में मौजूद अपनी छोटी-मोटी संपत्तियों की जानकारी साझा नहीं की थी.
रिटर्न फाइल करने की समय सीमा बढ़ाने का भी फैसला लिया गया है. सरकार टैक्स सिस्टम को ज्यादा व्यावहारिक बनाना चाहती है. इस बार बजट की चर्चा एनआरआई और विदेशी संपत्तियों के खुलासे से जुड़े नियमों पर भी हो रही है.
विदेशी छोटी संपत्तियों के खुलासे पर सरकार की नरमी
बजट में उन लोगों को राहत देने का फैसला लिया गया है, जो विदेश में मौजूद अपनी छोटी-मोटी संपत्ति की जानकारी टैक्स रिटर्न में भूलवश नहीं दे पाए थे. अगर किसी व्यक्ति की गैर-अचल विदेशी संपत्ति की कुल कीमत 20 लाख रुपये से कम है और वह उसका खुलासा नहीं करता है. तो उस पर अब कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी.
ऐसे मामलों में सजा से छूट मिलेगी. यह नया नियम 1 अक्टूबर 2024 से लागू होगा. जिससे सीमित विदेशी एसेट्स रखने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है.
इनकम टैक्स मामलों में जेल की सजा खत्म
सरकार की ओर से बजट 2026 में टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत देते हुए इनकम टैक्स कानून को अपराध की श्रेणी से बाहर करने का फैसला लिया गया हैं. अब अगर किसी व्यक्ति की आय में गड़बड़ी पाई जाती है या फिर टैक्स छिपाने का मामला सामने आता है, तो उसे जेल नहीं भेजा जाएगा.
ऐसे मामलों में केवल जुर्माना का प्रावधान किया गया है. यह बदलाव 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाले नए इनकम टैक्स एक्ट के तहत लागू किया जाएगा. जिससे ईमानदार करदाताओं को कानूनी परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है.
2026 टी20 वर्ल्ड कप में भारत से नहीं खेलेगा पाकिस्तान
2026 टी20 वर्ल्ड कप में भारत से नहीं खेलेगा पाकिस्तान
2026 टी20 वर्ल्ड कप को लेकर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने अजीब फैसला लिया है. इस वैश्विक टूर्नामेंट में पाकिस्तान की टीम भारत से मैच नहीं खेलेगी. यह महामुकाबला 15 फरवरी को होना था. पाकिस्तान सरकार का कहना है कि टीम 15 फरवरी 2026 को भारत के खिलाफ होने वाले मैच में मैदान पर नहीं उतरेगी.
रविवार को पाकिस्तान सरकार ने एलान किया कि उनकी टीम 7 फरवरी से शुरू हो रहे 2026 टी20 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेगी, लेकिन 15 फरवरी को भारत के खिलाफ मैच में मैदान पर नहीं उतरेगी. पाकिस्तान ने यह फैसला बांग्लादेश के टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद लिया है.
शहबाज सरकार ने अभी यह साफ नहीं किया है कि अगर पाकिस्तान का मुकाबला सेमीफाइनल में भारत से होगा तब उनकी टीम खेलेगी या नहीं. अभी पाकिस्तान सरकार ने 15 फरवरी को होने वाले मैच का बहिष्कार करने का एलान किया है. यह लीग स्टेज का मैच था, जो श्रीलंका में खेला जाना था.
7 फरवरी को पाकिस्तान का है पहला मैच
2026 टी20 वर्ल्ड कप का आगाज पाकिस्तान और नीदरलैंड्स के मैच के साथ होगा. हालांकि, टूर्नामेंट के पहले दिन कुल तीन मैच खेले जाएंगे. कोलंबो में पाकिस्तान की टीम नीदरलैंड्स से भिड़ेगी. वहीं कोलकाता के ईडन गार्डन्स में वेस्टइंडीज और स्कॉटलैंड के बीच होगा. इसके अलावा मुंबई में भारत अपना पहला मैच यूएसए से खेलेगा. पाकिस्तान का मैच भारतीय समय के अनुसार सुबह 11 बजे से शुरू होगा. वेस्टइंडीज का मैच भारतीय समय के अनुसार दोपहर 3 बजे शुरू होगा. वहीं भारत का मैच शाम सात बजे से शुरू होगा.
भारत के साथ ग्रुप ए में है पाकिस्तान
2026 टी20 वर्ल्ड कप में सभी 20 टीमों को चार ग्रुप में बांटा गया है. पाकिस्तान की टीम भारत के साथ ग्रुप ए में है. इन दोनों के अलावा यूएसए और नीदरलैंड्स भी ग्रुप ए का हिस्सा हैं. सुपर 8 में पहुंचने के लिए अब पाकिस्तान को यूएसए और नीदरलैंड्स से जीतना होगा. अगर वो ऐसा कर लेते हैं तो फिर भारत से खेले बिना भी टूर्नामेंट के अगले चरण में पहुंच सकते हैं.









