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भजन सम्राट Gulshan Kumar पर बनेगी बायोपिक, बेटे भूषण ने दे दिया बड़ा हिंट

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भजन सम्राट Gulshan Kumar पर बनेगी बायोपिक, बेटे भूषण ने दे दिया बड़ा हिंट
भजन सम्राट गुलशन कुमार को भला कौन नहीं जानता। 90 के दशक अपने भजनों से फैंस के दिलों को सुकून पहुंचाने वाले सिंगर के तौर पर गुलशन हर किसी का दिल जीता था। इसके अलावा बतौर निर्माता अपनी प्रोडक्शन कंपनी टी-सीरीज के बैनर तले उन्होंने कई मूवीज और म्यूजिक वीडियोज को भी बनाया था।

लंबे समय से गुलशन कुमार की बायोपिक को लेकर सिनेमा जगत में चर्चाओं का बाजार काफी गर्म है। इस बीच अब उनके बेटे और टी-सीरीज के मालिक भूषण कुमार ने इस मामले पर लेटेस्ट अपडेट दिया है।

पिता की बायोपिक पर बोले भूषण
जब कहानी से संतुष्टि मिले, तभी उस पर फिल्म बननी चाहिए। यह मानना है निर्माता भूषण कुमार का, यही कारण भी है कि उनके पिता व टी सीरीज के संस्थापक गुलशन कुमार की बायोपिक को बनने में समय लग रहा है।

उनकी (गुलशन कुमार) बायोपिक मुझे बनानी है, लेकिन फिल्म के लेखन को बेहतरीन करने का प्रयास कर रहा हूं। इसका लेखन पूरा होने पर, जब मेरी मां कहानी सुनकर संतुष्ट हो जाएंगी, फिर वह बायोपिक बनाना शुरू करेंगे।

उनकी बायोपिक मैं अपनी कंपनी के फायदे के लिए नहीं बना रहा हूं, बल्कि इसलिए बना रहा हूं, क्योंकि अपने पापा के लिए मेरी श्रद्धा है। उनकी कहानी दुनिया को भले ही पता है, लेकिन फिर भी जिस तरह से उन्होंने इतनी बड़ी कंपनी को खड़ा किया है, उसके पीछे की कहानी को बताना है।

मालूम हो कि 29 साल पहले गुलशन कुमार की हत्या कर दी गई थी। मुंबई के अंधेरी पश्चिम में जुहू इलाके में एक मंदिर के बाहर तीन हमलावरों ने अंधाधुंध गोलियां चलाकर 12 अगस्त 1997 को उन्हें मौत के घाट उतार दिया था। जिसकी वजह से सिनेमा जगत का एक चमकता हुआ सितारा हमेशा के लिए ओझल हो गया।

आशिकी 3 पर आया अपडेट
आगे अपनी फिल्म आशिकी 3 को लेकर भूषण ने कहा- उस फिल्म का शीर्षक यह नहीं है। फिलहाल, फिल्म अनटाइटल्ड है। उसकी शूटिंग नगर में चल रही है। भूषण कुमार ने यह भी बताया कि फिल्मी गानों से दूरी बना चुके गायक अरिजीत सिंह का गाना भी इसमें होगा। उनके इस फैसले को लेकर भूषण ने आगे कहा कि ऐसे महान गायक का ब्रेक लेना सही नहीं होता है।

हनुमान जयंती की रात इस विशेष विधि से करें पूजन, दूर होंगे सभी कष्ट

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हनुमान जयंती की रात इस विशेष विधि से करें पूजन, दूर होंगे सभी कष्ट
हिंदू धर्म में हनुमान जयंती का दिन संकटों से मुक्ति पाने के लिए बहुत शुभ माना जाता है। बजरंगबली को ‘संकटमोचन’ कहा जाता है, क्योंकि वे अपने भक्तों के जीवन से सभी तरह की बाधा, भय और दरिद्रता को हर लेते हैं। अगर आप लंबे समय से आर्थिक तंगी का सामना कर रहे हैं या भारी कर्ज से दबे हैं, तो हनुमान जयंती की रात कुछ गुप्त उपाय करें, जो बेहद असरदार हैं।

हनुमान जयंती के गुप्त उपाय
पीपल के 11 पत्तों का अचूक टोटका
हनुमान जयंती की रात को पीपल के 11 साफ पत्ते लें। इन पत्तों पर कुमकुम या अष्टगंध से ‘ राम’ लिखें। अब इन पत्तों की एक माला बनाएं और चुपचाप हनुमान जी के मंदिर में जाकर उन्हें पहना दें। इस उपाय को करने से अटके हुए धन की प्राप्ति होगी और कर्ज समाप्त होगा।

ऋणमोचक मंगल स्तोत्र का पाठ
आर्थिक तंगी दूर करने के लिए इस रात ‘ऋणमोचक मंगल स्तोत्र’ का पाठ करना रामबाण उपाय माना गया है। अगर हो पाए, तो हनुमान जी के सामने चमेली के तेल का दीपक जलाकर इसका 11 बार पाठ करें। यह पाठ मंगल दोष को शांत करता है और व्यक्ति को कर्ज से बाहर निकालता है।

सिंदूर और चोला चढ़ाना
हनुमान जी को सिंदूर बेहद प्रिय है। कर्ज से परेशान व्यक्ति को इस रात हनुमान जी को चमेली के तेल में मिला हुआ सिंदूर चढ़ाना चाहिए। चोला चढ़ाते समय अपनी समस्या मन ही मन बजरंगबली के सामने बोलें। ऐसी मान्यता है कि इससे मंगल ग्रह मजबूत होता है और आय के नए स्रोत खुलते हैं।

नारियल का गुप्त उपाय
एक जटा वाला नारियल लें और उस पर सिंदूर से स्वास्तिक बनाएं। इस नारियल को अपने सिर से सात बार वारकर हनुमान जी के चरणों में अर्पित कर दें। इसके बाद ‘ॐ नमो हनुमते आवेशाय आवेशाय स्वाहा’ मंत्र का जाप करें। ऐसा करने से सभी संकटों से मुक्ति मिलेगी।

इन बातों का रखें विशेष ध्यान
पूजा के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन करें।
उपाय करते समय किसी से इसकी चर्चा न करें।
हनुमान जयंती के दिन तामसिक भोजन से पूरी तरह दूर रहें।

नाम की एक गलती और बंद हो जाएगा आपका पैन कार्ड, जानें सरकार का नया नियम

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नाम की एक गलती और बंद हो जाएगा आपका पैन कार्ड, जानें सरकार का नया नियम
आज के समय में आधार (Aadhaar) और पैन कार्ड (Pan Card) सिर्फ एक दस्तावेज नहीं है। बल्कि ये हमारी जरूरत बन चुका है। लगभग हर काम में हमें इन दोनों की जरूरत पड़ती है। इनका इस्तेमाल करते रहने के लिए इन्हें समय रहते अपडेट (Pan-Aadhaar Update) करना भी उतना ही जरूरी है।

1 अप्रैल से अगर किसी व्यक्ति का पैन और आधार में सेम नाम या सामान्य नाम दर्ज नहीं है तो उसका पैन कार्ड बंद हो सकता है। इसके साथ ही उसे कई नुकसान जैसे टीडीएस अधिक देना पड़ेगा और इनकम टैक्स रिफंड क्लेम करने में भी परेशानी होगी।

अगर आपका नाम भी अलग-अलग है तो इसे वक्त रहते बदल लें। आपको केवल एक ही कार्ड (आधार या पैन) में नाम बदलना होगा। हमने नीचे दोनों कार्ड में नाम बदलने का तरीका बताया है।

कैसे बदले Aadhaar में नाम?
आधार कार्ड से जुड़ी कोई भी डिटेल बदलने के लिए आपको केवल आधार ऐप की जरूरत है। इसके जरिए आप आधार से जुड़ी डिटेल्स आसानी से बदल सकते हैं। आज हम जानेंगे कि आप आधार ऐप से नाम कैसे बदल सकते हैं।

स्टेप प्रोसेस
स्टेप 1- सबसे पहले अगर आधार ऐप फोन में नहीं है तो इसे प्ले स्टोर से डाउनलोड कर लें।

स्टेप 2- अब रजिस्टर करने के बाद लॉगिन करें। आप आधार नंबर और ओटीपी के जरिए लॉगिन कर सकते हैं।

स्टेप 3- अब यहां आपको Update Aadhaar Online का ऑप्शन दिखेगा, इस पर क्लिक करें।

स्टेप 4- फिर आपको नाम वाले विकल्प पर क्लिक करना होगा।

स्टेप 5- इसके बाद मांगे गए जरूरी दस्तावेज और डिटेल्स ध्यानपूर्वक भरें।

स्टेप 6- लास्ट में आपको शुल्क भरकर सबमिट करना होगा।

आपका अपडेटिड नाम कब तक शो होगा ये जानने के लिए आप स्टेटस वाले ऑप्शन पर क्लिक करके पता कर सकते हैं। चलिए अब जानते हैं कि पैन कार्ड में नाम कैसे बदला जा सकता है।

Pan Card में कैसे बदले नाम?
सबसे पहले एनएसडीएल (NSDL) या UTIITSL (यूटीआईआईटीएसएल) की वेबसाइट पर जाए।

अब यहां आपको Changes/Correction in PAN वाले ऑप्शन पर जाना होगा।

इसके बाद आपको अपनी बेसिक डिटेल्स जैसे पैन नंबर, नाम, जन्मतिथि और ईमेल दर्ज करना होगा।

डिटेल्स दर्ज करने के बाद आपके लिए 15 अंकों का टोकन नंबर जनरेट होगा।

इसके बाद जो डिटेल्स आपको बदलनी है, उसे सिलेक्ट कर, चेंज कर लें।

अगर डॉक्यूमेंट्स मांगे जाते हैं तो इसे अपलोड करें।

अंत में आपको फीस भरकर सबमिट करना होगा।

लास्ट में Acknowledgement स्लिप भी डाउनलोड कर लें। इसके जरिए आप भविष्य में स्टेटस चेक कर सकते हैं।

सीएम मोहन यादव ने किया नर्मदा के चौथे चरण का भूमिपूजन, 2.5 लाख घरों में पहुँचेगा ‘अमृत’

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सीएम मोहन यादव ने किया नर्मदा के चौथे चरण का भूमिपूजन, 2.5 लाख घरों में पहुँचेगा ‘अमृत’
सीएम डॉ. मोहन यादव ने इंदौर को नर्मदा के चौथे चरण की सौगात दी है। दशहरा मैदान में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने इसका भूमिपूजन किया। इस दौरान शहर के सभी विधायक कार्यक्रम में मौजूद रहे। इस चरण के बाद इंदौर में करीब ढाई लाख नए नर्मदा कनेक्शन हो सकेंगे।

इससे पहले सिरपुर क्षेत्र में नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का फीता भी मुख्यमंत्री ने काटा। दशहरा मैदान पर आयोजित होने वाले संकल्प से समाधान अभियान के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं के तहत लाभांवित हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों द्वारा विकासात्मक गतिविधियों पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई गई, जिसमें शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया है।

शुद्ध जल का नई आबादी तक विस्तार
नर्मदा परियोजना के चौथे चरण के साथ ही शुद्ध पेयजल की सुविधा का विस्तार शहर सीमा में शामिल हुई नई आबादी तक पहुंचने जा रहा है। चौथे चरण के साथ ही इंदौर को मिलने वाले नर्मदा जल की मात्रा 885 एमएलडी हो जाएगी। नर्मदा परियोजना में 70 कि.मी. दूर से पंपिंग कर शहर को नर्मदा जल प्रदाय किया जाता है। प्रथम चरण वर्ष 1978 तथा द्वितीय वर्ष 1992 में क्रियान्वित हुआ।

दो चरणों में 90-90 एम.एल.डी. यानी कुल 180 एम.एल.डी. पानी इंदौर को मिला। बढ़ती हुई जनसंख्या एवं पानी की आवश्यकता को देखकर 2006-2010 के दौरान प्रोजेक्ट उदय के अंतर्गत 360 एम.एल.डी. क्षमता के नर्मदा तृतीय चरण की योजना का क्रियान्वयन हुआ। इस तरह शहर को अभी नर्मदा का 540 एम.एल.डी. पानी मिल रहा है।

2014 में इंदौर की नगरीय सीमा क्षेत्र को बढ़ाया गया। 2040 तक इंदौर की आंकलित जनसंख्या 58.70 लाख होने के आसार है। ऐसे में शहर में 1209 एम.एल.डी. पानी की आवश्यकता होगी। चौथे चरण में अमृत 2.0 योजना के क्रियान्वयन के बाद शहरीय जलापूर्ति वर्तमान 580 एम.एल.डी. से बढ़कर 885 एम.एल.डी. हो जाएगी।

30 मार्च से दिल्ली-कोलकाता के लिए भरें सीधी उड़ान

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30 मार्च से दिल्ली-कोलकाता के लिए भरें सीधी उड़ान
सरगुजा संभाग के निवासियों के लिए सोमवार का दिन एक ऐतिहासिक उपलब्धि का साक्षी बनने जा रहा है। क्षेत्र के विकास को नई ऊंचाई प्रदान करते हुए मां महामाया एयरपोर्ट, दरिमा अंबिकापुर से देश के दो प्रमुख महानगरों दिल्ली और कोलकाता के लिए सीधी विमान सेवा का विधिवत शुभारंभ किया जाएगा। इस गौरवशाली अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय वर्चुअल माध्यम से उड़ानों का शुभारंभ करेंगे। यह पहल न केवल उत्तर छत्तीसगढ़ की हवाई कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करेगी, बल्कि व्यापार, पर्यटन और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि साबित होगी।

सांसद चिंतामणि महाराज होंगे पहले यात्री
पहले ही दिन यहां से सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज यात्रियों के साथ बतौर यात्री दिल्ली रवाना होंगे। इस दौरान वे सरगुजा से जाने वाले यात्रियों के अनुभव भी जानेंगे और उनसे बातचीत भी करेंगे। उन्होंने रविवार को दरिमा एयरपोर्ट पहुंचकर अधिकारियों से जानकारी ली और पूरी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। विमान सेवा के इस शुभारंभ हेतु स्थानीय स्तर पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया है। 30 मार्च सोमवार प्रातः 10 बजे, पीजी कॉलेज ऑडिटोरियम में मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय वर्चुअल माध्यम से शुभारंभ करेंगे।

प्रगति की नई उड़ान और आर्थिक लाभ
मां महामाया एयरपोर्ट से दिल्ली और कोलकाता के लिए सीधी उड़ान शुरू होना सरगुजा के आर्थिक और सामाजिक परिदृश्य को बदल देगा। यह केवल हवाई सेवा नहीं, बल्कि संभाग की प्रगति की नई उड़ान है। जिला प्रशासन द्वारा क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और आम जनता को इस ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने हेतु आमंत्रित किया गया है। सांसद चिंतामणि महाराज ने कहा कि सोमवार का दिन सरगुजा के लिए ऐतिहासिक पल है और वर्षों का सपना साकार होने जा रहा है। दिल्ली जहां देश की राजधानी है, वहीं कोलकाता व्यापार का बड़ा केंद्र है; ऐसे में सरगुजा संभाग के व्यापारी जो सीधे कोलकाता के व्यवसाय से जुड़े हैं, उनके लिए यह बड़ी सुविधा होने जा रही है।

दिल्ली के लिए हवाई सेवा का शेड्यूल
एलायंस एयर द्वारा संचालित हवाई सेवा के तहत सोमवार 30 मार्च को सुबह 7:50 बजे विमान दिल्ली से रवाना होकर 10:25 बजे बिलासपुर आगमन होगा। 10:50 बजे बिलासपुर से उड़कर 11:35 बजे अंबिकापुर एयरपोर्ट पहुंचेगा। दोपहर 12 बजे यह अंबिकापुर से रवाना होकर ढाई बजे दिल्ली पहुंचेगा। बुधवार को दिल्ली से 7:50 बजे रवाना होकर 10:25 बजे अंबिकापुर आगमन होगा। फिर 10:50 बजे अंबिकापुर से रवाना होकर 11:35 बजे बिलासपुर आगमन और 12 बजे बिलासपुर से रवाना होकर दोपहर 2:40 बजे दिल्ली आगमन होगा।

गुरुवार व शनिवार को कोलकाता के लिए सेवा
गुरुवार को सुबह सात बजकर पांच मिनट पर कोलकाता से रवाना होकर विमान आठ बजकर 50 मिनट पर अंबिकापुर पहुंचेगा। 9:15 बजे अंबिकापुर से रवाना होकर 9:55 बजे बिलासपुर आगमन होगा, फिर 10:20 बजे बिलासपुर से उड़कर 12:05 बजे कोलकाता आगमन होगा। शनिवार को कोलकाता से 7:05 बजे रवाना होकर 8:55 बजे बिलासपुर आगमन होगा। इसके बाद 9:20 बजे बिलासपुर से रवाना होकर 10 बजे अंबिकापुर आगमन और 10:25 बजे अंबिकापुर से उड़कर विमान 12:15 बजे कोलकाता पहुंचेगा।

टीकमगढ़ में गल्ला व्यापारी के घर 15 लाख की चोरी

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टीकमगढ़ में गल्ला व्यापारी के घर 15 लाख की चोरी
पलेरा में जतारा मार्ग स्थित वार्ड क्रमांक 15 में अज्ञात चोरों ने गल्ला व्यापारी के सूने मकान का ताला तोड़कर करीब 15 लाख रुपये के जेवरात और नगदी चोरी कर ली। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। सूचना मिलते ही एडिशनल एसपी विक्रम सिंह कुशवाह और एसडीओपी जतारा अभिषेक गौतम पुलिस बल और डाग स्क्वायड के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की।

परिवार गांव गया था, चोरों ने साधा निशाना
जानकारी के अनुसार जतारा-पलेरा मार्ग निवासी गल्ला व्यापारी सुरेश कुमार गुप्ता शनिवार को अपने परिवार के साथ पैतृक गांव पहाड़ी बुजुर्ग में वेदी हवन कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। घर सूना पाकर शनिवार रात चोरों ने मुख्य दरवाजे का ताला तोड़ा और अंदर घुस गए।

अलमारी खंगालकर ले गए लाखों का सामान
चोरों ने कमरों के ताले तोड़कर गोदरेज की अलमारियों को खंगाला। व्यापारी के अनुसार चोर सोने की चार चूड़ियां, दो कंगन, एक हार, एक बाजूबंद, चार अंगूठियां, एक जंजीर और करीब 250 ग्राम चांदी के जेवरात के साथ बैग में रखे 7.70 लाख रुपये नकद ले गए। रविवार सुबह जब परिवार वापस लौटा तो घर के ताले टूटे देख उनके होश उड़ गए।

सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए डाग स्क्वायड की टीम ने आसपास और नजदीकी खेतों में सर्चिंग की। थाना प्रभारी एसआइ एनडी कौंदर ने बताया कि पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है, ताकि संदिग्धों की पहचान हो सके। एडिशनल एसपी विक्रम सिंह कुशवाह ने जल्द खुलासा करने के निर्देश दिए हैं।

जिले में बढ़ीं चोरी की वारदातें
पलेरा और टीकमगढ़ जिले में हाल के दिनों में चोरी की घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। सिविल लाइन क्षेत्र में बजाज एजेंसी से 1.50 लाख रुपये की चोरी और लिधौरा के ग्राम खरों में भी चोरी की वारदात सामने आ चुकी है। पलेरा में 24 फरवरी को नौगांव मार्ग पर हुई चोरी का मामला भी अब तक अनसुलझा है, जिससे लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है और पुलिस गश्त पर सवाल उठ रहे हैं।

LPG और PNG, केंद्र सरकार ने नियमों में किया बड़ा बदलाव

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LPG और PNG, केंद्र सरकार ने नियमों में किया बड़ा बदलाव
देश में गैस की बढ़ती मांग और आपूर्ति संबंधी चुनौतियों के बीच एक सकारात्मक पहल देखने को मिली है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक 6,000 ऐसे उपभोक्ताओं ने अपने LPG कनेक्शन सरेंडर कर दिए हैं, जो पाइप वाली प्राकृतिक गैस (PNG) का इस्तेमाल कर रहे थे। सरकार ने इस कदम की सराहना करते हुए अन्य PNG उपभोक्ताओं से भी स्वेच्छा से LPG कनेक्शन छोड़ने की अपील की है।

सरकार की विशेष अपील
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव नीरज मित्तल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि 28 मार्च तक 6,000 नागरिकों ने अपने LPG कनेक्शन छोड़ दिए हैं। उन्होंने कहा, “यह कदम उन लोगों के लिए मददगार साबित होगा जिनके पास अभी PNG की सुविधा नहीं है। हम उन नागरिकों से अपील करते हैं कि वे इस साहसी समूह का हिस्सा बनें और आज ही अपना अतिरिक्त LPG कनेक्शन सरेंडर करें।”

गैस सप्लाई और प्राथमिकता
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसे देखते हुए भारत सरकार ने घरेलू और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को अपनी सप्लाई प्राथमिकता में रखा है। सरकार के अनुसार…

PNG और CNG: घरों और वाहनों के लिए निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित की जा रही है।
इंडस्ट्रियल सेक्टर: औद्योगिक और कमर्शियल ग्राहकों को उनकी औसत खपत का लगभग 80% हिस्सा प्रदान किया जा रहा है।
फर्टिलाइजर प्लांट्स: इन्हें 70-75% क्षमता पर गैस सप्लाई दी जा रही है और अतिरिक्त LNG कार्गो का भी प्रबंध किया जा रहा है।

तेजी से बढ़ रहा PNG नेटवर्क
सरकार ने देश में गैस नेटवर्क के विस्तार को गति देने के लिए प्रक्रियाओं को काफी सरल बना दिया है। इसका असर यह है कि मार्च महीने में ही 2,90,000 से अधिक नए PNG कनेक्शन जोड़े गए हैं। मंत्रालय ने भरोसा दिलाया है कि ईंधन और गैस की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं ताकि आम जनता को किसी भी तरह की कमी का सामना न करना पड़े।

ईरान के हमले से दो टुकड़ों में बंट गया अमेरिका का AWACS

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ईरान के हमले से दो टुकड़ों में बंट गया अमेरिका का AWACS
ईरान ने शुक्रवार (29 मार्च, 2026) को दावा किया कि उसने सऊदी अरब में स्थित अमेरिकी एयरबेस पर मिसाइल और ड्रोन हमले के दौरान एक अमेरिकी विमान को भारी नुकसान पहुंचाया है. खबरों के मुताबिक, ये हमले प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर हुए, जहां अमेरिका का E-3 एयर वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम (AWACS) दूसरे डिफेंस सिस्टम के साथ तैनात था. ईरान के हमले में AWACS दो टुकड़ों में बंट गया और उसका पूरा ढांचा तबाह हो चुका है, सिर्फ अगला और पिछला हिस्सा बचा हुआ है.

ईरान की प्रेस टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, सऊदी अरब में स्थित अमेरिका के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर ईरान के कथित तौर पर 6 बैलिस्टिक मिसाइलों और 29 हमलावर ड्रोन्स के जरिए हमले को अंजाम दिया.

ईरानी हमले में 10 अमेरिकी कर्मचारी घायल, दो की हालत गंभीर
एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की ओर से बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन्स के जरिए किए गए इस जोरदार हमले में कम से कम 10 अमेरिकी कर्मचारी घायल हुए है, जिसमें से दो की हालत काफी गंभीर है.

शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, इस हमले में कई रिफ्यूलिंग विमानों को भी क्षति पहुंची है. हालांकि, इस हमले को लेकर अमेरिकी सेंट्रल कमांड सेंट्रकॉम (CENTCOM) ने अभी तक आधिकारिक तौर पर कोई बयान नहीं दिया है.

ईरानी प्रेस टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका और इजरायल के हितों से जुड़े सऊदी अरब स्थित प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर हमले को अंजाम देने के लिए अटैक ड्रोन्स के साथ-साथ लॉन्ग रेंज और मीडियम रेंज के मिसाइल सिस्टम्स का इस्तेमाल किया है. इसके अलावा, ईरान ने अमेरिका के MQ-9 ड्रोन को मार गिराने के साथ एक एफ-16 लड़ाकू विमान पर हमला करने का भी दावा किया है.

अमेरिकी एयर बेस पर हमले के बाद ईरान ने कसा तंज
सऊदी अरब स्थित अमेरिकी एयर बेस पर हमले को अंजाम देने के बाद ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी IRNA ने हमले में दो टुकड़ों में बंटे विमान की तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में साझा की. इसके साथ ही ईरान ने अमेरिका पर तंज कसते हुए कहा कि अमेरिकियों की ओर से किए जा रहे कथित दावों के उलट उनके एयर डिफेंस सिस्टम्स उनके सबसे महत्वपूर्ण सैन्य संसाधनों की सुरक्षा करने तक में सक्षम नहीं है.

बालेन शाह ने नेपाल का PM बनते ही शिक्षा व्यवस्था में किए ये बदलाव

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बालेन शाह ने नेपाल का PM बनते ही शिक्षा व्यवस्था में किए ये बदलाव
नेपाल की नई बालेन सरकार ने देश की शिक्षा व्यवस्था को राजनीति के चंगुल से मुक्त करने के लिए शनिवार देर रात क्रांतिकारी ‘100 दिवसीय एक्शन प्लान’ जारी किया है। प्रधानमंत्री बालेन शाह के नेतृत्व में इस योजना का उद्देश्य शिक्षण संस्थानों को केवल ज्ञान के केंद्र बनाना और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार शिक्षा प्रणाली को सुधारना है।

छात्र राजनीति पर पूर्ण प्रतिबंध
एक्शन प्लान के तहत नेपाल के सभी स्कूलों और विश्वविद्यालयों में राजनीतिक दलों से जुड़े छात्र संगठनों की गतिविधियों पर तुरंत रोक लगा दी गई है। अगले 60 दिनों के भीतर इन संगठनों को शैक्षणिक परिसरों से अपने कार्यालय और अन्य संरचनाएं हटानी होंगी। सरकार का कहना है कि अब शिक्षण संस्थान राजनीति का अखाड़ा नहीं होंगे बल्कि सिर्फ शिक्षा का केंद्र बनेंगे।

स्टूडेंट काउंसिल का गठन
राजनीति की जगह छात्रों की वास्तविक समस्याओं को सुनने के लिए अगले 90 दिनों के भीतर ‘स्टूडेंट काउंसिल’ या ‘वॉइस ऑफ स्टूडेंट’ जैसे गैर-राजनीतिक तंत्र विकसित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य छात्रों की आवाज़ को संस्थानों में वास्तविक रूप से पहुँचाना है।

नागरिकता की शर्त खत्म
स्नातक (Graduation) तक की पढ़ाई के लिए अब नेपाली नागरिकता की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। इसका फायदा यह होगा कि दस्तावेजी बाधाओं के कारण किसी छात्र की पढ़ाई नहीं रुकेगी। साथ ही विश्वविद्यालयों के परीक्षा परिणाम अब मंत्रालय द्वारा निर्धारित कैलेंडर के अनुसार समय पर प्रकाशित होंगे।

विदेशी नामों पर बैन
देश में चल रहे ऑक्सफोर्ड, पेंटागन, सेंट जेवियर्स जैसे विदेशी नाम वाले शिक्षण संस्थानों को इस वर्ष अपना नाम बदलकर मौलिक नेपाली नाम रखना होगा। यह कदम शिक्षा के राष्ट्रीयकरण और स्थानीय पहचान को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है।

परीक्षा मुक्त बचपन
कक्षा 5 तक के बच्चों के लिए पारंपरिक परीक्षाएं समाप्त कर दी गई हैं। अब बच्चों की प्रगति का आकलन ‘वैकल्पिक मूल्यांकन प्रणाली’ के जरिए किया जाएगा। इसका उद्देश्य बच्चों में परीक्षा का तनाव कम करना और उनके समग्र विकास पर ध्यान देना है।

सिंडिकेट और राजनीतिक हस्तक्षेप का अंत
बालेन सरकार का मानना है कि विश्वविद्यालयों में परीक्षा परिणामों में देरी और शैक्षणिक कैलेंडर बिगड़ना राजनीतिक हस्तक्षेप का नतीजा था। अब मंत्रालय द्वारा निर्धारित कैलेंडर के अनुसार सभी परिणाम समय पर प्रकाशित होंगे। यह कदम उन हजारों छात्रों के लिए राहत की खबर है, जो सत्र देरी के कारण विदेश पलायन करने को मजबूर हो जाते थे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इचकेला की बालिका क्रिकेट खिलाड़ियों को किया सम्मानित

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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इचकेला की बालिका क्रिकेट खिलाड़ियों को किया सम्मानित
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर स्थित मल्टीपरपज इंडोर बास्केटबॉल स्टेडियम में ग्राम इचकेला की छत्तीसगढ़ बालिका क्रिकेट टीम की खिलाड़ियों से मुलाकात कर उन्हें क्रिकेट किट प्रदान करते हुए सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इन प्रतिभाशाली बालिकाओं ने अपने उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन से न केवल जिले, बल्कि पूरे प्रदेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। उन्होंने छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि अनुशासन, समर्पण और निरंतर अभ्यास के बल पर वे भविष्य में और भी बड़ी उपलब्धियाँ हासिल करेंगी तथा देश का नाम रोशन करेंगी।

उल्लेखनीय है कि जशपुर के इचकेला स्थित शासकीय प्री-मैट्रिक कन्या छात्रावास की बालिकाएँ क्रिकेट के क्षेत्र में लगातार उल्लेखनीय प्रदर्शन कर रही हैं। वर्तमान में इस समूह की 17 बालिकाएँ अंडर-17 एवं अंडर-19 वर्ग में राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में छत्तीसगढ़ टीम का प्रतिनिधित्व कर रही हैं, जबकि लगभग 40 खिलाड़ी नियमित रूप से क्रिकेट का अभ्यास कर रही हैं। वर्ष 2025 में सरगुजा संभाग ने 25 वर्षों के अंतराल के बाद अंडर-17 राज्य स्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक हासिल कर इतिहास रचा, जिसमें विजेता टीम के 11 में से 9 खिलाड़ी इचकेला एमसीसी से थीं। इसी प्रकार अंडर-19 वर्ग में सरगुजा संभाग ने रजत पदक अर्जित किया, जिसमें 11 में से 8 खिलाड़ी इचकेला एमसीसी से शामिल थीं।

इसके अतिरिक्त रायगढ़ में आयोजित इंटर-स्टेट क्रिकेट टूर्नामेंट 2025 में भी इचकेला एमसीसी की बालिकाओं ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। अब तक इस समूह की 11 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेकर जिले और राज्य का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।

मुख्यमंत्री साय ने इन उपलब्धियों के लिए खिलाड़ियों के साथ-साथ उनके प्रशिक्षकों संतोष शंकर सोनी और मती पंडरी बाई के समर्पण और मार्गदर्शन की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद ग्रामीण क्षेत्र की बालिकाओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाना एक प्रेरणादायक उदाहरण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है और ग्रामीण क्षेत्रों से निकल रही ऐसी प्रतिभाओं को हर संभव प्रोत्साहन और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि छत्तीसगढ़ खेलों के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू सके।