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लाडली बहना योजना के लिए खोला खजाना

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लाडली बहना योजना के लिए खोला खजाना
मध्य प्रदेश की मोहन यादव की सरकार ने आज (18 फरवरी) विधानसभा में 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपए का बजट पेश किया. इसमें किसानों, महिलाओं को खास सौगात देने के साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की बात कही गई. मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना के लिए बजट में लगभग 23,882 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है. वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने एमपी सरकार का तीसरा बजट पेश करते हुए राज्य के विकास का संकल्प दोहराया.

एमपी बजट 2026 की बड़ी बातें
कुल बजट- 4,38,317 करोड़ रुपये का प्रावधान
वीबी-जी-राम-जी के लिए 28,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के लिए बजट में लगभग 23,882 करोड़ रुपये रखे गए हैं.
महिला एवं बाल विकास विभाग के लिए 32,730 करोड़ रुपए आवंटित.
एमपी के सीएम ने बताया कि सरकार किसी भी योजना को बंद नहीं कर रही है, बल्कि उनमें पर्याप्त धन का निवेश कर रही.
2047 तक एक समृद्ध मध्य प्रदेश बनाने का संकल्प लिया.
भोपाल गैस त्रासदी राहत और पुनर्वास विभाग के लिए 175 करोड़ रुपये का प्रावधान.
जर्जर पुलों और पुलियाओं की मरम्मत के लिए 900 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.
सिंहस्थ महापर्व के लिए 3,060 करोड़ रुपये का प्रावधान.
स्कूलों में बच्चों को भोजन के साथ दूध उपलब्ध कराने की पहल शुरू. इसके लिए सरकार ने पांच वर्षों में 6,600 करोड़ रुपये आवंटित किए.
‘यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना’ के तहत कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों को अतिरिक्त पोषण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से टेट्रा पैक में दुग्ध उपलब्ध कराया जाएगा.
पीएम नरेंद्र मोदी के ‘GYAN’ के संकल्प में प्रदेश सरकार ने ‘आई’ (I) भी जोड़ा है.
4,38,317 करोड़ का बजट 2026-27, ‘GYANII’ अर्थात ‘गरीब, युवा, अन्नदाता, नारी शक्ति, इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्री’ के मार्गदर्शी सिद्धान्त पर है.
सीएम ने बताया कि यह बजट विकसित भारत @ 2047 के विजन पर आधारित है. लगातार तीसरी बार हमने कोई भी टैक्स नहीं बढ़ाया.
किसान कल्याण वर्ष में विभिन्न योजनाओं एवं प्रावधानों के तहत 1,15,013 करोड़ रुपए की ऐतिहासिक धनराशि का प्रबंधन.
किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के लिए 31, 758 करोड़ रुपये आवंटित
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के लिए 1,863 करोड़ रुपये आवंटित किए गए.
पशुपालन एवं डेयरी विभाग के लिए 2,365 करोड़ रुपये आवंटित.
सहकारिता विभाग के लिए 1,679 करोड़ रुपये का प्रावधान.
उद्यानिकी एवं खाद्य संस्करण विभाग के लिए 772 करोड़ रुपये.
मछुआरा कल्याण एवं मत्स्य विकास विभाग के लिए 413 करोड़ रुपये.
सुशासन और प्रशासनिक सुदृढ़ता को समर्पित बजट. गृह विभाग के लिए 13,411 करोड़ रुपये का प्रावधान.
राजस्व विभाग के लिए 13,876 करोड़ रुपये आवंटित.
विधि एवं विधायी कार्य विभाग 3,829 करोड़ रुपये का प्रावधान.
सामान्य प्रशासन विभाग के लिए 1,172 करोड़ रुपये.
जेल विभाग के लिए 895 करोड़ रुपये, संसदीय कार्यविभाग के लिए 153 करोड़ रुपये आवंटित.
वन्य प्राणियों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए बजट 2026-27 में विशेष प्रावधान किए गए हैं. पर्यावरण विभाग के लिए 31 करोड़ रुपये.
स्कूल शिक्षा विभाग के लिए 36,730 करोड़ रुपये, उच्च शिक्षा विभाग के लिए 4,247 करोड़ रुपये आवंटित.
खेल एवं युवा कल्याण विभाग के लिए 715 करोड़ रुपये का प्रावधान

AI की दुनिया में राष्ट्रीय मंच पर लहराया छत्तीसगढ़ का परचम

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AI की दुनिया में राष्ट्रीय मंच पर लहराया छत्तीसगढ़ का परचम
नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित प्रतिष्ठित “AI इंपैक्ट समिट” में छत्तीसगढ़ के युवाओं ने अपनी प्रतिभा का परचम राष्ट्रीय स्तर पर लहराया है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रायपुर के प्रतिभाशाली सिबलिंग अनुराग मानिक और आस्था मानिक को इंडिया AI इंपैक्ट बिल्डथॉन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर प्रदेश को गौरवान्वित करने के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी है। उन्होंने कहा कि 40,000 से अधिक प्रतिभागियों के बीच तीन कठिन चरणों को सफलतापूर्वक पार करते हुए शीर्ष स्थान हासिल करना उनकी असाधारण प्रतिभा, परिश्रम और नवाचार क्षमता का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह सफलता छत्तीसगढ़ के युवाओं की क्षमता, आत्मविश्वास और उभरती तकनीकी शक्ति का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगिता में प्रस्तुत उनका “कर्तव्य” AI ऐप विशेष रूप से सराहना का केंद्र रहा। यह एप्लिकेशन AI-जनित आवाज और वास्तविक आवाज में अंतर पहचानकर लोगों को डिजिटल धोखाधड़ी से सुरक्षित रखने में सहायक होगा। तकनीक को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का यह प्रयास आज के डिजिटल युग में अत्यंत उपयोगी और प्रेरणादायक है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा अपनी परंपराओं और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संजोते हुए आधुनिक तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में भी अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। यह उपलब्धि प्रदेश में शिक्षा, नवाचार और अवसरों के विस्तार की दिशा में हो रहे समग्र विकास का सशक्त प्रमाण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य के युवा इसी प्रकार नई ऊँचाइयाँ प्राप्त करते हुए छत्तीसगढ़ को देश और दुनिया में नई पहचान दिलाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को तकनीक, नवाचार और स्टार्टअप के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रोत्साहन और अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

भोपाल नगर निगम आयुक्‍त संस्कृति जैन के विरुद्ध हाईकोर्ट ने निरस्‍त की अवमानना की कार्रवाई

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भोपाल नगर निगम आयुक्‍त संस्कृति जैन के विरुद्ध हाईकोर्ट ने निरस्‍त की अवमानना की कार्रवाई
हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा व न्यायमूर्ति विनय सराफ की युगलपीठ ने बुधवार को नगर निगम, भोपाल की आयुक्त संस्कृति जैन के विरुद्ध अवमानना की कार्रवाई निरस्त कर दी। जबकि एकलपीठ के समक्ष मूल याचिका पर सुनवाई जारी रहने की व्यवस्था दे दी।

दरअसल, इस मामले में एकलपीठ ने एकलपीठ ने निगमायुक्त को अवमानना का दोषी करार दिया था और उसकी सजा के लिए सुनवाई होनी थी। इसी बीच नगर निगम भोपाल व निगमायुक्त की ओर से युगलपीठ के समक्ष अपील दायर कर दी थी।

नगर निगम आयुक्त की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एचएस रूपराह, सुयश मोहन गुरू ने पक्ष रखा। उन्हाेंने दलील दी कि हाई कोर्ट ने अवमानना की कार्रवाई शुरू करने का अधिकार है तभी है जब न्यायालय के आदेशों का जानबूझकर उल्लंघन हुआ हो।

भोपाल नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन को सजा के मामले में एमपी हाईकोर्ट की युगलपीठ ने लगाई रोक

मर्लिन बिल्डकान प्राइवेट लिमिटेड की पूरी याचिका में ऐसा कोई आरोप नहीं है कि नगर निगम ने उच्च न्यायालय या उसके अधीनस्थ किसी न्यायालय द्वारा पारित किसी आदेश या निर्देश का उल्लंघन किया हो।

उल्लेखनीय है कि एकलपीठ ने सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों की अनदेखी को गंभीर मानते हुए नगर निगम, भोपाल की आयुक्त संस्कृति जैन को अवमानना का दोषी ठहराया था।

कोर्ट ने साफ किया था कि नगर निगम द्वारा की गई तोड़फोड़ की कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट द्वारा नियत प्रक्रिया के अनुरूप नहीं थी। यह मामला मर्लिन बिल्डकान प्राइवेट लिमिटेड द्वारा दायर याचिका से संबंधित है।

याचिकाकर्ता की ओर से आरोप लगाया गया कि नगर निगम ने 18 नवंबर, 2025 को उसकी संपत्ति के फ्रंट हिस्से को विहित प्रक्रिया अपनाए बिना तोड़ दिया।

नगर निगम की ओर से दलील दी गई कि निर्माण अवैध था। सात नवंबर, 2024 को दी गई अनुमति निरस्त की जा चुकी थी। 14 मई, 2025 को नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की गई।

मुख्यमंत्री ने ‘विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा’ का किया शुभारंभ

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मुख्यमंत्री ने ‘विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा’ का किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के मोवा स्थित सतनाम भवन परिसर से “विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा” का शुभारंभ किया। उन्होंने धार्मिक विधि-विधान के साथ पदयात्रा को हरी झंडी दिखाकर पावन गिरौदपुरी धाम के लिए रवाना किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पवित्र जैतखाम की पूजा-अर्चना कर गुरु घासीदास बाबा का पुण्य स्मरण किया तथा प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

मुख्यमंत्री साय ने पदयात्रा में शामिल श्रद्धालुओं और सामाजिक बंधुओं से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि गुरु घासीदास बाबा का “मनखे-मनखे एक समान” का संदेश संपूर्ण मानव समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पदयात्रा समाज में सद्भावना, समरसता और भाईचारे को और सुदृढ़ करेगी। साय ने कहा कि राज्य सरकार समाज के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा सामाजिक हितों को गति देने हेतु विशेष प्राधिकरण का गठन भी किया गया है। पदयात्रा के उपरांत विशाल मेले के आयोजन की जानकारी भी उन्होंने दी।

कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि यह पदयात्रा सामाजिक समरसता, मानव कल्याण और एकता के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। उन्होंने सभी से सामाजिक भेदभाव और द्वेष से ऊपर उठकर राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह यात्रा गुरु घासीदास बाबा के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाएगी।

कार्यक्रम में धर्मगुरु गुरु बालदास साहेब, विधायक ललित चंद्राकर, विधायक मोतीलाल साहू, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सु मोना सेन, छत्तीसगढ़ रजककार विकास बोर्ड के अध्यक्ष प्रहलाद रजक, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, संत समाज के प्रतिनिधि एवं सर्व समाज के प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।

गौरतलब है कि रायपुर से गिरौदपुरी धाम तक प्रस्तावित “विशाल सतनाम सद्भाव पदयात्रा” का आयोजन 18 से 22 फरवरी 2026 तक किया जाएगा। पदयात्रा का उद्देश्य सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारा और सद्भाव का संदेश जन-जन तक पहुंचाना है। इस दौरान गिरौदपुरी धाम मेले में विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए।

प्रमोशन में आरक्षण विवाद पर MP हाईकोर्ट का फैसला सुरक्षित

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प्रमोशन में आरक्षण विवाद पर MP हाईकोर्ट का फैसला सुरक्षित
मध्यप्रदेश प्रमोशन में आरक्षण मामले को लेकर पर बड़ी अपडेट सामने आई है। मंगलवार को सरकार की नई प्रमोशन नीति को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर जबलपुर हाईकोर्ट (MP Highcourt Decision) ने सुनवाई की। इस दौरान राज्य सरकार ने स्पष्टीकरण दिया। कोर्ट ने भी जवाब को रिकॉर्ड किया। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति विनय सराफ़ ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।

यह मामला राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई नई प्रमोशन नीति 2025 पर उठ रहे विवादों से संबंधित है। जिसे सपाक्स (सामान्य, पिछड़ा और अल्पसंख्यक कर्मचारी संगठन) ने चुनौती दी हैं। उन्होंने आरोप लगाए हैं कि इस पॉलिसी में सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों का पालन नहीं गया। जबकि सरकार ने आरोपों को खारिज करते हुए नियमों के अनुपालन का दावा किया।

प्रत्येक विभाग में बनेगी कमेटी
राज्य सरकार हाई कोर्ट में स्पष्टीकरण दिया है कि हर विभाग में पदोन्नति के लिए कमेटी बनाई जाए जो। आरक्षण नियमों और कोर्ट ने दिशानिर्देशों का पालन सुनिश्चित करेगी। शासन ने यह भी कहा कि जिन्हें पहले से आरक्षित वर्ग में प्रमोशन किए गए हैं, उनकी गणना उनके वर्ग में ही की जाएगी। एसटी को 20% और एससी की 16% आरक्षण मिलेगा।

कर्मचारियों को आदेश का इंतजार
यह मामला हाई कोर्ट में पिछले 7 महीना से विचाराधीन। 7 जुलाई 2025 को पहली सुनवाई की गई थी। इस दौरान राज्य सरकार ने आश्वासन दिया था कि मामले के लंबित रहने तक कोई भी डीपीसी आयोजित नहीं की जाएगी। जिसके बाद प्रदेश में प्रमोशन प्रक्रिया रोक दी गई थी। जिसका सीधा हजारों कर्मचारियों के करियर और प्रशासनिक व्यवस्था पर देखने को मिला। लाखों कर्मचारियों और सरकार को अदालत के आदेश का इंतजार है।

13 छक्के, 11 चौके, 220 के स्ट्राइक रेट से शिवम दुबे ने ठोका तूफानी अर्धशतक

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13 छक्के, 11 चौके, 220 के स्ट्राइक रेट से शिवम दुबे ने ठोका तूफानी अर्धशतक
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 193 रन बनाए हैं. अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले जा रहे इस मैच में टीम इंडिया ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग चुनी थी. उम्मीद से उलट नीदरलैंड्स के गेंदबाजों ने दमदार प्रदर्शन किया और खासतौर पर आर्यन दत्त ने प्रभावित किया. भारत के लिए शिवम दुबे ने तूफानी अर्धशतक लगाया.

पहले बल्लेबाजी करने आई टीम इंडिया के सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा 0 पर आउट हो गए. यह इसी वर्ल्ड कप में तीसरी बार है, जब अभिषेक बिना खाता खोले आउट हो गए. ईशान किशन को शुरुआत तो मिली, लेकिन वो 7 गेंद में 18 रन बनाकर आउट हुए. तिलक वर्मा ने एक बार धीमी पारी खेली, जिन्होंने 31 रनों का योगदान दिया. कप्तान सूर्यकुमार यादव ने भी मिडिल ओवरों में भारतीय पारी को संभाले रखा और 34 रन बनाए.

शिवम दुबे का तूफान
शिवम दुबे पारी के 9वें ओवर में बल्लेबाजी करने आए. उन्होंने अपनी पारी की पहली 11 गेंद में सिर्फ 6 रन बनाए थे.

वेंटिलेटर पर हैं सलमान खान के पिता सलीम खान

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वेंटिलेटर पर हैं सलमान खान के पिता सलीम खान
सलमान खान के पिता सलीम खान को मंगलवार सुबह अस्पताल में एडमिट कराया गया था. वहीं दिग्गज स्क्रीन राइटर के हॉस्पिटल में एडमिट होन की खबर मिलते ही तमाम सेलेब्स उन्हें देखने के लिए अस्पताल पहुंचे. आज भी कई सितारे सलीम खान का हाल-चाल लेने हॉस्पिटल पहुंच रहे हैं. वहीं इस बीच लीलावती अस्पताल ने सलीम खान का मेडिकल बुलेटिन जारी कर उनका हेल्थ अपडेट भी दे दिया है.

सलीम खान का इलाज कर रहे डॉक्टर जलील पारकर ने दिग्गज स्क्रीन राइटर का हेल्थ अपडेट जारी करते हुए बताया कि उनको मिनिमियल ब्रेन हैमरेज हुआ था और जिसमें सर्जरी की जरूरत नहीं होती है. वे दवाई से रिकवर कर रहे हैं लेकिन एज की वजह से उनकी रिकवरी स्लो है.

मेडिकल बुलेटिन में ये भी बताया गया है कि सलमान खान के पिता सलीम खान को फिलहाल आईसीयू में ही वेंटिलेटर पर रखा गया हैं और उन्हें कल वेंटिलेटर से हटाया जाएगा. वहीं उनकी रिकवरी को देखते हुए ही डिस्चार्ज करने का फैसला लिया जाएगा.

भारत में दिखा रमजान का चांद, गुरुवार को पहला रोजा

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भारत में दिखा रमजान का चांद, गुरुवार को पहला रोजा
भारत में रमजान का चांद दिख गया है. देश में सबसे पहले बिहार और असम में चांद देखे जाने की खबर है. लिहाजा पहला रोजा गुरुवार (19 फरवरी) को रखा जाएगा. इमारत-ए-शरिया फुलवारी शरीफ पटना के काज़ी रिजवान नदवी ने एबीपी न्यूज से बातचीत में कहा कि कई इलाकों से चांद देखे जाने की खबर आई है. हम इसकी जांच कर रहे हैं.

मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने चांद की तस्दीक की है. रमजान का चांद आसमान में नजर आया है. कल रमजान में पहली तारीख होगी. राजस्थान की राजधानी जयपुर में रमजान के चांद का दीदार हुआ है. कल से रोजे रखे जाएंगे. हालांकि जयपुर समेत राजस्थान के ज्यादातर हिस्सों में बादल छाए हुए हैं. लोगों की गवाही के आधार पर चांद देखे जाने की तस्दीक हुई है. आज से ही मस्जिदों में तरावीह यानी रमजान की विशेष नमाज की होगी शुरुआत. राजस्थान के साथ ही यूपी समेत कई दूसरे राज्यों में भी लोगों ने चांद का दीदार किया है. चांद देखकर एक दूसरे को रमजान महीने की मुबारकबाद दी जा रही है.

इस्लाम में महीनों की गणना चांद के आधार पर होती है. इसमें चांद के घटने बढ़ने को आधार बनाया जाता है. इसलिए हर साल रमजान की तारीख ग्रेगोरियन कैलेंडर के तहत बदल जाती है. ऐसे में जिस दिन चांद नजर आता है, उसी के अगले दिन से रोजा रखा जाता है.

रमजान में कैसे की जाती है खुदा की इबादत
रमजान के महीने में रोजेदार पांच वक्त की नमाज के अलावा तरावीह की नमाज भी अदा करते है. इस पाक महीने के दौरान रोजेदारी शहरी और इफ्तारी अपने परिवार और साथ के लोगों के साथ करते हैं. 30 दिन के रोजों के बाद शव्वाल की पहली तारीख को ईद-उल-फितर यानी ईद मनाई जाती है. इस दौरान जो पूरे महीने रोजे के बाद ईद होती है, उसे ईद-उल-फितर कहते हैं. इसे मीठी ईद के नाम से भी जाना जाता है. लोग एक दूसरे को बधाई देते हैं. संदेश भेजते हैं.

क्या हैं सहरी और इफ्तार
रमजान के दिनों में आपको कई बार सहरी और इफ्तार जैसे शब्द सुनने को मिलते हैं. ऐसे में इनका मतलब समझते हैं. सूर्योदय फज्र की नाम की अजान से पहले कुछ खान-पान किया जाता है. इसे सहरी कहा जाता है. वहीं इफ्तार सूर्य अस्त के बाद किया जाने वाला खानपान है. यानी रोजा तोड़ा जाता है.

कब से हुई रोजा रखने की परंपरा
रमजान की शुरुआत इस्लामिक कैलेंडर के 9वें महीने में 622 ईस्वी में मदीना में हुई थी. उस समय वहां भीषण गर्मी पड़ रही थी. इस वजह से इस महीने को रमजान कहा जाने लगा. रमजान का अर्थ अरबी में भीषण गर्मी होता है. इस दौरान चांद के घटने बढ़ने के आधार पर कैलेंडर भी तैयार किया गया था.

खामेनेई को मिटाने की तैयारी में ट्रंप

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खामेनेई को मिटाने की तैयारी में ट्रंप
ईरान पर अमरिकी सैन्य हमले की संभावनाओं को लेकर मीडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव का माहौल बन गया है. एक तरफ मंगलवार (17 फरवरी 2026) को जिनेवा में दोनों देशों के प्रतिनिधमंडल के बीच परमाणु वार्ता को लेकर बातचीत हुई तो वहीं दूसरी तरफ अमेरिका मिडिल ईस्ट में अपने एयरफोर्स और नेवी ताकत की मौजूदगी बढ़ा रहा है. बीते 24 घंटों के भीतर अमेरिका ने 50 से ज्यादा फाइटर जेट ईरान के क्षेत्र के पास भेजा है, जिससे एक और जंग की आहट सुनाई देने लगी है.

मिडिल ईस्ट में बड़ी जंग की तैयारी में हैं ट्रंप
दूसरे दौर की परमाणु वार्ता शुरू होने से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को खामियाजा भुगतने की चेतावनी दी थी. इसके बाद ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने भी अमेरिका को करारा जवाब देने की बात कही. अमेरिकी न्यूज वेबसाइट Axios की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप प्रशासन मिडिल ईस्ट में एक बड़े जंग की तैयारी में है. ये जंग इतना बड़ा होगा जितना अधिकांश अमेरिकी सोच भी नहीं सकते.

रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया कि ईरान में चलने वाला अमेरिकी सैन्य अभियान कई हफ्तों का हो सकता है. अमेरिका और इजरायल मिलकर इस अभियान को अंजाम देगा, जो ईरान की सरकार के लिए कहीं अधिक खतरनाक स्थिति पैदा करेगा. पिछले साल अमेरिका ने ईरान की भूमिगत परमाणु सुविधाओं को नष्ट करने के लिए हमला किया था, लेकिन इस बार के हमले से पूरे क्षेत्र पर गहरा प्रभाव पड़ेगा. अमेरिकी संसद और वहां की जनता के बीच मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप पर सार्वजनिक रूप से कोई खास चर्चा नहीं हो रही है.

ट्रंप समझौता चाहते हैं: जेडी वेंस
मिडिल ईस्ट में इतनी अधिक सैन्य शक्ति का प्रयोग करके ट्रंप ने यह आशंका बढ़ा दी है कि अगर परमाणु डील पर बात नहीं बनी तो इस क्षेत्र में अमेरिका बड़ा ऑपरेशन करेगा. फिलहाल दोनों देशों के बीच समझौते की संभावना कम ही दिख रही है. ट्रंप के सलाहकार जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ ने मंगलवार को जिनेवा में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से तीन घंटे तक मुलाकात की. हालांकि दोनों पक्षों ने कहा कि वार्ता में प्रगति हुई, लेकिन मतभेद अभी भी बहुत गहरे हैं.

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने फॉक्स न्यूज को बताया कि कुछ मायनों में दोनों देशों के बीच अच्छी वार्ता रही, लेकिन कई मुद्दों को लेकर यह स्पष्ट था कि राष्ट्रपति ट्रंप ने कुछ सीमाएं तय की है, जिस पर बात करने के लिए ईरान कभी तैयार नहीं होगा. हालांकि जेडी वेंस ने ये भी कहा कि ट्रंप समझौता चाहते हैं.

अगले कुछ हफ्तों शुरू होगी जंग
सूत्रों के मुताबिक ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध जल्द ही शुरू हो सकता है. 150 से अधिक यूएस मिलिट्री कार्गो प्लेन ने मध्य पूर्व में हथियार और गोला-बारूद पहुंचाया है. करीब 50 फाइटर जेट को भी मिडिल ईस्ट भेजा गया है, जिसमें F-35, F-22 और F-16 शामिल है. सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा कि हमले में अभी भी कई हफ्ते लग सकते हैं, लेकिन अन्य जानकार का कहना है कि पहले भी हमला हो सकता है. ट्रंप के एक सलाहकार ने कहा, ‘मुझे लगता है कि अगले कुछ हफ्तों में ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई होने की 90 फीसदी संभावना है.

बजट सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण का विरोध अनुचित – सीएम मोहन यादव

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बजट सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण का विरोध अनुचित – सीएम मोहन यादव
मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत होते ही प्रदेश की राजनीति में हलचल मच गई है. सत्र के पहले दिन ही सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के बीच सियासी बहस देखने को मिली है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान विपक्ष के रवैये पर नाराजगी जताया और कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा.

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण सरकार की नीतियों और उपलब्धियों का आईना होता है. यह लोकातांत्रिक प्रक्रिया का अहम हिस्सा है, जिस पर सदन में विस्तार से चर्चा होती है. मोहन यादव ने कांग्रेस पार्टी को सलाह देते हुए कहा, अगर कोई बात अच्छी लगे तो उसकी तारीफ करना चाहिए और अगर कोई कमी लगे तो सबूतों के आधार पर उसे उजागर करना चाहिए. लेकिन मर्यादा की सीमाएं लांघकर अभिभाषण का विरोध करना ये कतई सही नहीं है.

सीएम मोहन यादव ने कांग्रेस पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कांग्रेसी बड़े नादान हैं; वे समझने में गलती करते हैं. इसी वजह से कांग्रेस अपनी विश्वसनीयता खो रही है.” उन्होंने निशाने साधते हुए कहा, “नाच न जाने आंगन टेढ़ा,” और आरोप लगाया कि जनता अब कांग्रेस की बातों पर भरोसा नहीं कर रही है.

सदन में सकारात्मक चर्चा का भरोसा
मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया कि बजट सत्र के दौरान सरकार सभी मुद्दे पर चर्चा करने के लिए तैयार है. उन्होंने आगे कहा कि कल सदन में सकारात्मक रूप से चर्चा और सरकार विपक्ष के हर सवाल का जवाब देगी.

‘वंदे मातरम’ पर बोले सीएम
सत्र के शुरूआत में मुख्यमंत्री ने ‘वंदे मातरम’ के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी और कहा कि हमारे लिए यह सौभाग्य और तकब्बुर की बात है. ‘वंदे मातरम’ देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है, और इसे सम्मान देना हर नागरिक का फर्ज बनता है. उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे विषयों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए, बल्कि सभी को साथ मिलकर राष्ट्रहित को सबसे ऊपर रखना चाहिए.