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राष्ट्रपति पेजेशकियन ने किया युद्ध का ऐलान, ईरान ने कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर दागी मिसाइलें

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राष्ट्रपति पेजेशकियन ने किया युद्ध का ऐलान, ईरान ने कुवैत में अमेरिकी ठिकानों पर दागी मिसाइलें
मिडिल ईस्ट में भीषण युद्ध शुरू हो गया है। अमेरिका ने ईरान के ठिकानों पर हमला किया है तो ईरान ने भी जबरदस्त पलटवार किया है। ईरान ने कुवैत में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर मिसाइलें दागीं। वहीं, राष्ट्रपति पेजेशकियन का घोषणा की है कि तेहरान की अमेरिका के साथ जंग शुरू हो चुकी है।

ईरानी सेना ने मंगलवार तड़के कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे को मिसाइलों से निशाना बनाया। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने इस घटना के बाद कहा कि दोनों देशों के बीच संघर्ष अब पूर्ण युद्ध में बदल गया है।

सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए ने सेना के हवाले से बताया कि जमीनी बलों ने कुवैत के आरिफजान अड्डे पर तैनात अमेरिकी बलों की हिमर्स मिसाइल प्रणालियों को सतह से सतह मिसाइलों से लक्षित किया।

रिपोर्ट में कहा गया कि हिमर्स एक मोबाइल सिस्टम है जो तेजी से आगे बढ़ने और जमीनी लक्ष्यों पर हमला करने में सक्षम है। ईरान का दावा है कि इस हमले में दुश्मन की मिसाइल क्षमता को काफी नुकसान पहुंचाया गया है।
कुवैत सिटी के दक्षिण में स्थित कैंप आरिफजान अमेरिकी वायुसेना, नौसेना, मरीन कोर और तटरक्षक बलों का महत्वपूर्ण अड्डा है। ईरानी हमले के बाद कुवैत में हवाई सतर्कता बढ़ा दी गई है।

राष्ट्रपति पेजेशकियन ने कहा कि आज इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान पूर्ण पैमाने के युद्ध में शामिल है। हमें वास्तविकता स्वीकार करनी होगी और इस प्रतिरोध के परिणामों के लिए तैयार रहना होगा।

यह हमला हाल के दिनों में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव का हिस्सा है। ईरान का कहना है कि यह जवाबी कार्रवाई है, जबकि अमेरिकी पक्ष इसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा बता रहा है। कुवैत ने भी हमलों की निंदा की है और अपनी वायु रक्षा प्रणालियों को सक्रिय रखा है।

जीरो पावर्टी के पात्रों को मिलेगा सभी सरकारी योजनाओं का लाभ – सीएम योगी आदित्यनाथ

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जीरो पावर्टी के पात्रों को मिलेगा सभी सरकारी योजनाओं का लाभ – सीएम योगी आदित्यनाथ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जीरो पावर्टी अभियान को गति देते हुए पात्र परिवारों का अंत्योदय कार्ड देने, आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजना से चरणबद्ध जोड़ने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा है कि सभी पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ मिलना चाहिए। योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र परिवारों तक पहुंचे इसके लिए स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन की विशेष टीम गठित करने के निर्देश दिए।

सोमवार को स्टेट ट्रांसफार्मेशन कमीशन की बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश में संचालित प्रमुख आधारभूत संरचना, औद्योगिक विकास, निवेश, जनकल्याण और सेवा वितरण से जुड़ी परियोजनाओं की समीक्षा की।

उन्होंने कहा कि आधारभूत संरचनाओं के विकास के साथ ही लोगों की सुरक्षा से जुड़े मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए। सभी शासकीय और निजी मेडिकल कालेजों, चिकित्सा संस्थानों, जिला चिकित्सालयों तथा होटलों में फायर एनओसी की समीक्षा करने तथा जहां आवश्यकता हो तत्काल कार्रवाई कर अग्नि सुरक्षा के मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।
2.50 लाख परिवारों का सर्वेक्षण

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि जीरो पावर्टी अभियान के तहत 12.50 लाख परिवारों का सर्वेक्षण किया गया है। इनमें से लगभग नौ लाख परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र पाए गए हैं। लगभग पांच लाख परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना से लाभान्वित किया जाना है। इनमें से 6.67 लाख परिवारों के पास आयुष्मान कार्ड नहीं हैं।

लगभग पांच लाख लोगों का भवन व अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में पंजीकरण कराया चुका है, शेष परिवारों का पंजीकरण कराया जा रहा है। 10.60 लाख परिवारों के एक सदस्य को कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने का लक्ष्य तय किया गया है।

एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण
अधिकारियों ने बताया कि प्रमुख एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य तेजी से चल रहा है। फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 88.45 प्रतिशत, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 72.71 प्रतिशत, आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 63 प्रतिशत तथा जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 59.35 प्रतिशत भूमि मिल चुकी है।

मुख्यमंत्री ने मेरठ-हरिद्वार, विंध्य, विंध्य-पूर्वांचल तथा नोएडा-जेवर लिंक एक्सप्रेसवे सहित सभी परियोजनाओं के लिए 31 जुलाई तक भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश जिलाधिकारियों को दिए।

मुख्यमंत्री ने लखनऊ नाइट सफारी परियोजना के क्रियान्वयन की अनुमति उच्चतम न्यायालय से मिल जाने के बाद औपचारिकताएं पूरी कर परियोजना का काम आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।

उन्होंने ग्रेटर नोएडा में मल्टी माॅडल लॉजिस्टिक हब व मल्टी माॅडल ट्रांसपोर्ट हब परियोजना की औपचारिकताएं पूरी कर काम आगे बढ़ाने को कहा। इस हब के लिए 323 हेक्टेयर में से 301 हेक्टेयर भूमि मिल चुकी है।

मुख्यमंत्री ने औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के लिए माॅडल बिल्डिंग बायलाज में ईज आफ डूइंग बिजनेस को ध्यान में रखते हुए जरूरी संशोधन किए जाने के निर्देश दिए।

बैठक में उन्नाव की एक्वा ब्रिज परियोजना तथा कानपुर के बिनगवां स्थित 40 एमएलडी तृतीयक उपचार संयंत्र से पनकी ताप विद्युत संयंत्र को पानी उपलब्ध कराने वाली परियोजना को समय से क्रियान्वित करने के निर्देश भी दिए गए।

यूपी में जिलों के हिसाब से बनाएं बाढ़ या सूखे से निपटने की योजना, सीएम योगी ने अधिकारियों को दिए निर्देश

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यूपी में जिलों के हिसाब से बनाएं बाढ़ या सूखे से निपटने की योजना, सीएम योगी ने अधिकारियों को दिए निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि अनियमित वर्षा से एक तरफ सूखा, दूसरी तरफ बाढ़ की चुनौती है। ऐसे में नागरिकों की सुरक्षा, किसानों की फसल व आजीविका की रक्षा करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसमें शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

राहत व बचाव कार्यों में संवेदनशीलता और समन्वय के साथ प्रभावित व्यक्तिों को समयबद्ध सहायता पहुंचाई जाए। प्रत्येक जिले की परिस्थिति अलग है। इसलिए राहत व बचाव की रणनीति उसी के अनुरूप बनाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा के समय अराजक तत्व भी तटबंधों को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इस आशंका से इन्कार नहीं कर सकते हैं। इस बिंदु पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाए।

सूखा व बाढ़ की संभावित स्थितियों से निपटने की तैयारियों की सोमवार को समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां सामान्य से कम वर्षा हुई, वहां कृषि कार्य प्रभावित नहीं होने पाएं। बोआई व सिंचाई के रियल टाइम आंकड़ों की नियमित समीक्षा कर समयबद्ध मदद उपलब्ध कराई जाए।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में ताजा व पौष्टिक भोजन, स्वच्छ पेयजल, चिकित्सा सुविधा की उपलब्धता के साथ स्वच्छता अभियान चलायें। बच्चों को दूध की कमी न हो। महिलाओं, वृद्ध, दिव्यांग तथा गर्भवती महिलाओं का विशेष ध्यान रखा जाए। प्रशिक्षित आपदा मित्रों की सेवाएं ली जाएं।

एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएसी, पुलिस, राजस्व, सिंचाई, स्वास्थ्य, पशुपालन व स्थानीय प्रशासन पूर्ण समन्वय के साथ कार्य करें।
अतिवृष्टि, बाढ़ के संबंध में मौसम विभाग, केंद्रीय जल आयोग तथा नेपाल से प्राप्त जलस्तर संबंधी सूचनाओं का विश्लेषण करते हुए आवश्यक निर्णय लिए जाएं।

संभावित खतरे की स्थिति में प्रभावित आबादी को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। तटबंधों की सुरक्षा की निगरानी व नियमित पेट्रोलिंग कराई जाए। समय रहते पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए।
चार जिले बाढ़ प्रभावित

मुख्यमंत्री को बताया गया कि बाढ़ की दृष्टि से संवेदनशील 44 जिलों में तैयारियां पूरी हैं। बलिया, गौतमबुद्ध नगर, लखीमपुर खीरी व मुजफ्फरनगर के 42 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। राहत व बचाव कार्यों के लिए 1,412 बाढ़ चौकियां सक्रिय हैं। 549 मेडिकल टीमों का गठन किया गया है।

55 नाव और मोटरबोट राहत कार्यों में लगाई गई हैं। 1,096 बाढ़ शरणालय संचालित हैं। 1,694 राहत शरणालय चिह्नित किए गए हैं जिनमें 5.14 लाख लोगों को आश्रय देने की क्षमता है। पशुधन की सुरक्षा के लिए 910 पशु शरणालय स्थापित किए गए हैं।

गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन : मुख्यमंत्री विष्णु देव

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गौ संरक्षण जनभागीदारी से ही बनेगा जनआंदोलन : मुख्यमंत्री विष्णु देव
गौमाता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, जैविक कृषि और पर्यावरण संरक्षण की आधारशिला है। गौ संरक्षण पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है। जब प्रत्येक परिवार गौसेवा और संरक्षण का संकल्प लेगा, तभी यह अभियान जनआंदोलन का स्वरूप ले सकेगा। मुख्यमंत्रीसाय ने आज राजधानी रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कृषक सभागार में आयोजित गौ सेवा संगम एवं गौ विज्ञान परीक्षा पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।

इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशव्यापी ‘मेरा परिवार गौव्रति परिवार’ अभियान का शुभारंभ किया तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए संचालित किए जाने वाले वृक्षारोपण अभियान के पोस्टर का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने गौ विज्ञान परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर पुरस्कार भी प्रदान किए।

नई पीढ़ी में भारतीय संस्कृति और वैज्ञानिक दृष्टि का सुंदर समन्वय
मुख्यमंत्री ने कहा कि गौमाता केवल धार्मिक आस्था का विषय नहीं है, बल्कि कृषि, स्वास्थ्य, पर्यावरण और ग्रामीण समृद्धि की महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने कहा कि बच्चों में गाय के वैज्ञानिक, सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व की समझ विकसित करने के उद्देश्य से आयोजित गौ विज्ञान परीक्षा अत्यंत सराहनीय पहल है।
उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इस वर्ष प्रदेश के स्कूलों एवं महाविद्यालयों के 1 लाख 64 हजार से अधिक विद्यार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया। इतनी बड़ी संख्या में युवाओं की सहभागिता यह दर्शाती है कि नई पीढ़ी भारतीय संस्कृति, जीवन मूल्यों और प्रकृति संरक्षण के प्रति सजग हो रही है। मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि वे समाज में गौ संरक्षण और संवर्धन के प्रभावी दूत बनेंगे।

नई पीढ़ी का भविष्य संवारना ही हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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नई पीढ़ी का भविष्य संवारना ही हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
दुर्ग जिले को शिक्षा एवं खेल अधोसंरचना की चार बड़ी सौगातें : नीट-जेईई के विद्यार्थियों के लिए छात्रावास, आधुनिक कम्पोजिट कार्यालय भवन, ऑडिटोरियम एवं एथलेटिक्स ट्रैक की घोषणा

शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक लाना नहीं, बल्कि बच्चों में नैतिक मूल्यों, वैज्ञानिक सोच, सामाजिक संवेदनशीलता और राष्ट्रभावना का विकास करना है। शिक्षा संस्कारित समाज, सशक्त राष्ट्र और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे मजबूत आधारशिला है। राज्य सरकार का संकल्प है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा संसाधनों या अवसरों के अभाव में अपने सपनों से वंचित न रहे। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक अधोसंरचना, तकनीकी संसाधन और समान अवसर उपलब्ध कराकर प्रदेश की नई पीढ़ी को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, जामगांव (एम) में आयोजित राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव 2026-27 को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम के प्रारंभ में विद्यालय में पहली बार प्रवेश लेने वाले नन्हे बच्चों का तिलक लगाकर एवं मुंह मीठा कराकर आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने बच्चों को स्नेह पूर्वक आशीर्वाद देते हुए कहा कि वे मन लगाकर अध्ययन करें, बड़े सपने देखें और अपने ज्ञान, प्रतिभा एवं संस्कारों से परिवार, समाज, प्रदेश और देश का नाम रोशन करें। उन्होंने कहा कि बच्चों की मुस्कान और उनकी आंखों में बसे सपने ही विकसित छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य की नींव हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कक्षा पहली, छठवीं एवं नवमी के चयनित विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्य-पुस्तकें, गणवेश एवं स्कूल बैग वितरित किए। साथ ही कक्षा नवमी की छात्राओं को साइकिल प्रदान कर उन्हें उच्च शिक्षा के लिए निरंतर आगे बढ़ने का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री साय ने राष्ट्रीय साधन सह प्रवीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा 2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए कहा कि प्रतिभा किसी क्षेत्र या परिस्थिति की मोहताज नहीं होती, आवश्यकता केवल सही अवसर और उचित मार्गदर्शन की होती है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को केवल बेहतर बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उसे भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक और समावेशी बना रही है। प्रदेश के विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, समय पर निःशुल्क पुस्तक एवं गणवेश वितरण, अतिरिक्त पौष्टिक आहार, नियमित पालक-शिक्षक बैठक, न्योता भोज और भारतीय संस्कृति पर आधारित विभिन्न नवाचारों के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास का वातावरण तैयार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने युक्तियुक्तकरण के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार किए हैं। आज प्रदेश का कोई भी विद्यालय शिक्षक विहीन नहीं है। दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। बस्तर के जगरगुंडा जैसे क्षेत्रों में एजुकेशन हब विकसित किए जा रहे हैं, ताकि वहां के बच्चों को भी बड़े शहरों जैसी शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, 24 नालंदा परिसर विकसित किए जा चुके हैं तथा दिल्ली में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए 200 सीटों की छात्रावास सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

मुख्यमंत्री साय ने दुर्ग जिले के लिए शिक्षा एवं खेल अधोसंरचना से जुड़ी चार महत्वपूर्ण घोषणाएं की। उन्होंने शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक, जिला शिक्षा अधिकारी एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों के स्थान पर आधुनिक कम्पोजिट कार्यालय भवन के निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही दुर्ग शहर में सर्वसुविधायुक्त आधुनिक ऑडिटोरियम, खेल प्रतिभाओं के लिए फुटबॉल मैदान सह एथलेटिक्स ट्रैक तथा नीट एवं जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए 100-100 सीटर छात्र एवं छात्रा छात्रावास स्थापित किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इन निर्णयों से शिक्षा और खेल दोनों क्षेत्रों में प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा।

मुख्यमंत्री साय ने विद्यालय की खगोल विज्ञान प्रयोगशाला का अवलोकन किया और विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए अंतरिक्ष विज्ञान एवं खगोल से जुड़े मॉडलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक सोच और नवाचार ही भविष्य के भारत की पहचान होंगे और राज्य सरकार बच्चों में विज्ञान एवं तकनीक के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने विद्यालय परिसर में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत कटहल, सिंदूरी एवं मौल के पौधे रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने स्कूली बच्चों के साथ न्योता भोज में भी सहभागिता की और आत्मीय संवाद करते हुए उनके अध्ययन, रुचियों और भविष्य की आकांक्षाओं के बारे में जानकारी ली।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा में राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान भी किया गया। मुख्यमंत्री साय ने राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली कु. पायल रजनी, सातवां स्थान प्राप्त करने वाले नैतिक आमटे तथा दसवां स्थान प्राप्त करने वाली कु. श्रद्धा इंदौरिया को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विद्यालयों में चरणबद्ध रूप से कंप्यूटर शिक्षा का विस्तार कर रही है। बालिकाओं के लिए आठ हजार से अधिक नए शौचालयों का निर्माण, भाषा एवं गणितीय दक्षता बढ़ाने के विशेष अभियान तथा भारतीय संस्कृति एवं महापुरुषों के जीवन से विद्यार्थियों को जोड़ने जैसे नवाचार शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि आगामी वर्षों में निजी विद्यालयों की तर्ज पर शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने के पहले ही दिन सभी विद्यार्थियों को पुस्तकें एवं गणवेश उपलब्ध हो सकें।

इस अवसर पर दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर, साजा विधायक ईश्वर साहू, छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राकेश पाण्डेय, तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष जितेन्द्र साहू, स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, दुर्ग संभाग आयुक्त सत्यनारायण राठौर, पुलिस महानिरीक्षक अभिषेक शांडिल्य, समग्र शिक्षा आयुक्त मती किरण कौशल, कलेक्टर अभिजीत सिंह सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, अभिभावक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिले डाक सहायक स्व. उर्मिला सैनी के परिजन

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिले डाक सहायक स्व. उर्मिला सैनी के परिजन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर की डाक सहायक स्व. उर्मिला सैनी के मासूम बच्चों की स्कूली एवं उच्च शिक्षा की पढ़ाई-लिखाई के लिये 5 लाख रूपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मानवीय संवेदना जताते हुए इंदौर में घटित दुघर्टना में मासूम अव्यक्त (उम्र 7 वर्ष) और प्रेक्षा (उम्र 15 वर्ष) के सर से माँ मती उर्मिला सैनी का साया उठने के बाद मासूम बच्चों की शिक्षा और देखभाल के लिये आर्थिक सहायता प्रदान की है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मासूम प्रेक्षा ने नाना सत्यनारायण मालाकार और अन्य परिजनों के साथ विधानसभा स्थित कक्ष में भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शोक संतप्त परिजनों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि वे स्वयं को बिल्कुल भी अकेला न समझें। सरकार मासूम बच्चों की शिक्षा के लिये हरसंभव मदद करेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बच्चों के नाम 5 लाख रूपये की एफडी होगी। एफडी की ब्याज की राशि बच्चों की पढ़ाई-लिखाई में व्यय की जायेगी।

मुख्यमंत्री ने की गुरु पूर्णिमा महोत्सव आयोजन की तैयारियों की समीक्षा

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मुख्यमंत्री ने की गुरु पूर्णिमा महोत्सव आयोजन की तैयारियों की समीक्षा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गुरुजन सदैव पूजनीय है, वंदनीय हैं। गुरु ही हमें ‘गु’ (अज्ञान के अंधकार) से ‘रु’ (ज्ञान-विज्ञान की रश्मि/प्रकाश) की ओर ले जाते हैं। गुरु पूर्णिमा अपने गुरुजनों की सेवा, वंदना और उनका आशीर्वाद पाने का प्रमुख उत्सव है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति – 2020 के उद्देश्यों को बढ़ावा देते हुए पुरातन भारतीय ज्ञान परम्परा तथा भारतीय गुरु-शिष्य परम्परा के आदर्शों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आने वाली गुरु पूर्णिमा पर प्रदेशव्यापी ‘महर्षि सांदीपनि श्रृद्धा पर्व’ का आयोजन किया जाये। इसमें स्कूल शिक्षा, जनजातीय कार्य, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा विभाग के साथ-साथ निजी शिक्षण संस्थानों तथा खेल, नाटक, चित्रकला, संगीत एवं अन्य कला संस्थानों की भी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित की जाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवारको मध्यप्रदेश विधानसभा के समिति कक्ष क्रमांक-1 में आगामी गुरु पूर्णिमा महोत्सव के आयोजन की तैयारियों की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभी प्रदेश में गुरु पूर्णिमा पखवाड़ा चल रहा है। प्रदेश में जितने भी सांदीपनि विद्यालयों का लोकार्पण होना शेष है, उनका लोकार्पण गुरु पूर्णिमा से पहले करा लिया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि महर्षि सांदीपनि योगेश्वर भगवान कृष्ण के गुरु थे। उन्होंने तत्समय अमीर और गरीब सभी छात्रों को विद्या दान देकर राष्ट्र भक्ति का परिचय दिया। वहीं देश में गुरुकुल शिक्षा पद्धति को व्यवस्थित करने में प्रभावी योगदान दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि महर्षि सांदीपनि के जीवन चरित्र एवं गुरुकुल शिक्षा पद्धति के प्रसार में उनके वैशिष्ट्य और योगदान पर केंद्रित एक लघु पुस्तिका का प्रकाशन करायें और सभी विद्यालयों में वितरित करायें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्‍थाओं में गुरू-पूजन आयोजन किया जाये। इसमें स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया जाये। उन्होंने कहा कि प्रतिवर्ष विद्यालयों में मनाये जाने वाले मित्रता दिवस पर कृष्ण-सुदामा के जीवन चरित्र के बारे में बताया जाये।

गुरू पूर्णिमा को जनभागीदारी का उत्सव बनाये

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गुरु पूर्णिमा ‘महर्षि सांदीपनि श्रद्धा पर्व’ को जनभागीदारी का उत्सव बनाया जाए, जिससे विद्यार्थियों और युवाओं में अपने गुरुजनों के प्रति सम्मान और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति आस्था सुदृढ़ हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शासकीय विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के साथ-साथ निजी विद्यालयों, महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों को भी इस आयोजन से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुरु पूर्णिमा को सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक जन-आंदोलन का स्वरूप दिया जाए, ताकि गुरु-शिष्य परम्परा का संदेश समाज के प्रत्येक वर्ग तक प्रभावी ढंग से पहुंचे और इसे नई पीढ़ी तक सशक्त रूप से पहुंचाया जा सके। बैठक में आयोजन की रूपरेखा, कार्यक्रमों के स्वरूप तथा विभिन्न विभागों की जिम्मेदारियों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।

अपर मुख्य सचिव, सामान्य प्रशासन, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व शिवशेखर शुक्ला ने बताया कि गुरु पूर्णिमा (29 जुलाई) के दिन शैक्षणिक संस्थाओं में होने वाले कार्यक्रमों में सर्वप्रथम मां सरस्वती की प्रतिमा/चित्र पर माल्यार्पण, सरस्वती वंदना, गुरुजनों का स्वागत-सत्कार-सम्मान, व्याख्यान/उद्बोधन, छात्र-शिक्षक संवाद, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं अन्य प्रतियोगिताएं आयोजित की जायेंगी। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी शैक्षणिक संस्‍थान विद्यालय, महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालय में विभिन्न गतिविधियों के आयोजन के लिए दिशा निर्देश जारी किए जा रहे हैं। सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं विश्‍वविद्यालयों में साहित्‍यिक एवं सांस्‍कृतिक कार्यक्रम विद्यार्थियों द्वारा ही किए जायें, ऐसे निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि गुरु पूर्णिमा और महर्षि सांदीपनि श्रद्धा पर्व के आयोजन से समाज की भी सक्रिय सहभागिता के प्रयास किए जा रहे हैं।

बैठक में जनजातीय कार्य, लोक परिसंपत्ति प्रबंधन तथा भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुर्नवास मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, उच्च शिक्षा, आयुष एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, कौशल विकास एवं रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम टेटवाल, मुख्य सचिव अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अशोक वर्णवाल, अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन, सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल, मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार राम तिवारी, संचालक संस्कृति एन.पी. नामदेव सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।

72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड में चमकी Yami Gautam की Article 370

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72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड में चमकी Yami Gautam की Article 370
72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स के विजेताओं की घोषणा 18 जुलाई को हुई। जहां एक तरफ कार्तिक आर्यन और ममूटी ने बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड शेयर किया, तो वहीं साल 2024 में रिलीज हुई यामी गौतम की फिल्म ‘आर्टिकल 370’ सबसे बड़ी विजेता बनकर उभरी।

यामी गौतम की फिल्म ‘आर्टिकल 370’ को न सिर्फ बेस्ट फीचर फिल्म के पुरस्कार से सम्मानित किया गया, बल्कि इस मूवी में उनकी एक्टिंग भी काफी सराहनीय रही। यामी गौतम ने इस फिल्म के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का अवॉर्ड भी जीता।

किस ओटीटी प्लेटफॉर्म पर देखें ‘आर्टिकल-370’?
यामी गौतम की फिल्म ‘आर्टिकल 370’ 23 फरवरी 2024 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। इस मूवी ने थिएटर्स में 50 दिन पूरे किए थे और जब 19 अप्रैल 2024 को यह फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म पर आई, तो यह उस साल की टॉप 10 ग्लोबल ट्रेंडिंग फिल्मों में से एक बन गई। यामी गौतम ने फिल्म में NIA ऑफिसर जूनी हक्सर का दमदार किरदार अदा किया था।

अगर आपने अभी तक यह मूवी नहीं देखी है और आपको इसकी कहानी नहीं पता है, तो निराश होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि ‘आर्टिकल 370’ नेटफ्लिक्स (Netflix) पर अभी भी उपलब्ध है। दर्शकों ने इस बात की काफी सराहना की थी कि यह फिल्म बिना किसी गैर-जरूरी ड्रामे के सीधे अपने मुद्दे पर बात करती है।

‘आर्टिकल 370’ बॉक्स ऑफिस पर हिट हुई थी या फ्लॉप?
नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स की घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर ‘आर्टिकल 370’ को लेकर सर्च काफी बढ़ गया है। कई लोग गूगल पर यह जानने के इच्छुक हैं कि यामी गौतम स्टारर यह फिल्म 2024 में बॉक्स ऑफिस पर हिट हुई थी या फ्लॉप?

मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर में ऋणमुक्तेश्वर महादेव मंदिर में दाल चढ़ाने की अनोखी परंपरा

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मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर में ऋणमुक्तेश्वर महादेव मंदिर में दाल चढ़ाने की अनोखी परंपरा
हम सभी ने भगवान शिव के मंदिर में उन्हें दूध, बेलपत्र, शहद, गंगाजल और पानी चढ़ाते हुए तो देखा होगा, लेकिन क्या कभी किसी शिव मंदिर में दाल चढ़ाते किसी को देखा है?

चौकिए मत मध्य प्रदेश की तीर्थ नगरी कहा जाने वाला ओंकारेश्वर अपने धार्मिक महत्व और आस्था के लिए दुनियाभर में जाना जाता है। इस नगरी में स्थित है ऋणमुक्तेश्वर महादेव का मंदिर जो देश के अन्य शिव मंदिरों से थोड़ा अलग है।
मध्य प्रदेश का ऋणमुक्तेश्वर मंदिर

इस मंदिर में भगवान शिव के शिवलिंग को दूध, बेलपत्र और गंगाजल के अलावा दाल भी चढ़ाई जाती है। ऋणमुक्तेश्वर मंदिर को लेकर मान्यता है कि, यहां सच्ची श्रद्धा के साथ दाल चढ़ाने से व्यक्ति को कर्ज से मुक्ति मिलने के साथ जीवन में सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

नर्मदा नदी के तट पर बसे इस प्राचीन मंदिर में रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए आते हैं। खासकर सोमवार, शिवरात्रि और धार्मिक उत्सवों के मौके पर यहां भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। मंदिर में दर्शन करने से पहले भक्त नर्मदा नदी में स्नान करते हैं, और इसके बाद ऋणमुक्तेश्वर महादेव मंदिर में प्रवेश कर उन्हें चने की दाल अर्पित करते हैं।

महाभारत काल से जुड़ा है मंदिर का इतिहास
भगवान शिव का ऋणमुक्तेश्वर मंदिर का इतिहास पांडव काल से जुड़ा है। अज्ञातवास के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के कहने पर पांडवों ने ऋण से मुक्ति पाने के लिए ऋणमुक्तेश्वर महादेव मंदिर की स्थापना की थी। जब अज्ञातवास खत्म हुआ तो, यहां आकर सभी पांडवों ने भगवान का आभार जताया था।

उसी परंपरा का अनुसरण करते हुए इस मंदिर में आने वाले भक्त शिवलिंग पर चने की दाल अर्पित करते हैं। मंदिर की यही खासियत इसे अन्य शिव मंदिरों से अलग बनाती है। माना जाता है कि, दाल चढ़ाने की परंपरा कोई आज की नहीं बल्कि अनादिकाल से चली आ रही है।

ऋणमुक्तेश्वर मंदिर से जुड़ी प्रचलित मान्यता
ऋणमुक्तेश्वर मंदिर में भगवान शिव को दाल चढ़ाने के पीछे एक प्रचलित मान्यता यह भी है कि, ऋणमुक्तेश्वर मंदिर देवताओं के गुरु कहे जाने बृहस्पति का निवास स्थान है। भगवान शिव ने यहां सभी को अलग-अलग स्थान दिया था, जिसमें बृहस्पति को ऋणमुक्तेश्वर मंदिर स्थान दिया गया।

आग की घटनाओं को लेकर योगी सरकार हुई सख्त, फायर NOC की अनिवार्यता वाले सभी भवनों की मांगी लिस्ट

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आग की घटनाओं को लेकर योगी सरकार हुई सख्त, फायर NOC की अनिवार्यता वाले सभी भवनों की मांगी लिस्ट
हाल के दिनों में लखनऊ सहित अन्य शहरों में भवनों में आग लगने की घटनाओं से हुए जान माल के नुकसान को देखते हुए नगर विकास विभाग ने उत्तर प्रदेश आवास एवं विकास परिषद, विकास प्राधिकरणों, विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरणों तथा समस्त विनियमित क्षेत्र से फायर अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) की अनिवार्यता वाले भवनों की सूची मांगी है।

इस सूची में भवन मालिकों का नाम व पता, फायर एनओसी की स्थिति, मानचित्र स्वीकृति की तिथि, भवन के आक्युपेंसी का प्रकार, भवन की ऊंचाई, भवन का भू-क्षेत्र आदि विवरण शामिल करने को कहा गया है।

उप निदेशक वीपी नागेश ने इस आशय का पत्र समस्त आवास एवं विकास परिषदों के आयुक्त, समस्त विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्ष, समस्त विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरणों के अध्यक्ष के साथ ही समस्त विनियमित क्षेत्र के जिलाधिकारी/नियंत्रक अधिकारी को भेजा है।

जिसमें निर्धारित प्रारूप पर फायर एनओसी की अनिवार्यता वाले भवनों की सूची तैयार कर निदेशक, आवास बंधु लखनऊ व शासन को तत्काल भेजने के लिए कहा गया है।