महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटील ने जालना जिले के अंतरवाली सराटी में 29 अगस्त से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की है। उनकी प्रमुख मांग पात्र मराठों को कुनबी जाति के प्रमाणपत्र जारी करना है, ताकि उन्हें OBC आरक्षण का लाभ मिल सके।
जरांगे ने सरकार को 12 सितंबर तक मांगों पर कार्रवाई करने का समय दिया है और चेतावनी दी है कि समाधान नहीं होने पर मुंबई में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। सोमवार को उन्होंने समर्थकों से मुंबई पहुंचने की तैयारी करने की अपील भी की।
वहीं, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि सरकार संवैधानिक और कानूनी रूप से वैध मांगों पर बातचीत के लिए तैयार है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी कहा कि सरकार अन्य समुदायों के आरक्षण को प्रभावित किए बिना मराठा समाज को न्याय दिलाने के पक्ष में है।
मराठा आरक्षण को लेकर बढ़ते दबाव के बीच सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत और संभावित मुंबई आंदोलन पर अब सभी की नजरें टिकी हैं।



