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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छोला क्षेत्र में खेड़ापति हनुमान जन्मोत्सव पर की पूजा-अर्चना

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छोला क्षेत्र में खेड़ापति हनुमान जन्मोत्सव पर की पूजा-अर्चना
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के छोला क्षेत्र में जन आस्था के केंद्र प्राचीन खेड़ापति हनुमान मंदिर पहुंचकर हनुमान जन्मोत्सव में हिस्सा लिया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंदिर में पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का खेल और सहकारिता मंत्री श्री विश्वास सारंग ने अंगवस्त्रम से स्वागत किया और गदा भेंट की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खेड़ापति हनुमान मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं को भी हनुमान जयंती की बधाई और मंगलकामनाएं दीं। मंदिर परिसर में भंडारे और प्रसाद वितरण का कार्यक्रम भी हुआ।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीं हनुमान प्राकट्योत्सव की मंगलकामनाएं

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीं हनुमान प्राकट्योत्सव की मंगलकामनाएं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशवासियों को हनुमान प्राकट्योत्सव की मंगलकामनाएं और बधाई दी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कामना की है कि हनुमान जी की कृपा सब पर बनी रहे, उनके आशीर्वाद से सबको सद्बुद्धि-यश और कीर्ति प्राप्त हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रार्थना की है कि पवन पुत्र बजरंगबली सभी की मनोकामनाएं पूर्ण करें। सभी के जीवन में सुख-समृद्धि, संपन्नता का आलोक प्रकाशित हो।

पूर्व CM के बेटे अमित जोगी को हाई कोर्ट ने ठहराया हत्या का दोषी

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छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को NCP नेता की हत्या के मामले में दोषी ठहराया
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने गुरुवार को पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को NCP नेता रामावतार जग्गी की हत्या मामले में दोषी करार दे दिया। 2003 में हुई हत्या के मामले में कोर्ट ने अमित जोगी को दोषी ठहराते हुए तीन हफ्तों के अंदर कोर्ट में सरेंडर करने का निर्देश दिया है। बता दे कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने पिछले महीने इस मामले में कार्यवाही फिर से शुरू की थी।

2003 में हुई थी NCP नेता की हत्या
CBI के वकील वैभव ए गोवर्धन ने PTI को बताया कि, मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति अरविंद कुमार वर्मा की बेंच ने अमित जोगी को बरी किए जाने के फैसले को रद्द कर दिया। इसके साथ ही सरेंडर करने का निर्देश जारी किया है। मालूम हो कि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के नेता रामावतार जग्गी की हत्या 4 जून, 2003 को हुई थी। जब अजीत जोगी छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री थे।

ट्रायल कोर्ट ने किया था सभी आरोपों से बरी
इस मामले की शुरुआती जांच राज्य पुलिस ने की थी और बाद में इसे केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दिया गया था। CBI ने अमित जोगी सहित कई आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी। वहीं 31 मई, 2007 को रायपुर की ट्रायल कोर्ट ने फैसला सुनाया था। इस दौरान अभियोजन पक्ष ने 28 आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों को साबित कर दिया था। हालांकि, कोर्ट ने अमित जोगी को उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों से बरी कर दिया था।

हाई कोर्ट ने देरी के आधार पर खारिज की थी याचिका
CBI ने बाद में इस बरी किए जाने के फैसले को चुनौती दी, लेकिन हाई कोर्ट ने 2011 में देरी के आधार पर उसकी याचिका खारिज कर दी। छत्तीसगढ़ सरकार और रामावतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी की अलग-अलग अपीलें भी खारिज कर दी गईं।

इसके बाद पिछले साल नवंबर में, SC ने छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट से CBI की उस याचिका पर नए सिरे से विचार करने को कहा था, जिसमें अमित जोगी को बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ अपील दायर करने की अनुमति मांगी गई थी।

बंगाल चुनाव: छत्तीसगढ़ के रणनीतिकारों की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, 56 सीटों पर घेराबंदी शुरू

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बंगाल के 56 विधानसभा क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ के नेताओं ने डाला डेरा
पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के शंखनाद के साथ ही छत्तीसगढ़ भाजपा के धुरंधरों ने बंगाल में मोर्चा संभाल लिया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के गढ़ में सेंध लगाने के लिए छत्तीसगढ़ भाजपा के रणनीतिकारों और जमीनी कार्यकर्ताओं की पूरी फौज तैनात की गई है।

इस चुनावी रण में सबसे अहम बनकर उभरे हैं प्रदेश भाजपा महामंत्री (संगठन) पवन साय, जिन्हें बंगाल की 56 विधानसभा सीटों के बूथ प्रबंधन की कमान सौंपी गई है।

पवन साय बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करेंगे
पवन साय के कंधों पर जिम्मेदारी है कि वह बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करें। खास बात यह है कि छत्तीसगढ़ के छह निगम-मंडल अध्यक्ष फरवरी से ही बंगाल के अलग-अलग जिलों में डेरा डाले हुए हैं। अब इस खेमेबंदी को मजबूती देने के लिए प्रदेश के कद्दावर विधायकों और पूर्व मंत्रियों को भी रणक्षेत्र में उतारा गया है।

मूणत-शर्मा के साथ युवा विधायकों की टोली सक्रिय
पूर्व मंत्री राजेश मूणत और शिवरतन शर्मा पहले से ही बंगाल की गलियों में कमल खिलाने के लिए सक्रिय हैं। अब उनके साथ महासमुंद विधायक योगेश्वर राजू सिन्हा, दुर्ग ग्रामीण के ललित चंद्राकर, पूर्व विधायक रजनीश सिंह और मोतीराम चंद्रवंशी जैसे नेता बंगाल पहुंच चुके हैं।

मुख्य काम मतदाताओं को मतदान केंद्र तक लाना
इन नेताओं का मुख्य काम मतदाताओं को मतदान केंद्र तक लाना और केंद्र सरकार की योजनाओं के प्रति जागरूक करना है। बंगाल की चुनावी पिच अपनी राजनीतिक हिंसा के लिए बदनाम है, जिसे लेकर निर्वाचन आयोग बेहद सख्त है।

पदाधिकारी, विधायक और कार्यकर्ता सतर्कता बरत रहे
छत्तीसगढ़ से गए भाजपा पदाधिकारी, विधायक और कार्यकर्ता भी पूरी सतर्कता बरत रहे हैं और पल-पल की जानकारी साझा कर रहे हैं। चर्चा है कि यदि बंगाल के नतीजे भाजपा के पक्ष में आते हैं, तो मिशन बंगाल में पसीना बहाने वाले छत्तीसगढ़ी नेताओं का कद दिल्ली के दरबार में बढ़ जाएगा।

मिडिल ईस्ट में युद्ध के बावजूद भारत के पास 2 महीने का बैकअप, सरकार का बड़ा दावा

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मिडिल ईस्ट में युद्ध के बावजूद भारत के पास 2 महीने का बैकअप, सरकार का बड़ा दावा
मिडिल ईस्ट में जारी जंग के कारण दुनिया भर में एलपीजी गैस और तेल की कमी का संकट छाया हुआ है। इसका असर भारत में भी देखने को मिला है। हालाकि भारत ने इनको अफवाह करार देते हुए कहा कि कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बुधवार को कहा कि भारत का कच्चा तेल भंडार पर्याप्त बना हुआ है और सरकार ने अगले दो महीनों के लिए पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित कर ली है।

देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं
ईंधन आपूर्ति में स्थिरता का आश्वासन देते हुए सुजाता शर्मा ने कहा कि हमारी रिफाइनरियां उच्चतम स्तर पर काम कर रही हैं। खुदरा दुकानों पर ईंधन की कमी की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। वैश्विक मूल्य रुझानों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि लगभग दो महीने पहले ब्रेंट क्रूड 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बिक ​​रहा था, और आज यह 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया है। इस तीव्र वृद्धि के बावजूद उन्होंने जोर देकर कहा कि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं की गई है।

अप्रैल 2022 के बाद नहीं बढ़ी पेट्रोल और डीजल की कीमतें
सुजाता शर्मा ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 6 अप्रैल, 2022 से कोई वृद्धि नहीं हुई है और मार्च 2024 में कीमतों में 2 रुपये की कमी की गई थी, जो अभी भी प्रभावी है। सरकारी उपायों पर उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मूल्य अस्थिरता से घरेलू उपभोक्ताओं की रक्षा के लिए, भारत सरकार ने उत्पाद शुल्क कम कर दिया ताकि कीमतों में वृद्धि न हो। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया, कीमतें स्थिर रखी गई हैं, जिसके परिणामस्वरूप पेट्रोल और डीजल दोनों पर हमारी तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) को कम लाभ मिल रहा है।

युद्ध के बीच ब्रिटेन ने बदला पाला, नाटो से अलग होगा अमेरिका

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युद्ध के बीच ब्रिटेन ने बदला पाला, नाटो से अलग होगा अमेरिका
ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष बढ़ता जा रहा है। संघर्ष की वजह से तेल की कीमतें बढ़ती जा रही हैं। कई देशों में तेल का संकट नजर आ रहा है। जंग के इसी बीच अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने बड़ा झटका दिया है। पीएम कीर स्टारमर ने बुधवार को कहा है कि ईरान के साथ चल रहा संघर्ष हमारे देश के भविष्य को प्रभावित करेगा। साथ ही उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि ब्रिटेन आर्थिक नतीजों को झेलने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि यह तूफान कितना भी भयंकर क्यों न हो, हम इसका सामना करने के लिए अच्छी स्थिति में हैं।

होर्मुज स्टेट को फिर से खोला जाए
ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने यह भी दोहराया कि यह हमारा युद्ध नहीं है और ब्रिटेन इसमें शामिल नहीं होगा क्योंकि यह हमारे राष्ट्रीय हित में नहीं है। जीवनयापन की बढ़ती लागतों पर चिंताओं को दूर करते हुए स्टारमर ने कहा, ‘ब्रिटेन में जीवनयापन की लागत का समर्थन करने का सबसे प्रभावी तरीका मध्य पूर्व में तनाव कम करने और होर्मुज स्टेट को फिर से खोलने के लिए दबाव डालना है, जो ऊर्जा के लिए एक बहुत ही महत्वपूर्ण मार्ग है।

ब्रिटेन ने ट्रंप से किया किनारा
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने चल रहे राजनयिक प्रयासों पर जोर देते हुए कहा कि इस उद्देश्य के लिए, हम अपने लिए उपलब्ध हर राजनयिक मार्ग का पता लगा रहे हैं। स्टारमर ने घोषणा की कि विदेश सचिव यवेट कूपर अंतरराष्ट्रीय साझेदारों को एक बैठक में आमंत्रित करेंगी। उन्होंने कहा, आज मैं यह घोषणा कर सकता हूं कि इस सप्ताह के अंत में विदेश सचिव एक बैठक की मेजबानी करेगा। यह बैठक पहली बार उन देशों को एक साथ लाएगी, जहां हम नौवहन की स्वतंत्रता को बहाल करने, फंसे हुए जहाजों और नाविकों की सुरक्षा की गारंटी देने और आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही को फिर से शुरू करने के लिए सभी व्यवहार्य राजनयिक और राजनीतिक उपायों का आकलन करेंगे।

होर्मुज खोलने के लिए बुलाई 35 देशों की मीटिंग
उन्होंने आगे कहा कि ब्रिटेन ने पहले ही व्यापक समन्वय स्थापित कर लिया है। विदेश सचिव और चांसलर जी7 में अपने समकक्षों से मिल चुके हैं। रक्षा सचिव मध्य पूर्व में हमारे साझेदारों से बात कर चुके हैं और ब्रिटेन ने अब खाड़ी क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को एकजुट करने के अपने आशय पत्र के इर्द-गिर्द 35 देशों को एक साथ ला दिया है।

सहयोगियों पर भड़के ट्रंप, कहा- नाटो से अलग होगा अमेरिका?
ईरान युद्ध के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने बुधवार को बड़ा ऐलान किया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका नाटो (नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गेनाइजेशन) से बाहर निकलने पर विचार कर रहा है। डेली टेलीग्राफ को दिए एक इंटरव्यू में अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में सहयोगी देशों का पूरा समर्थन नहीं मिलने से वह नाराज है। उन्होंने साफ संकेत दिया कि अब नाटो में बने रहने पर दोबारा सोचने की जरूरत नहीं है और अमेरिका इस गठबंधन से बाहर भी निकलने का विचार कर रहा है।

चंडीगढ़ में पंजाब बीजेपी दफ्तर के बाहर जोरदार धमाका

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चंडीगढ़ में पंजाब बीजेपी दफ्तर के बाहर जोरदार धमाका
पंजाब और हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ के सेक्टर 37 में स्थित भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मुख्यालय के बाहर बुधवार शाम अचानक एक जोरदार धमाका हो गया। इस धमाके की आवाज काफी दूर तक सुनी गई, जिसके बाद पूरे इलाके में तुरंत अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। घटना की जानकारी मिलते ही चंडीगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और तत्काल प्रभाव से सघन जांच शुरू कर दी गई है। धमाके की सटीक प्रकृति और इसमें इस्तेमाल हुए विस्फोटक सामग्री की वैज्ञानिक पहचान करने के लिए विशेष फॉरेंसिक टीम को भी घटनास्थल पर साक्ष्य जुटाने के लिए बुला लिया गया है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस घटना में किसी भी व्यक्ति के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है, लेकिन कार्यालय के बाहर खड़े कुछ दोपहिया और चार पहिया वाहनों को मामूली नुकसान पहुंचा है।

पुलिस की प्रारंभिक कार्रवाई : पूरे इलाके को आम लोगों के लिए खाली करवाया
घटना बुधवार शाम लगभग पांच बजे की बताई जा रही है, जब कार्यालय में सामान्य कामकाज चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाका सड़क के किनारे खड़ी एक स्कूटी के पास हुआ। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां और बम निरोधक दस्ता भी तुरंत घटनास्थल पर पहुंच गया। सुरक्षा बलों ने एहतियात के तौर पर पूरे इलाके को आम लोगों के लिए खाली करवा लिया है और बैरिकेडिंग कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी धमाके के कारणों के बारे में कुछ भी स्पष्ट रूप से कहना जल्दबाजी होगी, लेकिन हर एक पहलू को ध्यान में रखकर गंभीरता से काम किया जा रहा है।

शहर में बढ़ाई गई सुरक्षा,हाई अलर्ट घोषित
इस घटना के तुरंत बाद पूरे चंडीगढ़ शहर में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। शहर के सभी प्रमुख चौराहों, प्रवेश और निकास मार्गों पर पुलिस की नाकाबंदी कड़ी कर दी गई है। आने-जाने वाले हर संदिग्ध वाहन और व्यक्ति की सघन तलाशी ली जा रही है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

रूस-अमेरिका नहीं, परमाणु हथियारों में नंबर-1 बनेगा जापान

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रूस-अमेरिका नहीं, परमाणु हथियारों में नंबर-1 बनेगा जापान
ईरान और US-इजरायल के बीच जारी जंग की वजह से मिडिल ईस्ट में नाजुक हालात हैं। इस समय पूरी दुनिया की नजर ईरान-इजरायल संघर्ष पर है। मिडिल में जारी तनाव के बीच चीन ने परमाणु हथियारों के बारे में बड़ा खुलासा किया है। चीनी सेना के मुखपत्र PLA डेली ने जापान पर परमाणु हथियार बनाने की सामग्री का जखीरा रखने का दावा किया है।

जापान के पास 5500 से ज्यादा परमाणु हथियार बनाने का भंडार
चीनी सेना के मुखपत्र PLA डेली ने जापान पर परमाणु हथियार बनाने की सामग्री का जखीरा रखने का दावा किया है। रिपोर्ट में कहा गया कि जापान के पास परमाणु बम बनाने की तकनीकि है। इसके साथ ही जापान में 44.4 टन प्लूटोनियम का भंडार है। इस प्लूटोनियम से 5500 से ज्यादा परमाणु बमों को बनाया जा सकता है।

चीन का जापान पर गंभीर आरोप
PLA डेली ने 30 मार्च को प्रकाशित अपनी रिपोर्ट में जापान पर चीन के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया है। रिपोर्ट में दावा किया गया कि जापान अपनी रक्षा क्षमता बढ़ाने, तकनीकि और अंतरराष्ट्रीय भागीदारी को मजबूत करने और चीन के खिलाफ साजिश रच रहा है। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई कि जापान लक्ष्मण रेखा को पार कर रहा है। जापान के पास 55000 से ज्यादा परमाणु हथियार बनाने की सामग्री का भंडार है।

दुनिया में कितने परमाणु हथियार?
स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) के अनुसार, जनवरी 2025 तक दुनिया के 9 देशों के पास कुल 12,241 परमाणु हथियार हैं। इस लिस्ट में भारत का नाम भी शामिल है। न्यूक्लियर पॉवर क्षमता वाले देशों में अमेरिका, रूस, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, चीन, भारत, पाकिस्तान, उत्तरी कोरिया और इजराइल शामिल हैं।

UPI और डिजिटल पेमेंट्स के लिए ‘टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन’ अनिवार्य, आज से लागू हुए नए नियम

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UPI और डिजिटल पेमेंट्स के लिए ‘टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन’ अनिवार्य, आज से लागू हुए नए नियम
भारत में बढ़ते डिजिटल लेन-देन के बीच ऑनलाइन धोखाधड़ी को रोकने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने सख्ती बढ़ा दी है। 1 अप्रैल 2026 से लोकप्रिय यूपीआई (यूपीआई) प्लेटफॉर्म सहित सभी डिजिटल पेमेंट्स के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अनिवार्य हो गया है। आरबीआई के इस कदम से अब केवल पिन डालकर पेमेंट करना संभव नहीं होगा, इससे ग्राहकों की गाढ़ी कमाई पहले से कहीं अधिक सुरक्षित हो जाएगी।

क्या हैं नए नियम और इसका असर?
आरबीआई के निर्देशों के अनुसार, बैंक और गैर-बैंक संस्थाओं सहित सभी भुगतान प्रणाली सेवा का संचालन करने वाली कंपनियों और प्रतिभागियों को 1 अप्रैल, 2026 तक इन दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित करना अनिवार्य था। केंद्रीय बैंक ने बैंक धोखाधड़ी को कम करने और जवाबदेही में सुधार के लिए यह व्यवस्था लागू की है।

दोहरे सत्यापन की अनिवार्यता: आज से उपयोगकर्ताओं को केवल अपना यूपीआई पिन दर्ज करके लेन-देन करने की अनुमति नहीं मिलेगी। इसके बजाय, उन्हें वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी), फिंगरप्रिंट ऑथेंटिकेशन या फेशियल रिकॉग्निशन के जरिए ट्रांजैक्शन को वेरिफाई करना होगा।
पिन चोरी होने पर भी सुरक्षा: इस नियम का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यदि किसी को आपका पिन पता भी चल जाए, तो भी दोहरे सत्यापन के बिना अनधिकृत भुगतान सफल नहीं हो सकेंगे।
ओटीपी का बढ़ता उपयोग: आरबीआई ने सभी डिजिटल पेमेंट्स के लिए 2FA अनिवार्य किया है और वर्तमान में डिजिटल भुगतान इकोसिस्टम ने मुख्य रूप से एसएमएस-आधारित वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) को इस अतिरिक्त कारक के रूप में अपनाया है।
बैंकिंग एप में स्क्रीनशॉट और रिकॉर्डिंग पर पूरी तरह से प्रतिबंध
भुगतान सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए, उपयोगकर्ता अब किसी भी बैंकिंग ऐप में स्क्रीनशॉट या स्क्रीन रिकॉर्डिंग नहीं ले सकेंगे। किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से उपयोगकर्ता को बचाने के लिए इसे पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि ओटीपी दर्ज करने की प्रक्रिया के कारण लेन-देन में कुछ सेकंड की देरी हो सकती है।

विशेषज्ञों का नजरिया
यूपीआई जैसे इकोसिस्टम में, जहां लेन-देन कुछ ही सेकंड में पूरे हो जाते हैं, धोखाधड़ी रोकने के लिए लेन-देन पूरा होने से पहले का समय ही सबसे महत्वपूर्ण होता है। ‘ब्यूरो’ के निदेशक (रणनीति और नियामक मामले) अनिल तादिमेटी ने कहा कि यहीं पर प्रमाणीकरण को विकसित करने की आवश्यकता है। उनके अनुसार, “आप कौन हैं, आप क्या जानते हैं, और आपके पास क्या है, इन सभी को मिलाकर और वास्तविक समय में इन सिग्नलों का मूल्यांकन करके संदर्भ के माध्यम से विश्वास स्थापित किया जाना चाहिए”।

आरबीआई का यह नया टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) प्रोटोकॉल भारतीय डिजिटल पेमेंट व्यवस्था को नई मजबूती दे रहा है। नए नियमों से यूजर्स को लेनदेन के दौरान कुछ अतिरिक्त सेकंड का समय लग सकता है, लेकिन लंबे समय में यह कदम बैंकिंग फ्रॉड पर लगाम कसने और डिजिटल भुगतान को पूरी तरह से सुरक्षित बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।

माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, एपल समेत 18 कंपनियों को ईरान की खुली चेतावनी

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माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, एपल समेत 18 कंपनियों को ईरान की खुली चेतावनी
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका को लेकर खुली चेतावनी दी है। ईरान की सैन्य इकाई इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कहा कि अगर ईरानी नेताओं पर हमले जारी रहे, तो वह पश्चिम एशिया में अमेरिकी कंपनियों को निशाना बनाएगा। इस बयान से क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है और वैश्विक स्तर पर चिंता गहरा गई है।

ईरान ने साफ कहा है कि 1 अप्रैल से तेहरान समय के अनुसार रात 8 बजे के बाद अमेरिकी कंपनियों के ठिकानों पर हमले शुरू किए जा सकते हैं। भारत के समय के अनुसार यह रात 10:30 बजे होगा। ईरान ने कहा है कि हर हमले के बदले इन कंपनियों की यूनिट्स को तबाह किया जाएगा। इसके साथ ही कर्मचारियों को तुरंत अपने कार्यस्थलों से हटने की चेतावनी भी दी गई है।

क्या अमेरिकी कंपनियां सीधे निशाने पर हैं?
ईरान ने 15 बड़ी अमेरिकी कंपनियों की सूची जारी की है। इसमें माइक्रोसॉफ्ट, गूगल, एपल, इंटेल, आईबीएम, टेस्ला और बोइंग जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं। इसके अलावा डेल, एचपी, सिस्को, ओरेकल और जेपी मॉर्गन जैसी कंपनियों के नाम भी सामने आए हैं। इससे साफ है कि ईरान अब सिर्फ सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहना चाहता। आइए जानते हैं कौन-कौन सी कंपनियां आईआरजीसी के निशाने पर हैं।
माइक्रोसॉफ्ट
गूगल
एपल
इंटेल
आईबीएम (इंटरनेशनल बिजनेस मशीन)
टेस्ला
बोइंग
डेल टेक्नोलॉजीज
हेवलेट पैकार्ड (एचपी)
सिस्को
ओरेकल
मेटा प्लेटफॉर्म्स (फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम)
जेपी मॉर्गन चेस
जनरल इलेक्ट्रिक
हेवलेट पैकार्ड एंटरप्राइज

क्या यह सिर्फ चेतावनी है या बड़ा खतरा?
आईआरजीसी ने पहले भी ऐसी चेतावनियां दी हैं, लेकिन इस बार समय सीमा तय करने से खतरा ज्यादा गंभीर माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह धमकी सच में लागू होती है, तो इससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ सकती है। ईरान ने अपने बयान में कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कंपनियां युद्ध में अहम भूमिका निभा रही हैं। उनका आरोप है कि ये कंपनियां अमेरिका को ऑपरेशन की योजना बनाने और हमले करने में मदद करती हैं। इसी वजह से इन्हें भी निशाना बनाया जा सकता है।

क्या कर्मचारियों के लिए खतरा बढ़ गया है?
ईरान ने कंपनियों के कर्मचारियों को चेतावनी देते हुए कहा है कि वे तुरंत अपने दफ्तर छोड़ दें। इससे साफ है कि खतरा सिर्फ कंपनियों के ढांचों तक सीमित नहीं है, बल्कि वहां काम करने वाले लोगों की सुरक्षा भी सवालों में है।

क्या इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा?
अगर इन कंपनियों पर हमला होता है, तो इसका असर सिर्फ मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा। ये सभी कंपनियां वैश्विक स्तर पर काम करती हैं। ऐसे में आईटी, टेक्नोलॉजी और व्यापार पर बड़ा असर पड़ सकता है। इससे बाजारों में अस्थिरता बढ़ सकती है और निवेशकों की चिंता भी बढ़ेगी। इस धमकी के बाद अमेरिका और उसके सहयोगियों की प्रतिक्रिया अहम होगी। अगर जवाबी कार्रवाई होती है, तो हालात और बिगड़ सकते हैं। साफ है कि मध्य पूर्व में तनाव अब नए स्तर पर पहुंच चुका है और आने वाले दिन बेहद संवेदनशील हो सकते हैं।