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ई-बसों का ट्रायल रन पूरा होने के बाद अब 30 जुलाई से 2 रूटों पर चलेंगी 10 इलेक्ट्रिक बसें

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ई-बसों का ट्रायल रन पूरा होने के बाद अब 30 जुलाई से कमर्शियल रन शुरू होने जा रहा है। पहले चरण में दो रूटों पर 10 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा। इस दौरान यात्रियों से वर्ष 2022 में तय किराया संरचना के अनुसार प्रति किलोमीटर डेढ़ रुपये और न्यूनतम सात रुपये किराया लिया जाएगा।

बीसीएलएल अधिकारियों के अनुसार फिलहाल 30 ई-बसें भोपाल पहुंच चुकी हैं। इनमें से 10 बसें पहले चरण में सड़कों पर उतरेंगी, जबकि अगले सप्ताह 10 और बसें नए रूटों पर शुरू करने की तैयारी है। निगम का लक्ष्य अगले एक महीने में 100 ई-बसों का संचालन शुरू करना है।

टिकटिंग सॉफ्टवेयर की टेस्टिंग पूरी, यात्रियों का इंतजार खत्म
पीएम ई-बस सेवा के तहत भोपाल को मिली बसों का 20 जुलाई से बिना यात्रियों के ट्रायल रन किया जा रहा था, जो पहले पांच दिन में पूरा होना था। इसके बाद से ही शहरवासी इन बसों के यात्रियों के लिए शुरू होने को लेकर इंतजार कर रहे हैं, लेकिन टिकटिंग सॉफ्टवेयर की टेस्टिंग न होने की वजह से यह शुरू नहीं हो सकीं थीं। अब टिकटिंग सॉफ्टवेयर की टेस्टिंग भी पूरी हो चुकी है, जिसका जिम्मा चलो कंपनी को दिया गया है। अब 30 जुलाई से बसें शहर के विभिन्न स्टॉप पर यात्रियों के लिए रुकना शुरू हो जाएंगी।

इन दो रूटों पर चलेंगी बसें
पहले चरण में 10 बसों के साथ ई-बस सेवा की शुरुआत की जाएगी। बीसीएलएल के अधिकारियों के अनुसार, दो रूटों पर ही बसों का परीक्षण किया जाएगा। इसमें पहला रूट चिरायु अस्पताल से बोर्ड ऑफिस मेट्रो स्टेशन होते हुए बैरागढ़-चिचली तक रहेगा, जबकि दूसरा रूट चिरायु अस्पताल से बोर्ड ऑफिस मेट्रो स्टेशन से चेतक ब्रिज होते हुए रेलवे कोच फैक्ट्री तक संचालित होगा।

प्रदर्शन के चलते रूट में हो सकता है बदलाव
इससे पहले ई-बसों के टिकट कलेक्शन सिस्टम की जांच की जा चुकी है। वहीं, मॉनिटरिंग सिस्टम और यात्रियों की सुरक्षा से संबंधित सभी सिस्टम चेक किए गए। देर शाम तक बीसीएलएल अधिकारी रूट को लेकर भी मंथन करते रहे। क्योंकि रोशनपुरा चौराहा पर किसानों का प्रदर्शन चल रहा है। ऐसे में गुरुवार की स्थिति को देखते हुए बसों के डायवर्जन को लेकर निर्णय लिया जाएगा।

मध्य प्रदेश सरकार का बड़ा फैसला, खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था फिलहाल स्थगित

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किसानों की मांग और व्यावहारिक परेशानियों को देखते हुए सरकार ने किसान प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद ग्रीष्मकालीन मूंग की खरीदी को लेकर बड़ा निर्णय लिया है। अब पात्र किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 25 के स्थान पर 60 प्रतिशत मूंग खरीदी जाएगी।

उपार्जन के लिए स्लाट बुकिंग 30 जुलाई के स्थान पर दस दिन बढ़ाकर 10 अगस्त, खरीदी की अंतिम तिथि 10 से बढ़ाकर 20 अगस्त तक करने का निर्णय लिया है।

खाद वितरण की ई-टोकन व्यवस्था को फिलहाल स्थगित किया गया है। पूरी व्यवस्था की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है। बैठक में सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग और ओबीसी कल्याण मंत्री कृष्णा गौर सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने किसान प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद बताया कि भारत सरकार की प्राइस सपोर्ट स्कीम योजना के तहत कुल उत्पादन का अधिकतम 25 प्रतिशत ही समर्थन मूल्य पर खरीदे जाने का प्रविधान है। इसी आधार पर पहले प्रत्येक पात्र किसान से उसकी उपज का 25 प्रतिशत खरीदने का निर्णय लिया गया था।

किसानों की मांग और जमीनी स्थितियों को देखते हुए सरकार ने तय किया है कि प्रत्येक पात्र किसान से उसकी मूंग उपज का 60 प्रतिशत तक समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा। नर्मदापुरम, हरदा और सीहोर जैसे प्रमुख मूंग उत्पादक जिलों में यह औसतन लगभग तीन क्विंटल प्रति एकड़ के बराबर होगा।

किसानों की सुविधा के लिए स्लाट बुकिंग की अंतिम तिथि 30 जुलाई से बढ़ाकर 10 अगस्त कर दी है। वहीं, उपार्जन की अंतिम तिथि भी 10 अगस्त से बढ़ाकर 20 अगस्त कर दी गई है, ताकि अधिक से अधिक किसान खरीदी प्रक्रिया में शामिल हो सकें।

ई-टोकन से खाद वितरण की व्यवस्था स्थगित- सरकार ने इसके साथ ही किसानों की एक और बड़ी मांग को पूरा करते हुए ई-टोकन व्यवस्था को स्थगित कर दिया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर कृषि उत्पादन आयुक्त की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी, जो ई-टोकन प्रणाली की समीक्षा कर अपनी अनुशंसाएं देगी, जिसके आधार पर सुधार किए जाएंगे। तब तक खाद वितरण की पुरानी व्यवस्था जारी रहेगी।

करोड़ों युवाओं के सुरक्षित भविष्य, ईमानदार प्रतिभा और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की दिशा में ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी कदम – मुख्यमंत्री साय

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परीक्षा माफिया, प्रश्नपत्र लीक और संगठित अनियमितताओं पर लगेगा प्रभावी अंकुश
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधन निवारण) संशोधन विधेयक, 2026 के पारित होने का स्वागत करते हुए इसे देश के करोड़ों युवाओं के सुरक्षित भविष्य, ईमानदार प्रतिभा और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की दिशा में एक ऐतिहासिक एवं दूरदर्शी कदम बताया है। उन्होंने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार युवाओं के सपनों, उनके परिश्रम और उनके भविष्य की रक्षा के लिए निरंतर ठोस एवं प्रभावी निर्णय ले रही है। यह संशोधन उसी दृढ़ संकल्प का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाएं करोड़ों युवाओं की वर्षों की मेहनत, आशाओं और विश्वास का आधार होती हैं। प्रश्नपत्र लीक, नकल माफिया और संगठित परीक्षा अपराध जैसी गतिविधियां न केवल योग्य अभ्यर्थियों के साथ अन्याय करती हैं, बल्कि पूरे परीक्षा तंत्र की विश्वसनीयता को भी प्रभावित करती हैं। ऐसे अपराधों पर कठोर और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लाया गया यह संशोधन परीक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संशोधन विधेयक के माध्यम से परीक्षा संबंधी अपराधों के विरुद्ध दंडात्मक प्रावधानों को और अधिक कठोर बनाया गया है। इससे परीक्षा माफिया, संगठित आपराधिक गिरोहों तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता में शामिल तत्वों के विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई का मार्ग और मजबूत होगा। साथ ही परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसियों एवं सेवा प्रदाताओं की जवाबदेही भी और अधिक सुनिश्चित होगी, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और विश्वसनीय बनेगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने हमेशा युवाओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। नई शिक्षा नीति, कौशल विकास, रोजगार सृजन, डिजिटल पारदर्शिता तथा अब परीक्षा प्रणाली को और अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में यह संशोधन युवाओं के भविष्य को सशक्त बनाने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी है। इससे प्रतिभाशाली और मेहनती युवाओं का विश्वास और अधिक मजबूत होगा तथा निष्पक्ष एवं पारदर्शी चयन प्रक्रिया को नई मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि विकसित भारत का निर्माण तभी संभव है, जब युवाओं को उनकी योग्यता और परिश्रम के अनुरूप निष्पक्ष अवसर प्राप्त हों। यह संशोधन उसी सोच को साकार करने वाला एक महत्वपूर्ण कदम है, जो ईमानदार प्रतिभा को संरक्षण देने और परीक्षा सम्बन्धी अनियमितताओं पर कठोर प्रहार करने का कार्य करेगा।

गुरु पूर्णिमा पर मुख्यमंत्री ने अघोर गुरु पीठ बनोरा में किए गुरु दर्शन, बाबा प्रियदर्शी राम से लिया आशीर्वाद

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गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायगढ़ प्रवास के दौरान ग्राम बनोरा स्थित अघोर गुरु पीठ पहुंचकर अघोरेश्वर अवधूत भगवान राम जी की प्रतिमा के दर्शन किए। उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए पूजा-अर्चना की तथा पूज्य बाबा प्रियदर्शी राम जी से आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन प्राप्त किया। इस अवसर पर वित्त मंत्री ओ. पी. चौधरी भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि गुरु भारतीय संस्कृति के ज्ञान, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना के आधार हैं। गुरु पूर्णिमा का पर्व गुरु के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर है। उन्होंने प्रदेश के सभी नागरिकों के सुखद, समृद्ध एवं मंगलमय जीवन की कामना करते हुए सभी को गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं दीं।

बॉक्सर अंकुश यादव ने भी पक्का किया ब्रॉन्ज मेडल

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कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों का शानदार प्रदर्शन जारी है। बुधवार को भारत ने बॉक्सिंग इवेंट में चार मेडल पक्के कर लिए हैं। साक्षी चौधरी, अरुंधति चौधरी और सचिन सिवाच के बाद अब अंकुश यादव ने भी अपना मेडल सुनिश्चित कर लिया है। अंकुश ने पुरुष 80 किग्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल में सेशेल्स के जैड मिकॉक को सर्वसम्मत फैसले में 5-0 से हराया है।

अंकुश ने शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा
भारतीय बॉक्सर ने मुकाबले की शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा और तीनों राउंड आसानी से जीतकर जजों से 5-0 का सर्वसम्मत फैसला अपने पक्ष में कराया। अंकुश ने पूरे मुकाबले के दौरान रिंग पर बेहतरीन कंट्रोल, तेज कॉम्बिनेशन और असरदार काउंटर-अटैक का प्रदर्शन किया, जिससे माइकोक को कोई खास प्रभाव छोड़ने का मौका नहीं मिला। जजों ने भारतीय बॉक्सर के पक्ष में 30-26, 30-27, 30-27, 30-27 और 30-27 का स्कोर दिया।

ब्रॉन्ज मेडल पक्का किया
इस जीत के साथ अंकुश सेमीफाइनल में पहुंच गए हैं और कॉमनवेल्थ गेम्स के बॉक्सिंग फॉर्मेट के तहत कम से कम ब्रॉन्ज मेडल पक्का कर लिया है, क्योंकि सेमीफाइनल में हारने वाले दोनों खिलाड़ियों को ब्रॉन्ज मेडल मिलता है। अब भारतीय बॉक्सर अपने शानदार प्रदर्शन को जारी रखते हुए फाइनल में जगह बनाने और देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने की दिशा में एक कदम और आगे बढ़ने की कोशिश करेंगे।

चार भारतीय बॉक्सरों ने मेडल पक्के किए
ग्लासगो में भारत की बॉक्सिंग टीम का प्रदर्शन शानदार रहा है, जिसमें कई बॉक्सर प्रतियोगिता में आगे बढ़े हैं और देश के लिए मेडल जीतने की उम्मीदों को मजबूत किया है। अंकुश कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के सेमीफाइनल में प्रवेश करने वाले सातवें भारतीय मुक्केबाज बने गए हैं। उनसे पहले प्रीति, प्रिया, जादुमनी सिंह, साक्षी, अरुंधति चौधरी, सचिन सिवाच ने भी अपनी-अपनी वेट कैटेगरी के अंतिम चार में जगह बना ली है।

राहुल गांधी की प्रेस-कॉन्फ्रेंस के बाद अमित शाह की बड़ी बैठक

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केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आतंरिक सुरक्षा को लेकर संसद भवन में एक अहम समीक्षा बैठक ली है। बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और आईबी चीफ भी मौजूद हैं। गृहमंत्री शाह ने मंगलवार को भी दिल्ली में प्रदर्शनों के बीच देर रात तक हाई लेवल मीटिंग ली थी। जिसमें गृह सचिव और IB चीफ के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। गृहमंत्री की हाई लेवल ​मीटिंग से बड़े फैसले की हलचल के संकेत है।

सामरिक मामलों की समीक्षा
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल देश के संवेदनशील व सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए संसद भवन पहुंचे। वे गृह मंत्री अमित शाह और अन्य शीर्ष अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में शामिल हुए। बैठक में सीमाओं की सुरक्षा, क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों और सामरिक मामलों पर विस्तृत रणनीति तैयार करने को लेकर चर्चा हुई।

कुछ बड़ा होने की अटकलें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने संसद भवन में मंगलवार देर रात तक गृह सचिव, सूचना सूचना प्रमुख और कई वरिष्ठ मंत्रियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच, इस बैठक के बाद कुछ बड़ा होने की अटकलें तेज हैं।

इंदौर के सारांश जैन का भारतीय टीम में चयन, लंका दौरे पर मिला मौका

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शहर के ऑफ स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन को बीसीसीआई ने आगामी लंका दौरे के लिए भारतीय टेस्ट टीम में शामिल किया है। इंदौर से करीब दो साल बाद किसी खिलाड़ी का भारतीय टेस्ट टीम में चयन हुआ है।

पिछली बार रजत पाटीदार को वर्ष 2024 में भारतीय टेस्ट टीम में जगह मिली थी। संयोग से रजत और सारांश स्थानीय क्रिकेट में भी एक ही क्लब से खेलते हैं।
रणजी टीम से भारत-ए और अब टेस्ट टीम का सफर

सारांश जैन लंबे समय से मध्य प्रदेश रणजी टीम का हिस्सा हैं। हाल ही में उन्हें लंका दौरे पर भारत-ए टीम में शामिल किया गया था। इस दौरान उन्होंने दो मैचों में कुल पांच विकेट चटकाए, जबकि एक मैच में 70 रनों की नाबाद पारी खेली थी। अब फिर उन्हें लंका दौरे के लिए ही भारतीय टेस्ट टीम में शामिल किया गया है।

पिता के सपने को पूरा कर रहे हैं सारांश
सारांश के पिता सुबोध जैन भी मध्य प्रदेश क्रिकेट टीम के ऑफ स्पिनर रहे हैं। हालांकि उन्हें भारत का प्रतिनिधित्व करने का अवसर नहीं मिला। अब पिता के सपने को सारांश पूरा कर रहे हैं।

33 साल के सारांश 54 प्रथम श्रेणी मैचों में 2,223 रन बना चुके हैं, जिसमें सर्वश्रेष्ठ स्कोर नाबाद 103 रनों की पारी रही है। उन्होंने कुल दो शतक लगाए हैं। वहीं 188 विकेट भी उनके नाम दर्ज हैं।

सिंहस्थ: 2028 के दृष्टिगत बढ़ाई जा रही रेल सुविधाएं : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आगामी सिंहस्थ : 2028 के दृष्टिगत रेलवे सुविधाओं के विस्तार का कार्य निरंतर चल रहा है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश बदल रहा है। हर विभाग में नए कीर्तिमान गढ़े जा रहे हैं। भोपाल को निशातपुरा के रूप में चौथे रेलवे स्टेशन की सौगात मिली है। गत 12 साल में रेलवे का “न भूतो न भविष्यति” विकास हुआ है। भारतीय रेलवे में द्रुत गति से विकास कार्य हो रहे हैं। यह निशातपुरा स्टेशन के शुभारंभ से अब नई दिल्ली से उज्जैन-इंदौर की ओर जाने वाली रेलगाड़ियों को ट्रैक और इंजन बदलने की जरूरत नहीं होगी। निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर 2 ट्रेनों के ठहराव (स्टापेज) से यात्रियों को नई सौगात मिली है। निशातपुरा रुकने वाली ट्रेनें शिव और शक्ति की प्रतीक हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को भोपाल के नव विकसित निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर 2 रेल गाड़ियों- डॉ. अंबेडकर नगर- माता वैष्णोदेवी कटरा मालवा एक्सप्रेस और वेरावल-जबलपुर एक्सप्रेस ट्रेन के निशातपुर स्टेशन पर नए ठहराव (स्टॉपेज) के शुभारंभ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने मालवा एक्सप्रेस को झंडी दिखाकर रवाना किया।

अब नई दिल्ली से उज्जैन-इंदौर आने-जाने के लिए बचेगा समय
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय रेलवे के माध्यम से उज्जैन सिंहस्थ: 2028 को लेकर लगातार सौगातें मिल रही हैं। सिंहस्थ : 2028 के आयोजन में अनुमानित 40 करोड़ श्रद्धालु मध्यप्रदेश आएंगे। ऐसे में नए रेलवे स्टेशन यात्रियों की भीड़ का दबाव कम करने में अहम भूमिका निभाएंगे। निशातपुरा क्षेत्र में 14 करोड़ की लागत से विकसित निशातपुरा स्टेशन नागरिकों के लिए संभावनाओं के नए द्वार खोलेगा। यहां अनेक नई सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। नई दिल्ली से उज्जैन-इंदौर आने-जाने के लिए समय बचेगा। भोपाल मुख्य स्टेशन जाए बिना डायरेक्ट ट्रेन मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब किसी क्षेत्र में रेल लाइन आती है, तो यात्री सुविधाओं के साथ व्यापार, कृषि और माल ढुलाई आदि कार्यों में सुविधा मिलती है। प्रधानमंत्री मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव मध्यप्रदेश में रेल सुविधाओं के विस्तार के लिए पूर्ण सहयोग कर रहे हैं।

कार्यक्रम में बैरसिया क्षेत्र के विधायक विष्णु खत्री, भोपाल की महापौर मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, भोपाल मंडल रेल प्रबंधक पंकज त्यागी सहित पश्चिम मध्य रेलवे के अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम के प्रारंभ में पश्चिम मध्य रेलवे के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव और अन्य अतिथियों का स्वागत किया। स्थानीय नागरिकों ने रोड शो में मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया और निशातपुरा रेलवे स्टेशन पर गाड़ियों का ठहराव प्रारंभ होने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया।

पुलिस का जज़्बा ही सुरक्षित, शांत और विकसित छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी ताकत : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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पत्रिका जज़्बा पुलिस अवार्ड्स-2026 में मुख्यमंत्री साय ने उत्कृष्ट पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को किया सम्मानित
पुलिस केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली संस्था नहीं, बल्कि समाज में सुरक्षा, विश्वास और सुशासन की सबसे मजबूत आधारशिला है। पुलिसकर्मी अपने परिवार से दूर रहकर, हर मौसम और हर चुनौती के बीच दिन-रात जनता की सुरक्षा के लिए समर्पित रहते हैं। उनके त्याग, साहस और कर्तव्यनिष्ठा के कारण ही आम नागरिक अपने घरों में निश्चिंत होकर जीवन जी पाते हैं। ऐसे समर्पित पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों का सम्मान पूरे समाज का सम्मान है।

मुख्यमंत्री साय राजधानी रायपुर के शांति नगर स्थित एक निजी सभागार में आयोजित ‘जज़्बा पुलिस अवार्ड्स-2026’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने पुलिसिंग के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया और उन्हें बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरे पुलिस बल के मनोबल और सेवा भावना का सम्मान है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि उन्हें छत्तीसगढ़ के साहसी, अनुशासित और कर्तव्यनिष्ठ पुलिसकर्मियों के बीच उपस्थित होकर विशेष आत्मीयता और गर्व का अनुभव हो रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस की वर्दी केवल अधिकार का प्रतीक नहीं, बल्कि त्याग, अनुशासन, सेवा और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी पुलिसकर्मी अपने कर्तव्य का निर्वहन जिस निष्ठा से करते हैं, वह समाज के लिए प्रेरणा का विषय है।

मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में महिलाओं की 53 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाली छत्तीसगढ़ पुलिस की सहायक उप निरीक्षक ज्ञानेश्वरी यादव का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ज्ञानेश्वरी ने 199 किलोग्राम भार उठाकर न केवल देश और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है, बल्कि यह सिद्ध किया है कि पुलिस बल के जवान सेवा के साथ-साथ खेलों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। उनकी उपलब्धि पूरे प्रदेश के युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

नक्सलवाद पर निर्णायक विजय में पुलिस बल की भूमिका ऐतिहासिक
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्षों तक नक्सलवाद ने बस्तर के विकास की गति को बाधित किया। प्राकृतिक सौंदर्य, खनिज संपदा और समृद्ध जनजातीय संस्कृति से परिपूर्ण यह क्षेत्र हिंसा और भय के कारण अपनी वास्तविक क्षमता के अनुरूप आगे नहीं बढ़ पा रहा था। आज बस्तर विकास, विश्वास और परिवर्तन के नए युग में प्रवेश कर चुका है। यह परिवर्तन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की दृढ़ रणनीति तथा राज्य पुलिस और सुरक्षा बलों के अदम्य साहस का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई लोकतंत्र, विकास और मानवता की रक्षा का अभियान था। हमारे वीर जवानों ने अपने प्राणों की परवाह किए बिना कठिन जंगलों में अभियान चलाया और प्रदेश को भयमुक्त बनाने का कार्य किया। यह विजय आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का अध्याय बनेगी।

घायल जवानों के जज़्बे ने दिलाया आत्मविश्वास
मुख्यमंत्री साय ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि उन्हें कई बार अस्पतालों में नक्सल मोर्चे पर घायल पुलिस जवानों से मिलने का अवसर मिला। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उनके चेहरे पर निराशा नहीं, बल्कि देश और प्रदेश की सेवा का अदम्य संकल्प दिखाई देता था। वे कहते थे कि स्वस्थ होते ही फिर से मोर्चे पर लौटेंगे और नक्सलवाद के विरुद्ध लड़ाई को आगे बढ़ाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि यही अदम्य जज़्बा आज छत्तीसगढ़ की सबसे बड़ी शक्ति बनकर सामने आया और इसी के परिणामस्वरूप प्रदेश नक्सलवाद के अभिशाप से मुक्त होने की दिशा में निर्णायक सफलता प्राप्त कर सका।

अच्छे कार्यों को समाज तक पहुँचाने में मीडिया की बड़ी भूमिका
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया को चौथा स्तंभ इसलिए कहा जाता है क्योंकि वह समाज के सकारात्मक प्रयासों को सामने लाकर जनविश्वास को मजबूत करता है। पुलिस विभाग के उत्कृष्ट कार्यों, नवाचारों और सेवा भावना को समाज के सामने लाने से पुलिसकर्मियों का मनोबल बढ़ता है और युवाओं को भी राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि सकारात्मक पत्रकारिता समाज में विश्वास और उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करती है।

जनआकांक्षाओं को समझने का सशक्त माध्यम है मीडिया : डीजीपी
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने कहा कि किसी मीडिया संस्थान द्वारा पुलिसकर्मियों के उत्कृष्ट कार्यों का सम्मान किया जाना अत्यंत सराहनीय पहल है। पत्रकारिता समाज के सामने आदर्श स्थापित करती है और जनभावनाओं को अभिव्यक्ति देती है। उन्होंने कहा कि मीडिया के माध्यम से हमें समाज की अपेक्षाओं और आकांक्षाओं को समझने का अवसर मिलता है, जिससे पुलिस व्यवस्था को और अधिक जनोन्मुखी बनाया जा सकता है।

डीजीपी गौतम ने कहा कि नक्सलवाद की समाप्ति से सबसे अधिक राहत उन परिवारों को मिली है, जिनके बेटे, बेटियां, पति या पिता वर्षों तक बस्तर जैसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में अपनी जान जोखिम में डालकर सेवा कर रहे थे। यह उपलब्धि पूरे पुलिस बल के साहस, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है।

पुलिसिंग के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य के लिए मिला सम्मान
‘जज़्बा पुलिस अवार्ड्स-2026’ के अंतर्गत पुलिसिंग में नवाचार, सामुदायिक पुलिसिंग, संवाद से समाधान, सोशल मीडिया के माध्यम से जनजागरूकता, नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन, ई-मालखाना प्रबंधन, पिंक पेट्रोल यूनिट, महिला सुरक्षा, वूमेन हेल्पलाइन, साइबर अपराध नियंत्रण, अनुसंधान एवं अन्वेषण सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार आर. कृष्णा दास, रायपुर पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव रजत बंसल सहित अन्य अधिकारीगण, पुलिसकर्मी एवं उनके परिवारजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

एमपी में मूंग खरीदी और खाद की मांग पर प्रदर्शन, किसान मुख्यमंत्री आवास कूच पर अड़े

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एमपी में मूंग खरीदी और खाद की मांग पर प्रदर्शन, किसान मुख्यमंत्री आवास कूच पर अड़े
प्रदेश में मूंग की 100 प्रतिशत सरकारी खरीदी की मांग अब जोर पकड़ने लगी है। इसके साथ ही खाद वितरण व्यवस्था में सुधार को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसानों का गुस्सा फूट पड़ा है। मंगलवार को किसानों की ‘किसान क्रांति पैदल यात्रा’ भोपाल पहुंच गई। पुलिस की तमाम नाकाबंदी और चेतावनियों के बावजूद करीब दो हजार किसान बैरिकेडिंग तोड़ शहर में प्रवेश कर गए।

दोपहर के समय किसानों ने मंडीदीप स्थित भोपाल सीमा पर कलियासोत नदी के ब्रिज के पास लगी पुलिस की भारी बैरिकेडिंग तोड़ दी। हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लिए और ‘जय जवान-जय किसान’ के नारे लगाते हुए किसान पैदल ही शहर की ओर बढ़े।

उनके पीछे ट्रैक्टर-ट्रालियों और अन्य वाहनों का एक बहुत बड़ा काफिला भी राजधानी में दाखिल हुआ। किसान का एक लक्ष्य था कि मुख्यमंत्री आवास का घेराव करना है।

हालांकि, पुलिस ने मशक्कत के बाद उन्हें बागसेवनिया के आरआरएल तिराहे के पास रोक लिया है। फिलहाल प्रशासन और किसान नेताओं के बीच बातचीत चल रही है और चर्चा पूरी होने तक उन्हें वहीं रोका गया है।