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निर्माण गुणवत्ता में जरा भी लापरवाही नहीं चलेगी – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय

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निर्माण गुणवत्ता में जरा भी लापरवाही नहीं चलेगी – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बेमेतरा जिले के नगर पंचायत दाढ़ी क्षेत्र में हाल ही में निर्मित सीसी रोड के अल्प समय में ही क्षतिग्रस्त होने संबंधी प्रकाशित समाचार को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि विकास कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही पूर्णतः अस्वीकार्य है।

मुख्यमंत्री साय ने बेमेतरा की कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं से दूरभाष पर चर्चा कर पूरे प्रकरण की विस्तृत एवं समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित सीसी रोड का तकनीकी परीक्षण कर वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाए तथा निर्माण में प्रयुक्त सामग्री, कार्य की गुणवत्ता और पर्यवेक्षण व्यवस्था की समग्र जांच की जाए।

मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि यदि जांच में गुणवत्ता में कमी, मानकों का उल्लंघन अथवा किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित ठेकेदार एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही क्षतिग्रस्त सड़क का त्वरित रूप से पुनर्निर्माण कर आमजन को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

मुख्यमंत्री साय ने यह भी निर्देश दिए कि जिले में संचालित अन्य निर्माण कार्यों की भी विशेष समीक्षा की जाए, ताकि कहीं और इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की मूल जिम्मेदारी है, और इसमें किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही करने वालों के विरुद्ध जवाबदेही तय होगी और कार्रवाई अनिवार्य होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि सतत मॉनिटरिंग, फील्ड निरीक्षण और प्रभावी गुणवत्ता नियंत्रण तंत्र के माध्यम से विकास कार्यों की विश्वसनीयता एवं टिकाऊपन सुनिश्चित किया जाए, ताकि जनता का विश्वास और अधिक सुदृढ़ हो सके।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हमारी सरकार की मंशा स्पष्ट है – जनहित के प्रत्येक कार्य में गुणवत्ता, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित किया जाए।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशभर में निर्माण कार्यों की निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण सुदृढ़ करने के निर्देश दिए हैं ताकि आम नागरिकों को सुरक्षित, टिकाऊ और भरोसेमंद अधोसंरचना का लाभ मिल सके।

जबलपुर बरगी डैम क्रूज हादसा: सीएम मोहन यादव का बड़ा एक्शन

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जबलपुर बरगी डैम क्रूज हादसा: सीएम मोहन यादव का बड़ा एक्शन
जबलपुर के बरगी डैम क्रूज हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। गुरुवार को हुए इस हादसे के बाद अब तक 28 लोगों को बचा लिया गया है। 9 के शव बरामद किए जा चुके हैं तो वहीं अभी भी 4 लोग लापता हैं। लगातार रेस्क्यू व सर्च ऑपरेशन जारी है। इस हादसे पर जांच के आदेश देने के बाद अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक्शन में आ गए हैं। उन्होंने कुछ कर्मचारियों पर बड़ी कार्रवाई की है।

बरगी डैम हादसे में लापरवाही के लिए दोषियों पर कार्रवाई
सीएम डॉ. यादव ने खुद जानकारी देते हुए बताया कि जबलपुर बरगी डैम में हुए दुखद हादसे में लापरवाही के लिए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है। क्रूज पायलट महेश पटेल, हेल्पर छोटेलाल गोंड और टिकट काउंटर इंचार्ज (FOA) बृजेंद्र की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त की गई हैं।

इसके अलावा होटल मैकल रिसॉर्ट और बोट क्लब बरगी के मैनेजर सुनील मरावी को ड्यूटी में लापरवाही के लिए सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा ​​को हेडक्वार्टर अटैच कर दिया गया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। सीएम ने कहा कि दोषियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। पीड़ितों के प्रति संवेदना जताते हुए, सरकार हर मुमकिन मदद देने के लिए प्रतिबद्ध है।

हादसे की जांच के लिए बनाई हाई-लेवल जांच कमेटी
मुख्यमंत्री ने बताया कि जबलपुर के बरगी जलाशय में हुए हादसे की जांच के लिए एक हाई-लेवल जांच कमेटी बनाई गई है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्रूज ऑपरेशन से जुड़े SOPs तैयार किए जाएंगे। इसके साथ डॉ. यादव ने घोषणा की है कि रेस्क्यू टीम के सभी बहादुर सदस्यों को सार्वजनिक सम्मानित किया जाएगा। एनडीआरएफ, एसडीईआरएफ और सेना के डाइवर्स ने कई कीमती जानें बचाई हैं।

इसके अलावा सीएम डॉ. यादव शुक्रवार को जबलपुर पहुंचे और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि इस हादसे में रिश्तेदारों ने अपनों को खो दिया है, और उस नुकसान की भरपाई नहीं की जा सकती। राज्य सरकार इस असहनीय दुख में उनके साथ खड़ी है। मेरी संवेदनाएं दुखी परिवारों के साथ हैं। इस मुश्किल समय में, प्रभावित परिवारों को अकेला महसूस नहीं करना चाहिए।

जबलपुर बरगी डैम हादसे पर PM मोदी ने जताया गहरा दुख

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जबलपुर बरगी डैम हादसे पर PM मोदी ने जताया गहरा दुख
मध्य प्रदेश के जबलपुर के बरगी डैम में गुरुवार, 30 अप्रैल 2026 की शाम को हुए दर्दनाक क्रूज हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा शोक व्यक्त किया है । प्रधानमंत्री मोदी ने पीड़ितों और घायलों के लिए मुआवजे का भी ऐलान किया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि मध्य प्रदेश के जबलपुर में नाव पलटने से हुई जान-माल की हानि अत्यंत दुखद है। इस दुखद दुर्घटना में अपने प्रियजनों को खोने वालों के प्रति मैं अपनी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है। PMNRF (प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष) की ओर से, जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी राज्य सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है और जांच के भी निर्देश दिए हैं।

विशेष रूप से क्रूज पर लाइफ जैकेट की उपलब्धता और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के आरोपों की जांच की जाएगी। बता दें कि अब तक इस हादसे में 9 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। इनमें एक मां और बच्चे का शव एक ही लाइफ जैकेट में लिपटा मिला, यह द्श्य देखकर बचाव कार्य में जुटे लोगों की आंखें भी नम हो गई। अबतक राहत एवं बचाव कार्य (NDRF और SDRF की टीमों द्वारा) के जरिए 29 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है। अभी भी कई लोग लापता हैं। पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।

ज्येष्ठ के महीने में करें ये चमत्कारी उपाय, भगवान विष्णु देंगे सुख समृद्धि का आशीर्वाद

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ज्येष्ठ के महीने में करें ये चमत्कारी उपाय, भगवान विष्णु देंगे सुख समृद्धि का आशीर्वाद
ज्येष्ठ के महीने को हिंदू धर्म में बहुत ही खास माना गया है। यह महीना अपनी भीषण गर्मी की वजह से भी पहचाना जाता है। इसमें पड़ने वाला नौतपा बहुत गर्म होता है। इस दौरान स्वास्थ्य का ध्यान रखने के साथ-साथ कुछ ऐसे पुण्य के कार्य किए जा सकते हैं जो जीवन में सुख समृद्धि लेकर आते हैं।

धार्मिक दृष्टि से ज्येष्ठ का महीना बहुत ही खास माना गया है। इस समय सूर्य की तपिश चरम पर होती है और जीव, जंतु, प्रकृति इंसान सभी का इस महीने में विशेष महत्व बताया गया है। चलिए जान लेते हैं कि यह कब से शुरू हो रहा है और किन उपायों के जरिए जीवन को सुखी बनाया जा सकता है।

कब से शुरू होगा ज्येष्ठ
ज्येष्ठ का महीना 2 मई 2026 दिन शनिवार से शुरू हो रहा है। प्रतिपदा तिथि की शुरुआत 1 तारीख की रात से हो जाएगी लेकिन उदया तिथि के मुताबिक इसे 2 मई से मनाया जाएगा। इस महीने का समापन 29 जून को ज्येष्ठ पूर्णिमा के साथ होगा।

जान लें शुभ योग और मुहूर्त
2 मई को रात 9:45 तक व्यतिपात योग बन रहा है और पूरे दिन तथा रात में विशाखा नक्षत्र रहेगा। 3 मई को सुबह 5:39 तक त्रिपुष्कर योग रहने वाला है। चंद्रमा इस दौरान तुला और सूर्य मेष राशि में रहेंगे जो शुभ माना जाता है।

कर लें ये उपाय
ज्येष्ठ के महीने में भगवान विष्णु के वामन अवतार की पूजा की जाती है। ऐसा कहते हैं कि इससे शत्रु पर विजय मिलती है और पापों का नाश होता है। कठिन पूजा पाठ नहीं कर सकते तो बहुत सरल उपाय कर सकते हैं। चलिए जान लेते हैं

इस महीने में प्यासे को पानी पिलाना सबसे बड़ा धर्म माना गया है।

राहगीरों के लिए घर के बाहर ठंडे पानी का मटका रख सकते हैं।

पशु पक्षियों के लिए मिट्टी के बर्तन में छांव वाली जगह पर पानी भर कर रखें।

प्यासे लोगों को पानी पिलाने से पुण्य की प्राप्ति तो होती ही है। भगवान विष्णु की कृपा भी मिलने लगती है। ऐसा करने वाले लोगों को जन्म मरण के बंधन से मुक्ति मिलती है और वो मोक्ष प्राप्त करते हैं।

सुप्रीम कोर्ट का TMC को बड़ा झटका, मतगणना प्रक्रिया में हस्तक्षेप से साफ इनकार

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सुप्रीम कोर्ट का TMC को बड़ा झटका, मतगणना प्रक्रिया में हस्तक्षेप से साफ इनकार
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने से पहले तृणमूल कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने मतगणना केद्रों पर केंद्रीय और पीएसयू (PSU) कर्मचारियों की तैनाती के खिलाफ टीएमसी की याचिका को खारिज कर दिया। टीएमसी ने चुनाव आयोग (EC) के उस फैसले को चुनौती दी थी, जिसमें मतगणना पर्यवेक्षक के तौर पर केंद्रीय कर्मचारियों की नियुक्ति की बात कही गई थी। अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दखल देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि मतगणना में केंद्रीय कर्मचारियों की नियुक्ति नियमों के खिलाफ नहीं हैं।

बता दें कि इस मामले में टीएमसी ने पहले कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी लेकिन हाईकोर्ट ने भी आपत्ति खारिज करते हुए कहा था कि मतगणना पर्यवेक्षक की नियुक्ति चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में आती है इसमें कोई अवैधता नहीं है। इसके बाद टीएमसी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था लेकिन पार्टी को दोनों तरफ से खाली हाथ लौटना पड़े।

कोर्ट ने मामले में कोई भी आदेश जारी करने से किया मना
मुख्य चुनाव आयोग के 13 अप्रैल के सर्कुलर को लागू करने का भरोसा मिलने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में कोई अलग से आदेश पारित करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह केवल चुनाव आयोग के वकील द्वारा दिए गए इस बयान को रिकॉर्ड पर ले रहा है कि चुनौती दिए गए सर्कुलर को लागू किया जाएगा।

इस सर्कुलर को लेकर टीएमसी का दावा था कि वोट मतगणना प्रक्रिया में केंद्र सरकार के कर्मचारियों के साथ राज्य सरकार के कर्मचारियों को भी शामिल किया गया है। जिसके बाद कोर्ट ने साफ कहा कि फिर दिक्कत कहां आ रही है। जब टीएमसी भी चाहती है कि एक कर्मचारी राज्य की ओर से तो फिर चुनाव आयोग वैसा ही तो कर रहा है।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद TMC का बदला रुख
सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों के बाद टीएमसी ने अपने रुख में बदलाव करते हुए अब चुनाव आयोग के सर्कुलर को सख्ती से लागू करने की मांग की है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए चुनाव आयोग ने अदालत को आश्वासन दिया कि जारी दिशानिर्देशों का पूरी तरह से पालन किया जा रहा है। इस मामले की सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस पामिदिघंतम नरसिम्हा और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की विशेष पीठ का गठन किया है, जो याचिका पर विस्तृत सुनवाई कर रही है।

कपिल सिब्बल ने रखी चार आपत्तियां
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में टीएमसी की ओर से पैरवी वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने की। कोर्ट की सुनवाई करीब 20 से 25 मिनट तक चली। इस दौरान कपिल सिब्बल ने चार आपत्तियां पेश की। उन्होंने दलील दी कि जिला चुनाव अधिकारियों (DEOs) द्वारा 13 अप्रैल को जारी नोटिस की जानकारी पार्टी को 29 अप्रैल को मिली, जिससे उन्हें समय रहते अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं मिल सका।

सिब्बल ने आगे अधिकारियों की इस आशंका पर भी सवाल उठाया कि मतगणना केंद्रों पर गड़बड़ी हो सकती है। उन्होंने कोर्ट में कहा, उन्हें एक आशंका है कि हर बूथ पर गड़बड़ी होगी। यह धारणा उन्हें कहां से मिली? यह चौंकाने वाला है।

उन्होंने यह भी तर्क दिया कि वर्तमान व्यवस्था में केंद्र सरकार के अधिकारी पहले से ही प्रत्येक मतगणना टेबल पर माइक्रो-ऑब्जर्वर के रूप में मौजूद रहते हैं। ऐसे में एक और केंद्र सरकार के अधिकारी की तैनाती की आवश्यकता पर उन्होंने सवाल उठाया।

सिब्बल ने चुनाव आयोग के सर्कुलर का हवाला देते हुए कहा कि उसमें स्वयं राज्य सरकार के अधिकारियों को भी मतगणना प्रक्रिया में शामिल करने का प्रावधान है, लेकिन व्यवहार में राज्य सरकार के किसी प्रतिनिधि को नियुक्त नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा, सर्कुलर में साफ लिखा है कि राज्य सरकार का एक अधिकारी भी होना चाहिए, लेकिन उसे शामिल नहीं किया जा रहा।

फाल्टा में TMC नेताओं पर धमकी का आरोप

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फाल्टा में TMC नेताओं पर धमकी का आरोप
चुनाव आयोग ने शुक्रवार को दक्षिण 24 परगना जिले की दो विधानसभा सीटों के 15 मतदान केंद्रों पर चुनावी धांधली की खबरों के बाद पुनर्मतदान का आदेश दिया। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच 2 मई को मतदान जारी है। इस दौरान फाल्टा इलाके में तनाव उस वक्त भड़क उठा, जब स्थानीय लोगों ने तृणमूल कांग्रेस के नेताओं पर चल रहे पुनर्मतदान के दौरान उन्हें धमकाने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया।

एक स्थानीय महिला ने कहा, ‘हमने TMC को वोट दिया था फिर भी हम पर हमला किया गया… TMC नेता इसराफिल चौकदार ने हमें धमकी दी है। हम चाहते हैं कि उनकी गिरफ्तारी हो। हमें महिलाओं की सुरक्षा चाहिए।’ वहीं एक अन्य एक स्थानीय महिला ने कहा, ‘TMC नेता इसराफिल चौकदार ने हमें धमकी दी है कि ये लोग अगर जीत गए तो वे यहां हमारे घर जला देंगे और रक्तपात करेंगे।’

महिलाओं ने आरोप लगाया है कि तृणमूल कांग्रेस के पंचायत प्रधान इसराफिल चोंकदार ने उन्हें भयभीत किया और धमकियां दीं। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें जान से मारने तक की चेतावनी दी गई है। इन आरोपों के बाद इलाके में डर और असुरक्षा का माहौल फैल गया है। बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़कों पर उतर आए हैं और प्रशासन से सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं।

IED ब्लास्ट में 3 जवान शहीद, कांकेर-नारायणपुर बॉर्डर पर ऑपरेशन के दौरान बड़ा हादसा

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IED ब्लास्ट में 3 जवान शहीद, कांकेर-नारायणपुर बॉर्डर पर ऑपरेशन के दौरान बड़ा हादसा
छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में नक्सल प्रभावित क्षेत्र से एक दुखद खबर सामने आई है। नारायणपुर और कांकेर जिले की सीमा पर शनिवार को डी-माइनिंग और एरिया डॉमिनेशन ऑपरेशन के दौरान एक आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) विस्फोट हो गया। इस हादसे में डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (DRG) के तीन जवान शहीद हो गए, जबकि एक जवान गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसका इलाज जारी है।

IED ब्लास्ट में 3 जवान शहीद
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुरक्षा बलों की टीम क्षेत्र में सर्चिंग के साथ-साथ डी-माइनिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान पहले से नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी को निष्क्रिय करने की प्रक्रिया के दौरान अचानक विस्फोट हो गया। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि मौके पर ही तीन जवानों ने दम तोड़ दिया।

शहीद होने वालों में डीआरजी इंस्पेक्टर सुखराम वट्टी, कॉन्स्टेबल कृष्णा कोमरा और कॉन्स्टेबल संजय गढ़पाले शामिल हैं। वहीं घायल जवान की पहचान कॉन्स्टेबल परमानंद कोमरा के रूप में हुई है, जिसे तत्काल बेहतर उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

चुनाव आयोग ने बंगाल में 165 एडिशनल काउंटिंग और 77 पुलिस ऑब्जर्वर किए नियुक्त

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चुनाव आयोग ने बंगाल में 165 एडिशनल काउंटिंग और 77 पुलिस ऑब्जर्वर किए नियुक्त
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के खत्म होने के बाद और वोट काउंटिंग से पहले स्टॉन्ग रूम और इलेक्टॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) में छेड़छाड़ के आरोपों को लेकर बवाल मचा हुआ है. इस बीच चुनाव आयोग ने शनिवार (2 मई, 2026) को बड़ा कदम उठाते हुए पश्चिम बंगाल में 165 अतिरिक्त मतगणना पर्यवेक्षक और 77 पुलिस पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है.

इस संबंध में चुनाव आयोग ने शनिवार (2 मई, 2026) को आधिकारिक रूप से एक बयान जारी किया है, जिसमें आयोग ने कहा है कि पश्चिम बंगाल में चल रहे विधानसभा चुनाव, 2026 के लिए मतगणना केंद्रों के आसपास सुरक्षा को और ज्यादा मजबूत करने और कानून व्यवस्था की निगरानी को ध्यान में रखते हुए 165 अतिरिक्त मतगणना पर्यवेक्षकों और 77 पुलिस पर्यवेक्षकों को नियुक्त किया गया है.

वोट काउंटिंग को शांतिपूर्ण और पारदर्शी बनाने के लिए की गई नियुक्तियांः आयोग
चुनाव आयोग ने कहा कि इन सभी अतिरिक्त मतगणना पर्यवेक्षकों और पुलिस पर्यवेक्षकों की नियुक्ति इसलिए की गई है ताकि वह 165 विधानसभी क्षेत्रों में तैनात काउंटिंग ऑब्जर्बर्स की सहायता कर सकें और वोट काउंटिंग की प्रक्रिया को सुरक्षित, शांतिपूर्ण, भय-मुक्त और पारदर्शी आयोजन को सुनिश्चित कर सकें. आयोग ने कहा कि यह नियुक्तियां संविधान के अनुच्छेद 324 और रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट, 1951 की धारा 20बी के तहत चुनाव आयोग की दी गई शक्तियों के आधार पर की गई हैं. इस नियुक्ति के दौरान सभी ऑब्जर्ब्स आयोग के अधीन रहेंगे और आयोग की नियंत्रण और नेतृत्व में कार्य करेंगे.

पर्यवेक्षकों के लिए चुनाव आयोग ने दिए सख्त निर्देश
चुनाव आयोग ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि पश्चिम बंगाल के जिन 165 विधानसभा क्षेत्रों में एक से ज्यादा काउंटिंग हॉल हैं, वहां काउंटिंग ऑब्जर्बर की मदद के लिए अतिरिक्त मतगणना पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की गई है. इसके अलावा, पुलिस पर्यवेक्षकों को काउंटिंग सेंटर्स के आसपास सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी दी गई है, ताकि मतगणना केंद्र के नजदीक किसी भी तरह की कोई घटना न हो और काउंटिंग प्रक्रिया चुनाव आयोग के दिए दिशा-निर्देशों के तहत संपन्न कराया जा सके.

ओम बिरला ने बनाईं संसदीय समिति, वेणुगोपाल बने PAC अध्यक्ष

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ओम बिरला ने बनाईं संसदीय समिति, वेणुगोपाल बने PAC अध्यक्ष
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संसद की महत्वपूर्ण समितियों में अध्यक्षों की नियुक्ति की हैं. कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल को फिर से संसद की लोक लेखा समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है, जबकि बीजेपी के बैजयंत पांडा को सार्वजनिक उपक्रम समिति का चेयरपर्सन बनाया गया है.

एक आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल को वर्ष 2026-27 के लिए लोक लेखा समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया है. इसी तरह बैजयंत पांडा को वर्ष 2026-27 के लिए सार्वजनिक उपक्रम समिति का अध्यक्ष बनाया है. 1 मई 2026 से शुरू होकर 30 अप्रैल 2027 को समाप्त होने वाले कार्यकाल के लिए लोक लेखा समिति के सदस्य के रूप में कुल 21 सदस्यों की नियुक्ति की गई है.

कौन-कौन शामिल?
इन सदस्यों में 15 लोकसभा सांसद और 6 राज्यसभा सांसद शामिल हैं. लोकसभा से टीआर बालू, कल्याण बनर्जी, निशिकांत दुबे, जगदंबिका पाल, जय प्रकाश, रविशंकर प्रसाद, सीएम रमेश, मगुंटा श्रीनिवासुलु रेड्डी, अपराजिता सारंगी, अमर सिंह, तेजस्वी सूर्या, अनुराग सिंह ठाकुर, बालाशोवरी वल्लभनेनी, केसी वेणुगोपाल और धर्मेंद्र यादव को चुना गया है.

‘भूत बंगला’ ने 15वें दिन भी मचाया धमाल

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‘भूत बंगला’ ने 15वें दिन भी मचाया धमाल
अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की फिल्म ‘भूत बंगला’ ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा परफॉर्म किया है. ये फिल्म अब 150 करोड़ का आंकड़ा छूने की ओर बढ़ रही है. लेकिन उससे पहले, फिल्म ने एक और उपलब्धि हासिल कर ली है. दरअसल इस हॉरर कॉमेडी फिल्म ने प्रभास की ‘द राजा साहब’ को पीछे छोड़ते दिया है.चलिए यहां इसके 15वें दिन के कलेक्शन के आंकड़े जानते हैं.

‘भूत बंगला’ ने रिलीज के 15वें दिन कितना किया कलेक्शन?
‘भूत बंगला’ ने रिलीज के दो हफ्ते बॉक्स ऑफिस पर एकछत्र राज किया. लेकिन अब तीसरे हफ्ते में एंट्री करने के बाद अक्षय कुमार और वामिका गब्बी स्टारर इस फिल्म को नई रिलीद ‘एक दिन’ और ‘राजा शिवाजी’ से मुकाबला करना पड़ रहा है. बावजूद इसके ‘भूत बंगला’ ने रिलीज के 15वें दिन यानी शुक्रवार को भी दमदार कमाई की. यहां तक कि इसके कलेक्शन में तेजी देखी गई.

कोईमोई के आंकड़ों के मुताबिक, ‘भूत बंगला’ ने रिलीज के15वें दिन 4.75 करोड़ रुपये की कमाई की. इसने दूसरे गुरुवार को हुई 4 करोड़ रुपये की कमाई से बेहतर परफॉर्म किया. इसी के साथ भारत में इसकी कुल कमाई अब 148.66 करोड़ रुपये हो गई है. जीएसटी सहित ग्रॉस टोटल 175.42 करोड़ रुपये हो गया है.

भारत में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली बनी 6ठी हॉरर-कॉमेडी फिल्म
भूत बंगला अब घरेलू बॉक्स ऑफिस पर सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हॉरर-कॉमेडी फिल्मों की लिस्ट में छठे नंबर पर पहुंच गई है. इसने प्रभास की फिल्म ‘द राजा साहब’ को पीछे छोड़ते हुए यह मुकाम हासिल किया है. बता दें की द राजा साब का लाइफटाइम कलेक्शन 146.04 करोड़ रुपये था. अब भूत बंगला का अगला टारगेट आयुष्मान खुराना और रश्मिका मंदाना की फिल्म ‘थामा’ (157.05 करोड़ रुपये) है.