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‘पेपर लीक आतंकवाद से कम नहीं, सरकार इसका मुकम्मल इलाज करेगी’

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लोकसभा में एंटी पेपर लीक बिल पर चर्चा के दौरान बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि पेपर लीक आतंकवाद से कम खतरनाक नहीं है, क्योंकि इसका सबसे बड़ा नुकसान देश के युवाओं को उठाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए प्रतिबद्ध है और इसी उद्देश्य से 2024 के कानून में संशोधन कर उसे और अधिक सख्त और प्रभावी बनाया जा रहा है। ठाकुर ने कहा कि सरकार ऐसा तंत्र विकसित करना चाहती है जिससे मामलों में अनावश्यक देरी न हो और पूरी परीक्षा प्रणाली अधिक मजबूत व पारदर्शी बने।

युवाओं के मुद्दे पर राजनीति कर रहा है विपक्ष
अनुराग ठाकुर ने विपक्ष पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जब सदन में इस मुद्दे पर चर्चा हो रही थी तब विपक्ष सदन नहीं चलने दे रहा था। अनुराग ठाकुर ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर भी तंज कसते हुए कहा कि दोनों नेताओं ने छात्रों के मुद्दे पर राजनीति करने की कोशिश की। उन्होंने कहा राहुल गांधी को लगा कि युवाओं ने पूछा नहीं, इसलिए अखिलेश जी के साथ प्रधानमंत्री आवास के बाहर जाकर लेट गए। अनुराग ठाकुर कहा किया कि नीट परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिलते ही केंद्र सरकार ने तीन दिन के भीतर दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया और 40 हजार से अधिक परीक्षा केंद्रों पर महज 45 दिनों में पूरी प्रक्रिया पूरी कर दी जो युवाओं के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

RSS, प्रो. वी. कामाकोटी और प्रियंका गांधी पर दिया जवाब
उन्होंने कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी के भाषण पर भी पलटवार किया और प्रोफेसर वी. कामाकोटी पर की गई टिप्पणी का विरोध किया। ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े होने में कोई गलत बात नहीं है और देश के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों का उपहास उड़ाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक विज्ञान साथ-साथ आगे बढ़ सकते हैं और आर्टिफीसियल पर शोध करने वाला वैज्ञानिक भारतीय परंपराओं पर भी अध्ययन कर सकता है।

आंदोलन छात्रों का था, हिंसा करने वालों पर कार्रवाई हो
बीजेपी सांसद ने कहा कि मोदी सरकार जरूरत पड़ने पर कानूनों में सुधार करने से पीछे नहीं हटती और यही कारण है कि 2024 के कानून में भी संशोधन लाया गया है। उन्होंने दावा किया कि पेपर लीक मामले में शामिल सभी 13 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। साथ ही नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में टास्क फोर्स गठित कर परीक्षा प्रणाली को और मजबूत बनाने की दिशा में काम शुरू कर दिया गया है। अनुराग ठाकुर ने यह भी कहा कि छात्र बेहतर परीक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। लेकिन जो असामाजिक तत्व हिंसा और तोड़फोड़ में शामिल थे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

J&K के उरी में माइन ब्लास्ट, सेना के 2 जवान घायल

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जम्मू कश्मीर के बारामूला जिले के उरी सेक्टर में लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) के पास एक माइन धमाके में सेना के दो जवान घायल हो गए. यह धमाका कमलकोट सब-सेक्टर में 12 इन्फैंट्री ब्रिगेड के तहत काम करने वाली 8 राष्ट्रीय राइफल्स (8 RR) की ‘अपर गढ़ फॉरवर्ड पोस्ट’ के पास हुआ. यह इलाका उरी पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आता है.

घायल जवानों को एयरलिफ्ट किया गया
घायल जवानों को तुरंत घटनास्थल से निकालकर एयरलिफ्ट के जरिए नगर के बादामीबाग स्थित सेना के बेस हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है. घायल सैनिकों की पहचान दफादार विजय कुमार (42) और नायक शरणपा अंगारी (28) के तौर पर हुई है. दोनों 8 राष्ट्रीय राइफल्स में तैनात हैं. अधिकारियों ने बताया कि माइन धमाके की वजहों का पता लगाया जा रहा है.

ये खबर ऐसे समय में आई है जब जम्मू में आने वाले स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) के जश्न के लिए सुरक्षा और प्रशासनिक तैयारियों का जायजा लेने के लिए एक बड़ी बैठक बुलाई गई थी. इस बैठक की अध्यक्षता जम्मू के डिवीजनल कमिश्नर रमेश कुमार ने की और इसकी सह-अध्यक्षता पुलिस महानिरीक्षक (IGP) भीम सेन तुती ने की. इसमें अलग-अलग विभागों और जिलों के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे.

बॉर्डर के पास दिखे पाकिस्तानी ड्रोन
ये धमाका ऐसे समय में हुआ है जब सांबा और राजौरी जिलों में अंतरराष्ट्रीय सीमा और नियंत्रण रेखा के पास कई सीमावर्ती इलाकों में संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन देखे जाने के बाद सोमवार को सुरक्षा बलों ने बड़े पैमाने पर तलाश अभियान शुरू किया था. अधिकारियों ने बताया कि सतर्क सैन्य टुकड़ियों ने सांबा में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास नंदपुर और राजौरी के नौशेरा सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास तारकुंडी-साज इलाके में ड्रोन की संदिग्ध गतिविधियां देखीं. सेना ने पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की मदद से तलाश अभियान संचालित किया, ताकि यह पता लगाया जा सके कि संदिग्ध ड्रोनों से कोई नशीला पदार्थ या हथियार तो नहीं गिराया गया.

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ में पहली बार आयोजित स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव में हुए शामिल

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खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में राज्य के पदक विजेता खिलाड़ियों को दी प्रोत्साहन राशि
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव के समापन सत्र में शामिल हुए। उन्होंने राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित कॉन्क्लेव में विगत मार्च-अप्रैल में छत्तीसगढ़ में हुए देश के पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में राज्य के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की। छत्तीसगढ़ में पहली बार इस स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया था, जिसमें विभिन्न सत्रों में देशभर से आए खेल प्रशासकों, नीति निर्माताओं, स्पोर्ट्स साइंटिस्ट्स, नामचीन खिलाड़ियों, विशेषज्ञों और खेल संघों के पदाधिकारियों ने छत्तीसगढ़ में खिलाड़ियों के लिए बेहतर सुविधाओं, खेल प्रतिभाओं की खोज, प्रशिक्षण और सुदृढ़ खेल अधोसंरचना के रोडमैप पर दिनभर मंथन किया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए कहा कि विशेषज्ञों के बीच आज दिनभर हुए गंभीर विचार-विमर्श से राज्य में खेल और खिलाड़ियों की बेहतरी के कार्यों को सार्थक एवं प्रभावी दिशा मिलेगी। राज्य में खेलों के विकास के लिए यह कॉन्क्लेव मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि खेल और खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने छत्तीसगढ़ में गंभीरता से काम हो रहे हैं। उत्कृष्ट खेल मिशन के अंतर्गत खेल अधोसंरचना को मजबूत करने इस साल के बजट में 100 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। हमने हाल ही में प्रदेशभर के 156 उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सूची को मंजूरी दी है, जिन्हें आगे जाकर सरकार नौकरी में लाभ देगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि खिलाड़ियों को खेलने के लिए अच्छा मंच उपलब्ध कराने बस्तर ओलंपिक, सरगुजा ओलंपिक और खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के आयोजन राज्य में हुए हैं। बस्तर ओलंपिक में करीब चार लाख और सरगुजा ओलंपिक में लगभग साढ़े तीन लाख खिलाड़ियों ने भागीदारी की है। राज्य की खेल प्रतिभाओं को उचित अवसर और संसाधन देने की आवश्यकता है। इसके लिए हम लोग सक्रियता से काम कर रहे हैं।

उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव कहा कि यह कॉन्क्लेव छत्तीसगढ़ को खेलों के क्षेत्र में अग्रणी बनाने में बहुत मददगार होगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य में खेल और खिलाड़ियों की तरक्की और बेहतरी के लिए लगातार काम हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की भौगोलिक परिस्थितियों में प्राकृतिक, शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत युवा निकलते हैं। प्राथमिक कक्षाओं से ही बच्चों की खेल प्रतिभा को पहचान कर उन्हें तराशने और संवारने की कार्ययोजना पर हम काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज विशेषज्ञों के जो अमूल्य सुझाव और मार्गदर्शन प्राप्त हुए हैं, उन पर निश्चित रूप से अमल किया जाएगा। आज के निष्कर्षों को शामिल कर हम विस्तृत कार्ययोजना बनाएंगे और उसे प्रभावी तरीके से क्रियान्वित करेंगे।

खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार, संचालक मती तनुजा सलाम, ओलंपियन जिन्सन जॉनसन, प्रख्यात शिक्षाविद एवं खेल वैज्ञानिक डॉ. रत्नेश सिंह, छत्तीसगढ़ ओलंपिक संघ के महासचिव विक्रम सिसोदिया, हाई परफॉर्मेंस एनॉलिस्ट रोनक कोठारी, पीईएफआई के राष्ट्रीय सचिव डॉ. पियूष जैन, खेलो इंडिया के उप महानिदेशक मयंक और पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर राजेश चौहान सहित प्रदेश के अनेक खिलाड़ी, प्रशिक्षक, सभी जिलों के खेल अधिकारी एवं खेल संघों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में कॉन्क्लेव में शामिल हुए।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में पदक जीतने वाले 11 खिलाड़ियों और 3 टीमों को मिली प्रोत्साहन राशि

छत्तीसगढ़ ने 3 स्वर्ण, 10 रजत और 6 कांस्य पदकों सहित जीते थे कुल 19 पदक
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पोर्ट्स कॉन्क्लेव के समापन सत्र में इस साल छत्तीसगढ़ में हुए खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में राज्य के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की। मुख्यमंत्री साय ने इस वर्ष 3 अप्रैल को खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के समापन समारोह में राज्य के लिए पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की थी। छत्तीसगढ़ ने 3 स्वर्ण, 10 रजत और 6 कांस्य पदकों सहित कुल 19 पदक जीते थे।

खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में निकिता ने भारोत्तोलन में स्वर्ण पदक जीता था। वहीं रिषिका कश्यप ने भारोत्तोलन, अनुष्का भगत ने तैराकी, लक्ष्मण सोढ़ी, अभिषेक, डमरू कुमार, गजेन्द्र ठाकुर और तिलक बारसे ने एथलेटिक्स में रजत पदक जीते थे। मनीष कुमार ने एथलेटिक्स, निखिल खलको ने तैराकी और लक्की बाबू ने भारोत्तोलन में कांस्य पदक जीते थे।

मुख्यमंत्री ने स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी को दो लाख रुपए, रजत पदक विजेताओं को डेढ़ लाख रुपए और कांस्य पदक विजेताओं को एक लाख रुपए के चेक प्रदान किए। वहीं टीम खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली महिला फुटबॉल टीम को 22 लाख रुपए, रजत पदक विजेता पुरूष फुटबॉल टीम को साढ़े 16 लाख रुपए तथा कांस्य पदक जीतने वाली पुरूष हॉकी टीम को 9 लाख रुपए की राशि दी गई।

सीएम योगी का सख्त संदेश: खाद की कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं, किसानों को होगी पूरी आपूर्ति

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा है कि खाद की कालाबाजारी करने वालाें पर जीरो टालरेंस की नीति के तहत कठोर कार्रवाई की जाए। कृषि व अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी खाद वितरण व्यवस्था दुरुस्त रखें और तकनीकी समस्या आने पर तत्काल सुधार कराया जाए। उन्होंने सभी मंडलों में उर्वरक उपलब्धता की नियमित निगरानी के भी निर्देश दिए हैं।

प्रदेश में उर्वरक की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि सरकार, किसानों को फसल संस्तुति के अनुसार पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। प्रदेश में उर्वरक की पर्याप्त मात्रा उपलब्ध है।

किसान भ्रामक सूचनाओं व अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से उर्वरक भंडारण न करें। पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष अधिक उर्वरक उपलब्ध कराए गए हैं।

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि वर्तमान खरीफ सीजन में एक अप्रैल से 27 जुलाई तक 28.25 लाख टन उर्वरक की बिक्री की जा चुकी है और वर्तमान में 29.05 लाख टन उर्वरक उपलब्ध है।

इसमें 14.77 लाख टन यूरिया, 4.81 लाख टन डीएपी, 4.90 लाख टन एनपीके, 3.46 लाख टन एसएसपी और 1.1 लाख टन एमओपी की उपलब्धता है।

अभिजीत दीपके का बड़ा बयान: सरकार नहीं चेती तो फिर सड़कों पर उतरेंगे छात्र

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CJP-छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट साझा कर चेतावनी दी है कि यदि छात्रों को परेशान करना। उन पर कार्रवाई नहीं रुकी तो CJP बहुत जल्द ही बड़े पैमाने पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन शुरू करेगी।

उन्होंने आगे कहा कि लोकतंत्र में छात्रों को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। उनके खिलाफ किसी भी तरह की विच-हंटिंग स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्हें टारगेट करना बंद करिए।

छात्रों पर कार्रवाई को लेकर घिरी सरकार, विपक्ष ने मांगे जवाब
इस बीच लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने सरकार को कई मुद्दों पर घेरा। सबसे ज्यादा सवाल छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर उठे।

‘स्पाइडर मैन: ब्रांड न्यू डे’ का फर्स्ट रिव्यू: टॉम हॉलैंड की अब तक की बेस्ट फिल्म

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cinema- ‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ थिएटर में दस्तक देने के लिए तैयार है. फिल्म में टॉम हॉलैंड लीड रोल में हैं. इस फिल्म को लेकर फैंस में जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है. फिल्म भारत में 30 जुलाई को और दुनियाभर में 31 जुलाई 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है. फिल्म का हाल ही में वर्ल्ड प्रीमियर हुआ. फिल्म देखने के बाद जर्नलिस्ट और क्रिटिक्स ने रिव्यू शेयर किया है और इसे अब तक की बेस्ट स्पाइडर मैन फिल्म बताया.

फिल्म का फर्स्ट रिव्यू
‘डेडलाइन’ के जॉर्ज मैके ने फिल्म को स्पाइडर-मैन के लिए एक शानदार लव लेटर कहा. इसी के साथ उन्होंने फिल्म को अबतक की बेस्ट स्पाइडर-मैन फिल्म बताया. उन्होंने लिखा, ”स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ स्पाइडर-मैन के कैरेक्टर और उनके आसपास की दुनिया के लिए लव लेटर है. टॉम हॉलैंड, ज़ेंडया और सैडी सिंक ने अबतक की बेहतरीन स्पाइडर मैन फिल्म बनाई है. MCU की वापसी हुई है और ये पहले से कहीं ज्यादा बेहतर है.’

डिजिटल क्रिएटर एडम ह्लावाच ने लिखा, ‘मैं फिल्म देखकर सरप्राइज हो गया. मुझे फिल्म बहुत पसंद आई. डेस्टिन डैनियल क्रेटन और टॉम हॉलैंड ने फिल्म में अपनी जान लगा दी और इसका नतीजा शानदार रहा. ये फिल्म बहुत बड़ी होने वाली है और लंबे समय तक इसकी बात होने वाली है. मैं ये देखकर हैरान रह गया कि कैसे इतना सब बैलेंस किया गया इमोशन, ह्यूमर, एक्शन, प्रैक्टिल वर्सेस विजुअल इफेक्ट्स, स्कोर और सिनमैटोग्राफी. ये बहुत हैंडमेड लगा. फिल्म इंतजार के लायक है.’

Gizmodo के जर्मेन लुसियर ने फिल्म को लेकर लिखा, ‘मैं बस फिल्म देखकर रो रहा था. ये जबरदस्त फिल्म है. ये एक साथ 5 अलग-अलग कहानियों को बराबर बैलेंस करती है और हर कहानी पिछली वाली से बेहतर है.’

बॉक्स ऑफिस पर होगा धमाल
बता दें कि इंडिया में फिल्म इंग्लिश, हिंदी, तमिल, तेलुगू, मलयालम और कन्नड़ भाषा में रिलीज होगी. हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, फिल्म के ओपनिंग वीकेंड पर वर्ल्डवाइड 800 मिलियन डॉलर की कमाई की उम्मीदें हैं. अगर ऐसा हुआ तो ‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ अब तक की दूसरी सबसे बड़ी ग्लोबल ओपनिंग वीकेंड वाली फ़िल्म बन सकती है. नंबर वन पर ‘एवेंजर्स: एंडगेम’ है, फिल्म ने 1.2 बिलियन डॉलर की कमाई की थी.

बता दें कि टॉम हॉलैंड को इन दिनों फिल्म ‘द ओडिसी’ में देखा जा रहा है. इस फिल्म में भी उनके काम की बहुत तारीफ हुई. फिल्म को क्रिस्टोफर नोलन ने बनाया है. फिल्म में मैट डेमन भी नजर आए. फिल्म के प्रमोशन के लिए टॉम, मेट और क्रिस्टोफर इंडिया भी आए थे.

मुख्यमंत्री ने जैविक, हाईटेक खेती और खाद्य प्रसंस्करण के लिए किसानों को किया सम्मानित

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को प्रदेश के किसानों को बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने खंडवा जिला मुख्यालय में हुये बलराम कृषि महोत्सव में प्रदेश के 82 लाख 70 हजार से अधिक किसानों के खातों में मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना अंतर्गत 3308 करोड़ रुपए सिंगल क्लिक से अंतरित किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई उन्नत कृषि पर केंद्रित कृषि प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने, खेती-किसानी को लाभदायी बनाने और कृषि को आधुनिक स्वरूप देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि बलराम कृषि महोत्सव केवल एक आयोजन न होकर किसानों को नई तकनीक, वैज्ञानिक खेती और समृद्ध भविष्य से जोड़ने का व्यापक अभियान है। यह किसानों का अपना कार्यक्रम है, किसान इसका अधिक से अधिक लाभ उठाकर अपनी खेती को नई ऊंचाइयों तक ले जाएं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि खंडवा की बात ही अलग है। अतीत का खानदेश अब कई खासियतों के लिए मशहूर है। यहाँ की काली मिट्टी फसलों के लिए सोने जैसी है। इसीलिए यहां की फसलें भी सोने के भाव बिकती हैं। खंडवा जिले के हर खंड में किसानों की मेहनत से खुशहाली है। बात खेती-किसानी की हो, या जल और पर्यावरण बचाने की, खंडवा हर मामले में अव्वल है। यहां के परिश्रमी किसानों ने अपनी उद्यमशीलता और नवाचारों से पूरे देश और प्रदेश में खेती का एक अलग ही स्टैंडर्ड मॉडल सेट किया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसानों से अनुरोध करते हुए कहा कि बलराम कृषि महोत्सव आपका अपना महोत्सव है। इसमें बढ़ चढ़कर हिस्सा लें। उन्होंने कहा कि परम्परागत खेती अब गुज़रे ज़माने की बात हो गई है। अब आधुनिक और उन्नत खेती का दौर है। किसान बंधु अपने खेत की मिट्टी की जांच करायें। मिट्टी की उत्पादकता के अनुसार ही फसल लें। बहुत अधिक रायायनिक उर्वरकों का उपयोग करने से बचें, जितनी जल्दी हो सके, प्राकृतिक और जैविक खेती की ओर बढ़ें। फसल विविधीकरण अपनाएं। एक ही किस्म की फसल के स्थान पर एक ही समय में खेत में एकाधिक फसल लें। इससे किसानों के खेतों में नई फसल किस्मों की हरियाली आयेगी, साथ ही आमदनी भी बढ़ेगी।

किसानों के प्रति सरकार के मन में अगाध श्रद्धा और सम्मान
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार लगातार किसान कल्याण के लिए महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। किसान अपनी मेहनत और पसीने से धरती से अन्न उगाते हैं और भूखों को अनाज उपलब्ध कराते हैं। किसानों के प्रति हमारी सरकार के मन में अगाध श्रद्धा और सम्मान है। किसान भाइयों को आज एक साथ 4000 रुपए सम्मान निधि के रूप में उनके बैंक खातों में भेजे गए हैं।

बलराम कृषि महोत्सव की स्मृति के रूप में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को किसानों ने हल भेंट किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जैविक, हाईटेक खेती और खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसान बंधुओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने मेधावी विद्यार्थियों और सोशल मीडिया एन्फ्लुएंसर्स को भी सम्मानित किया।

कार्यक्रम में विधायक नारायण पटेल, विधायक छाया मोरे, नगर निगम अध्यक्ष अनिल विश्वकर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में किसान बंधु उपस्थित थे।

गांवों के समग्र विकास से ही विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प होगा साकार : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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ग्राम पंचायतों को केवल योजनाओं के क्रियान्वयन की इकाई नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन, आर्थिक समृद्धि और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के केंद्र के रूप में विकसित करना होगा। यदि ग्राम पंचायतें सशक्त हों, गांव आत्मनिर्भर बनें और प्रत्येक ग्रामीण विकास की प्रक्रिया का सहभागी बने, तभी विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प वास्तविक रूप ले सकेगा।मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर स्थित एसआईआरडी परिसर, निमोरा में आयोजित प्रदेश के सभी जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक एवं कार्यशाला को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ यही है कि शासन की योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। ग्राम पंचायतें जनभागीदारी के माध्यम से आत्मनिर्भर गांव बनाने का सबसे प्रभावी मंच हैं। अधिकारियों को संवेदनशीलता, ईमानदारी और सेवा भाव के साथ कार्य करते हुए ग्रामीणों का विश्वास जीतना होगा।

मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों से कहा कि शासकीय योजनाओं की वास्तविक सफलता तभी मानी जाएगी, जब उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और गांव का प्रत्येक नागरिक स्वयं विकास यात्रा का सक्रिय भागीदार बने। उन्होंने प्रत्येक जिले में ऐसे गांवों की पहचान करने के निर्देश दिए, जहां जनभागीदारी, स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और प्रभावी योजना के माध्यम से आदर्श विकास मॉडल विकसित किए जा सकें।

विकसित भारत जी राम जी योजना से ग्रामीण विकास को मिलेगी नई गति
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 1 जुलाई से लागू विकसित भारत जी राम जी योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने वाली महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के माध्यम से रोजगार सृजन के साथ-साथ स्थायी परिसंपत्तियों और गुणवत्तापूर्ण अधोसंरचना का निर्माण प्राथमिकता से किया जाए।
इसके माध्यम से जल संरक्षण, कृषि, ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका और सामुदायिक परिसंपत्तियों के निर्माण को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर प्रबंधन बने प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण विकास केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए। जल संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य, कृषि उत्पादकता, पशुपालन, मत्स्य पालन तथा स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों का वैज्ञानिक उपयोग ही स्थायी विकास का आधार है। उन्होंने प्रत्येक जिले में स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप जल संरक्षण की कार्ययोजना तैयार करने तथा वर्षा जल संचयन एवं भूजल संवर्धन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

10.40 लाख से अधिक महिलाएं बनीं लखपति दीदी, अब लक्ष्य करोड़पति दीदी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिली है। छत्तीसगढ़ में अब तक 10 लाख 40 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। अब सरकार उन्हें उद्यमिता, कौशल विकास और स्वरोजगार से जोड़कर बड़ी संख्या में करोड़पति दीदी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

उन्होंने जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र महिलाओं की पहचान कर उन्हें स्व-सहायता समूहों, कौशल विकास, आजीविका गतिविधियों और नई औद्योगिक नीति से उत्पन्न अवसरों से जोड़ा जाए।

बस्तर के अंतिम गांव तक पहुंचे विकास की रोशनी
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बस्तर संभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में विकास कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता से किए जाएं। उन्होंने कहा कि जिन गांवों तक कभी पहुंचना कठिन था, वहां अब सड़क, बिजली, आवास, राशन, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं तेजी से पहुंच रही हैं। सरकार का लक्ष्य विकास की रोशनी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।

पीएम आवास और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्माण कार्यों में तेजी लाने तथा सभी पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन सहित सभी योजनाओं के भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए तथा पंचायत स्तर पर प्रभावी निगरानी व्यवस्था विकसित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। पंचायत स्तर पर इसका व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक परिवारों को सौर ऊर्जा से जोड़ा जाए। किसानों और ग्रामीण परिवारों को सौर पंप तथा अन्य सौर ऊर्जा योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन का उद्देश्य केवल अपने सीमित उत्तरदायित्व का निर्वहन मात्र न होकर के समाज में ऐसा सकारात्मक परिवर्तन लाना होना चाहिए, जिसे आने वाली पीढ़ियां भी याद रखें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रसेवा का जो आदर्श प्रस्तुत किया है, उससे प्रेरणा लेकर प्रत्येक अधिकारी को अपनी जिम्मेदारी को समाज निर्माण का अवसर मानना चाहिए।

एक व्यक्ति का संकल्प पूरे समाज की तस्वीर बदल सकता है
मुख्यमंत्री साय ने पद्म पोपटराव पवार के हिवड़े बाजार मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति, ईमानदार नेतृत्व और जनसहभागिता के माध्यम से किसी भी गांव का कायाकल्प किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि समाज में परिवर्तन लाने के लिए हमेशा बड़ी संख्या की आवश्यकता नहीं होती। यदि एक व्यक्ति भी संकल्प लेकर आगे बढ़ता है, तो पूरा समाज उसके साथ खड़ा हो जाता है।

मुख्यमंत्री ने वर्ष 1999 की अपनी पहली मुलाकात को याद करते हुए बताया कि जब वे पहली बार सांसद बने थे, तब युवा सांसदों के मार्गदर्शन के लिए पोपटराव पवार को आमंत्रित किया गया था। उस समय एक युवा सरपंच के रूप में उन्होंने हिवड़े बाजार के परिवर्तन की जो कहानी सुनाई थी, वही आज पूरे देश के लिए आदर्श ग्राम विकास का मॉडल बन चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रकूट स्थित दीनदयाल शोध संस्थान में नानाजी देशमुख द्वारा विकसित ग्राम विकास मॉडल तथा ओडिशा में डॉ. अच्युत सामंत द्वारा शिक्षा के माध्यम से किए गए सामाजिक परिवर्तन से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक जिले की स्थानीय परिस्थितियों, संसाधनों और आवश्यकताओं के अनुरूप विकास का अपना मॉडल तैयार किया जाए, जिससे स्थायी और समावेशी विकास सुनिश्चित हो सके।

हिवड़े बाजार मॉडल ने दिखाया जनभागीदारी की ताकत
कार्यशाला में पद्म पोपटराव पवार ने हिवड़े बाजार के परिवर्तन की यात्रा साझा करते हुए बताया कि वर्ष 1989 में गांव जल संकट, पलायन, बेरोजगारी और सामाजिक समस्याओं से जूझ रहा था। जनसहभागिता, अनुशासन, जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के वैज्ञानिक प्रबंधन के माध्यम से गांव का व्यापक विकास किया गया। आज गांव में पलायन समाप्त हो चुका है, बीपीएल परिवार नहीं हैं, प्रतिदिन लगभग पांच हजार लीटर दूध का संग्रहण होता है तथा प्रति व्यक्ति आय लगभग नौ लाख रुपये तक पहुंच चुकी है।

बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह, संचालक प्रियंका ऋषि महोबिया, सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी अमरजीत सिन्हा, प्रदेश के सभी जिलों के जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

सावन में ग्रहों का महासंयोग, चार प्रमुख ग्रह बदलेंगे चाल

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भगवान भोलेनाथ का प्रिय सावन मास इस वर्ष 30 जुलाई से प्रारम्भ होकर 28 अगस्त तक चलेगा। संस्कारधानी के तिलवाराघाट, गौरीघाट और गुप्तेश्वर महादेव मंदिर सहित विभिन्न शिवालयों में जलाभिषेक की तैयारियां शुरू हो चुकी है। धार्मिक महत्व के साथ यह सावन ज्योतिषीय दृष्टि से भी विशेष माना जा रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस माह चार प्रमुख ग्रहों का राशि परिवर्तन होगा, जबकि शनि वक्री और गुरु अस्त अवस्था में रहेंगे। ग्रहों की यह स्थिति सभी 12 राशि व मौसम पर प्रभाव डालेगी।
चार ग्रहों का होगा राशि परिवर्तन

ज्योतिर्विद ने बताया कि एक अगस्त को शुक्र कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। दो अगस्त को मंगल मिथुन राशि में जाएंगे। बुध पांच अगस्त को कर्क राशि में और 22 अगस्त को सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। वहीं 17 अगस्त को सूर्य अपनी स्वराशि सिंह में गोचर करेंगे। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इन ग्रह परिवर्तनों से कई शुभ संयोग बनेंगे।

शनि की वक्री चाल का असर
ज्योतिषाचार्यों ने बताया कि गुरु बृहस्पति 14 जुलाई से अस्त है, जबकि शनि 27 जुलाई से वक्री रहेंगे। वहीं बुध 24 जुलाई को मार्गी होकर 25 जुलाई को उदित हो चुके है। उनका मानना है कि शनि की वक्री गति के कारण वर्षा में कुछ कमी या असमानता देखने को मिल सकती है। हालांकि, ग्रहों की समग्र स्थिति कई राशियों के लिए सकारात्मक परिणाम और आर्थिक प्रगति के संकेत दे रही है।
इन राशियों के लिए शुभ संकेत

ज्योतिषाचार्य के अनुसार सावन में बनने वाला यह महासंयोग सभी राशियों पर अनुकूल प्रभाव डालेगा, लेकिन मेष, मिथुन, सिंह और तुला राशि के जातकों को विशेष लाभ मिलने सम्भावना है।
इन जातकों को लाभ योग

मेष राशि के जातकों के लिए आर्थिक स्थिति मजबूत होने और नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारियां मिलने के योग है। मिथुन राशि वालों के लिए नया व्यवसाय या स्टार्टअप शुरू करने का समय अनुकूल रहेगा तथा पुराने निवेश से लाभ मिल सकता है। सिंह राशि के जातकों को भाग्य का पूरा साथ मिलने, पैतृक सम्पत्ति और निवेश से लाभ के संकेत है। वहीं तुला राशि वालों के लिए आय के नए स्रोत बनने, पुराने कर्ज से राहत मिलने तथा मकान या वाहन खरीदने की योजना पूरी होने की सम्भावना व्यक्त की गई है।

सिर्फ आंदोलन होने से लाठीचार्ज नहीं कर सकते – सुप्रीम कोर्ट

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जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सख्त बयान दिया है। सुप्रीम कोर्ट के अनुसार सिर्फ इस आंदोलन के आधार पर लाठीचार्ज नहीं किया जा सकता। सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने यह बयान उस समय दिया जब देश के विभिन्न हिस्सों में प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग से जुड़ी याचिकाओं का उल्लेख उसके सामने किया गया। इनमें एक याचिका उन छात्रों के समूह की ओर से दायर की गई है, जिन्होंने आरोप लगाया है कि प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उनके साथ मारपीट की। याचिकाकर्ताओं की ओर से वकील फौजिया शकील और विकास सिंह ने कोर्ट के सामने यह मामला उठाया। कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में चले छात्र आंदोलन की वजह से आखिरकार सरकार को झुकना पड़ा और धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) को शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देना पड़ा।

पुलिसकर्मी भी घायल
इस घटना के दौरान न सिर्फ प्रदर्शनकारी, बल्कि पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं और उनकी बात भी सुनी जानी चाहिए। इस पर जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने कहा कि हर व्यक्ति की जान महत्वपूर्ण है, चाहे वह कोई भी हो। हम सरकार से यह भी जवाब मांग सकते हैं कि हिंसक प्रदर्शनकारियों से घायल हुए पुलिसकर्मियों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण क्यों उपलब्ध नहीं कराए गए।

शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन करना विरोध-प्रदर्शन करण
सीजेआई जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन करना मौलिक अधिकार है और इसकी रक्षा की जानी चाहिए। सिर्फ इसलिए कि कहीं आंदोलन हो रहा है, पुलिस लाठीचार्ज या ज़रूरत से ज्यादा बल प्रयोग नहीं कर सकती। सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी कहा कि केंद्र सरकार इस मामले में निष्पक्ष तरीके से अदालत की सहायता करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि वह छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई से जुड़ी सभी याचिकाओं पर एक साथ 28 जुलाई को सुनवाई करेगी।

पूरे देश के लिए तय प्रोटोकॉल जरूरी
सीजेआई ने कहा कि प्रदर्शन के लिए पूरे देश में एक तय प्रोटोकॉल होना चाहिए। प्रदर्शन के लिए उचित जगह होनी चाहिए, ताकि बेवजह रोक-टोक न हो। अगर प्रदर्शन में असामाजिक तत्व हों, तो उनसे अलग तरीके से निपटा जा सकता है। यह सिर्फ दिल्ली का मामला नहीं है, ज़रूरत है कि पूरे देश में एक समान नियम हो।