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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ‘‘एक पेड़ मां के नाम 3.0’’ अभियान को मिल रहा जन-जन का साथ

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CG-प्रदेशभर में हरित छत्तीसगढ़ के संकल्प को मिल रही नई गति, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में वृहद वृक्षारोपण एवं एटीएम ट्री वाहन का शुभारंभ
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी को जनआंदोलन का स्वरूप देने की दिशा में लगातार प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की प्रेरणा से संचालित ‘‘एक पेड़ मां के नाम 3.0’’अभियान के अंतर्गत प्रदेशभर में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण किया जा रहा है। इसी कड़ी में वन महोत्सव के अवसर पर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, नवागांव (पेण्ड्रा) में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मरवाही विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची ने जिले के प्रत्येक क्षेत्र तक पौधे पहुंचाने के उद्देश्य से एटीएम ट्री वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रारंभ किया गया ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान केवल वृक्षारोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रकृति संरक्षण, जनसहभागिता और भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का संकल्प है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में पर्यावरण संरक्षण की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने सभी नागरिकों से अधिक से अधिक पौधे लगाने, उनकी देखभाल करने तथा हरित एवं स्वच्छ वातावरण के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय को पर्यावरण संरक्षण की शपथ भी दिलाई।

कार्यक्रम के दौरान विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची ने विद्यालय में विद्यार्थियों की सुविधा के लिए साइकिल स्टैंड निर्माण की घोषणा की। जनपद सदस्य मती पूर्णिमा पैकरा ने विद्यालय में प्रार्थना शेड निर्माण के लिए 5 लाख रुपये की घोषणा की। जिला पंचायत अध्यक्ष सु समीरा पैकरा ने कहा कि ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ अभियान प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी निभाने का प्रेरणादायी संदेश देता है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से कम से कम एक पौधा लगाने और उसके संरक्षण का संकल्प लेने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची ने बादाम, जिला पंचायत अध्यक्ष समीरा पैकरा ने आंवला, कलेक्टर विजय दयाराम के. ने आम तथा वन मण्डलाधिकारी ग्रीष्मी चांद ने कदम का पौधा रोपित किया। इसके साथ ही जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, विद्यार्थियों तथा नागरिकों ने विभिन्न प्रजातियों के फलदार एवं छायादार पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

‘मन की बात’ में बार-बार छत्तीसगढ़ का उल्लेख प्रदेशवासियों के लिए गौरव की बात : मुख्यमंत्री साय

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मुख्यमंत्री साय ने फाफाडीह में युवाओं और आमजनों के साथ सुनी ‘मन की बात’ की 136वीं कड़ी

मुख्यमंत्री ने कारगिल विजय दिवस पर वीर शहीदों को दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के फाफाडीह स्थित दया भवन में युवा साथियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों के साथ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकप्रिय मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 136वीं कड़ी का श्रवण किया।

कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का ‘मन की बात’कार्यक्रम देशवासियों के साथ संवाद का एक ऐसा सशक्त मंच बन गया है, जो समाज के बीच हो रहे सकारात्मक और प्रेरणादायी कार्यों को राष्ट्रीय पहचान दिलाता है। देशभर के लोगों को प्रत्येक माह इस कार्यक्रम की उत्सुकता से प्रतीक्षा रहती है। प्रधानमंत्री इस कार्यक्रम के माध्यम से ऐसे व्यक्तियों, संस्थाओं, नवाचारों और जन-अभियानों को सामने लाते हैं, जो बिना किसी प्रसिद्धि या व्यक्तिगत अपेक्षा के समाज और राष्ट्र के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।

छत्तीसगढ़ के नवाचारों को लगातार मिल रही राष्ट्रीय पहचान
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पिछले कुछ महीनों में ‘मन की बात’कार्यक्रम में लगातार छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों, सांस्कृतिक विरासत और नवाचारों का उल्लेख किया जाना प्रत्येक प्रदेशवासी के लिए गर्व की बात है। प्रधानमंत्री ने इससे पहले मल्हार की समृद्ध पुरातात्विक विरासत, बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे अभिनव आयोजनों का उल्लेख कर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक शक्ति, जनजातीय परंपराओं और युवा प्रतिभाओं को राष्ट्रीय मंच प्रदान किया था।

उन्होंने कहा कि आज के कार्यक्रम में प्रधानमंत्री द्वारा कोरबा में जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण की दिशा में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों का उल्लेख किया गया। यह छत्तीसगढ़ के लिए एक और गौरवपूर्ण उपलब्धि है। प्रधानमंत्री द्वारा प्रदेश की उपलब्धियों का राष्ट्रीय मंच पर उल्लेख किए जाने से न केवल छत्तीसगढ़वासियों का उत्साह बढ़ता है, बल्कि राज्य के नवाचारों और जनभागीदारी आधारित विकास मॉडल को देशभर में नई पहचान भी मिलती है।

कोरबा के जल संरक्षण प्रयासों की प्रधानमंत्री ने की सराहना
‘मन की बात’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ‘कैच द रेन’ अभियान के अंतर्गत देशभर में वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, पुराने जल स्रोतों के पुनर्जीवन और वृक्षारोपण के लिए किए जा रहे प्रयासों की चर्चा की। उन्होंने छत्तीसगढ़ के कोरबा में जल संरक्षण की दिशा में किए जा रहे कार्यों को उत्साहजनक बताते हुए उनकी सराहना की।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कोरबा में वैज्ञानिक पद्धति से जल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण के लिए भू-स्थानिक मैपिंग, शैलो एक्विफर मैनेजमेंट, रिचार्ज वेल तथा अन्य आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य वर्षा जल को अधिकतम मात्रा में संरक्षित करना, भूजल स्तर में सुधार लाना और क्षेत्र में जल उपलब्धता को दीर्घकालिक रूप से सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने ‘कैच द रेन’ अभियान के माध्यम से बारिश की प्रत्येक बूंद को सहेजने का जो संदेश दिया है, वह वर्तमान और भविष्य दोनों की आवश्यकता है। जल केवल प्राकृतिक संसाधन नहीं, बल्कि मानव जीवन, कृषि, पर्यावरण और भावी पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का आधार है।

जल संरक्षण को जनभागीदारी का व्यापक अभियान बनाएगी राज्य सरकार
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, तालाबों और अन्य परंपरागत जल स्रोतों के संरक्षण तथा वृक्षारोपण की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का प्रयास है कि जल संरक्षण के कार्य केवल सरकारी योजनाओं और विभागीय गतिविधियों तक सीमित न रहें, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी से एक व्यापक जन-अभियान का स्वरूप लें।

कारगिल विजय दिवस पर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने ‘मन की बात’ की शुरुआत कारगिल विजय दिवस पर देश के वीर जवानों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए की। कारगिल विजय दिवस भारतीय सेना के अदम्य साहस, अप्रतिम शौर्य, दृढ़ संकल्प और सर्वोच्च बलिदान का प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कारगिल युद्ध में मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों की शौर्यगाथा सदैव देशवासियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी।

‘हर घर तिरंगा’ अभियान में उत्साह से सहभागिता की अपील
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने आगामी स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को पूरे उत्साह और गौरव के साथ आगे बढ़ाने का आह्वान किया है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे अपने घरों और प्रतिष्ठानों पर पूरे सम्मान के साथ तिरंगा फहराएं तथा राष्ट्र की एकता, अखंडता और गौरव के इस उत्सव में सहभागी बनें।

स्थानीय उत्पादों और स्वदेशी परंपराओं को बढ़ावा देने का संदेश
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने कार्यक्रम में ‘वोकल फॉर लोकल’ की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के जनजातीय हस्तशिल्प, कोसा, हथकरघा वस्त्र, बेलमेटल, बांस शिल्प, माटी कला और वन उत्पादों में अपार संभावनाएं हैं। इन्हें अपनाना स्थानीय कारीगरों के श्रम और सृजनशीलता का सम्मान है।

मिट्टी की गणेश प्रतिमाएं अपनाने का आह्वान
मुख्यमंत्री साय ने आगामी गणेशोत्सव के संदर्भ में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा देश की मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमाओं को अपनाने की अपील का उल्लेख करते हुए कहा कि पर्यावरण-अनुकूल उत्सव हमारी संस्कृति और प्रकृति के बीच संतुलन बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

उन्होंने कहा कि स्थानीय मिट्टी से निर्मित गणेश प्रतिमाओं की स्थापना से स्थानीय कुम्हारों और शिल्पकारों को रोजगार मिलता है, स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहन मिलता है और जल स्रोतों को रासायनिक प्रदूषण से बचाने में सहायता मिलती है। मिट्टी से बनी प्रतिमाओं का उपयोग परंपरा, पर्यावरण और स्थानीय अर्थव्यवस्था – तीनों के हित में है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और हरित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए वृक्षारोपण को जनभागीदारी के माध्यम से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने प्रदेशवासियों से ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान में सक्रिय सहभागिता करने का आह्वान किया।

युवा शक्ति की उपलब्धियां देश का गौरव
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने खेल, विज्ञान, अंतरिक्ष और नवाचार के क्षेत्र में भारतीय युवाओं की उपलब्धियों की सराहना की। निजी क्षेत्र द्वारा विकसित रॉकेट के सफल प्रक्षेपण, अंतरराष्ट्रीय विज्ञान ओलंपियाड में भारतीय विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन और खेल जगत में प्राप्त उपलब्धियां नए भारत की युवा शक्ति, प्रतिभा और आत्मविश्वास को दर्शाती हैं।

उन्होंने कहा कि भारत का युवा आज विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, खेल और नवाचार के क्षेत्र में विश्व पटल पर देश का नाम रोशन कर रहा है। राज्य सरकार भी छत्तीसगढ़ के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, खेल सुविधाएं और नवाचार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के सपनों को अवसरों से जोड़ना विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है। राष्ट्र की युवा शक्ति ही आने वाले समय में भारत को विश्व की अग्रणी शक्ति बनाएगी।

इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर, राज्य गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष राजीव लोचन महाराज सहित बड़ी संख्या में युवा, जनप्रतिनिधि, आम नागरिक और गणमान्यजन उपस्थित थे।

प्रधानमंत्री मोदी ने Gen-Z से संवाद में सामूहिकता की समृद्ध परंपरा पर जोर दिया

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Mankbat-विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने की दिशा में युवा शक्ति का संवाद अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ‘विकसित गांव प्रोग्राम 2026’ के प्रतिभागियों से संवाद किया, जहां उन्होंने Gen-Z के साथ विचारों का आदान-प्रदान किया। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर राष्ट्र की सामूहिकता की समृद्ध परंपरा को रेखांकित करते हुए कहा कि यह हमारी पहचान का एक अटूट हिस्सा है। यह संवाद केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के भविष्य को आकार देने वाले युवाओं के साथ सीधे जुड़ाव का एक महत्वपूर्ण क्षण था।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस कार्यक्रम को वाकई खास बताते हुए देश के लगभग 250 जिलों से आए युवा प्रतिभागियों का अभिनंदन किया। उन्होंने ‘मेरा युवा भारत’ (MY Bharat) प्लेटफॉर्म की शुरुआत को याद किया, जो आज करोड़ों युवाओं को राष्ट्र निर्माण से जोड़ रहा है। MY Bharat के स्वयंसेवक देशभर में सराहनीय कार्य कर रहे हैं और यह मंच युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा में प्रवाहित करने का सशक्त माध्यम बन गया है। प्रधानमंत्री ने ‘विकसित भारत संवाद’ से लेकर ‘वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम’ तक युवाओं द्वारा दिखाई गई असाधारण क्षमता की सराहना की। उन्होंने ‘विकसित भारत युवा लीडर्स संवाद’ के दौरान साझा किए गए अपने विचार को दोहराया कि युवाओं को वर्चुअल माध्यमों से आगे बढ़कर जमीनी स्तर पर उतरना चाहिए। उनका मानना है कि भारत को सही मायने में समझने, उससे जुड़ने और यहां के जीवन का अनुभव करने के लिए गांवों में जाना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि वहीं से विकास की असीम आकांक्षाओं का पता चलता है।

राष्ट्र निर्माण के लिए पूरी तरह समर्पित है Gen-Z: पीएम मोदी
प्रधानमंत्री के इन प्रेरणादायी शब्दों के प्रत्युत्तर में Gen-Z ने भी अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। राष्ट्र-निर्माण के लिए Gen-Z की एक नई और गहरी परिभाषा प्रस्तुत करते हुए कार्यक्रम में शामिल युवा दिव्यांशु जोशी ने कहा, “प्रधानमंत्री जी, सभी MY भारत वॉलंटियर्स की ओर से मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि विकसित भारत का जो विजन आपने देखा है और हमें सौंपा है, उसे पूरा करने के लिए Gen-Z पूरी तरह समर्पित रहेगा। हमारे लिए Gen-Z का मतलब केवल एक पीढ़ी नहीं, बल्कि राष्ट्र-निर्माण है।”

इनोवेशन का प्रतिनिधित्व करता Gen-Z
दिव्यांशु जोशी ने Gen-Z के इस नए अर्थ को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि Gen-Z का मतलब है चरित्र-निर्माण, जो राष्ट्र के मूल्यों और आदर्शों को आत्मसात करने का प्रतीक है। Gen-Z सेवा का पर्याय है, जो निस्वार्थ भाव से समाज और देश के लिए कार्य करने की भावना को दर्शाता है। इसके साथ ही, Gen-Z इनोवेशन का प्रतिनिधित्व करता है, जो नए विचारों, तकनीकों और समाधानों के माध्यम से प्रगति का मार्ग प्रशस्त करता है। इस प्रकार, Gen-Z का वास्तविक अर्थ ‘राष्ट्र सर्वोपरि’ (Nation First) है। युवाओं ने सीमावर्ती गांवों के अपने दौरों के दौरान प्राप्त अनुभवों को दर्ज किया है और उन्होंने तय किया है कि इन अनुभवों के संग्रह को जल्द ही एक विस्तृत सारांश नोट के माध्यम से प्रधानमंत्री के साथ साझा किया जाएगा, जो जमीनी हकीकत की एक महत्वपूर्ण तस्वीर प्रस्तुत करेगा।

क्या है ‘विकसित गांव प्रोग्राम’?
‘विकसित गांव प्रोग्राम’ प्रधानमंत्री के उस दूरदर्शी दृष्टिकोण को साकार करने के लिए परिकल्पित किया गया है, जिसमें भारत के सीमावर्ती गांवों को राष्ट्र के पहले गांवों के रूप में देखा जाता है। प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के एक बयान के अनुसार, MY भारत के माध्यम से कार्यान्वित किया जा रहा यह कार्यक्रम इन गांवों को विकसित भारत की यात्रा में सक्रिय भागीदार बनाने का लक्ष्य रखता है। यह कार्यक्रम दो चरणों में 4 जून से 30 जून तक आयोजित किया गया, जिसमें लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के 74 जीवंत गांवों को शामिल किया गया।

इस कार्यक्रम के लिए देशभर से 400 से अधिक युवा प्रतिभागियों का चयन एक राष्ट्रव्यापी ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता के माध्यम से किया गया, जिसमें तीन लाख से अधिक युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश का प्रतिनिधित्व करने वाले इन युवाओं ने कार्यक्रम के अंतर्गत स्थानीय समुदायों के साथ रहकर विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाई। इनमें स्वच्छता अभियान, सरकारी योजनाओं पर जागरूकता अभियान, युवा सम्मेलन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम, वृक्षारोपण अभियान, मिनी मॉडल पंचायत सिमुलेशन, स्थानीय कारीगरों के साथ बातचीत और रणनीतिक महत्व के संस्थानों का दौरा जैसी महत्वपूर्ण पहलें शामिल थीं। इस कार्यक्रम ने प्रतिभागियों को भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विकासात्मक आकांक्षाओं से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराया। साथ ही, इसने सामुदायिक भागीदारी, राष्ट्रीय एकता और सीमावर्ती गांवों के रणनीतिक महत्व की गहरी समझ को बढ़ावा दिया, जिससे युवा राष्ट्र निर्माण की दिशा में और अधिक प्रेरित हुए।

नौकरी की तलाश हो या करियर की रुकावट, बप्पा का यह ‘गणेश स्तोत्र’ हर मुश्किल का अचूक समाधान

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हिंदू धर्म के मुताबिक, भगवान गणेश सभी देवताओं में प्रथम पूजनीय हैं, जिन्हें विघ्नहर्ता यानी बाधाओं को दूर करने वाले देवता के रूप में पूजा जाता है। माना जाता है कि, जो भक्त पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ उनकी पूजा और उपासना करते हैं, उन्हें सुख-समृद्धि और सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

भगवान गणेश ज्ञान, बुद्धि, सफलता और धन के भी देवता हैं। वैसे तो शास्त्रों में उन्हें खुश करने के अनेक उपायों के बारे में बताया गया है, लेकिन मंत्र जाप और स्तोत्रम का पाठ करने से बप्पा की आशीर्वाद सदैव बना रहता है। गणेश स्तोत्रम का पाठ एक शक्तिशाली पाठ है, जो भक्तों को आंतरिक सुख और सुरक्षा प्रदान करता है।

गणेश स्तोत्रम का प्रत्येक श्लोक उनके गुणों का गुणगान करता है, जैसे कि उनका ज्ञान, करुणा, शक्ति और विघ्नहर्ता के रूप में उनकी अहम भूमिका। जो भी भक्त इस स्तोत्रम का पाठ भक्तिपूर्वक करता है, उसका मन, शरीर और आत्मा तीनों ही संतुलित हो जाते हैं।

मध्य प्रदेश में पेपर लीक पर एक्शन, 3 महीने में दोषियों को मिलेगी सजा- सीएम मोहन यादव

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‘मध्यप्रदेश सरकार शिक्षक और विद्यार्थी वर्ग के कल्याण से जुड़े सभी विषयों पर अत्यंत गंभीर और संवेदनशील है। शिक्षा के क्षेत्र में सुधार और विद्यार्थियों के हित में लगातार महत्वपूर्ण निर्णय लिए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा देश की जनता के हित में जब भी कोई निर्णय लिया जाता है, मध्यप्रदेश उसे लागू करने और निर्णय के अनुरूप नीतिगत व्यवस्था बनाने वाला पहला राज्य होता है। समय की जरूरत है कि युवाओं से संबंधित न्यायिक फैसले द्रुत गति से हों। इसके लिए मध्यप्रदेश में चार फास्ट ट्रैक कोर्ट भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में बनाए जाएंगे। पेपर लीक और परीक्षा सहित अन्य मामलों का इन फास्ट ट्रैक कोर्ट में मात्र 3 माह के भीतर निराकरण किया जाएगा।’ यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 25 जुलाई को कही। वे मध्यप्रदेश विधानसभा स्थित सेंट्रल हॉल में मीडिया से चर्चा कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की विद्यार्थियों के प्रति भावना स्पष्ट है। उनके मन में विद्यार्थियों के कल्याण और उनसे जुड़े सभी विषयों को लेकर बेहद सकारात्मक भाव हैं। जैसे ही नीट पेपर लीक की खबर सामने आई, उसकी जांच के लिए उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) गठित की। प्रकरण दर्ज हुआ और देशभर में तेज गति से आरोपियों की गिरफ्तारियां भी की गई। फिर दोबारा नीट परीक्षा कराई गई। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की पूरी सहानुभूति और संवेदना विद्यार्थियों के साथ है। हम हर परिस्थिति में विद्यार्थियों के साथ खड़े हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में नीट परीक्षाएं बेहतर और पारदर्शी तरीके से सम्पन्न हों, इसके लिए स्टैंडर्ड ऑफ प्रोटोकॉल्स (एसओपी) तैयार कर ऐहतियातन सभी जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

पीएम मोदी के कार्यकाल में दोगुनी हुईं मेडिकल सीटें
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा मध्यप्रदेश वह राज्य है, जहां राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 देश में सबसे पहले लागू की गई। पिछले ढ़ाई साल के कार्यकाल में राज्य सरकार ने तीन नए शासकीय विश्वविद्यालय प्रारंभ किए हैं। प्रदेश में विकास की गतिविधियों को गति देकर तेजी लाने के साथ-साथ युवाओं और विद्यार्थियों के लिए कल्याण की चिंता कर इनके हित में निर्णय लेना भी हमारा कर्तव्य है। विद्यार्थियों के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय हमारी सरकार ले चुकी है और यह आगे भी लगातार जारी रहेंगी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में मेडिकल कॉलेज की संख्या दोगुनी से अधिक हो चुकी है। पूरे देश में पहले मात्र 641 विश्विद्यालय थे, आज इनकी संख्या बढ़कर 1400 से अधिक हो गई है। मेडिकल एजुकेशन की सीटें भी 50 हजार से बढ़कर 1 लाख से अधिक हो चुकी हैं।

मैनपुरी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का दौरा, सुरक्षा के लिए किए गए कड़े बंदोबस्त

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प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ आज मैनपुरी पहुंचकर दो घंटे तक रुकने के बाद इटावा के लिए रवाना होंगे। उनकी सुरक्षा को लेकर पुलिस प्रशासन ने देर शाम तक सभी तैयारियों में जुटा रहा। सीएम की त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। जिसमें तीन एएसपी, आठ सीओ, 25 इंस्पेक्टर सहित 609 पुलिस कर्मियों को हैलीपेड, जनसभा स्थल से लेकर मार्ग पर तैनात किया जाएगा।

सीएम के आगमन से पहले शुक्रवार की शाम मैनपुरी पहुंचे एनएसजी कमांडो ने भी सुरक्षा व्यवस्था की पड़ताल की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के रविवार को मैनपुरी आगमन को लेकर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। वह नगर के आगरा बाइपास रोड पर स्थित पंडित जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित जनसभा को संबोधित करेंगे।

उनकी सुरक्षा की तैयारियों को लेकर शनिवार दोपहर को सभा स्थल का डीएम डा. इंद्रमणि त्रिपाठी, एसपी गणेश प्रसाद साहा, एएसपी ग्रामीण अभिषेक तिवारी ने निरीक्षण किया। इसके बाद अधिकारियों ने सीएम की सुरक्षा के लिए ड्यूटी में लगने वाले पुलिस कर्मियों के साथ संवाद कर मुस्तैदी के साथ जिम्मेदारी निभाने के निर्देश दिए गए हैं।

बताया गया कि सीएम की त्रिस्तरीय सुरक्षा में 609 पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। जिसमें तीन एएसपी, आठ सीओ, 25 इंस्पेक्टर, 73 उप निरीक्षक, 15 महिला उप निरीक्षक, 388 हेड कांस्टेबल, 97 महिला पुलिस कर्मी की ड्यूटी लगाई गई है। ब्रीफिंग के दौरान डीएम ने पुलिस कर्मियों को पूरी सतर्कता के साथ ड्यूटी करने को कहा।

एसपी ने वीवीआईपी मूवमेंट, यातायात व्यवस्था और प्रोटोकाल के विभिन्न पहलुओं की जानकारी देते हुए आवश्यक निर्देश देते हुए कहा कि जिस पुलिस कर्मी को जहां ड्यूटी पर लगाया गया है, वह वहीं पर ड्यूटी करेगा। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सुबह आठ बजे से रूट डायवर्जन लागू
यातायात प्रभारी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि रविवार सुबह आठ बजे से नगर में रूट डायवर्जन लागू रहेगा। जिसमें करहल की ओर से आने वाले वाहन भांवत चौराहा, ईशन नदी पुल, कुरावली तिराहा और अटल चौक, देवी बाइपास रोड और सिंधिया तिराहा से आगरा की ओर जाने वाले वाहन डायवर्ट रहेंगे।

घिरोर से आने वाले वाहन सिंधिया तिराहा होते हुए देवी बाइपास रोड और पड़रिया चौराहा होते हुए गुजारे जाएंगे। औंछा की ओर से भी आने वाले वाहनों को देवी बाइपास से गुजारा जाएगा। भोगांव से आने वाले वाहन कुरावली मोड ईशन नदी पुल होते हुए अपने गंतत्व को रवाना होंगे। कुरावली से आने वाले वाहन ज्योंति तिराहा से अपने गंतव्य को जाएंगे। इसके अलावा बड़ा चौराहा, करहल चौराहा की ओर से आने वाले पूर्णत: प्रतिबंधित रहेंगे।

भारत ने दूसरे टी20 में जिम्बाब्वे को बुरी तरह रौंदा

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भारत ने जिम्बाब्वे को दूसरे टी20 में 90 रनों से हरा दिया है. यह साल 2026 में भारतीय टीम की रनों के लिहाज से तीसरी सबसे बड़ी जीत है. इसी के साथ टीम इंडिया ने 3 मैचों की टी20 सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है. हरारे के मैदान पर खेले गए इस मैच में जिम्बाब्वे को 220 रनों का लक्ष्य मिला था, जवाब में वह सिर्फ 129 रन ही बना सकी. अपना इंटरनेशनल डेब्यू करने वाले यश ठाकुर ने 2 विकेट चटकाए, जबकि बल्लेबाजी में ईशान किशन और तिलक वर्मा ने अर्धशतक लगाया.

भारतीय टीम के लिए अभिषेक शर्मा और वैभव सूर्यवंशी बल्ले से कोई कमाल नहीं कर पाए थे. मगर ईशान किशन के 81 रन और तिलक वर्मा के नाबाद 60 रनों की बदौलत टीम इंडिया ने 219 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था. अभिषेक चाहे बैट से कोई कमाल नहीं कर पाए, लेकिन उन्होंने गेंदबाजी में 3 विकेट चटकाए. अभिषेक दूसरे टी20 में भारत के सबसे सफल गेंदबाज भी रहे.

2026 में तीसरी सबसे बड़ी जीत
यह टीम इंडिया की टी20 में साल 2026 की तीसरी सबसे बड़ी जीत है. रनों के लिहाज से 2026 में भारत की सबसे बड़ी जीत 96 रनों की है, जो इसी साल टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ आई थी. भारत की दूसरी सबसे बड़ी जीत वर्ल्ड कप में ही नामीबिया के खिलाफ आई, जब उसने 93 रनों से जीत दर्ज की थी. अब जिम्बाब्वे को 90 रनों से हराकर टीम इंडिया ने इस साल टी20 में अपनी तीसरी सबसे बड़ी जीत दर्ज की है.

डेब्यू में चमके यश ठाकुर
यश ठाकुर ने जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे टी20 मैच में अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया. उन्होंने 4 ओवरों में 30 रन देकर 2 विकेट लिए. प्रिंस यादव इस मुकाबले में केवल 1.2 ओवर गेंदबाजी कर पाए, वो चोट के कारण मैदान से बाहर चले गए. केवल 8 गेंद करके उन्होंने 2 विकेट चटका लिए थे. अभिषेक शर्मा ने जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों को अपनी फिरकी में फंसाकर 3 विकेट लिए. उनके अलावा शिवम दुबे, रवि बिश्नोई और तिलक वर्मा ने भी एक-एक विकेट लिया.

CJP का प्रोटेस्ट खत्म करने का ऐलान

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कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने शनिवार को सरकार के साथ एक अहम बैठक की. बैठक के बाद कॉकरोच जनता पार्टी ने एक बड़ा ऐलान किया. सीजेपी ने आंदोलन खत्म करने की घोषणा कर दी. वहीं, सीजेपी ने जंतर-मंतर से आंदोलन को वापस लेने का ऐलान करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने हमारी मांग मान ली है और हम आंदोलन को खत्म करने का ऐलान करते हैं.

सरकार से बातचीत के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि हमने सरकारी प्रतिनिधिमंडल के साथ तीन राउंड की बातचीत की. जंतर-मंतर पर हमारा प्रोटेस्ट, जो कई दिनों से चल रहा था, हमारी तीन मुख्य मांगें थीं: केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, प्रदर्शनकारियों और आयोजकों के खिलाफ फाइल किए गए सभी लीगल केस, एफआईआर वापस ली जाएं और प्रदर्शनकारियों या आयोजकों के खिलाफ भविष्य में कोई केस फाइल नहीं किया जाए.

‘FIR ली जाएंगी वापस’
नीट पेपर न होने के बाद जिन परिवारों ने अपनों को खो दिया, उन्हें 1 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया जाए. अभी कुछ देर पहले ही धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया है. इसका मतलब है कि हमारी पहली डिमांड मान ली गई है. हमारी दूसरी मांग थी कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर, सिर्फ दिल्ली में ही नहीं बल्कि सभी भाजपा शासित और भाजपा सहयोगी राज्यों में, वापस ली जाएं. सरकार ने वह मांग भी मान ली है. जल्द ही एफआईआर वापस ले ली जाएंगी.

‘सभी एफआईआर की कॉपी शेयर करेगी सरकार’
सौरव दास ने कहा कि सरकार ने हमें भरोसा दिलाया है कि वह दर्ज सभी एफआईआर की कॉपी शेयर करेगी, हमारी पिछली जानकारी के मुताबिक, दिल्ली में 15 से 20 एफआईआर दर्ज की गई थीं. हमें वे कॉपी किसी भी हाल में तीन से चार दिनों में मिल जाएंगी. सरकार ने यह भी भरोसा दिलाया है कि जल्द ही एफआईआर वापस ले ली जाएंगी. सरकार ने कहा है कि वह इसे मंगलवार तक हमारे साथ शेयर करेगी. हमें उम्मीद है कि मंगलवार तक हमें इन एफआईआर और भविष्य की किसी भी कार्रवाई के बारे में सरकार की गारंटी मिल जाएगी.

‘अच्छी नीयत से वापस ले रहे आंदोलन’
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, “कॉकरोच जनता पार्टी यह ऐलान करती है कि हम अच्छी नीयत से आंदोलन वापस ले रहे हैं, इस समझ के साथ कि तय शर्तों को तय टाइमलाइन के अंदर पूरा किया जाएगा.”

छात्रों पर नहीं होगा एक्शन- जेपी नड्डा
वहीं सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने आज हमारे सौरव दास और रांका के साथ तीसरी मुलाकात है आज भी लंबी बातचीत हुई, आज ये रिटेन मसौदा लेकर आए थे. मांगों पर डिटेल में चर्चा हुई. जेपी नड्डा ने कहा कि कोई भी एक्शन और एफआईआर न हो अगर हुआ हो तो वापस ले लिया जाए. फ्यूचर मे भी कोई केस आगे इंपल्स नहीं होगा, इसे भी हमने माना है.

मुआवजे पर सरकार ने क्या कहा?
मुआवजे के बारे में सरकार की सहानुभूति है. रिफॉर्म चार्टर को लेकर सरकार गहन चिंतन करेगी. जो भी बात रखी थी, उसको सरकार ने सहानुभूति पूर्वक माना है.

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मंजूर,प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय

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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद मोदी सरकार ने प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी है. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने निर्देश दिया है कि कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार सौंपा जाए. कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने केंद्र सरकार द्वारा शनिवार (25 जुलाई 2026) को संगठन की सभी मांगें मान लिए जाने के बाद नीट विवाद को लेकर अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की.

सीजेपी नीट पेपर लीक को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, नीट विवाद के बाद कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिजन को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने और 20 मार्च को संगठन के ‘संसद चलो’ मार्च में शामिल प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी प्राथमिकी को वापस लिए जाने की मांग की थी.

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया इस्तीफा

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कॉकरोच जनता पार्टी की तरफ से पेपर लीक के खिलाफ शुरू किए गए आंदोलन का असर देखने को मिला. देश की सरकार Gen-Z की आगे झुक गई है और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया. इस संबंध में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एक्स पर ट्वीट कर इस्तीफे की जानकारी दी. इस संबंध में उन्होंने कहा कि मैंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है. मैंने पहले दिन से ही इसकी जिम्मेदारी ली है और इस परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा. पिछले 10 दिन का घटनाक्रम देखकर मेरा मन दुखी है. यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है. प्रधान ने कहा कि जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, उसका राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ ना उठाएं, देश की एकता बनी रहे.

इसके अलावा उन्होंने नोट पोस्ट किया, जिसमें लिखा कि मैं पिछले 4 दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं. मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है. मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूं. भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना हम सभी के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है. आदरणीय प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र की सेवा करने का जो अवसर मुझे प्राप्त हुआ उसके लिए मैं प्रधानमंत्री जी का आभार प्रकट करता हूं.

CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके का बयान
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की तरफ से इस्तीफा दिए जाने के बाद CJP फाउंडर अभिजीत दीपके का बयान सामने आया है. उन्होंने लिखा कि हमने कर दिया है। धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है. इस तरह से लोकतंत्र की जीत हुई है. CJP ने इंस्टाग्राम पर वीडिया पोस्ट किया, जिसमें अभिजीत दीपके ने नीट पेपर लीक में सुसाइड करने वाले छात्रों का नाम लेकर कहा कि उन्हें न्याय मिला है. उन्होंने कहा कि दुनिया झुकती है झुकाने वाला चाहिए.

CJP के प्रमुख मांग
इससे पहले CJP ने साफ तौर पर कह दिया था कि नीट पेपर लीक से जुड़े विवाद के खिलाफ धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर कोई समझौता नहीं हो सकता है. इसके अलावा CJP ने प्रदर्शनकारी छात्रों को बेरहमी से पीटे जाने पर उनसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है. इसके अलावा नीट परीक्षा रद्द होने के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिए जाने की भी मांग की गई है. CJP ने जेपी नड्डा से मुलाकात भी की थी, जिसमें मुआवजे और FIR वापसी पर सरकार की ओर से सैद्धांतिक सहमति दिखाई गई थी.इसके अलावा कांग्रेस समेत अन्य विपक्षी पार्टी भी प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा था. इस संबंध में सरकार ने पेपर लीक को रोकने के लिए CBI जांच, फास्ट-ट्रैक कोर्ट और री-एग्जाम जैसे कदम उठाने की बात की थी.