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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माय यूथ-माय प्राइड कॉन्क्लेव का शुभारंभ कर प्रदेश के सभी युवाओं को दिया संदेश

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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने माय यूथ-माय प्राइड कॉन्क्लेव का शुभारंभ कर प्रदेश के सभी युवाओं को दिया संदेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश सरकार युवाओं के सपनों को साकार करने के लिये हर संभव मदद करेगी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 2 करोड़ युवा विकसित भारत @2047 के निर्माण में सहभागी बनते हुए प्रदेश की समृद्धि के भी सूत्रधार बनेंगे। राष्ट्र के नवनिर्माण में युवा शक्ति की प्रतिभा को निखारने के लिये हम प्रतिबद्धतापूर्वक कार्य कर रहे हैं। प्रदेश सरकार युवाओं को हुनरमंद बनाने के लिये संत रविदास ग्लोबल स्किल पार्क जैसे कौशल उन्नयन संस्थानों के द्वारा स्पेशल ट्रेनिंग दे रही है। दुनिया की सबसे बड़ी यंग जनरेशन भारत में है। हमारा देश युवाओं का देश है। युवाओं के बलबूते ही भारत हर क्षेत्र में विकास के नए कीर्तिमान गढ़ रहा है। अपनी क्षमता, दक्षता, योग्यता, जोखिम लेने का साहस, बुद्धिमता और उद्यमशीलता से यही युवा नये विकसित भारत का निर्माण करेंगे। भारत के हृदय प्रदेश, मध्यप्रदेश में 2 करोड़ से अधिक युवा हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेन्टर में आयोजित ‘माय यूथ-माय प्राइड कॉन्क्लेव’ के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर कॉन्क्लेव का शुभारंभ किया।

कॉन्क्लेव में युवा सु कशिश आहूजा और संकल्प सिंह चौहान ने शिक्षा-कौशल विकास तथा सु अमीक अमानी ने खेल क्षेत्र में संकल्प पत्र का वाचन किया। डॉ. महक भंडारी ने स्वास्थ्य के क्षेत्र पर अपने विचार रखते हुए कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में आभा आईडी के माध्यम से सभी रिपोर्ट्स अब मोबाइल पर डिजिटल फॉर्म में उपलब्ध हैं। हमारे युवा स्वास्थ्य कर्मी वॉलेंटियर्स बनकर सिंहस्थ 2028 के सफल आयोजन में सहयोग प्रदान करें। सु सानिया जसवानी ने एमएसएमई सेक्टर के संकल्प पत्र पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्रदेश की युवा शक्ति नई ऊर्जा से भरी हुई है। हम नवाचारों को लेकर आगे बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि समृद्ध मध्यप्रदेश @2047 के संकल्प में युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

युवा लखन पाटीदार और जितेंद्र पाटीदार ने कृषि, उद्यानिकी एवं फूड प्रोसेसिंग के संकल्प पत्र का वाचन करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती से हम पर्यावरण संरक्षण के प्रति अधिक जिम्मेदार बन रहे हैं। हमारे युवा प्राकृतिक खेती कर अपना ब्रांड बनाएं और अपनी फसल डिजिटल मार्केटिंग से बेचकर अधिक आय कमाएं। अब ग्रामीण हाट बाजारों में प्राकृतिक खेती के उत्पाद नजर आने लगे हैं। उद्यानिकी विभाग के माध्यम से पॉलीहाउस लगाने की सुविधा मिलती है। इससे युवा संरक्षित खेती अपना सकते हैं। इससे मौसम की मार और विपरीत परिस्थितियों में भी अच्छा फसल उत्पादन लिया जा सकता है।

प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश संवर्धन राघवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत दुनियाभर में अपने झंडे गाड़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आज ही आजाद बाइक रैली को झंडी दिखाई है, जो अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की जन्मस्थली चन्द्रशेखर आजाद नगर (भाबरा) तक जाएगी। उन्होंने कहा कि ‘माय यूथ-माय प्राइड कॉन्क्लेव-2026’ में पांच अलग-अलग विषयों पर युवाओं ने अपने रोचक विचार व्यक्त किए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2027 को युवा वर्ष के रूप में मनाने का संकल्प लिया है। युवा शक्ति हमारा भविष्य है, जो विकसित भारत @2047 के संकल्प को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

कॉन्क्लेव में शिक्षा एवं कौशल विकास, खेल एवं स्वास्थ्य और जनअभियान विषयों पर कार्यशाला एवं संस्कृति, कला, पर्यटन युवा संकल्प निर्माण और सामुदायिक नेतृत्व के क्षेत्र में कार्यरत विशेषज्ञों के साथ युवाओं के मार्गदर्शन के लिये उपयोगी संवाद सत्रों का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, इंदौर सांसद शंकर लालवानी, पूर्व मंत्री एवं विधायक सु ऊषा ठाकुर, पूर्व मंत्री एवं विधायक महेंद्र हार्डिया, विधायक मधु वर्मा, विधायक श्रीमती मालिनी गौड़, विधायक गोलू शुक्ला, महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में युवा उद्यमी, शिक्षाविद्, शोधकर्ता, प्रोफेशनल्स उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने स्कूली छात्राओं को वितरित कीं महापुरुषों के जीवन पर आधारित पुस्तकें एवं कॉपियां

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मुख्यमंत्री ने स्कूली छात्राओं को वितरित कीं महापुरुषों के जीवन पर आधारित पुस्तकें एवं कॉपियां
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि शिक्षा ही समाज में परिवर्तन लाने का सबसे बड़ा और सशक्त माध्यम है। हमारी सरकार बच्चों को विश्व स्तरीय शिक्षा प्रदान करने के लिए संकल्पित हैं। हमारे बच्चे खूब पढ़ें, लिखें, जीवन में आगे बढ़े, इसके लिए हम राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप बच्चों को आधुनिक तरीके से गुणवत्तापूर्ण, रोजगारोन्मुख और संस्कारयुक्त शिक्षा दिलाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे सांदीपनी विद्यालय, पीएम स्कूल और प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस के रूप में प्रदेश में शिक्षा की त्रिवेणी बन रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश ने प्राथमिक स्कूली शिक्षा स्तर पर ड्रॉप-आउट दर को शून्य करने की ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर ली है। हमारे सांदीपनि विद्यालय मॉडल की पूरे देश में सराहना हो रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शनिवार को इन्दौर में हिन्द रक्षक पुण्योदय प्रकल्प के कार्यक्रम में शामिल होकर स्कूली छात्राओं को राष्ट्र के महापुरुषों के जीवन चरित्र पर केन्द्रित निशुल्क पुस्तकें एवं कॉपियां वितरित की। मुख्यमंत्री ने स्कूली छात्राओं से संवाद कर से उन्हें स्नेहपूर्वक खूब तरक्की करने का शुभाशीष भी दिया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस वर्ष बोर्ड परीक्षाओं में हमारे सरकारी विद्यालयों ने शानदार प्रदर्शन किया है। सरकारी विद्यालयों का रिजल्ट प्राइवेट विद्यालयों से बेहतर रहा। उन्होंने कहा कि इस वर्ष बोर्ड के परीक्षा परिणामों में हमारे सांदीपनी विद्यालयों के 58 विद्यार्थियों ने राज्य स्तरीय मेरिट लिस्ट में जगह बनाई है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राजनीति से ज्यादा राष्ट्रहित सर्वोपरि एवं राष्ट्र प्रथम की नीति को केंद्र में रखते हुए समाज सुधार और लोगों को प्रेरित करने वाले अनेक कार्य हो रहे हैं। हिंद रक्षक संगठन के संस्थापक और जननेता स्व. लक्ष्मण सिंह गौड़ (लखन दादा) युवा शक्ति के प्रेरणा स्त्रोत थे। उन्होंने समाज की बेहतरी के लिए तत्कालीन सरकार के कुशासन के खिलाफ आवाज उठाई, मुझे भी उनका सहयोगी बनने का सौभाग्य मिला। आज स्व. गौड़ की 68वीं जयंती पर पुण्योदय प्रकल्प के जरिए हर साल 60 हजार से अधिक विद्यार्थियों को कॉपी-किताबें और महापुरुषों के प्रेरक जीवन प्रसंगों पर केन्द्रित पुस्तकें बांटी गई हैं। हिंद रक्षक प्रकल्प का यह प्रयास अत्यंत सराहनीय है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता से आज भी समाज को प्रेरणा मिलती है। हमारे युवा इससे प्रेरणा लें और गरीब-जरूरतमंदों मित्रों की सहायता के लिए सदैव तत्पर रहें। राज्य सरकार ने गुरु पूर्णिमा महोत्सव को धूमधाम से मनाने का निर्णय लिया है। बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए प्रदेश में भव्य सांदीपनि विद्यालय बनाए गए हैं। राज्य सरकार के प्रयासों से स्कूली शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार नजर आ रहा है। प्रदेश के शासकीय स्कूलों में छात्र-छात्राओं की ड्रॉप आउट दर शू्न्य हो चुकी है। अब प्रदेश का कोई भी बेटा-बेटी शिक्षा से वंचित नहीं रहेगा।

पुण्योदय प्रकल्प के संयोजक एकलव्य गौड़ ने कहा कि हिंद रक्षक प्रकल्प के संस्थापक स्व. लक्ष्मण सिंह गौड़ ने वर्ष 2004 में इस प्रकल्प की शुरुआत की थी। जिसके अंतर्गत 60 हजार से अधिक स्कूली विद्यार्थियों को 11 जुलाई से 11 अगस्त के दौरान पूरे एक महीने में 3 लाख से अधिक कॉपी-किताबें बांटी जाएंगी। सभी विद्यार्थी इनका सदुपयोग करें।

इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, इन्दौर सांसद शंकर लालवानी, पूर्व मंत्री एवं विधायक सु ऊषा सिंह, पूर्व राज्यमंत्री एवं विधायक महेंद्र हार्डिया, विधायिका श्रीमती मालिनी गौड़, विधायक गोलू शुक्ला, मध्यप्रदेश राज्य सहकारी अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष सावन सोनकर, समाजसेवी गौरव रणदिवे, श्रवण चावड़ा, सुमित मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में स्कूली विद्यार्थी उपस्थित थे।

आर्थिक स्वावलंबन की नई पहचान बन रही है महतारी वंदन योजना: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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आर्थिक स्वावलंबन की नई पहचान बन रही है महतारी वंदन योजना: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से महतारी वंदन योजना की 29वीं किश्त जारी करते हुए प्रदेश की 66 लाख से अधिक माताओं-बहनों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 626.25 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े उपस्थित थीं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश की माताओं-बहनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के सम्मान, आत्मनिर्भरता और आर्थिक स्वावलंबन की नई पहचान बन चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आज की किश्त के साथ योजना के अंतर्गत अब तक 29 किश्तों में कुल 18,805.83 करोड़ रुपये की राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में नारी शक्ति के सशक्तिकरण का जो व्यापक अभियान चल रहा है, छत्तीसगढ़ सरकार उसी संकल्प को पूरी प्रतिबद्धता के साथ धरातल पर उतार रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जिलों के प्रवास के दौरान माताएं और बहनें स्वयं उन्हें बताती हैं कि महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। अनेक महिलाओं ने इस राशि से छोटे व्यवसाय शुरू किए हैं, कई ने सिलाई-कढ़ाई एवं स्वरोजगार अपनाया है, जबकि बड़ी संख्या में परिवारों ने बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति में इसका उपयोग किया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के ये अनुभव इस योजना की वास्तविक सफलता और उसके दूरगामी सामाजिक प्रभाव के प्रमाण हैं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार महतारी वंदन योजना के साथ-साथ श्लखपति दीदीश् जैसी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से भी महिलाओं की आय बढ़ाने, उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ई-केवाईसी की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कर शत-प्रतिशत पात्र महिलाओं तक योजना का लाभ सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से बस्तर संभाग में इस कार्य को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश भी दिए।

उल्लेखनीय है कि महतारी वंदन योजना 1 मार्च 2024 से प्रदेश में लागू की गई है। योजना के तहत 21 वर्ष या उससे अधिक आयु की पात्र विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में प्रदान की जाती है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक संबल मिलने के साथ परिवार के पोषण, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, कुपोषण एवं एनीमिया की रोकथाम तथा स्वरोजगार जैसी गतिविधियों को भी नई मजबूती मिली है।

भटहट-बांसस्थान फोरलेन की सौगात, CM योगी ने किया 758 करोड़ के कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास

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भटहट-बांसस्थान फोरलेन की सौगात, CM योगी ने किया 758 करोड़ के कार्यों का लोकार्पण-शिलान्यास
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को भटहट-बांसस्थान फोरलेन सड़क समेत तकरीबन 758 करोड़ रुपये से अधिक की 24 विकास परियोजनाओं की सौगात दी।

बांसस्थान में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री ने फोरलेन समेत 697 करोड़ 49 हजार रुपये की लागत वाली पांच सड़कों का लोकार्पण किया। साथ ही सड़क निर्माण एवं पर्यटन विकास से जुड़े 60 करोड़ 63 लाख 96 हजार रुपये की लागत वाले 19 विकास कार्यों का शिलान्यास भी किया। सभी कार्य पिपराइच विधानसभा क्षेत्र के हैं।

शनिवार दोपहर बाद मुख्यमंत्री बांसस्थान पहुंचे। उन्होंने 11.6 किलोमीटर लंबाई में बने भटहट-बांसस्थान फोरलेन को जनता को समर्पित किया। इसके निर्माण पर 689 करोड़ 35 लाख 33 हजार रुपये खर्च हुए हैं।

आयुष विवि का किया निरीक्षण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के पहले, महायोगी गुरु गोरखनाथ राज्य आयुष विश्वविद्यालय का भी निरीक्षण किया। साथ ही आयुष विश्वविद्यालय में पुरुष व महिला छात्रावास का लोकार्पण भी किया। पुरुष छात्रावास का नामकरण ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की स्मृति में किया गया है जबकि महिला छात्रावास का नाम राप्ती रखा गया है।

जगन्नाथ रथ यात्रा की वो चमत्कारी डोर

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जगन्नाथ रथ यात्रा की वो चमत्कारी डोर
हर वर्ष उड़ीसा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की भव्य रथ यात्रा निकाली जाती है। इस दौरान रथ के आगे विशाल रस्सियां हर किसी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करती है। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ बैरिकेड्स के ऊपर से झुककर उस रस्सी को छूने की प्रतीक्षा करते हैं।

रथ यात्रा में आए कुछ सौभाग्यशाली श्रद्धालुओं को रस्सी छूने का मौका भी मिल जाता है। कई लोग रस्सी के एकमात्र स्पर्श से भी खुद को धन्य समझ लेते हैं।

जगन्नाथ रथ यात्रा की रस्सी की कहानी
कई लोगों को जानकार हैरानी हो सकती है कि एक साधारण सी रस्सी जो दिखने में काफी सामान्य और व्यावहारिक लग सकती है, लेकिन इसका सिर्फ एक ही उद्देश्य होता है, इतनी विशाल आध्यात्मिक श्रद्धा को प्रेरित करना। भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के दौरान इस्तेमाल की जाने वाली इस रस्सी को वासुकी के नाम से जाना जाता है। इसे नंदीघोष भी कहा जाता है।

दुनियाभर के अधिकांश मंदिर उत्सवों में जहां भक्त गर्भगृह में देवता के दर्शन के लिए इंतजार करते हैं, वहीं रथ यात्रा की अनोखी परंपरा इससे काफी अलग है। भगवान जगन्नाथ, बहन सुभद्रा और भाई बलभद्र के साथ मंदिर से बाहर निकलकर लोगों के बीच घूमते हैं। यही वजह है कि, रथ खींचने के लिए श्रद्धालुओं का जन सैलाब पुरी की सड़कों पर आ जाता है।

विशालकाय लकड़ी से बने रथों को कोई एक इंसान नहीं खींचता है, बल्कि हजारों लोग रथ एक साथ चलते हैं, एक होकर रथ का भार उठाते हैं।

मंदिर से जुड़ी परंपराओं में यह भी बताया गया है कि, पवित्र रस्सी को छूने या खींचने से पिछले जन्म के पापों का निवारण होता है। कहा जाता है कि, ये मान्यताएं पीढ़ियों से चली आ रही है और अब त्योहार का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है। हालांकि रस्सी का धार्मिक महत्व इससे कहीं ज्यादा है।
हिंदू दर्शन में इसका मतलब

यहां जीवन की तुलना एक यात्रा से की जाती है। लोग अनुशासन, इच्छाशक्ति और सबसे बढ़कर, अहंकार त्यागने की भावना से आगे बढ़ते हैं। वासुकी चुपचाप इस विचार को प्रतिबिंबित करते हैं। वे खुद रथ का नेतृत्व नहीं कर रहे हैं, वे सिर्फ भक्तों और देवता के बीच कड़ी बन रहे हैं।

रथ यात्रा के दौरान सामाजिक भेदभाव मिट जाते हैं। अलग-अलग क्षेत्रों, भाषाओं और जीवन के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों द्वारा एक ही रथ को खींचना मन में आशा की उम्मीद जगाता है। शायद यही वजह है कि, आज भी रथ यात्र के दौरान लोग इतने ही आकर्षित होते हैं।

नेटफ्लिक्स सीरीज Operation Safed Sagar का टीजर रिलीज

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नेटफ्लिक्स सीरीज Operation Safed Sagar का टीजर रिलीज
नेटफ्लिक्स की अपकमिंग वेब सीरीज ऑपरेशन सफेद सागर 7 अगस्त को रिलीज होने वाली है। ओनी सेन द्वारा निर्देशित इस शो में सिद्धार्थ (Siddharth), जिमी शेरगिल (Jimmy Shergill), अभय वर्मा (Abhay Varma), दीया मिर्जा (Dia Mirza), प्राजक्ता कोली (Prajakta Koli), आदिल हुसैन, मिहिर आहूजा, तारुक रैना, अर्नव भसीन और अमृता बागची प्रमुख भूमिकाओं में हैं।

शादी पर मचा बवाल, 20 दिन बाद दूल्हे को भी साथ ले गई पुलिस

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शादी पर मचा बवाल, 20 दिन बाद दूल्हे को भी साथ ले गई पुलिस
बुंदेलखंड में विवाह योग्य युवकों के लिए जीवनसाथी तलाशना लगातार चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है। इसी मजबूरी का फायदा उठाकर सक्रिय दलाल गिरोह लोगों को झांसे में लेकर शादियां करा रहे हैं, जिनके बाद परिवारों को कानूनी और सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ऐसा ही मामला टीकमगढ़ जिले के मोहनगढ़ थाना क्षेत्र की बंधा चौकी अंतर्गत सामने आया है, जहां दलालों के माध्यम से कराई गई शादी के महज 20 दिन बाद उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले की पुलिस कथित नाबालिग दुल्हन को बरामद करने पहुंची और दुल्हे को भी अपने साथ ले गई।

बंधा निवासी राजेश शुक्ला ने पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में बताया कि उनके छोटे भाई नीतेश शुक्ला का विवाह 16 जून को अछरू माता मंदिर में कराया गया था। यह रिश्ता बम्हौरी बराना निवासी रामकुमार नायक, बब्लू बिदुआ और संतोष चौबे नामक लोगों ने तय कराया था। परिवार को बताया गया था कि युवती प्रयागराज (नैनी) की रहने वाली है और उसके माता-पिता नहीं हैं। विवाह के बाद दोनों पति-पत्नी परिवार के साथ सामान्य जीवन बिता रहे थे।

पुलिस अधीक्षक से जांच की मांग की
परिजनों के अनुसार, बुधवार सुबह करीब पांच बजे उत्तर प्रदेश नंबर की एक कार से कुछ लोग पुलिस बताकर घर पहुंचे और युवती के साथ दूल्हे नीतेश को भी अपने साथ ले गए। परिवार ने इस पूरी घटना का वीडियो भी बनाया। राजेश का आरोप है कि स्थानीय बंधा चौकी को पहले से इसकी कोई सूचना नहीं थी, जिससे उन्हें संदेह हुआ कि कहीं यह कोई साजिश या अपहरण का मामला तो नहीं है। इस संबंध में उन्होंने पुलिस अधीक्षक से जांच और कार्रवाई की मांग की है।

थाना प्रभारी का बयान
हालांकि, मोहनगढ़ थाना प्रभारी अंकित दुबे ने बताया कि जिस युवती का विवाह कराया गया था, वह नाबालिग है। उसके अपहरण का मामला उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के रामगंज थाने में अपराध क्रमांक 49/26 के तहत दर्ज है। उसी प्रकरण में अमेठी पुलिस युवती को बरामद करने आई थी और आवश्यक कानूनी कार्रवाई के तहत उसे अपने साथ ले गई।

भारत पर ये 3 महीने भारी, एक्‍सपर्ट ने बताया इसके बाद क्‍या होगा

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भारत पर ये 3 महीने भारी, एक्‍सपर्ट ने बताया इसके बाद क्‍या होगा
फाइनेंशियल ईयर 2026-27 (अप्रैल-मार्च) की पहली तिमाही में भारत के आर्थिक प्रदर्शन पर ग्लोबल झटकों का असर पड़ सकता है। लेकिन, यह टेम्‍परेरी होगा। मौजूदा अनिश्चितताओं के बावजूद देश की लॉन्ग-टर्म ग्रोथ की राह मजबूत बनी हुई है। ‘कुछ अनिश्चितता तो है ही। लेकिन, मुझे लगता है कि अगर आप इस तिमाही के प्रदर्शन और लॉन्ग-टर्म ग्रोथ को देखें और अलग-अलग एजेंसियों के अनुमानों पर गौर करें तो यह साफ है कि भारत लंबे समय तक 6.5% से 7% से ज्‍यादा की दर से लगातार आगे बढ़ता रहेगा।’

लॉन्ग-टर्म ग्रोथ में आते रहते हैं उतार-चढ़ाव
रारा ‘क्रेडिबल ग्रोथ: कैपिटल, एंटरप्रेन्योरशिप और फाइनेंशियल रिपोर्टिंग’ पर इंडस्ट्री की एक चर्चा के दौरान बोल रहे थे। इस चर्चा का फोकस बेहतर कॉर्पोरेट गवर्नेंस और पारदर्शी फाइनेंशियल रिपोर्टिंग के जरिए निवेशकों का भरोसा बढ़ाने पर था।

उन्होंने कहा, ‘बाहरी वजहों से हमें कुछ समय के लिए रुकावटों या ऐसे दौर का सामना करना पड़ सकता है जब ग्रोथ उस लेवल पर न हो। लेकिन, लॉन्ग-टर्म ग्रोथ ऐसे ही काम करती है। उस दौरान उतार-चढ़ाव आते रहते हैं।’

इस इवेंट में निवेशकों के नजरिए से ‘क्रेडिबल ग्रोथ’ (भरोसेमंद ग्रोथ) क्या है और लॉन्ग-टर्म कैपिटल को आकर्षित करने में गवर्नेंस फ्रेमवर्क की क्या अहमियत है, इस पर चर्चा की गई।

योगी सरकार ने पूर्व खिलाड़ियों को दिया सम्मान

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योगी सरकार ने पूर्व खिलाड़ियों को दिया सम्मान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले भूतपूर्व खिलाड़ियों के सम्मान और उनकी आर्थिक सुरक्षा के लिए भी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है।

इसी क्रम में खेल विभाग की भूतपूर्व खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता योजना पूर्व खिलाड़ियों के लिए बड़ा संबल बनकर उभरी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में प्रदेश के 223 पूर्व खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है।

इस योजना का लाभ अर्जुन, द्रोणाचार्य, ध्यानचंद और खेल रत्न पुरस्कार विजेताओं के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय खिलाड़ियों को भी मिल रहा है।

इस तरह सरकार की इस पहल से न केवल खिलाड़ियों को आर्थिक सहयोग मिल रहा है, बल्कि उनके योगदान को सम्मान भी प्राप्त हो रहा है। खेल जगत इसे खिलाड़ियों के प्रति योगी सरकार की प्रतिबद्धता का महत्वपूर्ण उदाहरण मान रहा है।

52 अर्जुन पुरस्कार विजेताओं को 20 हजार प्रतिमाह की आर्थिक सहायता
प्रदेश सरकार द्वारा अर्जुन पुरस्कार, द्रोणाचार्य पुरस्कार, ध्यानचंद पुरस्कार और खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित खिलाड़ियों तथा खेल क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के आधार पर पद्मश्री एवं पद्मभूषण सम्मान प्राप्त खिलाड़ियों को 20 हजार रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जाती है।

 

इन प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित खिलाड़ियों के लिए किसी प्रकार की आय सीमा निर्धारित नहीं की गई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस योजना के तहत 52 अर्जुन पुरस्कार विजेताओं को प्रतिमाह 20-20 हजार रुपये की सहायता दी गई।
राज्य से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर के पूर्व खिलाड़ियों को मिल रही सहायता

इसी प्रकार 9 द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेताओं, 5 ध्यानचंद पुरस्कार विजेताओं और 2 पद्मश्री सम्मानित खिलाड़ियों को भी प्रतिमाह 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई।

योजना का लाभ केवल राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त खिलाड़ियों तक ही सीमित नहीं है। राज्य सरकार ने उन खिलाड़ियों को भी इस योजना में शामिल किया है, जिन्होंने विभिन्न स्तरों पर उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है।

इसके तहत राज्य स्तर के 126 भूतपूर्व खिलाड़ियों को प्रतिमाह 4 हजार रुपये, राष्ट्रीय स्तर के 24 खिलाड़ियों को 6 हजार रुपये प्रतिमाह और अंतरराष्ट्रीय स्तर के 5 भूतपूर्व खिलाड़ियों को 10 हजार रुपये प्रतिमाह आर्थिक सहायता दी गई।
हॉकी, तैराकी, फुटबाल समेत कुल 31 खेल शामिल

इन खिलाड़ियों के लिए कुछ पात्रता शर्तें भी निर्धारित की गई हैं। राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता प्राप्त करने के लिए उनकी मासिक आय 20 हजार रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। साथ ही खिलाड़ी का उत्तर प्रदेश का निवासी होना अनिवार्य है। योजना के संचालन की प्रक्रिया भी पूरी तरह पारदर्शी बनाई गई है।

खेल विभाग संबंधित जिलों के खेल अधिकारियों को आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराता है। जनपद स्तर के खेल अधिकारी लाभार्थी खिलाड़ियों के बैंक खातों में सीधे आर्थिक सहायता हस्तांतरित करते हैं।

इसमें एथलेटिक्स, तीरंदाजी, नेटबाल, टेनिस, हॉकी, तैराकी, टेबल टेनिस, तलवारबाजी, जिम्नास्टिक, बैडमिंटन, ताइक्वांडो, वुशू, फुटबाल, हैंडबाल, क्रिकेट, बॉक्सिंग, कबड्डी, कुश्ती और शूटिंग समेत कुल 31 खेल शामिल हैं।

लखनऊ अग्निकांड वाली बिल्डिंग को गिराने का आदेश

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लखनऊ अग्निकांड वाली बिल्डिंग को गिराने का आदेश
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज सेक्टर-डी में 22 जून को हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की मौत वाली इमारत को गिराने का रास्ता साफ हो गया है. लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की विहित प्राधिकारी कोर्ट ने भवन को स्वीकृत मानचित्र के विपरीत और नियमों के खिलाफ निर्मित मानते हुए उसके ध्वस्तीकरण का आदेश जारी कर दिया है.

एलडीए की जांच में पाया गया कि भवन का निर्माण स्वीकृत नक्शे के विपरीत किया गया था. वहीं, एसआईटी जांच में भी कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं. जांच के अनुसार भवन में फायर एग्जिट की जगह लिफ्ट बनाई गई थी, निर्धारित क्षमता से अधिक बिजली का लोड लिया गया था और अग्नि सुरक्षा मानकों का भी पालन नहीं किया गया था.

मालिक निर्माण ध्वस्त नहीं करता है तो LDA करेगा कार्रवाई
एलडीए ने भवन स्वामी को आदेश का पालन करते हुए 15 दिनों के भीतर स्वयं भवन ध्वस्त करने का निर्देश दिया है. प्राधिकरण के अनुसार, यह समयावधि नियमावली के तहत अनिवार्य प्रावधान के अनुसार दी गई है. यदि तय समय में भवन मालिक स्वयं निर्माण नहीं हटाता है, तो एलडीए अपने स्तर पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करेगा और उसका पूरा खर्च भवन स्वामी से वसूलेगा.

लखनऊ के आग हादसे ने 15 परिवारों के उजाड़ दी थी जिंदगी
22 जून 2026 को लखनऊ के अलीगंज में हुए इस भीषण हादसे ने 15 परिवारों के जिंदगी उजाड़ दी थी. यह आग इतनी तेजी से फैली थी कि इमारत में मौजूद कई लोग अंदर फंस गए. दमकल की कई गाड़ियों और राहत-बचाव टीमों ने घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी थी. इस हादसे के बाद गठित एसआईटी और एलडीए की जांच में कई गंभीर अनियमितताएं मिलीं, जिसमें भवन का निर्माण स्वीकृत मानचित्र के विपरीत पाया गया था.