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रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग मामला: 5 आरोपियों पर लगा मकोका

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रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग मामला: 5 आरोपियों पर लगा मकोका
फिल्ममेकर रोहित शेट्टी के घर के बाहर हुई फायरिंग की घटना में मुंबई पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है. इस मामले में गिरफ्तार किए गए पांच आरोपियों पर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) लगा दिया गया है. बुधवार को पांचों आरोपियों की पुलिस कस्टडी खत्म होने के बाद स्पेशल मकोका कोर्ट में पेश किया गया. कोर्ट ने सभी पांचों आरोपियों को 17 फरवरी तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है.

मुंबई क्राइम ब्रांच ने इन आरोपियों की 15 दिनों की पुलिस कस्टडी की मांग की थी, लेकिन स्पेशल कोर्ट ने इतनी लंबी कस्टडी देने से इनकार कर दिया. केवल 17 फरवरी तक की अवधि के लिए पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया है.

इस मामले में पुलिस ने पहले ही पांच लोगों को गिरफ्तार किया था. इन आरोपियों पर रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग करने का आरोप है. घटना के बाद पुलिस ने 12 टीमों का गठन किया. वहीं, मुंबई क्राइम ब्रांच ने तुरंत जांच शुरू की और कुछ दिनों में ही इन पांचों को हिरासत में ले लिया.

शुरुआती जांच में कई खुलासे हुए हैं, जिसके बाद पुलिस ने मकोका लगाने का फैसला किया. मकोका एक सख्त कानून है, जिसका इस्तेमाल संगठित अपराध, गैंगवार और वसूली जैसे मामलों में किया जाता है. इस कानून के तहत आरोपी को आसानी से जमानत नहीं मिलती और जांच के दौरान पुलिस को ज्यादा अधिकार मिलते हैं.

‘मुंबई में कुछ बड़ा करना है’
वहीं, रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग मामले की जांच में मुंबई क्राइम ब्रांच ने बड़ा खुलासा किया है. फरार आरोपी शुभम लोनकर मुंबई में दहशत फैलाने की साजिश रच रहा था. उसने गिरफ्तार आरोपियों से कहा था कि ‘मुंबई में कुछ बड़ा करना है.’

इसके अलावा, शुभम ने अपने भाई प्रवीण लोनकर को तीन हथियार दिए थे. प्रवीण ने ये हथियार रोहित शेट्टी फायरिंग केस में शामिल गिरफ्तार आरोपियों तक पहुंचाए. अब पुलिस प्रवीण लोनकर को कस्टडी में लेकर गहन पूछताछ करेगी. पुलिस का कहना है कि यह साजिश बड़ी हो सकती है. फरार शुभम लोनकर को जल्द गिरफ्तार करने के लिए छापेमारी और निगरानी तेज कर दी गई है.

स्वस्थ समाज ही समृद्ध राज्य की नींव : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

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स्वस्थ समाज ही समृद्ध राज्य की नींव : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जीपीएम जिले की स्थापना की छठवीं वर्षगांठ के अवसर पर जिले को स्वास्थ्य क्षेत्र की एक बड़ी सौगात दी है। उन्होंने जिला अस्पताल के नवीन भवन के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। नवीन जिला अस्तपाल करीब 18 करोड़ रुपये की लागत से तैयार होगा। यह अत्याधुनिक अस्पताल 100 बिस्तरयुक्त होगा। इस अस्पताल के बनने से जिले के नागरिकों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक प्रणव मरपच्ची ने की।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि स्वस्थ समाज ही समृद्ध राज्य की नींव होता है। जीपीएम जिले में नए अस्पताल भवन का निर्माण स्वास्थ्य सुविधाओं को नई मजबूती देगा। टीबी मुक्त और बाल विवाह मुक्त पंचायतें इस बात का प्रमाण हैं कि जब शासन और समाज मिलकर काम करते हैं, तो बड़े सामाजिक बदलाव संभव होते हैं। छत्तीसगढ़ को रोगमुक्त, सुरक्षित और सशक्त बनाने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री साय ने कार्यक्रम में जिले की 52 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त एवं 71 ग्राम पंचायतों को बाल विवाह मुक्त घोषित किया। इन पंचायतों के सरपंचों को प्रशस्ति पत्र एवं महात्मा गांधी जी की प्रतिमा भेंट कर सम्मानित किया गया। गौरतलब है कि बाल विवाह मुक्त घोषित ग्राम पंचायतों में पिछले दो वर्षों में एक भी बाल विवाह के प्रकरण सामने नहीं आए हैं, वहीं टीबी मुक्त पंचायतों में दो से तीन वर्षों से कोई नया प्रकरण दर्ज नहीं हुआ है। यह उपलब्धि जनजागरूकता, स्वास्थ्य विभाग और पंचायतों के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को गति देने के लिए जागरूकता हेतु तीन प्रचार वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में जन-जागरूकता और अधिक सशक्त हो सके। यह अभियान 10 फरवरी से शुरु होकर 25 फरवरी तक चलेगा। जिसमें लोगो को निःशुल्क रुप से फाइलेरिया उन्मूलन के लिए सामूहिक दवा सेवन कराया जाएगा। कार्यक्रम में विधायक अनुज शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष समीरा पैंकरा, अनेक जनप्रतिनिधियों सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित थे।

वायरल गर्ल मोनालिसा की पहली फिल्म का टीजर रिलीज

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वायरल गर्ल मोनालिसा की पहली फिल्म का टीजर रिलीज
महाकुंभ में माला बेचते हुए मोनालिसा वायरल हो गई थी. उनकी कजरारी आंखें और मासूम चेहरे ने फैंस का दिल लूट लिया था. इसके बाद मोनालिसा की किस्मत चमक उठी. अब वो बॉलीवुड एक्ट्रेस बनने जा रही हैं. उनकी पहली फिल्म है ‘द मणिपुर डायरीज’. इस फिल्म को सनोज मिश्रा बना रहे हैं.

फिल्म का पहला टीजर रिलीज हो गया है. द मणिपुर डायरीज के टीजर में मोनालिसा को देख फैंस काफी खुश हैं और उनकी एक्टिंग की तारीफ कर रहे हैं.

क्या है टीजर?
टीजर की शुरुआत मोनालिसा से ही होती है. टीजर में मोनालिसा को मणिपुर की सबसे अकेली लड़की बताया जाता है. वो शहर में भर में घूमती फिरती हैं. नेचर को एंजॉय करती हैं. उनके दोस्त जानवर, पेड़, तितलियां और पिल्लू. मोनालिसा अपनी अदाओं से दिल जीतती नजर आ रही हैं. मोनालिसा को झरने के पास रोमांस करते हुए भी दिखाया गया.

इसके अलावा फिल्म की कहानी में आगे मणिपुर की पॉलिटिक्स दिखाई गई है. टीजर में जाति- धर्म के नाम पर दंगा, धरना भी दिखाए गए.
फिल्म के डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने फिल्म की पूरी टीम और कलाकारों के साथ टीजर रिलीज किया. उन्होंने कहा, ‘द डायरी आफ मणिपुर फिल्म 10 करोड़ के बजट में लगभग एक साल में बनकर तैयार हुई है. ये एक लव स्टोरी है और इसमें मुख्य भूमिका में मोनालिसा और प्रयागराज के एक्टर अभिषेक तिवारी हैं. ये फिल्म उनके सपने के सच होने जैसा है. अप्रैल के पहले हफ्ते में इस फिल्म के रिलीज होने की पूरी संभावना है. ढाई घंटे की इस फिल्म में चार-पांच गाने भी हैं जो दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करेंगे. ये लव स्टोरी देश की राजधानी दिल्ली से नॉर्थ ईस्ट मणिपुर को कनेक्ट करती है.’

आगे उन्होंने कहा, ‘ये फिल्म मणिपुर में शूट हुई है. 5 फ़ीसदी फिल्म नेपाल और 80 फ़ीसदी फिल्म की शूटिंग उत्तराखंड में पूरी हुई है. वहीं महाकुंभ की वायरल गर्ल मोनालिसा ने कहा है, ‘द डायरी आफ मणिपुर’ फिल्म में काम कर मुझे बहुत अच्छा लगा. मुझे हिंदी नहीं आती थी और मैं पढ़ी-लिखी नहीं हूं. इस फिल्म के लिए मुझे काफी मेहनत करनी पड़ी. इसके लिए मुझे फिल्म के डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने पूरा सहयोग दिया इसके साथ-साथ मेरी फैमिली भी मेरे साथ खड़ी रही.’

फिल्म को लेकर मोनालिसा ने कहा ये
मोनालिसा ने अपने डायरेक्टर सनोज मिश्रा को लेकर कहा है, ‘उन्होंने एक आम लड़की को उन्होंने स्क्रीन तक पहुंचाया है. वो अपने गांव में स्कूल खोलना चाहती हैं. अपनी छोटी बहन को कलेक्टर बनना चाहती हैं. उनकी तेलुगु में भी एक फिल्म “लाइफ” भी बनकर तैयार है. जो जल्द ही रिलीज होने वाली है. इसके अलावा कुछ और फिल्मों पर भी काम चल रहा है.’

मोनालिसा ने दर्शकों से अपील की है कि वह उनकी अपकमिंग फिल्म “द डायरी ऑफ मणिपुर” देखने के लिए सिनेमाघर में जरूर जाएं.

PM मोदी से फैमिली के साथ मिले सचिन तेंदुलकर, बेटे अर्जुन की शादी का दिया न्योता

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PM मोदी से फैमिली के साथ मिले सचिन तेंदुलकर, बेटे अर्जुन की शादी का दिया न्योता
भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन तेंदुलकर मार्च में सानिया चंडोक के साथ शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं. सचिन ने अपने परिवार से साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और उन्हें शादी का न्योता दिया. पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर पीएम मोदी के साथ मिलने की तस्वीरे शेयर करते हुए ये जानकारी दी.

परिवार के साथ पीएम मोदी से मिले सचिन तेंदुलकर
क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, ‘हमें अर्जुन और सानिया के विवाह समारोह में माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आमंत्रित करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ. इस युवा कपल को आपके आशीर्वाद और विचारशील सलाह के लिए पीएम मोदी को धन्यवाद.’

अर्जुन तेंदुलकर की कब होगी शादी?
सानिया चंडोक जाने-माने कारोबारी रवि घई की पोती हैं. वह एक क्वालिफाइड वेटरनरी टेक्नीशियन भी हैं. न्यूज एजेंसी आईएएनएस ने सूत्रों के हवाले से बताया कि शादी की रस्में 3 मार्च से शुरू होने की उम्मीद है. 5 मार्च को दोनों शादी रचाएंगे, जो मुंबई में होगी. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कपल ने पिछले साल अगस्त में सगाई की थी. इस समारोह में सिर्फ परिवार और करीबी लोग ही शामिल हुए थे.

अर्जुन तेंदुलकर का क्रिकेटिंग करियर
अर्जुन एक तेज गेंदबाज और लोअर-ऑर्डर बल्लेबाज हैं, जिन्हें इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में मुंबई इंडियंस से लखनऊ सुपर जायंट्स में ट्रेड किया गया था. अर्जुन तेंदुलकर ने साल 2022 में गोवा के लिए रणजी ट्रॉफी में डेब्यू किया था. साल 2021 में अर्जुन तेंदुलकर को आईपीएल नीलामी में मुंबई इंडियंस (MI) ने 20 लाख के बेस प्राइस में खरीदा था. हालांकि, उस साल अर्जुन को चोट के कारण आईपीएल से बाहर होना पड़ा था.

इसके बाद आईपीएल 2022 की नीलामी में मुंबई इंडियंस ने एक बार फिर अर्जुन तेंदुलकर पर दांव खेला. उन्हें नीलामी में 30 लाख रुपये में खरीदा गया. अर्जुन ने आईपीएल 2023 में डेब्यू किया और इस सीजन 4 मुकाबले खेले थे. इसके बाद अगले साल मुंबई इंडियंस ने उन्हें सिर्फ एक मैच में उतारा. अर्जुन अब तक 5 आईपीएल मुकाबलों में 3 विकेट लेने के अलावा, 13 रन बना चुके हैं.

राहुल गांधी के आरोपों पर पेंगुइन ने दी सफाई तो आया जनरल नरवणे का रिएक्शन

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राहुल गांधी के आरोपों पर पेंगुइन ने दी सफाई तो आया जनरल नरवणे का रिएक्शन
‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ किताब पर विवाद बढ़ता ही जा रहा है. राहुल गांधी ने जब से संसद में इस किताब का जिक्र किया, तब से कई बड़े बयान सामने आ चुके हैं. किताब की पब्लिशर कंपनी पेंगुइन पब्लिकेशन ने हाल ही में बयान जारी कर सफाई दी थी कि यह किताब अभी छपी नहीं है. इसके बाद किताब के लेखक पूर्व आर्मी चीफ एम एम नरवणे का बयान भी सामने आ गया है.

नरवणे ने पेंगुइन के पोस्ट को रिट्वीट किया
एम एम नरवणे ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट X पर पोस्ट किया है. उन्होंने पेंगुइन पब्लिकेशन के ट्वीट को पोस्ट करते हुए लिखा, ‘पुस्तक की वर्तमान स्थिति यही है.’ हालांकि, नरवणे ने इस मामले और किताब पर इससे ज्यादा कुछ नहीं कहा. यह नरवणे का पहला रिएक्शन है.

नरवणे से पहले पेंगुइन ने दी सफाई
इससे पहले पेंगुइन पब्लिकेशन ने भी ट्वीट कर सफाई दी थी. पेंगुइन ने कहा था कि यह एक घोषित किताब, प्री-ऑर्डर वाली किताब और प्रकाशित किताब तीन अलग-अलग चीजें हैं. अगर कोई कॉपी कहीं घूम रही है, तो यह कॉपीराइट उल्लंघन है. कंपनी ऐसी कॉपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगी. पेंगुइन ने पहले भी सोमवार (9 फरवरी 2026) को बयान दिया था कि किताब प्रकाशन की प्रक्रिया में नहीं गई है. आज की सफाई राहुल गांधी के सवालों के जवाब में आई है.

पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने कहा है कि कंपनी किताब ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ के लिए एकमात्र प्रकाशन अधिकार रखती है. किताब अभी प्रकाशित नहीं हुई है. इस किताब का प्री-ऑर्डर लिस्टिंग या ऐलान होना प्रकाशन नहीं माना जाता है. प्री-ऑर्डर एक सामान्य प्रक्रिया है, जिसमें लोग पहले से ऑर्डर दे सकते हैं, लेकिन किताब तब तक प्रकाशित नहीं होती जब तक वह दुकानों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बिक्री के लिए उपलब्ध न हो.

विवाद की पूरी कहानी क्या है?
यह विवाद लोकसभा में शुरू हुआ जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने संसद परिसर में इस किताब की एक हार्डकॉपी दिखाई और कहा कि पूर्व सेना प्रमुख की किताब में कुछ ऐसी बातें हैं जो सरकार के लिए असुविधाजनक हैं. राहुल गांधी ने दावा किया कि किताब उपलब्ध है और इसमें गलवान घाटी विवाद जैसी संवेदनशील बातें हैं. उन्होंने जनरल नरावणे के 2023 के एक पुराने ट्वीट का हवाला दिया, जिसमें लिखा था कि उनकी किताब ‘अब उपलब्ध है’ और खरीदने के लिए लिंक दिया था.

राहुल गांधी ने प्रकाशक पेंगुइन पर सवाल उठाया था कि अगर किताब प्रकाशित नहीं हुई तो यह कैसे उपलब्ध थी. उन्होंने कहा कि या तो जनरल नरावणे झूठ बोल रहे हैं या पेंगुइन. राहुल ने आगे कहा, ‘मुझे लगता है जनरल नरावणे झूठ नहीं बोलेंगे.’

‘अमेरिका ने हमें टॉयलेट पेपर की तरह इस्तेमाल कर फेंक दिया’ – पाकिस्तान

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‘अमेरिका ने हमें टॉयलेट पेपर की तरह इस्तेमाल कर फेंक दिया’ – पाकिस्तान
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने नेशनल असेंबली में तालिबान का जिक्र कर अमेरिका पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की धरती पर हुए दोनों युद्धों में इस्लाम की रक्षा के लिए भाग नहीं लिया था. उन्होंने स्वीकार किया कि अफगानिस्तान से जंग में उनके लोगों को जिहाद के नाम पर मरवाया गया और फिर भी पाकिस्तान उससे सबक नहीं सीखा.

US ने हमें टॉयलेट पेपर की तरह इस्तेमाल कर फेंका: ख्वाजा आसिफ
उन्होंने बताया कि पाकिस्तान ने इन युद्धों का समर्थन करने के लिए अपने शैक्षिक पाठ्यक्रम में भी बदलाव किए, जिन्हें आज तक सुधारा नहीं जा सका है. ख्वाजा आसिफ ने कहा कि 1999 के बाद पाकिस्तान ने अमेरिका का समर्थन हासिल करने के लिए दोबारा जंग में शामिल हो गया, जिसकी हमने भारी कीमत चुकाई है. उन्होंने इन फैसलों के लिए पूर्व सेना प्रमुख जनरल जिया-उल-हक और जनरल परवेज मुशर्रफ की आलोचना करते हुए कहा कि पाकिस्तान का इस्तेमाल टॉयलेट पेपर से भी बदतर टिशू पेपर की तरह किया गया और फिर फेंक दिया गया.

पुरानी सरकार को अमेरिकन बैसाखियां चाहिए थीं: ख्वाजा आसिफ
ख्वाजा आसिफ ने तर्क दिया कि इस गलत फैसले ने पाकिस्तान को दूसरों के युद्धों में एक मोहरे के रूप में स्थापित कर दिया. उन्होंने कहा, ‘1980 के दशक में अफगानिस्तान में रूस के खिलाफ विद्रोह हुआ, जिसे अमेरिका ने करवाया. उस समय पाकिस्तान की तत्कालीन सरकार को अमेरिकन बैसाखियां चाहिए थीं और इसलिए हमने इसमें अपने लोगों को शामिल कर लिया, जो बड़ी गलती थी.’

‘यूएस की वजह से हम तालिबान के खिलाफ हो गए’
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने कहा, ‘तालिबानियों ने रूस के खिलाफ जिस जंग की शुरुआत की थी उसका नाम जिहाद रखा. हालांकि वह जिहाद नहीं था क्योंकि रूस ने अफगानिस्तान पर कब्जा नहीं किया था. इस जंग में पाकिस्तान को शामिल होने का कोई औचित्य नहीं था, लेकिन फिर भी हम लड़े.’ उन्होंने कहा, ‘अमेरिका के लिए हम साल 2001 में तालिबान के खिलाफ हो गए. वह (अमेरिका) तो चला गया, लेकिन हम आज तक उसका नुकसान उठा रहे हैं. इसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती है.’

रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण ने बढ़ाई अपनी सिक्योरिटी

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रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण ने बढ़ाई अपनी सिक्योरिटी
एक्टर रणवीर सिंह को धमकी मिली है और करोड़ों रुपयों की मांग की गई है.वहीं रणवीर सिंह–दीपिका पादुकोण ने अपनी सिक्योरिटी बढ़ाई है. एक्टर के फ्लैट पर 6 सशस्त्र गार्ड तैनात किए गए. लेकिन इस सिक्योरिटी को लेकर विवाद भी हो गया है. मुंबई के वर्ली इलाके में स्थित उनकी ब्यू मोंडे सोसायटी में सुरक्षा को लेकर विवाद हुआ.

दादर पुलिस स्टेशन में शिकायत की गई है. सोसायटी का दावा है कि बिना अनुमति के तैनाती की गई है. कॉमन एरिया में हथियारों के साथ गार्ड की आवाजाही से चिंता का माहौल है. एक वर्दीधारी पुलिसकर्मी की मौजूदगी पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं. सोसायटी ने दादर पुलिस से मांगा आधिकारिक स्पष्टीकरण. पुलिस ने मौके पर अधिकारी भेजे और जांच शुरू हुई.

बिना परमिशन के तैनात किए गए सुरक्षा गार्ड
सोसायटी ने एक पत्र भी लिखा है. इसमें लिखा गया- ये पत्र कल आपके कार्यालय में हुई हमारी बैठक के संदर्भ में है. इसमें ब्यू मोंडे (Beau Monde) सोसाइटी, फ्लैट क्रमांक 2602 के निवासी रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण द्वारा तैनात सशस्त्र सुरक्षा कर्मियों के विषय पर चर्चा की गई थी. बैठक के दौरान आपको अवगत कराया गया था कि उपरोक्त निवासियों द्वारा सोसाइटी प्रबंध समिति से पूर्व अनुमति या स्वीकृति लिए बिना छह सशस्त्र निजी सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए हैं. साथ ही ये भी देखा गया है कि उनके साथ एक वर्दीधारी पुलिसकर्मी भी तैनात है, जो पहले नहीं था.

यात्रियों की जान जोखिम में,सूखी सेवनिया स्टेशन पर रेल्वे की बड़ी लापरवाही

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यात्रियों की जान जोखिम में,सूखी सेवनिया स्टेशन पर रेल्वे की बड़ी लापरवाही
यात्रियों की जान से खिलवाड़ नहीं होने देंगे— निलेश कुमार श्रीवास्तव
भोपाल- भोपाल के समीप स्थित सूखी सेवनिया रेलवे स्टेशन पर सुबह लगभग 8:30 बजे रेलवे की गंभीर लापरवाही सामने आई, जिसने यात्री सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रेलवे सलाहकार समिति के सदस्य निलेश कुमार श्रीवास्तव ने इस घटना पर कड़ा संज्ञान लेते हुए इसे अत्यंत चिंताजनक बताया है।

घटना उस समय हुई जब रेलवे द्वारा भोपाल मेमो ट्रेन के आगमन की घोषणा की गई, लेकिन ट्रेन न तो प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर आई और न ही प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर। स्टेशन की दोनों पटरियों पर मालगाड़ियाँ खड़ी होने के कारण यात्री असमंजस की स्थिति में मुख्य रेलवे ट्रैक पर खड़े होने को मजबूर हो गए।
इस दौरान मौजूद एक सतर्क यात्री ने पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जिसमें रेलवे प्रशासन की यह गंभीर चूक साफ तौर पर देखी जा सकती है। यात्री के अनुसार यदि थोड़ी सी भी चूक हो जाती, तो एक भीषण रेल दुर्घटना घटित हो सकती थी।

रेल्वे सलाहकार समिति के सदस्य निलेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि
“बिना प्लेटफॉर्म सुनिश्चित किए ट्रेन के आगमन की घोषणा करना यात्रियों की जान से खिलवाड़ है। इस तरह की लापरवाही कतई स्वीकार्य नहीं है। इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।”
उन्होंने रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश और जवाबदेही तय की जाए, ताकि आम यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

जनहित में इस वीडियो को अधिक से अधिक साझा करने की अपील की जा रही है, ताकि यह मामला रेलवे के शीर्ष अधिकारियों तक पहुंचे और यात्रियों की सुरक्षा के साथ कोई समझौता न हो।

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपने पिता की पुण्यतिथि पर महाराणा प्रताप अस्पताल को भेट की एम्बुलेंस

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मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपने पिता की पुण्यतिथि पर महाराणा प्रताप अस्पताल को भेट की एम्बुलेंस
इंदौर :- आज 10 फरवरी को मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपने पूज्य पिता स्वर्गीय शंकरदयाल विजयवर्गीय जी (काकाजी) की पुण्यतिथि पर उनके द्वारा दिए गए सेवा और समर्पण के संस्कारों को आगे बढ़ाने का विनम्र प्रयास किया।
इसी भाव से शंकरदयाल विजयवर्गीय पारमार्थिक ट्रस्ट की ओर से इंदौर के बाणगंगा स्थित महाराणा प्रताप अस्पताल को एंबुलेंस भेंट की।

इस मौके पर पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय एवं परम पूज्य संत जन भी उपस्थित थे।

इस मौके पर आकाश विजयवर्गीय ने कहा कि हमारे दादाजी स्व शंकरदयाल जी विजयवर्गीय काफी पुण्य आत्मा थे। मील में मजदूरी करते थे, किंतु फिर भी उस समय अगर हमारे मोहल्ले में किसी घर में मृत्यु होती थी तो वह ₹100 अस्ति संचय का जो खर्च होता था वो देते थे यह उनका नियम था।
महाराणा प्रताप अस्पताल गरीब बस्तियों के बीच स्थित अस्पताल है पहले भी क्षेत्रीय विधायक कैलाश विजयवर्गीय ने वहां दौरा किया था और बहुत सारे सुधार कार्य हम उसमें ला रहे हैं , अस्पताल से एक एंबुलेंस की मांग हमसे की गई थी और हमने एक एम्बुलेंस आज अस्पताल को भेट की।

मध्यप्रदेश पुलिस के प्रभावशाली अभियान से संभव हुआ लाल सलाम को आखरी सलाम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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मध्यप्रदेश पुलिस के प्रभावशाली अभियान से संभव हुआ लाल सलाम को आखरी सलाम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बालाघाट के नाम में ही बल है। इस जिले ने अपने आत्मबल से ही हिमालय जैसी कठिन चुनौती ‘नक्सलवाद’ का अंत करके दिखाया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में देशभर में नक्सल उन्मूलन का माहौल बना। मध्यप्रदेश पुलिस ने प्रभावशाली अभियान चलाकर नक्सलियों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया और प्रदेश से लाल सलाम को आखरी सलाम किया। नक्सल उन्मूलन में हॉक फोर्स के वीर जवानों की भूमिका अभिनंदनीय है। बालाघाट में नक्सलियों द्वारा कभी खून की होली खेली गई, परंतु जवानों को वीरता, पुलिस की दृढ़ इच्छाशक्ति और जनता के विश्वास ने क्षेत्र को नक्सल आतंक की जंजीरों से मुक्त किया। राज्य सरकार वीर शहीद जवानों को ‘अमर जवान ज्योति’ के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित कर रही है। हम गर्व से कह सकते हैं कि मध्यप्रदेश की धरती अब नक्सलियों से मुक्त है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बालाघाट में आयोजित कार्यक्रम में नक्सल मुठभेड़ में अदम्य साहस और वीरता का परिचय देने वाले 60 जांबाज जवानों को क्रम से पूर्व पदोन्नति प्रदान की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बालाघाट पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचने पर सलामी दी गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ‘अमर जवान ज्योति’ पर पुष्प चक्र अर्पित कर प्रदेश की शांति और सुरक्षा के लिए शहीद होने वाले जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आईएसओ मानकों के अनुसार तैयार बालाघाट जिले के 32 पुलिस स्टेशनों और अन्य शासकीय कार्यालयों का रिमोट से लोकार्पण किया, इससे संबंधित प्रमाण पत्र भी मंच से प्रदान किए गए। इस अवसर पर पुलिस जवानों ने “वो बांके अलबेले- जो वापस न लौटे- इस मिट्टी के बेटे” गीत की भावपूर्ण प्रस्तुति दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने “नक्सल संस्मरण” पुस्तक का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पुष्प-गुच्छ भेंट कर उनका अभिवादन किया गया। कार्यक्रम में परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, सांसद मती भारती पारधी, पूर्व मंत्री गौरी शंकर बिसेन, एडीजी नक्सल विरोधी अभियान वेंकटेश्वर राव, पुलिस अधीक्षक बालाघाट आदित्य मिश्रा सहित विधायक गण तथा जनप्रतिनिधि विशेष रूप से उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह खेद का विषय है कि बालाघाट में पूर्व में तत्कालीन सरकार के मंत्री लिखीराम कावरे की सरेआम हत्या कर दी गई थी। हमारे लिए यह बड़ी चुनौती थी, क्योंकि मध्यप्रदेश की 836 किलोमीटर लंबी सीमा छत्तीसगढ़ से लगती है। मध्यप्रदेश ने 38 पुलिस जवान और 27 आम नागरिक को खोया है। बाबा महाकाल के आशीर्वाद से राज्य सरकार ने नक्सलवादियों को जड़ से खत्म करने में सफलता प्राप्त की है। सघन जंगल के चुनौतीपूर्ण वातावरण में भी हॉक फोर्स ने मेगाकासो रणनीति बनाकर नक्सलियों को खदेड़ा और 4 दुर्दांत नक्सलियों को मार गिराया। पिछले वर्ष की तुलना में 23 प्रतिशत अधिक 4104 नक्सल विरोधी अभियान, मानसून और जंगली जानवरों की चुनौतियों के बावजूद भी जारी रहे। हमारी फोर्स ने वर्ष 2025 में अब तक के 10 सर्वाधिक हार्ड कोर नक्सलियों को ढेर किया है। नक्सलियों से कहा गया था कि सरेंडर करो या मारे जाओगे, पुलिस ने राज्य सरकार की इस चेतावनी को वीर जवानों ने सार्थक कर दिखाया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भविष्य में नक्सलियों को अपने पैर जमाने का कोई मौका फिर से न मिले, इसके लिए राज्य सरकार हर तरह से समुचित प्रबंध कर रही है। बालाघाट जिले में नक्सल प्रभावित 250 स्कूलों का नवीनीकरण किया गया है। स्थानीय नागरिकों के लिए एकल सुविधा केंद्र, जनजातीय समुदायों को वन अधिकार पट्टे, जाति प्रमाण पत्र और रोजगार के लिए शिविरों की शुरुआत की गई है। यह वर्ष कृषि कल्याण के लिए है। अब महाकौशल के बालाघाट में कृषि कैबिनेट आयोजित की जाएगी। नक्सल समस्या के निपटारे के साथ हमने पूर्व मंत्री स्व. लिखीराम कावरे की हत्या का बदला लिया है। बालाघाट में ‘अमर जवान ज्योति’ नक्सल मुक्त अभियान का स्मारक बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस जवानों को नक्सल विरोधी अभियान की सफलता के लिए बधाई दी।

स्कूल शिक्षा, परिवहन एवं जिले के प्रभारी मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि आज बालाघाट जिले के लिए ऐतिहासिक और अविस्मरणीय दिन है, मध्यप्रदेश की धरती नक्सल समस्या से मुक्त हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मार्गदर्शन में सरकार, पुलिस और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने एक साथ मिलकर कार्य किया। इसी का परिणाम है कि नक्सल अभियान को पूर्णाहूति दी जा रही है। बालाघाट जिले के गांवों को पक्की सड़कों से जोड़ा जा रहा है। जिले में विकास के अनेकों कार्य हुए हैं, इसके लिये लगभग 3 दशकों तक संघर्षशील रहने वाले पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों को नमन है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव जनकल्याणकारी योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिए निरंतर सक्रिय हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नक्सलियों के विरुद्ध हुई कार्रवाई के बेहतर परिणाम सामने आए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नक्सलियों से सरेंडर करने का आह्वान किया था। हॉक फोर्स की दृढ़ इच्छा शक्ति से मध्यप्रदेश समय सीमा से पहले नक्सल मुक्त हो चुका है।

एडीजी, नक्सल विरोधी अभियान वेंकटेश्वर राव ने कहा कि देश भक्ति और जनसेवा हमारा संकल्प है। नक्सल विरोधी अभियान में अब तक 38 पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। उन्होंने कुछ महीने पहले हुए इंस्पेक्टर आशीष शर्मा के बलिदान को नमन किया। राज्य सरकार ने हॉक फोर्स ने 882 पदों को स्वीकृत कराया है। उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक बालाघाट के मार्गदर्शन में सामाजिक सहयोग से जिले में शांति बहाली के लिए कार्य जारी हैं।

पुलिस अधीक्षक बालाघाट आदित्य मिश्रा ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को आवश्वस्त किया कि जहां बंदूक की गोलियां गूंजती थीं वहां अब रोजगार-विश्वास और शिक्षा का शंखनाद होगा। उन्होंने कहा कि आज का दिन गौरव से परिपूर्ण है। नक्सल उन्मूलन की लड़ाई में शामिल युवकों को शासकीय नौकरी प्रदान की जा रही है। शिक्षा के क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा आरंभ विद्यांजलि अभियान के अंतर्गत नक्सल प्रभावित इलाके के 280 से अधिक स्कूलों को सामाजिक सहयोग से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने का काम जारी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पदोन्नति पाने वाले जवानों में उप निरीक्षक से निरीक्षक के पद पर विपिन चंद्र खलको, इंदर सिंह विदूरी, शुभम प्रताप सिंह तोमर, रत्नेश मीणा, नवदेश वास्तव को, सहायक उप निरीक्षक से उप निरीक्षक मुनेन्द्र् सिंह को, प्रधान आरक्षक से सहायक उप निरीक्षक के पद पर रूद्रीचंद जखमोला, अनिल सिंह भदौरिया, मत्ते सिंह मरावी, उज्जवल घोरमारे, मनोज कुमार यादव, देवेन्द्रे धुर्वे, रवेन्द्र कुशवाह, हरेन्द्र सिंह, प्रदीप गोसाई, विनोद कुमार मर्सकोले, उमेश कुमार पटेल, विकाश कुमार राजपूत, मुकेश सगर, विवेक परस्ते, राघवेन्द्र सिंह गुर्जर, आशीष रजक, शिवहरी मरावी, प्रवीण धुर्वे, टीकाराम ढकाल, प्रवीण कुमार, असित यादव, रामआशीष यादव, संदीप शर्मा, लोकपाल धाकड़, कृष्णा श्रेष्ठ, जितेन्द्र सिंह पटेल और वीर सिंह को पदोन्नत किया गया। शकरचंद सरयाम, सुनील परियार, चन्द्रकांत पांडेय, सत्यम द्ववेदी, सुनील यादव, देवराज कलमें, सुरेन्द्र सिंह मार्को, सुशील उईके, रामलाल भील, उमेश चन्द्र दुबे, संतोष कुमार मरावी, प्रदीप कुमार परते, राजा मालवीय, विशाल कुमार सिंह, दीपक पवार, कन्हैया मरकाम, सुनील सिंह कुशवाह, मुलायम सिंह, वरूण देव सिंह चाहर, मुनीष कुमार द्विवेदी, नीलेश, महेन्द्र सिंह, रवि कुमार यादव, छठु यादव, सलेश कुमार द्विवेदी, संजू शर्मा एवं जिला पुलिस बल के नरेन्द्र सोनवे को भी आरक्षक से प्रधान आरक्षक के पद पर पदोन्नत किया गया है। कार्यक्रम में हॉक फोर्स, पुलिस जवान एवं शहीद जवानों के परिजन उपस्थित थे।