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वैभव सूर्यवंशी का बल्ला गरजा, 7 छक्कों के साथ 92 रन की तूफानी पारी

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दलीप ट्रॉफी 2026 के सेमीफाइनल मुकाबले में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपने बल्ले से एक बार फिर धमाल मचा दिया। ईस्ट जोन की ओर से खेलते हुए 15 वर्षीय वैभव ने सेंट्रल जोन के खिलाफ महज 81 गेंदों में 92 रन की आक्रामक पारी खेली। उनकी पारी में 7 चौके और 7 छक्के शामिल रहे।

वैभव ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और तेज गति से रन बनाए। उन्होंने सिर्फ 42 गेंदों में छक्का लगाकर अपना अर्धशतक पूरा किया। इसके साथ ही वह दलीप ट्रॉफी के इतिहास में अर्धशतक लगाने वाले सबसे युवा बल्लेबाज बन गए। उन्होंने 15 साल 157 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की।

वैभव की नजर अपने पहले फर्स्ट क्लास शतक पर थी, लेकिन वह 92 रन के स्कोर पर हर्ष दुबे की गेंद पर अरशद खान को कैच दे बैठे। वह शतक से केवल 8 रन दूर रह गए। अगर वह शतक पूरा कर लेते, तो दलीप ट्रॉफी में सबसे कम उम्र में शतक लगाने का सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड भी उनके निशाने पर था।

ईस्ट जोन ने वैभव और अभिमन्यु ईश्वरन की शानदार शुरुआत की बदौलत पहले 161 रन बिना विकेट गंवाए बना लिए थे। दोनों के बीच 161 रन की साझेदारी हुई, हालांकि बाद में ईस्ट जोन की पारी लड़खड़ा गई और टीम 266 रन पर ऑलआउट हो गई।

‘दायरा’ के ट्रेलर में दिखी सच और न्याय की टक्कर, करीना-पृथ्वीराज का दमदार अंदाज

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बॉलीवुड की बहुप्रतीक्षित क्राइम-थ्रिलर फिल्म ‘दायरा’ का आधिकारिक ट्रेलर सोमवार को रिलीज कर दिया गया। फिल्म में करीना कपूर और पृथ्वीराज सुकुमारन पहली बार साथ नजर आएंगे। मेघना गुलजार के निर्देशन में बनी इस फिल्म में दोनों कलाकार पुलिस अधिकारियों की भूमिका निभा रहे हैं।

ट्रेलर में पृथ्वीराज सुकुमारन डीसीपी रमन कुमार और करीना कपूर डीसीपी अजूनी कोहली के किरदार में नजर आती हैं। दोनों एक लापता लड़की के मामले की जांच करते दिखाई देते हैं, लेकिन जांच आगे बढ़ने के साथ दोनों अधिकारियों के बीच विचारों और काम करने के तरीकों को लेकर टकराव शुरू हो जाता है।

फिल्म की कहानी सिर्फ एक आपराधिक मामले की जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि कानून, सिस्टम, सच्चाई और इंसाफ जैसे गंभीर सवालों को भी सामने लाती है। ट्रेलर में पृथ्वीराज का किरदार सख्त और विवादों से घिरा हुआ नजर आता है, जबकि करीना का किरदार उसके तरीकों पर सवाल उठाता दिखाई देता है।

‘दायरा’ को मेघना गुलजार ने निर्देशित किया है और फिल्म में करीना-पृथ्वीराज की जोड़ी पहली बार बड़े पर्दे पर साथ दिखाई देगी। फिल्म 18 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।

ट्रेलर सामने आने के बाद फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता बढ़ गई है। खासकर करीना और पृथ्वीराज के आमने-सामने वाले इंटेंस अंदाज ने ‘दायरा’ को रिलीज से पहले ही चर्चा में ला दिया है।

कजरी तीज पर मंदिरों में उमड़ी श्रद्धा, शिव-पार्वती की पूजा कर मांगा सुख-समृद्धि का आशीर्वाद

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भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि के अवसर पर सोमवार को देशभर में धार्मिक आस्था का माहौल देखने को मिला। इस दिन कजरी तीज का पर्व मनाया जा रहा है, जिसे विशेष रूप से महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर भगवान शिव, माता पार्वती और कजली माता की पूजा-अर्चना की।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु, सुखी दांपत्य जीवन और परिवार की खुशहाली की कामना से कजरी तीज का व्रत रखती हैं। वहीं, अविवाहित युवतियां अच्छे जीवनसाथी की कामना से यह व्रत करती हैं। पूजा के दौरान व्रत कथा सुनने और शिव-पार्वती की आराधना का भी विशेष महत्व बताया गया है।

पंचांग के अनुसार, 31 अगस्त को भाद्रपद कृष्ण तृतीया तिथि सुबह करीब 8:50 बजे तक रही, इसके बाद कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि शुरू हुई। इसी क्रम में बहुला चतुर्थी और हेरंब संकष्टी चतुर्थी से जुड़े धार्मिक अनुष्ठानों का भी आयोजन हुआ।

मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही रही और लोगों ने पूजा-पाठ, व्रत, दान तथा धार्मिक अनुष्ठानों में हिस्सा लिया। भाद्रपद मास को धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व वाला महीना माना जाता है, इसलिए इस दौरान किए जाने वाले व्रत और पूजा-अर्चना को लेकर श्रद्धालुओं में खास उत्साह रहता है।

भारत की GDP ग्रोथ उम्मीद से बेहतर, पहली तिमाही में 7.8% की वृद्धि

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भारत की अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन करते हुए 7.8 प्रतिशत की वास्तविक GDP वृद्धि दर्ज की है। सोमवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इस दौरान रियल GDP बढ़कर करीब ₹81.36 लाख करोड़ हो गई, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह ₹75.46 लाख करोड़ थी।

GDP का यह आंकड़ा भारतीय रिजर्व बैंक के 7 प्रतिशत के अनुमान से भी अधिक रहा। पिछली तिमाही यानी जनवरी-मार्च 2026 में GDP वृद्धि 8.6 प्रतिशत रही थी। इसके बावजूद वैश्विक अनिश्चितताओं और ऊर्जा कीमतों के दबाव के बीच 7.8 प्रतिशत की वृद्धि को अर्थव्यवस्था की मजबूती के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

आंकड़ों के अनुसार, विनिर्माण क्षेत्र में 9.2 प्रतिशत और सेवा क्षेत्र में करीब 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई। वहीं रियल GVA में 8.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। निवेश और घरेलू मांग ने भी आर्थिक गतिविधियों को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 7.8 प्रतिशत की GDP वृद्धि को बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि तेल की कीमतों में बढ़ोतरी, सप्लाई चेन में व्यवधान और वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत ने मजबूत आर्थिक प्रदर्शन किया है।

विशेषज्ञों के अनुसार, मजबूत घरेलू मांग, विनिर्माण गतिविधियों और निवेश में तेजी ने भारत की विकास गति को सहारा दिया है। हालांकि, आने वाली तिमाहियों में वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतें और महंगाई जैसे जोखिम अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बने रह सकते हैं।

होर्मुज में बढ़ा तनाव, अमेरिका-ईरान के सैन्य टकराव से दुनिया की नजरें टिकीं

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मिडिल ईस्ट में लंबे समय से जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर सीधे सैन्य हमले हुए हैं। अमेरिकी सेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ईरान के लारक द्वीप पर दो रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाया। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, इन लॉन्चरों से समुद्री मार्ग में बारूदी सुरंगें बिछाने की तैयारी की जा रही थी।

अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने के लिए मिसाइलें दागीं। ईरान की ओर से यूएई में मौजूद अमेरिकी सैन्य सुविधाओं को भी निशाना बनाए जाने का दावा किया गया है। हालांकि, यूएई ने अल मिनहाद एयरबेस पर हमले की खबरों को खारिज किया और बाद में ईरान की ओर से आए एक ड्रोन को अपने क्षेत्रीय जल के ऊपर रोकने की जानकारी दी।

इन घटनाओं के बाद क्षेत्र में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ कड़ी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। वहीं ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने कहा है कि ईरान अपनी रक्षा के अधिकार का इस्तेमाल करेगा, लेकिन बातचीत को प्राथमिकता देने की बात भी कही है।

अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के लिए बेहद महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्ग है और यहां किसी भी तरह का व्यवधान वैश्विक तेल आपूर्ति को प्रभावित कर सकता है। ताजा सैन्य घटनाक्रम के बाद सोमवार को कच्चे तेल की कीमतों में 3 फीसदी से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई।

फिलहाल अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर इस बात पर है कि दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ता है या फिर कूटनीतिक प्रयासों के जरिए स्थिति को नियंत्रित किया जाता है।

मराठा आरक्षण पर सरकार और जरांगे आमने-सामने, आंदोलन से सियासत गरम

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महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटील ने जालना जिले के अंतरवाली सराटी में 29 अगस्त से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की है। उनकी प्रमुख मांग पात्र मराठों को कुनबी जाति के प्रमाणपत्र जारी करना है, ताकि उन्हें OBC आरक्षण का लाभ मिल सके।

जरांगे ने सरकार को 12 सितंबर तक मांगों पर कार्रवाई करने का समय दिया है और चेतावनी दी है कि समाधान नहीं होने पर मुंबई में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। सोमवार को उन्होंने समर्थकों से मुंबई पहुंचने की तैयारी करने की अपील भी की।

वहीं, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि सरकार संवैधानिक और कानूनी रूप से वैध मांगों पर बातचीत के लिए तैयार है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी कहा कि सरकार अन्य समुदायों के आरक्षण को प्रभावित किए बिना मराठा समाज को न्याय दिलाने के पक्ष में है।

मराठा आरक्षण को लेकर बढ़ते दबाव के बीच सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत और संभावित मुंबई आंदोलन पर अब सभी की नजरें टिकी हैं।

हल्द्वानी विवाद में नया मोड़, राहुल गांधी के खिलाफ FIR से गरमाई राजनीति

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उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ कार्यक्रम को लेकर विवाद अब राजनीतिक और कानूनी मोड़ ले चुका है। इस मामले में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि राहुल गांधी ने घटना को जातिगत रंग देते हुए अनुसूचित जाति समुदाय की भावनाओं को आहत किया। मामले में BNS की संबंधित धाराओं के साथ SC/ST एक्ट के प्रावधान भी लगाए गए हैं।

विवाद की शुरुआत हल्द्वानी के रामलीला मैदान में 8 अगस्त को हुई कांग्रेस की सभा के बाद हुई। कांग्रेस का आरोप है कि मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद मैदान में ‘शुद्धिकरण’ अनुष्ठान किया गया, जिसे पार्टी ने दलित नेता के अपमान से जोड़ते हुए कार्रवाई की मांग की थी। राहुल गांधी ने भी इस मामले में आरोपियों के खिलाफ SC/ST एक्ट के तहत FIR दर्ज करने की मांग की थी।

अब राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद कांग्रेस ने इसे राजनीतिक कार्रवाई बताया है। कांग्रेस नेताओं ने बीजेपी पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया है, जबकि बीजेपी की ओर से राहुल गांधी के बयान को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस मुद्दे पर दोनों दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।

मामले की जांच उत्तराखंड पुलिस कर रही है। FIR के बाद यह विवाद उत्तराखंड से बाहर भी राजनीतिक बहस का मुद्दा बनता नजर आ रहा है।

बारिश को लेकर CM साय की हाई अलर्ट बैठक, राहत-बचाव व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश

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छत्तीसगढ़ में लगातार बारिश और मौसम विभाग की भारी बारिश की चेतावनी के बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रशासन को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग ने 31 अगस्त को छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बारिश से उत्पन्न परिस्थितियों पर लगातार नजर रखने और जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं। जिला स्तर पर प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाने तथा आम लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के लिए कहा गया है।

सरकार की ओर से जलभराव, नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर और संभावित बाढ़ जैसी परिस्थितियों को लेकर सतर्कता बरतने पर जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों से कहा गया है कि किसी भी आपात स्थिति में राहत एवं बचाव दलों को तत्काल सक्रिय किया जाए।

मौसम विभाग के अनुसार छत्तीसगढ़ में मानसून सक्रिय बना हुआ है और प्रदेश के कुछ हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। ऐसे में प्रशासन को स्थानीय स्तर पर मौसम की स्थिति के अनुसार आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

CM साय ने प्रशासन से कहा है कि बारिश के कारण आम जनता को किसी तरह की परेशानी न हो और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं। सरकार की प्राथमिकता खराब मौसम के दौरान जनसुरक्षा और त्वरित राहत व्यवस्था सुनिश्चित करना है।

सरकारी कर्मचारियों के प्रमोशन को लेकर CM यादव सख्त, नियमित DPC कराने का ऐलान

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मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया अब नियमित रूप से आगे बढ़ाई जाएगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस वर्ष से सभी विभागों में डिपार्टमेंटल प्रमोशन कमेटी (DPC) की बैठकें आयोजित की जाएंगी, ताकि पात्र कर्मचारियों को समय पर प्रमोशन का लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारियों के वेतन, भत्ते और पदोन्नति जैसे सेवा संबंधी लाभ समय पर मिलना जरूरी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि निर्णयों में अनावश्यक देरी कर्मचारियों के हित में नहीं है। सरकार का उद्देश्य पदोन्नति प्रक्रिया को नियमित और व्यवस्थित बनाना है।

बताया गया है कि लंबे समय से पदोन्नति प्रक्रिया में देरी के कारण बड़ी संख्या में कर्मचारी प्रभावित रहे हैं। अब सरकार की ओर से नियमित DPC आयोजित करने की व्यवस्था से पात्र कर्मचारियों को पदोन्नति का रास्ता साफ होने की उम्मीद है। मध्य प्रदेश में वर्ष 2026 के दौरान भी बड़ी संख्या में अधिकारियों और कर्मचारियों को पदोन्नति मिलने की जानकारी सामने आई है।

CM मोहन यादव ने कर्मचारी कल्याण को अपनी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताते हुए कहा कि सरकारी कर्मचारी प्रदेश के विकास और जनकल्याण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नियमित पदोन्नति से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ने और प्रशासनिक कार्यक्षमता में सुधार आने की उम्मीद है।

सरकार के इस फैसले से प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों में उत्साह है। अब सभी की नजर विभागीय स्तर पर होने वाली DPC बैठकों और पदोन्नति प्रक्रिया की अगली कार्रवाई पर रहेगी।

यूपी में जनशिकायतों पर योगी सरकार का फोकस, लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनशिकायतों के निस्तारण को लेकर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिकायतों का समयबद्ध, निष्पक्ष और प्रभावी तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों की होगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनशिकायतों को केवल औपचारिकता के तौर पर न लिया जाए, बल्कि प्रत्येक मामले की गंभीरता से जांच कर पीड़ित व्यक्ति को वास्तविक राहत पहुंचाई जाए। शिकायतों के निस्तारण में देरी या लापरवाही सामने आने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

सीएम योगी ने विशेष रूप से भूमि विवाद और अवैध कब्जे से जुड़ी शिकायतों पर भी गंभीरता से कार्रवाई करने को कहा। उन्होंने भूमाफियाओं के खिलाफ सख्त कदम उठाने और अवैध कब्जे वाली जमीन को मुक्त कराने के निर्देश दिए। सरकार का जोर आम लोगों की संपत्ति की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने पर है।

मुख्यमंत्री के इन निर्देशों से प्रशासनिक अधिकारियों के बीच स्पष्ट संदेश गया है कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य शिकायत निवारण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाकर जनता का प्रशासन पर भरोसा मजबूत करना है।