Home Blog Page 26

BCCI ने महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए टीम इंडिया का ऐलान किया

0

BCCI ने महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए टीम इंडिया का ऐलान किया
BCCI ने महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए टीम इंडिया का 15 सदस्यीय स्क्वाड घोषित कर दिया है. हरमानप्रीत कौर टीम की कप्तानी करेंगी, जबकि स्मृति मंधाना को उपकप्तानी की जिम्मेदारी मिली है. इंग्लैंड एंड वेल्स की मेजबानी में 2026 टी20 वर्ल्ड कप का टूर्नामेंट 12 जून से शुरू होगा और फाइनल 5 जुलाई को खेला जाएगा.

टीम इंडिया को झटका भी लगा है क्योंकि चोट के कारण तेज गेंदबाज कारण काश्वी गौतम और ऑलराउंडर अमनजोत कौर स्क्वाड में चयन के लिए उपलब्ध नहीं थीं. अमनजोत का टीम में ना होना बहुत बड़ा झटका है, कप्तान हरमनप्रीत कौर ने भी इस बात को माना. अच्छी बात यह है कि टीम के पास रेणुका ठाकुर, क्रांति गौड़, अरुंधति रेड्डी और नंदिनी शर्मा के रूप में चार बेहतरीन तेज गेंदबाजी विकल्प हैं. नंदिनी का यह पहला विश्व कप होगा.

भारतीय टीम कुछ महीने पहले ही 2025 ODI वर्ल्ड कप खिताब जीतकर आ रही है. भारत के उस स्क्वाड के 11 खिलाड़ी टी20 वर्ल्ड कप की टीम में भी चुने गए हैं. याद दिला दें कि वनडे वर्ल्ड कप के फाइनल में टीम इंडिया ने दक्षिण अफ्रीका को हराकर इतिहास रचा था.

भारत का स्क्वाड: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उपकप्तान), शैफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, भारती फुलमाली, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), श्री चरणी, यास्तिका भाटिया (विकेटकीपर), नंदनी शर्मा, अरुंधति रेड्डी, रेणुका ठाकुर, क्रांति गौड़, श्रेयंका पाटिल, राधा यादव

बुद्ध पूर्णिमा पर अद्भुत संयोग, इन 5 कामों से घर आएगी खुशहाली

0

बुद्ध पूर्णिमा पर अद्भुत संयोग, इन 5 कामों से घर आएगी खुशहाली
हिंदू धर्म में वैशाख महीने की पूर्णिमा का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। इस पावन तिथि को बुद्ध पूर्णिमा और बुद्ध जयंती के नाम से जाना जाता है। इस साल यह पर्व 1 मई 2026 को मनाया जाएगा।

यह दिन न केवल बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए बल्कि हिंदू धर्म को मानने वालों के लिए भी बहुत खास है। क्योंकि, शास्त्रों के अनुसार इसी दिन भगवान विष्णु ने अपने 9वें अवतार के रूप में बुद्ध का जन्म लिया था।

तीन प्रमुख घटनाओं का संगम
बुद्ध पूर्णिमा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि भगवान बुद्ध के जीवन की तीन सबसे महत्वपूर्ण घटनाएं इसी दिन हुई थीं, उनका जन्म, उन्हें ज्ञान (निर्वाण) की प्राप्ति और उनका महापरिनिर्वाण (परम मोक्ष)। यही कारण है कि इसे आध्यात्मिक दृष्टि से साल की सबसे शक्तिशाली पूर्णिमाओं में से एक माना जाता है।

शुभ मुहूर्त और उदया तिथि
पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 30 अप्रैल 2026 को रात 9:13 बजे से हो जाएगी और इसकी समाप्ति 1 मई को रात 10:53 बजे होगी। उदया तिथि के प्रभाव के कारण बुद्ध पूर्णिमा का व्रत और उत्सव शुक्रवार, 1 मई 2026 को मनाया जाएगा। इस दिन ‘रवि योग’ का शुभ संयोग भी बन रहा है।

वैशाख की आखिरी तीन तिथियों का महत्व
स्कंद पुराण और अन्य शास्त्रों के अनुसार, वैशाख महीने की आखिरी तीन तिथियां (त्रयोदशी, चतुर्दशी और पूर्णिमा) अत्यंत पवित्र होती हैं। त्रयोदशी को नृसिंह जयंती, चतुर्दशी को कूर्म जयंती और पूर्णिमा को बुद्ध जयंती मनाई

मान्यता है कि जो व्यक्ति पूरे महीने तीर्थ स्नान नहीं कर पाया, वह अगर इन तीन दिनों में सूर्योदय से पहले पवित्र नदियों में स्नान कर ले, तो उसे पूरे वैशाख मास का पुण्य फल मिल जाता है।

बुद्ध पूर्णिमा पर क्या करें?
स्नान और दान: सुबह जल्दी उठकर गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान करें। अगर घर पर नहा रहे हैं, तो पानी में थोड़ा गंगाजल जरूर मिलाएं। स्नान के बाद ब्राह्मणों और जरूरतमंदों को भोजन व कपड़े दान करें।

पूजा और पाठ: इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा करें। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन विष्णु सहस्रनाम या गीता का पाठ करने से अश्वमेध यज्ञ के समान फल मिलता है।

चंद्रमा को अर्घ्य: पूर्णिमा की रात चंद्रमा को जल (अर्घ्य) देने की परंपरा है। माना जाता है कि इससे मानसिक शांति मिलती है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।

दीपदान: इस दिन बोधि वृक्ष (बिहार के बोधगया में स्थित एक पवित्र पीपल का पेड़) या पीपल के पेड़ के पास दीपक जलाना बहुत शुभ माना जाता है।

रिलीज से पहले ही ‘राजा शिवाजी’ का जलवा, एडवांस बुकिंग में दिखा क्रेज

0

रिलीज से पहले ही ‘राजा शिवाजी’ का जलवा, एडवांस बुकिंग में दिखा क्रेज
लोकप्रिय अभिनेता रितेश देशमुख (Ritesh Deshmukh) की आगामी फिल्म राजा शिवाजी (Raja Shivaji) को लेकर दर्शकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। फिल्म की रिलीज से पहले ही इसकी एडवांस बुकिंग शुरू हो चुकी है, जिससे इसके प्रति दर्शकों की दिलचस्पी का अंदाजा लगाया जा सकता है।

ट्रेलर को मिला शानदार रिस्पॉन्स
यह पीरियड ड्रामा लंबे समय से चर्चा में बना हुआ है। हाल ही में फिल्म का ट्रेलर रिलीज किया गया, जिसे दर्शकों और क्रिटिक्स से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। फिल्म में रितेश देशमुख न केवल मुख्य भूमिका निभा रहे हैं, बल्कि निर्देशन की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। इस मल्टीस्टारर फिल्म में कई बड़े कलाकार नजर आएंगे।

1 मई को होगी रिलीज, बॉक्स ऑफिस क्लैश तय
‘राजा शिवाजी’ 1 मई को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इसी दिन जुनैद खान की फिल्म ‘एक दिन’ भी रिलीज होगी, जिससे बॉक्स ऑफिस पर क्लैश देखने को मिलेगा। इसके बावजूद फिल्म के प्रति दर्शकों का उत्साह बना हुआ है।

ट्रेड एनालिस्ट ने दी जानकारी
ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने अपने आधिकारिक एक्स (ट्विटर) अकाउंट पर फिल्म की एडवांस बुकिंग शुरू होने की जानकारी साझा की। मराठी वर्जन की टिकटों की बुकिंग शुरू हो चुकी है और मौजूदा माहौल को देखते हुए फिल्म के अच्छे एडवांस कलेक्शन की संभावना जताई जा रही है।

सनराइजर्स हैदराबाद ने किया IPL का चौथा सबसे बड़ा रन चेज

0

सनराइजर्स हैदराबाद ने किया IPL का चौथा सबसे बड़ा रन चेज
सनराइजर्स हैदराबाद ने मुंबई इंडियंस को 6 विकेट से हरा दिया है. SRH ने इंडियन प्रीमियर लीग के इतिहास का चौथा सबसे बड़ा रन चेज कर इतिहास रच डाला है. MI की टीम ने कहीं ना कहीं टॉस जीतने के बाद बल्लेबाजी चुनकर अपने पैर में कुल्हाड़ी मारने का काम किया था, क्योंकि दूसरी पारी में गेंद बहुत गीली होने लगी थी. इसलिए मुंबई 243 रन बनाकर भी हार गई.

IPL का चौथा सबसे बड़ा रन चेज
सनराइजर्स हैदराबाद ने 244 रनों का टारगेट चेज करके मुंबई इंडियंस को हराया है. यह IPL के इतिहास का चौथा सबसे बड़ा रन चेज है और हैदराबाद टीम का दूसरा सबसे बड़ा रन चेज. वानखेड़े मैदान में खेले गए इस मुकाबले में रायन रिकल्टन की 123 रनों की ऐतिहासिक पारी के दम पर मुंबई ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 243 रनों का स्कोर खड़ा किया था. जवाब में हैदराबाद ने 8 गेंद शेष रहते ही इस विशालकाय लक्ष्य को हासिल कर दिया.

SRH ने कैसे रचा इतिहास?
सनराइजर्स हैदराबाद किस तरह 244 रनों का रिकॉर्ड चेज कर पाई. सबसे पहले अभिषेक शर्मा और ट्रेविस नेड ने 129 रनों की ओपनिंग पार्टनरशिप करते हुए हैदराबाद टीम की जीत की नींव रखी. अभिषेक ने 24 गेंद में 45 रनों की पारी खेली. दूसरी ओर ट्रेविस हेड को पारी की शुरुआत में जीवनदान जरूर मिला, इसका उन्होंने भरपूर फायदा उठाकर 30 गेंद में 76 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली.

6 गेंदों के भीतर SRH ने अभिषेक शर्मा, ट्रेविस हेड और ईशान किशन का विकेट गंवा दिया था. जब ऐसा लग रहा था जैसे मुंबई इंडियंस वापसी कर लेगी, तभी हेनरिक क्लासेन और नीतीश कुमार रेड्डी के बीच 80 रनों की साझेदारी ने MI की जीत की सभी उम्मीदों को लगभग समाप्त कर दिया था. क्लासेन 30 गेंद में 65 रन बनाकर नाबाद लौटे. वहीं सलिल अरोड़ा भी हैदराबाद टीम की जीत के हीरो रहे, जिन्होंने 10 गेंद में 30 रनों की कैमियो पारी खेली.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया 33.45 लाख से अधिक हितग्राहियों को 200 करोड़ रुपये से अधिक पेंशन राशि का अंतरण

0

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किया 33.45 लाख से अधिक हितग्राहियों को 200 करोड़ रुपये से अधिक पेंशन राशि का अंतरण
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार द्वारा समाज के सभी निर्धन, निराश्रित, वृद्धजनों, कल्याणी, परित्यक्ता, अविवाहिता एवं दिव्यांगजनों के कल्याण एवं आर्थिक सहायता के लिए विभिन्न प्रकार की पेंशन योजनाएं संचालित की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा दी जाने वाली यह सामाजिक सुरक्षा पेंशन राशि सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं, यह सरकार के उस विश्वास का अंतरण है, जो इस बात का प्रतीक है कि सरकार हर परिस्थिति में हर घड़ी जरूरतमंदों के साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को मंत्रालय से समग्र पेंशन योजना के तहत प्रदेश के 33 लाख 45 हजार 231 हितग्राहियों के बैंक खातों में मार्च पेड अप्रैल की 200 करोड़ 71 लाख रुपये की पेंशन राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। केन्द्र सरकार की ओर से सभी पात्र लाभार्थियों को प्रतिमाह पेंशन योजनाओं का लाभ मिल रहा है। यह हमारे लिए एक सामाजिक उत्तरदायित्व है। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के अंतर्गत दी जा रही यह पेंशन राशि उनके जीवनयापन में सहारा बनने के साथ-साथ उन्हें आत्मसम्मान के साथ जीवन जीने की प्रेरणा भी देती है।

इस अवसर पर उप-मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा, आयुक्त नि:शक्तजन कल्याण सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। प्रदेश के सभी कमिश्नर्स-कलेक्टर्स एवं पेंशन हितग्राहियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इस कार्यक्रम में सहभागिता की।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हितग्राहियों को वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि सरकार का संकल्प है कि अंतिम पंक्ति में खड़े समाज के हर व्यक्ति तक सहायता समय पर, सम्मान के साथ और पारदर्शी तरीके से पहुंचे, जिससे कोई भी नागरिक अपने आपको असहाय महसूस न करे। सरकार हर परिस्थिति में आपके साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार जरूरतमंदों के हित में पूरी संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य कर रही है। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि समाज के कमजोर वर्गों को नियमित रूप से आर्थिक सहायता मिले और कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति इस सहायता से वंचित न रहे। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने वर्तमान वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में सामाजिक सुरक्षा से संबंधित योजनाओं के लिए 2 हजार 857 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा ‍कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश के लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ रहा है और उन्हें आर्थिक सुरक्षा का आधार भी मिल रहा है।

विभागीय अधिकारियों ने बताया कि राज्य शासन की पेंशन योजनाओं में मुख्यमंत्री कन्या अभिभावक पेंशन योजना में 62 हजार 594 हितग्राहियों को, मानसिक रूप से अविकसित/बहु दिव्यांग को आर्थिक सहायता योजना में 77 हजार 120 हितग्राहियों को और समग्र सामाजिक सुरक्षा (वृद्धजन, कल्याणी, परित्यक्ता, अविवाहिता एवं दिव्यांगजन) पेंशन योजना में 32 लाख 5 हजार 517 हितग्राहियों को, इस प्रकार कुल 33 लाख 45 हजार 231 हितग्राहियों को 600 रुपए प्रतिमाह की दर से आज कुल 200.71 करोड़ रूपए की पेंशन राशि से लाभांवित किया गया है।

जलूद सोलर प्लांट राष्ट्रीय उपलब्धि है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

0

जलूद सोलर प्लांट राष्ट्रीय उपलब्धि है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जलूद सोलर पॉवर प्लांट का लोकार्पण मध्यप्रदेश के साथ देशभर के लिए महत्वपूर्ण है। यहां सूर्य के प्रकाश को बिजली के रूप में बदलकर इंदौर नगर निगम लाभान्वित हो रहा है। लगभग 60 मेगावॉट क्षमता की इस परियोजना में भारत सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग मिला है। ग्रीन बॉन्ड स्कीम के माध्यम से इस परियोजना में देश की जनता को भागीदार (पार्टनर) बनाया है। पीपीपी मोड में कार्य करने वाला यह अपनी तरह का देश का प्रथम संयंत्र है। इस तरह से इस राष्ट्रीय उपलब्धि का श्रेय मध्यप्रदेश को जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव खरगोन जिले में महेश्वर के निकट जलूद में 271 करोड़ की लागत से बने 60 मेगावाट सोलर पॉवर प्लांट का लोकार्पण कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संयंत्र का अवलोकन भी किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस परियोजना में कोई भी व्यक्ति एक-एक लाख के 10 बॉन्ड खरीद सकता है। एक लाख पर लगभग 8 प्रतिशत की बचत होगी, जिसका लाभ 20 साल तक मिलेगा। अगर जरूरत पड़े तो इस बॉन्ड को बेचा भी जा सकता है। इस प्रकार से राज्य सरकार ने घर बैठे लोगों को पैसे कमाने का अवसर दिया है। मध्यप्रदेश सबसे सस्ती बिजली देने वाला राज्य है। हमारी बिजली से दिल्ली में मेट्रो ट्रेन चल रही है। जलूद सोलर पॉवर प्लांट का भूमि-पूजन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2023 में किया था। लोकार्पण अवसर पर प्रदेश में हरित ऊर्जा पर जारी कार्यों पर केंद्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जलूद सोलर पॉवर प्लांट से दोहरा लाभ मिलेगा। इंदौर नगर निगम को बिजली तो मिलेगी ही, साथ में कार्बन उत्सर्जन भी कमी आएगी। बिजली उत्पादन में ग्रीन एनर्जी का नवाचार सर्वोत्तम है। इस परियोजना की लागत 10 साल में निकल जाएगी, अगले 10 साल सिर्फ लाभ के होंगे। मध्यप्रदेश बदल रहा है। एक समय था, जब रात में बिजली कटौती होती थी, दिन में बिजली तो मिलती ही नहीं थी।

जनभागीदारी से बना देश का पहला सोलर प्लांट
महापौर इंदौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि जलूद से ही नर्मदा मैया का जल 70 किलोमीटर दूर इंदौर तक पहुंचता है। जलूद में बुधवार को 300 करोड़ लागत के 60 मेगावाट क्षमता के सोलर पॉवर प्लांट का शुभारंभ हुआ है। यह ऐतिहासिक प्लांट केंद्र सरकार की ओर से शुरू की गई ग्रीन बॉन्ड व्यवस्था की मदद से बनकर तैयार हुआ है। इंदौर नगर निगम देश का पहला नगरीय निकाय है, जिसने ग्रीन बॉन्ड के माध्यम से फंड जुटाया है। इस सोलर प्लांट में देश के 28 राज्यों का योगदान मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने इस कार्य में आई सभी बाधाओं को बिना किसी देरी किए दूर किया और महेश्वर में जनभागीदारी से बने देश के पहले सोलर प्लांट का सपना साकार हो पाया है।

कार्यक्रम में राज्यसभा सदस्य सुमेर सिंह सोलंकी, विधायकगण सु ऊषा ठाकुर, महेंद्र हार्डिया, विधायक सचिन बिरला रमेश मेंदोला, गोलू शुक्ला, मधु वर्मा के अलावा अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री महेश्वर में “गोदा से नर्मदा” जलयात्रा के समापन समारोह में हुए शामिल

0

मुख्यमंत्री महेश्वर में “गोदा से नर्मदा” जलयात्रा के समापन समारोह में हुए शामिल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर ने आदर्श योद्धा, शक्तिशाली शासिका और पुण्यश्लोका के रूप में सनातन संस्कृति को गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि 300वीं जयंती के अवसर पर महाराष्ट्र शासन द्वारा आयोजित की गई ‘गोदा से नर्मदा’ जलयात्रा के समापन पर उनकी कर्मभूमि महेश्वर में आज उत्साह का वातावरण है, जो अहिल्यादेवी के विरासत के महत्व को रेखांकित करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर की विरासत ऐसी है कि उन्हें समर्पित जलयात्रा जिसका शुभारंभ एक प्रदेश के मुख्यमंत्री और समापन दूसरे प्रदेश के मुख्यमंत्री करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश राज्य अपनी सांझा विरासत की कारण जुड़वां भाई की तरह है। उन्होंने ‘गोदा से नर्मदा’ जलयात्रा के सफल आयोजन की लिए महाराष्ट्र शासन का अभिनंदन किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लोकमाता अहिल्यादेवी के आदर्श मध्यप्रदेश सरकार की प्रेरणा हैं। उन्होंने बताया कि 300वीं जयंती के अवसर पर मध्यप्रदेश शासन ने गतवर्ष लोकमाता को समर्पित कैबिनेट बैठकों का आयोजन महेश्वर और इंदौर में किया था। लोकमाता की प्रेरणा से ही महेश्वर में दशहरा में शस्त्र-पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया था।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महेश्वर के अहिल्याघाट पर प्रतिदिन लाइट एंड साउंड शो का आयोजन किया जाता है जिसमें लोकमाता के गौरवशाली इतिहास प्रदर्शित होता है। मध्यप्रदेश सरकार महेश्वर में देवी अहिल्यालोक का निर्माण कर रही है जिसका भूमि-पूजन शीघ्र ही किया जाएगा। सरकार महेश्वर आवागमन की सुविधा के लिए फोरलेन हाइवे तैयार कर रही है। लोकमाता ने जिस प्रकार से देवस्थान, घाट और जनसुविधाओं का निर्माण किया, वैसे ही प्रदेश सरकार देवस्थलों के अंदर सुप्रबन्धन करने, धार्मिक नगरियों को हेली सेवा से जोड़ने जैसे सांस्कृतिक महत्त्व के कार्य कर रही है।

जल संसाधन मंत्री, महाराष्ट्र शासन डॉ. राधाकृष्ण विखे-पाटिल ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर के जलप्रबंधन, लोक कल्याण और सुशासन के आदर्श आज भी प्रेरणास्त्रोत हैं। ‘गोदा से नर्मदा’ जलयात्रा लोकमाता की इसी जलप्रबंधन विरासत को साथ लेकर जनजागरुकता के उद्देश्य से निकाली गई थी। उन्होंने बताया कि यात्रा के दौरान गोदावरी सहित महाराष्ट्र की 130 अन्य नदियों का जल और लोकमाता की जन्मस्थली चोंडी की पवित्र मिट्टी लेकर लोकमाता की कर्मस्थली महेश्वर पहुंची है। इस जलकलश और मिट्टीकलश का उपयोग कर रजवाड़ा परिसर में बेलपत्र का पौध रोपण किया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का जलयात्रा के समापन समारोह में शामिल होने पर आभार व्यक्त किया।

चंद्रशेखर बावनकुले, राजस्व मंत्री, महाराष्ट्र शासन ने कहा कि गोदा से नर्मदा जलयात्रा का लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर की 300वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजन किया गया था जिसमें आध्यात्म, पर्यावरण संरक्षण, सांस्कृतिक का अद्भुत संगम था। उन्होंने बताया कि युवा, किसान, स्वसहायता समूह, सभी ने साथ आकर जलयात्रा के दौरान जनभागीदारी से जनजागरुकता का उदाहरण प्रस्तुत किया है। इस जलयात्रा के माध्यम से जलसंरक्षण को नई दिशा मिली है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में जलक्रांति आ रही है, जो लोकमाता के आदर्शों का उत्सव है। कार्यक्रम के अंत में विपणन और राजशिष्टाचार मंत्री, महाराष्ट्र शासन जयकुमार रावल ने आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अन्य विशिष्ट अतिथियों के साथ महेश्वर के ऐतिहासिक अहिल्याघाट पर विधि-विधान से मां भगवती नर्मदाष्टक महाआरती की। इस अवसर पर नमामि देवी नर्मदे की पवित्र गूंज और आकर्षक आतिशबाजी के बीच मुख्यमंत्री ने माँ नर्मदा से प्रदेश की सुख समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छत्रपति शिवाजी महाराज और लोकमाता अहिल्यादेवी की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में ‘गोदा से नर्मदा’ जलयात्रा के दौरान एकत्रित किए गए जलकलश और मिट्टीकलश मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सौंपे गए।

कार्यक्रम में लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर के वंशज मंत यशवंतराव होलकर, केंद्रीय महिला बाल विकास राज्यमंत्री मती सावित्री ठाकुर, सांसदद्वय ज्ञानेश्वर पाटिल और शंकर लालवानी, विधायक महेश्वर राजकुमार मेव, विधायक बड़वाह सचिन बिरला, विधायक खरगोन बालकृष्ण पाटीदार, जिला पंचायत अध्यक्ष मती अनुबाई तंवर, सहित मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र शासन के अन्य जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

लोकमाता देवी अहिल्या बाई होल्कर के 300वीं जयंती वर्ष के अवसर पर जल प्रबंधन और जल संरक्षण का व्यापक संदेश देने के उद्देश्य से गोदावरी और कृष्णा घाटी सिंचाई विकास निगम, जल संसाधन विभाग, महाराष्ट्र शासन द्वारा ‘गोदा से नर्मदा’ जलयात्रा का आयोजन किया गया था। इस यात्रा का शुभारंभ गोदावरी तट पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने त्रब्यंकेशर और उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने लोकमाता की जन्मस्थली चोंडी से दिनांक 25 अप्रैल, 2026 को किया था। यात्रा महाराष्ट्र के 5 जिलों एवं मध्यप्रदेश के 3 जिलों से भ्रमण करते हुए 130 नदियों का जल और चोंडी की पवित्र मिट्टी लेकर नर्मदा तट पर स्थित अहिल्याघाट पर समाप्त हुई। यात्रा में लगभग 1000 जल यात्रियों, श्रद्धालुओं एवं वारकरी समुदाय ने भाग लिया और जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता और लोकमाता देवी अहिल्या बाई के जलप्रबंधन से जुड़े कार्यों को जन-जन तक पहुंचाया।

विक्रमादित्य वैदिक घड़ी को बताया आधुनिक तकनीक और प्राचीन ज्ञान का अद्भुत संगम

0

विक्रमादित्य वैदिक घड़ी को बताया आधुनिक तकनीक और प्राचीन ज्ञान का अद्भुत संगम
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में स्थापित विश्व की अनूठी ‘विक्रमादित्य वैदिक घड़ी’ का सूक्ष्म अवलोकन किया। प्रधानमंत्री मोदी ने घड़ी के डिजिटल फलक पर प्रदर्शित हो रहे भारतीय पंचांग, मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्रों की गणना की सराहना करते हुए इसे आधुनिक तकनीक और प्राचीन ज्ञान का अद्भुत संगम बताया।

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा वर्ष 2024 में कालगणना के केन्द्र महाकाल की नगरी उज्जैन में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी की स्थापना की गई थी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की गौरवशाली अतीत को सहेजते हुए उसे वर्तमान में जीवंत बनाए रखने की मंशानुरूप वैदिक घड़ी को देश के सभी ज्योतिर्लिंगों में स्थापित किया जा रहा है। सर्वप्रथम बाबा विश्वनाथ को विक्रमादित्य वैदिक घड़ी अर्पित की गई थी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वैशाख कृष्ण पक्ष प्रतिपदा (3 अप्रैल 2026) को यह घड़ी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेंट की थी, जिसे 4 अप्रैल को मंदिर प्रांगण में स्थापित किया गया था।

विक्रमादित्य वैदिक घड़ी को वैदिक काल गणना के समस्त घटकों को समवेत कर बनाया गया है। यह घड़ी सूर्योदय से परिचालित है, जिस स्थान पर जो सूर्योदय का समय होता है उस स्थान की काल गणना तदनुसार दिखाई देती है। स्टेंडर्ड टाइम भी उसी से जुड़ा रहता है। इस घड़ी में वैदिक समय, लोकेशन, भारतीय स्टेंडर्ड टाइम, भारतीय पंचांग, विक्रम सम्वत् मास, ग्रह स्थिति, भद्रा स्थिति, चंद्र स्थिति आदि की जानकारी समाहित है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक सम्पन्न

0

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक सम्पन्न
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय, महानदी भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ जनजातीय सलाहकार परिषद की बैठक में जनजातीय समुदाय के सर्वांगीण विकास को लेकर व्यापक चर्चा की गई और अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर, जो भौगोलिक रूप से केरल से भी बड़ा क्षेत्र है, दशकों तक विकास से वंचित रहा, लेकिन अब वहां योजनाओं का तीव्र विस्तार हो रहा है और विकास की नई धारा स्थापित हो रही है।

मुख्यमंत्री ने जनजातीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए देवगुड़ी और सरना स्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही अवैध अतिक्रमण को रोकने के लिए प्रभावी और कड़े कदम उठाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि “धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना” के माध्यम से प्रदेश के 6600 गांवों में शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं सुदृढ़ की जा रही हैं, जबकि पीएम जनमन योजना के अंतर्गत 32 हजार आवास स्वीकृत किए जा चुके हैं।

बैठक में “नियद नेल्ला नार योजना” की उल्लेखनीय सफलता पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री साय ने इसके अगले चरण के रूप में “नियद नेल्ला नार 2.0” को शीघ्र लागू करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस उन्नत पहल के माध्यम से सुदूर अंचलों में बिजली, पानी, सड़क और राशन जैसी मूलभूत सुविधाओं का और अधिक विस्तार किया जाएगा। इसके साथ ही “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर योजना” के तहत 36 लाख लोगों की स्वास्थ्य जांच का कार्य निरंतर प्रगति पर है।

मुख्यमंत्री साय ने जनजातीय भूमि के दीर्घकालीन लीज पर दोहन के मामलों की जांच के निर्देश दिए। साथ ही कोरवा और संसारी उरांव जातियों को अनुसूचित जनजाति सूची में शामिल किए जाने के प्रस्ताव को शीघ्र केंद्र सरकार को प्रेषित करने के निर्देश भी दिए।

शिक्षा और आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री साय ने छात्रावासों की सीट वृद्धि, उनके बेहतर रखरखाव तथा शिक्षकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने नक्सल मुक्त क्षेत्रों में बच्चों के लिए त्वरित शिक्षण व्यवस्था विकसित करने और खुले में कक्षाएं संचालित न करने के स्पष्ट निर्देश दिए।

अम्बिकापुर नेशनल हाईवे के निर्माण में हो रही धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही बरसात के दौरान कटने वाले मार्गों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया।

आदिम जाति विकास विभाग के मंत्री एवं परिषद के उपाध्यक्ष रामविचार नेताम ने कहा कि बस्तर, सरगुजा सहित प्रदेश के दूरस्थ जनजातीय अंचलों में लंबे समय तक नक्सलवाद विकास की सबसे बड़ी बाधा बना रहा। बीते चार दशकों की इस चुनौती से मुक्ति मिलने के बाद अब इन क्षेत्रों में जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी एवं तेज क्रियान्वयन संभव हो सका है, जिसका सीधा लाभ स्थानीय लोगों तक पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि अब जनजातीय समुदाय तेजी से विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहा है और उन्हें आगे बढ़ने के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं।

नेताम ने यह भी बताया कि नक्सलवाद के खात्मे के बाद योजनाओं का जमीनी स्तर पर बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित हुआ है। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए स्वीकृत योजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से संवेदनशील मुद्दों का त्वरित एवं प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने पर विशेष बल दिया।

उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के बसाहटों तक अब बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंच रही हैं। साथ ही नए छात्रावासों के निर्माण से दूरस्थ क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिल रहा है, जिससे उनके समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त हो रहा है।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वनमंत्री केदार कश्यप, बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष लता उसेंडी, सरगुजा क्षेत्र विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष गोमती साय, मध्य क्षेत्र विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रणव मरपच्ची, विधायक रायमुनी भगत, विधायक चैतराम अटामी, विधायक विक्रम उसेंडी, विधायक उद्देश्वरी पैकरा, विधायक नीलकंठ टेकाम, विधायक आशाराम नेताम, मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम सहित विभिन्न विभागों के सचिव एवं परिषद के सदस्य उपस्थित थे।

विद्यार्थियों की सफलता उनके परिश्रम, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

0

विद्यार्थियों की सफलता उनके परिश्रम, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन से छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के कक्षा 10वीं और 12वीं के बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम जारी कर परीक्षा में सफल हुए सभी विद्यार्थियों को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इस वर्ष हाई स्कूल परीक्षा में 77.15 प्रतिशत तथा हायर सेकेंडरी परीक्षा में 83.04 प्रतिशत विद्यार्थियों ने सफलता अर्जित की है, जो प्रदेश की शैक्षणिक प्रगति का सकारात्मक संकेत है। उन्होंने इस उपलब्धि को राज्य के शिक्षा तंत्र, शिक्षकों और अभिभावकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया।

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बेटियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश की बेटियां लगातार शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। उन्होंने इसे न केवल छात्राओं के आत्मविश्वास और परिश्रम का प्रमाण बताया, बल्कि समाज में शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता और सकारात्मक बदलाव का भी प्रतीक बताया।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों के विद्यार्थियों ने प्रावीण्य सूची में स्थान बनाकर यह सिद्ध कर दिया है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद इन विद्यार्थियों ने अपने दृढ़ संकल्प और अथक परिश्रम से उल्लेखनीय सफलता हासिल की है, जो पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत है।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग राष्ट्र निर्माण में करें और विकसित भारत तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थी अपने परिवार, समाज और प्रदेश का गौरव हैं। उनकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेंगी और शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त करेंगी।

मुख्यमंत्री साय ने ऐसे विद्यार्थियों, जिन्हें अपेक्षित सफलता नहीं मिली है, उन्हें निराश न होने, आत्मविश्वास बनाए रखने और सकारात्मक सोच के साथ निरंतर प्रयास करते रहने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि निरंतर प्रयास करने से एक दिन निश्चित ही सफलता उनके कदम चूमेगी।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की अध्यक्ष रेणु पिल्लै, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।