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बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने दिया इस्तीफा

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बांग्लादेश को बड़ा झटका लगा है. वहां के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने 24 जुलाई 2026 को संविधान के आर्टिकल 50(3) के तहत संसद के अध्यक्ष को पत्र सौंपकर इस्तीफा दे दिया है. उनका कार्यकाल साल 2028 में समाप्त होने वाला था. यानी उनका कार्यकाल लगभग आधा ही बीता था.

खराब स्वास्थ्य का हवाला देकर दिया इस्तीफा
बंगाली भाषा में उन्होंने एक पत्र लिखा है. बंगभवन के लेटर हेड पर 76 साल के शाहबुद्दीन ने खराब स्वास्थ्य का हवाला दिया. उन्होंने कहा कि हार्ट से जुड़ी समस्या, हाई ब्लडप्रेशर, शुगर, गुर्दे की समस्याएं, पहले हुई बाईपास सर्जरी और हाल ही में ऑटोनॉमिक न्यूरोपैथ का निदान, जिसके कारण उन्हें बेहोशी के दौरे पड़ते हैं. उन्होंने कहा कि लंबे समय तक चलने वाले ट्रीटमेंट के कारण इस पद पर बने रहना असंभव है. अगस्त 2024 के विद्रोह के बाद उत्पन्न संवैधानिक संकट से देश को उबारने में उन्होंने अपने योगदान का बचाव भी इस पत्र में किया है.

अब राष्ट्रपति का यह इस्तीफा संसदीय स्पीकर हाफिजुद्दीन अहमद को सौंपा जाएगा. यह बांग्लादेश के संविधान के अनुसार नए राष्ट्रपति के चुने जाने तक कार्यवाहक राष्ट्रपति के तौर पर काम करेंगे. प्रवक्ता ने बताया कि वह इस इस्तीफे पर किसी तरह की आधिकारिक टिप्पणी नहीं कर सकते. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो उनका इस्तीफा ऐसे वक्त आया है, जब अटकले लगाई जा रहीं थी कि पीएम तारिक रहमान की सरकार देश के Titular Head से सहज नहीं थी.

हसीना सरकार में बने थे राष्ट्रपति
दरअसल, 1971 के मुक्ति संग्राम के पूर्व सैनिक और लोअर कोर्ट के पूर्व जज शहाबुद्दीन ने अप्रैल 2023 में पांच साल के कार्यकाल के लिए शपथ ली थी. उन्होंने पिछली संसद ने इस सर्वोच्च पद के लिए चुना था. वे एकमात्र ऐसे व्यक्ति हैं, जो अभी भी संवैधानिक पद पर बने हुए हैं. जुलाई-अगस्त 2024 में स्टूडेंट के नेतृत्व में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों ने हसीना की अवामी लीग सरकार को गिरा दिया था. हसीना भारत आ गई थीं. वह 5 अगस्त 2024 से भारत की शरण में हैं.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सत्य साई ग्राम के सेवा मॉडल को बताया जनकल्याण का प्रेरक उदाहरण

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सत्य साई ग्राम के सेवा मॉडल को बताया जनकल्याण का प्रेरक उदाहरण

शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर हुई सार्थक चर्चा, छत्तीसगढ़ में सेवाओं के विस्तार पर दिया जोर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज कर्नाटक के सत्य साई ग्राम, मुद्देनहल्ली का दौरा कर शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण एवं मानवीय मूल्यों पर आधारित समग्र सेवा मॉडल का अवलोकन किया। उन्होंने वन वर्ल्ड वन फैमिली मिशन के संस्थापक सद्गुरु मधुसूदन साई से भेंट कर छत्तीसगढ़ में जनकल्याणकारी सेवाओं के विस्तार, विशेष रूप से निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाओं, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण और मूल्य आधारित शिक्षा के क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का आधार केवल आर्थिक प्रगति नहीं, बल्कि स्वस्थ, शिक्षित और संस्कारित समाज है। राज्य सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण को सुशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में रखते हुए अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण सेवाएं पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि समाजसेवी संस्थाओं के अनुभव, नवाचार और सेवा भावना से जनकल्याण के प्रयासों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। सत्य साई संजीवनी अस्पताल, रायपुर द्वारा पूर्णतः निःशुल्क बाल हृदय शल्य चिकित्सा (पीडियाट्रिक कार्डियक सर्जरी) के माध्यम से हजारों बच्चों को नया जीवन देने के कार्य की मुख्यमंत्री ने विशेष सराहना की। उन्होंने इसे मानवता और सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए अस्पताल के विस्तार, मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल की स्थापना तथा भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं के व्यापक विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा की।

मुख्यमंत्री साय मूल्य आधारित शिक्षा पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। सम्मेलन में विश्व के लगभग 25 देशों से आए 100 से अधिक शिक्षकों एवं शिक्षाविदों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आधुनिक शिक्षा केवल ज्ञान अर्जित करने का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, सेवा, करुणा, नैतिकता और सामाजिक उत्तरदायित्व का भी आधार होनी चाहिए। मूल्य आधारित शिक्षा ही संवेदनशील नागरिकों और सशक्त राष्ट्र का निर्माण करती है।

मुख्यमंत्री ने सत्य साई अन्नपूर्णा ट्रस्ट द्वारा संचालित साईश्योर न्यूट्रास्यूटिकल्स इकाई का भी अवलोकन किया। साईश्योर मल्टी-न्यूट्रिएंट हेल्थ मिक्स के माध्यम से देश के 25 राज्यों एवं 4 केंद्रशासित प्रदेशों में लगभग एक करोड़ बच्चों तक पोषण सहायता पहुंचाई जा रही है। मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए छत्तीसगढ़ के विद्यालयों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों में ऐसे नवाचारों के माध्यम से बच्चों के पोषण स्तर को और बेहतर बनाने की संभावनाओं पर चर्चा की। छत्तीसगढ़ के लगभग 300 युवाओं को यहां नर्सिंग शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ सेवा भाव से प्रेरित दक्ष स्वास्थ्य मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

मुख्यमंत्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि छत्तीसगढ़ सरकार और वन वर्ल्ड वन फैमिली मिशन के बीच सहयोग से स्वास्थ्य, शिक्षा और पोषण के क्षेत्रों में नई संभावनाएं विकसित होंगी तथा समाज के गरीब, वंचित और जरूरतमंद वर्गों तक गुणवत्तापूर्ण सेवाओं का दायरा और अधिक व्यापक होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे सभी प्रयासों का स्वागत करती है, जो सेवा, संवेदना और सुशासन के माध्यम से जनजीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य करते हैं।

पेपर लीक विवाद के बीच भी PM मोदी का सोशल मीडिया पर क्रेज बरकरार

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दिल्ली के जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन जारी है। सीजेपी अपनी मांगों पर अड़ी हुई है। कई विपक्षी दल भी पेपर लीक मुद्दे पर आंदोलन कर रहे हैं। सड़क से लेकर संसद तक इस मुद्दे पर आवाज गूंज रही है। वहीं गुरुवार रात को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक संदेश वीडियो जारी किया था। जिसमें उन्होंने कहा था कि पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि आज इस मामले में और भी बड़ी और कड़ी कार्रवाई होगी। खास बात यह है कि पेपर लीक मुद्दे पर पीएम मोदी का यह पहला बयान है।

बता दें कि देश में भले ही पेपर लीक को लेकर बवाल मचा हुआ है, सरकार के खिलाफ नाराजगी है लेकिन दूसरी तरफ पीएम मोदी ने जैसे ही पेपर लीक मुद्दे पर अपना बयान वीडियो बनाकर जारी किया। उनके इंस्टग्राम पर फॉलोअर्स की संख्या में उछाल आ गया। पेपर लीक विवाद के बीच पीएम मोदी के चाहने वालों की संख्या बढ़ना चर्चा का विषय बन गया है।

इंस्टाग्राम पर पीएम मोदी के फॉलोअर्स में इजाफा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सोशल मीडिया पर प्रभाव लगातार मजबूत बना हुआ है। पेपर लीक मुद्दे पर जारी किए गए उनके एक वीडियो संदेश के बाद इंस्टाग्राम पर उनके आधिकारिक अकाउंट से लगभग 10 लाख यानि 1 मिलियन नए फॉलोअर्स जुड़ गए। यह तेजी से बढ़ी फॉलोअर्स संख्या सोशल मीडिया पर उनकी लोकप्रियता और व्यापक जन-समर्थन को दर्शाती है। वहीं आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी इंस्टाग्राम पर 100 मिलियन फॉलोअर्स का ऐतिहासिक आंकड़ा पार करने वाले दुनिया के पहले और एकमात्र राजनेता हैं।

बता दें कि एक तरफ जहां लाखों छात्र और पूरा विपक्ष सरकार को घेरने में लगा हुआ है। देश के कोने कोने में छात्रों में आक्रोश दिखाई दे रहा है। मोदी और भाजपा विरोधी नारे लग रहे हैं। इसके उपरीत पीएम मोदी के इंस्टाग्राम पर इस तरह 1 मिलियन फॉलोअर्स में इजाफा होना आम बात नहीं है। उन्होंने सिर्फ एक सामान्य वीडियो शेयर किया था। जिसमें उन्होंने पेपर लीक मुद्दे पर कार्रवाई की बात कही है। यह पहली बार नहीं है जब इस तरह पीएम मोदी के फॉलोअर्स बढ़े हो।

प्रदेश सरकार ने देर रात 20 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए

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प्रदेश सरकार ने देर रात 20 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए
मंत्रालय और मैदानी स्तर पर प्रशासनिक जमावट की लंबे समय से लगाई जा रही अटकलें को विराम देते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अशोक बर्णवाल के मुख्य सचिव बनते ही शुक्रवार देर रात अपने कार्यालय से लेकर मैदानी स्तर तक परिवर्तन कर दिया।

अपने अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई पर विश्वास जताते हुए उन्हें उद्योग के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग का अतिरिक्त दायित्व भी दिया है।

इसी विभाग के ऊपर जनवरी 2027 में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट को सफल बनाने का दायित्व है। इंदौर कमिश्नर सुदाम खाडे को मुख्यमंत्री का सचिव बनाया गया है, वे जनसंपर्क आयुक्त की भूमिका निभा चुके हैं।

वहीं, समान नागरिक संहिता (यूसीसी) तैयार करने और पदोन्नति नियम का सफलतापूर्वक क्रियान्वयन करने में अहम भूमिका निभाने वाले सामान्य प्रशासन विभाग के अपर सचिव अजय कटेसरिया को पुरस्कृत करते हुए रतलाम कलेक्टर बनाया गया है।

अभी तक उद्योग विभाग का जिम्मा संभाल रहे राघवेंद्र सिंह को वन विभाग का दायित्व दिया गया है तो मुख्यमंत्री के भरोसेमंद अधिकारियों में शामिल संदीप यादव अब जल संसाधन विभाग का जिम्मा संभालेंगे।

यह विभाग अभी तक अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा देख रहे थे। चूंकि, वे प्रदेश में सबसे वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं और उनसे कनिष्ठ अधिकारी को मुख्य सचिव बनाया गया है इसलिए उन्हें मंत्रालय से विदा करते हुए महानिदेशक प्रशासन अकादमी पदस्थ किया है।

प्रदेश सरकार ने देर रात 20 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए। कृषि उत्पादन आयुक्त केसी गुप्ता को अपने वर्तमान दायित्व के साथ-साथ उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग भी देखेंगे।

सचिन सिन्हा महानिदेशक प्रशासन अकादमी पर अपर मुख्य सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, सचिव जान किंग्सली ए आर को औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग के साथ सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग का अतिरिक्त प्रभार, प्रबंध संचालक मंडी बोर्ड कुमार पुरुषोत्तम को अपर सचिव, केदार सिंह को अपर सचिव लोक निर्मा,

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत इंदौर सिद्धार्थ जैन उप सचिव मुख्यमंत्री और कार्यकारी संचालक औद्योगिक विकास निगम इंदौर हिमांशु प्रजापति को सीईओ जिला पंचायत इंदौर पदस्थ किया है।

प्रमुख सचिव मनीष सिंह अपने वर्तमान दायित्व के साथ-साथ ऊर्जा विभाग का अतिरिक्त प्रभार भी देखेंगे। ई रमेश कुमार को प्रमुख सचिव नर्मदा घाटी विकास का जिम्मा दिया है।

AI का गलत इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं -केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल

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AI का गलत इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं -केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे अपने कथित बयान वाले वीडियो को पूरी तरह फर्जी और AI से तैयार किया गया डीपफेक बताया है. उन्होंने कहा कि संसद के बाहर मीडिया से की गई उनकी टिप्पणियों के साथ छेड़छाड़ कर AI की मदद से यह वीडियो तैयार किया गया है, ताकि लोगों के बीच गलत जानकारी फैलाई जा सके. गोयल ने कहा कि इस मामले में पुलिस शिकायत दर्ज करा दी गई है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में कहा कि संसद के बाहर मीडिया से की गई उनकी टिप्पणियों को जानबूझकर एडिट किया गया और AI की मदद से डीपफेक वीडियो तैयार कर सोशल मीडिया पर फैलाया गया. उनका कहना है कि इसका मकसद लोगों को गुमराह करना और गलत सूचना फैलाना है. उन्होंने कहा कि इस तरह की हरकतें न सिर्फ भ्रामक हैं, बल्कि लोकतांत्रिक संवाद को भी नुकसान पहुंचाती हैं.

चातुर्मास के साथ मांगलिक कार्यों पर लगेगा विराम

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देवशयनी एकादशी के साथ भगवान विष्णु 119 दिनों के लिए योगनिद्रा में प्रवेश करेंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान 25 जुलाई से 20 नवंबर (देवप्रबोधिनी एकादशी) तक चातुर्मास रहेगा और विवाह सहित कई मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा। इस अवसर पर देशभर के विष्णु और विठ्ठल मंदिरों में विशेष पूजा, अभिषेक और शयन आरती का आयोजन किया जाएगा।

देवशयनी एकादशी का क्या है महत्व?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवशयनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु चार महीने के लिए योगनिद्रा में चले जाते हैं और इस दौरान सृष्टि के संचालन का दायित्व भगवान शिव संभालते हैं। चातुर्मास समाप्त होने पर देवप्रबोधिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु जागृत होते हैं।

इसी अवधि में श्रावण मास, रक्षाबंधन, गणेशोत्सव, श्राद्ध पक्ष, शारदीय नवरात्र, शरद पूर्णिमा और दीपावली जैसे प्रमुख पर्व मनाए जाते हैं।

मंदिरों में होंगे विशेष आयोजन
देवशयनी एकादशी पर सुबह ब्रह्म मुहूर्त से भगवान विष्णु का अभिषेक और विशेष पूजन किया जाएगा। शाम को शयन आरती के साथ भगवान को योगनिद्रा के लिए शयन कराया जाएगा। चातुर्मास के दौरान कई स्थानों पर धार्मिक प्रवचन, कथा, भजन-कीर्तन और विभिन्न आध्यात्मिक अनुष्ठान भी आयोजित किए जाएंगे।

इंदौर में निकलेगी दिंडी यात्रा
देवशयनी एकादशी के अवसर पर इंदौर में सर्व मराठी भाषी संघ की ओर से पारंपरिक दिंडी यात्रा निकाली जाएगी। यह यात्रा शाम 5:30 बजे राजवाड़ा से शुरू होकर ऐतिहासिक पंढरीनाथ मंदिर पहुंचेगी। इसमें श्रद्धालु भगवा ध्वज, पारंपरिक मराठी वेशभूषा, टाल-मृदंग, संतों के अभंग और सिर पर तुलसी वृंदावन धारण कर शामिल होंगे। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए 300 किलोग्राम खिचड़ी महाप्रसाद का वितरण भी किया जाएगा।

पंढरीनाथ मंदिर का ऐतिहासिक महत्व
इंदौर का होलकरकालीन पंढरीनाथ मंदिर शहर की प्रमुख धार्मिक धरोहरों में शामिल है। ऐतिहासिक अभिलेखों के अनुसार, इसका निर्माण 1811 से 1833 के बीच महाराजा मल्हारराव होलकर द्वितीय के शासनकाल में कराया गया था। मंदिर में स्वयंभू काले पत्थर की भगवान विठ्ठल की प्रतिमा विराजमान है, जो मराठा-नागर स्थापत्य शैली का सुंदर उदाहरण मानी जाती है।

इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर में बनेंगे चार नए फास्ट-ट्रैक कोर्ट – CM मोहन यादव

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की घोषणा के बाद राज्य सरकार ने चार नए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि युवाओं से जुड़े मामलों के तेजी से निपटारे के लिए राज्य के चार बड़े शहरों में भी फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे।

सीएम डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के लिए बेहतर मौके बनाने के साथ-साथ उच्च शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के ढांचे को बढ़ाने के लिए भी प्रतिबद्ध है।

प्रधानमंत्री की कल की घोषणा के बाद आज एमपी में ऐलान
फास्ट-ट्रैक कोर्ट पर राज्य के फैसले के बारे में बताते हुए मोहन यादव ने कहा, प्रधानमंत्री की कल की फास्ट-ट्रैक कोर्ट की घोषणा के बाद हमारे राज्य ने उनके आदेश को लागू करते हुए आज चार नए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने का ऐलान किया है, ताकि सभी तरह के मुद्दों को तेजी से सुलझाया जा सके।

युवाओं से जुड़े मामलों और मुद्दों को तेजी से सुलझाएंगे
मोहन यादव ने कहा, हम इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर जैसे चार बड़े शहरों में भी फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने जा रहे हैं। जहां हम युवाओं से जुड़े मामलों और मुद्दों को तेजी से सुलझाएंगे। युवाओं के लिए हमारी सरकार जितना काम कर रही है, उतना कोई और नहीं कर रहा है। हम सभी चाहते हैं कि युवाओं को रोजगार के मौके मिलें।

मुख्यमंत्री ने राज्य में मेडिकल शिक्षा के विस्तार पर भी जोर दिया और कहा कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल में मेडिकल कॉलेजों और अंडरग्रेजुएट मेडिकल सीटों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है।

केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने अपने पद से इस्तीफा दिया

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केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सलाह पर उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। रवनीत सिंह बिट्टू केंद्र सरकार में रेल राज्य मंत्री के साथ-साथ खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। वह पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पोते हैं और वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी से राज्यसभा सांसद हैं।

क्यों देना पड़ा इस्तीफा?
रवनीत सिंह बिट्टू का इस्तीफा किसी राजनीतिक विवाद की वजह से नहीं बल्कि संवैधानिक प्रावधानों के तहत हुआ है। वह राज्यसभा सदस्य बनने के बाद केंद्रीय मंत्रिपरिषद में शामिल हुए थे। जून 2026 में उनका राज्यसभा कार्यकाल समाप्त हो गया और उन्हें दोबारा उच्च सदन के लिए नामित नहीं किया गया। ऐसे में संसद की सदस्यता समाप्त होने के बाद उनका मंत्री पद पर बने रहना संभव नहीं था।

क्या कहता है संविधान?
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 75(2) के तहत राष्ट्रपति प्रधानमंत्री की सलाह पर मंत्रियों की नियुक्ति और इस्तीफा स्वीकार करते हैं। वहीं, संविधान के प्रावधानों के अनुसार कोई भी व्यक्ति यदि संसद का सदस्य नहीं है तो वह अधिकतम छह महीने तक ही मंत्री रह सकता है। इसके बाद उसे या तो संसद का सदस्य बनना होता है या मंत्री पद छोड़ना पड़ता है। इसी संवैधानिक प्रक्रिया के तहत बिट्टू का इस्तीफा स्वीकार किया गया।

2024 में बने थे केंद्रीय मंत्री
रवनीत सिंह बिट्टू 2024 में भाजपा में शामिल हुए थे। इसके बाद उन्हें केंद्र सरकार के तीसरे कार्यकाल में रेल राज्य मंत्री और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग राज्य मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई। लोकसभा चुनाव हारने के बाद वह राज्यसभा के जरिए संसद पहुंचे और केंद्रीय मंत्रिपरिषद का हिस्सा बने।

अब पंजाब की राजनीति पर रहेगा फोकस
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मंत्री पद से मुक्त होने के बाद रवनीत सिंह बिट्टू अब पंजाब की राजनीति पर अधिक ध्यान दे सकते हैं। अगले साल प्रस्तावित पंजाब विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा राज्य में अपनी संगठनात्मक पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। ऐसे में पार्टी उन्हें चुनावी रणनीति और संगठन विस्तार में बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है।

CJP ने सरकार को दे डाला अल्टीमेटम

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कॉकरोच जनता पार्टी और सरकार के बीच दूसरे दौर की बैठक शुक्रवार (24 जुलाई) को हुई. इस बैठक में सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह मौजूद थे. कॉकरोच जनता पार्टी की तरफ से प्रवक्ता आशुतोष रांका और सौरभ दास मौजूद थे. सौरभ दास ने बताया कि बैठक में एक-दो अधिकारी भी मौजूद थे.

कल सरकार ने हमें साढ़े तीन बजे बुलाया- रांका
बैठक के बाद वापस जंतर-मंतर लौटने के बाद दोनों प्रवक्ताओं ने मंच से पूरी बात बताई. इसमें आशुतोष रांका ने कहा कि सरकार ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर शनिवार (25 जुलाई) को फिर से बातचीत के लिए साढ़े तीन बजे बुलाया है. हमने सरकार को बहुत ही साफ तौर पर ये बता दिया है कि हम अब ज्यादा इस पर जाया नहीं कर सकते. अगर जल्दी धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं होता है, अगर अगले एक-दो दिन में धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त नहीं किया जाता है तो फिर कॉकरोच जनता पार्टी की तरफ से एक और राष्ट्रव्यापी कॉल दिया जाएगा 20 जुलाई की तरह.

इस्तीफे से नीचे कुछ भी मंजूर नहीं- रांका
आशुतोष रांका ने आगे कहा, “हमने ये भी सरकार को बता दिया है कि इस बार का जो कॉल होगा वो 20 जुलाई से ज्यादा बड़ा होगा. हमने सरकार को समझा दिया. हमने लगता है कि वो समझ रहे हैं. हमने सरकार से कह दिया है कि वो मोदी जी को जाकर कह दें कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से नीचे कुछ भी मंजूर नहीं है.”

अगली बार धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ वापस आएंगे- रांका
जंतर मंतर पर मंच से आशुतोष रांका ने प्रदर्शनकारी छात्रों से पूछा कि आप धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लिए बिना यहां से जाएंगे तो नहीं, इस पर छात्रों ने ना में जवाब दिया. रांका ने कहा कि हमें उम्मीद है कि अगली बार जब मीटिंग होगी तो हम धर्मेंद्र के इस्तीफे के साथ वापस आएंगे. उम्मीद कायम रखिए, डटे रहिए, संघर्ष करते हुए. हम आपको इतना बता सकते हैं कि जीत बहुत करीब है.

नीट पेपर लीक पर सरकार की सबसे बड़ी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, NTA के 47 अधिकारी बर्खास्त

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NEET समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक विवाद के बीच सरकार ने शुक्रवार को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के 47 अधिकारियों को बर्खास्त कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, शिक्षा मंत्रालय परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए व्यापक सुधारों कर रही है। सरकार का कहना है कि नए सुधारों के जरिए परीक्षा प्रक्रिया में तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही बढ़ाई जाएगी, ताकि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। उधर दिल्ली के जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और अलग-अलग राज्यों से आए हजारों छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं।

पारदर्शिता और सुरक्षा पर रहेगा जोर
सूत्रों के अनुसार, सरकार के इस एक्शन का मुख्य उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना, पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाना और उम्मीदवारों का भरोसा बहाल करना है। इसके तहत परीक्षा संचालन, प्रश्नपत्रों की सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था और जवाबदेही से जुड़े कई नए प्रावधान भी सामने आ सकते हैं। सरकार का मानना है कि मजबूत व्यवस्था के जरिए भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।

छात्रों की निगाहें सरकार के फैसले पर
दिल्ली के जंतर-मंतर समेत देशभर में पेपर लीक के विरोध में चल रहे छात्र आंदोलनों और लगातार उठ रहे सवालों के बीच यह घोषणा बेहद अहम मानी जा रही है। छात्र संगठन लंबे समय से परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। ऐसे में अब सभी की नजर शिक्षा मंत्रालय के इस बड़े फैसले पर रहेगी कि सरकार का यह एक्शन भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता को मजबूत करने में कितना सफल साबित होगा।