मध्य प्रदेश में करीब 21 साल बाद सार्वजनिक बस परिवहन व्यवस्था नए स्वरूप में फिर शुरू हो गई है। शुक्रवार को भोपाल के भेल दशहरा मैदान से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का शुभारंभ किया। पहले चरण में प्रदेश के सात शहरों के लिए 351 इंटरसिटी और इंट्रासिटी बसें रवाना की गईं।
पहले चरण में इंदौर को 145, भोपाल को 106 और जबलपुर को 67 बसें मिली हैं। इसके अलावा रीवा में 18, देवास में 10, कटनी में 3 और भिंड में 2 बसें संचालित होंगी। इन बसों के जरिए शहरों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।
नई परिवहन व्यवस्था में यात्रियों की सुरक्षा और बस संचालन की निगरानी के लिए CCTV कैमरे, पैनिक बटन, GPS लाइव ट्रैकिंग और इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। कमांड-कंट्रोल सेंटर से बसों के रूट, लोकेशन और समयबद्धता पर नजर रखी जाएगी।
सरकार ने इस सेवा के विस्तार का बड़ा लक्ष्य भी तय किया है। योजना के तहत 2031 तक करीब 15 हजार बसों का नेटवर्क तैयार करने की बात कही गई है, जिससे गांवों को शहरों और प्रमुख परिवहन केंद्रों से जोड़ने में मदद मिलेगी।



